newscreation

newscreation

सलमान खान के साथ दबंग 3 में बतौर विलेन नजर आने जा रहे किच्चा सुदीप का कहना है कि एक वक्त था, जब वे ऋतिक रोशन से नफरत करने लगे थे. हालांकि, इसके पीछे की वजह बेहद दिलचस्प है. वे फिल्म के प्रमोशनल इंटरव्यू में बॉलीवुड हंगामा से बात कर रहे थे. इस दौरान उनसे पूछा गया था कि क्या कभी वे ऋतिक रोशन के साथ वॉर जैसी कोई एक्शन पैक्ड फिल्म करेंगे?

कहो न प्यार है के लिए पत्नी धमकी देती थी

जवाब में सुदीप ने कहा कि अगर कभी ऐसा हुआ तो उनकी पत्नी सबसे पहले सेट पर पहुंचेंगी. क्योंकि वे ऋतिक की बहुत बड़ी फैन हैं. सुदीप बताते हैं, उसकी वजह से मैंने कहो न प्यार है 10-11 बार थिएटर में देखी थी. क्योंकि वह मुझे धमकी देती थी कि अगर मैं उसे फिल्म दिखाने नहीं ले गया तो वही किसी और के साथ चली जाएगी और वह कोई लड़की नहीं होगी.

इस वजह से हो गई थी ऋतिक से नफरत!

सुदीप आगे कहते हैं, मैं हर बार पत्नी के साथ जाता, सिनेमा हॉल में बैठता, फिल्म देखता और वापस घर आ जाता. जब मैंने पहली बार फिल्म देखी तो मुझे बहुत पसंद आई. ये इंसान (ऋतिक) बहुत अच्छा लगा. इसके डांस समेत हर चीज से प्यार हो गया. लेकिन इसके बाद मैंने इतनी ज्यादा नफरत किसी और से नहीं की. जब भी वह (ऋतिक) स्क्रीन पर डांस करता, पत्नी मेरे हाथ में पिंच करती थी. मुझे गुस्सा आ गया और मैंने उससे कहा कि मैं भी एक एक्टर हूं. 

जिंदगी का एक दौर है कही न प्यार है

सुदीप आगे कहते हैं, कहो न प्यार है मेरी जिंदगी का एक दौर है. फिल्म की सफलता में हमने बहुत बड़ा योगदान दिया है. हालांकि, कभी उन्होंने इस बारे में ऋतिक से बात नहीं की. सुदीप ने इस दौरान ऋतिक की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने कहा, अगर उनेक डेडिकेशन की बात करें तो ऐसे कम ही लोग होते हैं, जो अपना 100 फीसदी दे पाते हैं. ऋतिक में वह क्वालिटी है.

बॉलीवुड किंग शाहरुख खान की कई डायरेक्टर्स संग काम करने की खबरें चर्चा में हैं. लेकिन उन्होंने अभी तक अपनी नई फिल्म की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. माना जा रहा था कि वे तमिल सिनेमा के सुपरस्टार डायरेक्टर एटली के साथ काम कर सकते हैं. एटली की फिल्म बिजिल ने महज 5 दिनों में बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ से अधिक की कमाई की थी. इसके अलावा उनकी पिछली फिल्मों ने भी जबरदस्त कारोबार किया है.

फैंस मान रहे थे कि साउथ और बॉलीवुड का ये कॉम्बिनेशन शाहरुख के लिए बेहतरीन साबित हो सकता है और शाहरुख इस फिल्म के जरिए अपना शानदार कमबैक कर सकते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहरुख इस फिल्म में एक गर्म दिमाग और गुस्सैल शख्स का किरदार निभा सकते हैं और इसलिए ये टाइटल फिल्म को सूट करता है.  हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई ऑफिशियल कंफर्मेशन नहीं आया है. शाहरुख ने इससे पहले दिसंबर 2018 में रिलीज हुई फिल्म जीरो में काम किया था लेकिन जबरदस्त स्टार कास्ट के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कामयाब नहीं रही थी.

ब्रह्मास्त्र में शाहरुख खान का कैमियो रोल

इसके अलावा ये भी खबरें थीं कि फ्लॉप फिल्मों से जूझ रहे शाहरुख,  इम्तियाज अली और आनंद एल राय जैसे डायरेक्टर्स के बाद राजकुमार हिरानी के साथ भी काम कर सकते हैं. हिरानी इससे पहले रणबीर और संजय दत्त के करियर को जबरदस्त उछाल दे चुके हैं लेकिन इस खबर की भी पुष्टि नहीं हुई है हालांकि ये कंफर्म हो चुका है कि शाहरुख रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की फिल्म ब्रह्मास्त्र में कैमियो प्ले कर सकते हैं. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि शाहरुख 2020 में किसी फिल्म में लीड स्टार के तौर पर अपनी धमाकेदार एंट्री करते हैं या 2020 में भी फैंस को किंग खान की फिल्म के लिए तरसना होगा

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की नापाक हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना की ताकत में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है. भारतीय सेना ने आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के तहत 10 हजार SiG 716 असॉल्ट राइफल के पहले बैच को शामिल कर लिया है. इन अत्याधुनिक राइफलों का प्रयोग जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी अभियान में किया जाएगा. मालूम हो कि भारत ने अपने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों को अत्‍याधुनिक असलहे से लैस करने के लिए फास्ट ट्रैक प्रक्रियाओं के तहत 72,400 सिग सउर राइफलों का ऑर्डर दिया है.   

वर्तमान में इन राइफलों को जम्मू-कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के उत्तरी कमांड को सौंप दिया गया है. सेना की यह कमांड जम्मू-कश्मीर में आतंकरोधी अभियानों और सीमा पर पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देती है. इस रायफल के शामिल होने से भारतीय सेना की मारक क्षमता में वृद्धि होगी.

क्योंकि, यह रायफल नजदीक से मार करने (क्लोज कॉम्बेट) और दूर से मार करने वाली रायफलों की श्रेणी की सबसे उन्नत तकनीक से लैस है.  बता दें कि भारत ने भारतीय सेना को 72,400 नई असॉल्ट राइफलों से लैस करने के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे. इन राइफल्स की आपूर्ति अमेरिकी हथियार निर्माता सिग सउर द्वारा की जा रही है.

इन रायफलों को अमेरिका में बनाया जाएगा और एक साल के भीतर इसे भारतीय सेना को सौंप दिया जाएगा क्योंकि, इन रायफलों के लिए अनुबंध फास्ट-ट्रैक खरीद (एफटीपी) के तहत किया गया है. पाकिस्तान और चीन से बढ़ते खतरों को देखते हुए भारतीय सेना को फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के तहत करना पड़ा है.सिग सउर रायफल इनमें से 66 हजार राइफलें भारतीय सेना के लिए हैं. जबकि दो हजार रायफलों को भारतीय नौसेना और चार हजार रायफलों को भारतीय वायु सेना को सौंपा जाएगा.

सिग सउर SIG716 7.62x51 मिमी असॉल्ट राइफलें भारत में निर्मित 5.56x45 मिमी इंसास राइफलों की जगह लेंगी. बता दें कि इंसास रायफलों को लेकर भारतीय सेना पहले ही शिकायत दर्ज करा चुकी है. इसकी फायरिंग क्षमता और मैगजीन के टूटने की बहुत शिकायतें आ रही हैं.सिग सउर के अलावा भारतीय सेना सात लाख से अधिक एके 203 असॉल्ट राइफलों को भी शामिल करने की तैयारी में है. एके 203 भारत और रूस के संयुक्त उद्यम के जरिए देश में ही बनाई जा रही हैं.

नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के राज्यसभा  में पेश होने से पहले केंद्र की मोदी सरकार पर पूर्वोत्तर के जनजीवन पर आपराधिक हमला करने का आरोप लगाया. राहुल ने मंगलवार को ट्वीट किया, नागरिकता संशोधन विधेयक पूर्वोत्तर, उनके जीवन के तौर-तरीके और भारत के विचार पर आपराधिक हमला है.

राहुल ने कहा- नागरिकता संशोधन विधेयक मोदी-शाह सरकार की पूर्वोत्तर के जातीय सफाये की कोशिश है. उन्होंने नागरिकता विधेयक के खिलाफ प्रदर्शनों पर कहा,   मैं पूर्वोत्तर के लोगों के साथ खड़ा हूं और मैं उनकी सेवा में हाजिर हूं. इससे पहले मंगलवार को लोकसभा में पारित विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ छात्र संघों और वाम-लोकतांत्रिक संगठनों ने मंगलवार को पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया.

इस दौरान सड़क अवरुद्ध होने के कारण अस्पताल ले जाते समय दो महीने के एक बीमार बच्चे की मौत हो गई. राज्यसभा में इस विधेयक को पेश किये जाने से एक दिन पहले असम में इस विधेयक के खिलाफ दो छात्र संगठनों के राज्यव्यापी बंद के आह्वान के बाद ब्रह्मपुत्र घाटी में जनजीवन ठप रहा.

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू), नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन, वामपंथी संगठनों-एसएफआई, डीवाईएफआई, एडवा, एआईएसएफ और आइसा ने अलग से एक बंद आहूत किया. गुवाहाटी के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जुलूस निकाले गये और प्रदर्शनकारियों ने इस विधेयक के खिलाफ नारेबाजी की.

भोपाल. कमलनाथ कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है. बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है. कैबिनेट बैठक में उद्योगों को जमीन रियायती दर पर देने सहित कई सुविधाएं देने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है. कैबिनेट बैठक में पास हुए प्रस्तावों के बारे में जानकारी जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने दी. उनके साथ नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, नगरीय विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे व आयुक्त पी नरहरि मौजूद रहे. विकास प्राधिकरणों से जमीन वापस लेकर किसानों को लौटाई जाएगी, जिन जमीनों का उपयोग नहीं हुआ वो वापस ली जाएगी. 84 प्रोजेक्ट और 66 स्कीम की जमीन किसानों को वापस लौटाई जाएगी.

बैठक में करीब 22 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. इस कैबिनेट बैठक में उद्योग जगत के लिए बड़े फैसले लिए गए, साथ ही लैंड पुलिग पॉलिसी के तहत नए निर्णय लिए गए. बैठक में औद्योगिक भूमि भवन प्रबंधन नियम को भी मंजूरी दे दी गई. साथ ही औद्योगिक जमीनों को छूट देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई.

किसानों की जमीनों पर भी राहत

जो भी जमीनें अधिग्रहीत होगी, उनमें पचास फीसदी भूमि किसान को वापस की जाएगी. किसानों की अधिग्रहीत जमीन पर 20 प्रतिशत रोड, 5 प्रतिशत पार्क, 5 प्रतिशत अन्य कार्य, 20 प्रतिशत पर निर्माण शेष 50 प्रतिशत किसानों को प्लाट रूप में उन्हें वापस दी जाएगी. सरकार 66 स्कीमें, जो लंबित थी, किसानों को तुरंत वापस होगी. उन्होंने कहा कि, जिन शहरों में मास्टर प्लान बनेंगे, उनमें रोड बनाने की स्थिति भी तभी घोषित हो जाएगी. छह माह में हर स्कीम में निर्णय लेना जरूरी होगा.

यह निर्णय भी लिए

-छिंदवाड़ा में विश्वविद्यालय के लिए 400 करोड़.

- औद्योगिक भूमि भवन प्रबंधन नियम को मंजूरी.

- औद्योगिक जमीन 1 हेक्टेयर तक 1 प्रतिशत की छूट.

नई दिल्ली. रेलयात्रियों के लिए बुरी खबर है. रेल में सफर करना और महंगा होने जा रहा है. भारतीय रेलवे जल्द ही यात्री किराये में बढ़ोतरी कर सकता है. खबर है कि रेलवे बोर्ड को इसके लिए जरूरी इजाज़त भी मिल चुकी है. इसके लिए रेल अधिकारियों के बीच मंथन जारी है. सूत्रों के मुताबिक रेलवे उपनगरीय ट्रेनों से लेकर मेल/एक्सप्रेस के हर क्लास के किराये में वृद्धि करने जा रहा है. रेलवे किराये में यह बढ़ोतरी 5 पैसे प्रति किलोमीटर से लेकर 40 पैसे प्रति किलोमीटर तक हो सकती है. इस तरह से रेलवे के हर क्लास के किराये में 15 से 20 फीसदी तक इजाफा देखने को मिल सकता है.

सूत्रों के मुताबिक इस बढ़े हुए किराये का ऐलान दिसंबर महीने के अंत तक होने के आसार हैं. वहीं, बढ़ा हुआ किराया अगले साल 1 फरवरी से लागू हो सकता है. रेलवे ने पिछली बार साल 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद किराये में करीब 15 फीसदी की वृद्धि की थी. वर्तमान समय में रेलवे लागत से औसतन 43 फीसदी कम किराया वसूला जाता है.

बढ़ रहा है रेलवे का नुकसान

गौरतलब है कि हाल ही में सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में रेलवे की आर्थिक हालात पर चिंता जाहिर की थी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे का नेट रेवेन्यू सरप्लस 66 फ़ीसदी तक कम हो गया है. यह साल 2016-17 में 4913 करोड़ रुपये, जबकि साल 2017-18 में घटकर 1665 करोड़ रुपये के करीब हो गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रेलवे की अपनी कमाई भी 3 फ़ीसदी कम हो गई जिसकी वजह से ग्रॉस बजटरी सपोर्ट पर इसकी निर्भरता बढ़ गई. सीएजी के मुताबिक रेलवे के ऑपरेटिंग रेशियो साल 98.44 हो गया. यानि 100 रुपये कमाने के लिए उसे 98 रुपये से ज़्यादा रकम खर्च करनी पड़ती है.

मुंबई. भारत और वेस्टइंडीज के बीच बुधवार 11 दिसम्बर को तीसरा और आखिरी टी20 मैच खेला जाना है. इस सीरीज के बाद दोनों टीमें वनडे सीरीज खेलेंगी, जिसका पहला मैच 15 दिसंबर को खेला जाएगा. इस बीच वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया को एक बड़ा झटका लग गया है. दरअसल, चोट की वजह से टी20 सीरीज नहीं खेल पाए शिखर धवन अब वनडे सीरीज से भी बाहर हो गए हैं. धवन की जगह मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया गया है.

उल्लेखनीय है कि मयंक अग्रवाल को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में किए गए बेहतरीन प्रदर्शन का ईनाम मिला है. मयंक ने पिछली दो टेस्ट सीरीज में लाजवाब प्रदर्शन किया है. उन्होंने पहले तो दक्षिण अफ्रीका और फिर बांग्लादेश के खिलाफ दोहरा शतक जड़ा था. रोहित शर्मा के साथ उनकी ओपनिंग जोड़ी कमाल की थी.

धवन के घुटने में है चोट

आपको बता दें कि शिखर धवन वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में भी नहीं खेल पाए थे, क्योंकि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान धवन के घुटने में चोट लग गई थी. कयास तो ये लगाए जा रहे थे कि धवन वनडे सीरीज से भी बाहर हो सकते हैं और उनकी जगह संजू सैमसन और पृथ्वी शॉ को टीम में शामिल किया जा सकता है, लेकिन चयनकर्ताओं ने मयंक अग्रवाल के उपर भरोसा जताया है.

इंदौर. मानव तस्करी समेत कई आपराधिक मामलों में पिछले 12 दिन से फरार चल रहे स्थानीय कारोबारी की अवैध सम्पत्तियों के खिलाफ जारी मुहिम में यहां उसके सांध्य दैनिक का दफ्तर शहरी निकाय ने बुधवार 11 दिसम्बर को ढहा दिया. यह अखबार सूबे के कुख्यात हनी ट्रैप मामले की सनसनीखेज खबरें छापने के बाद चर्चा में चल रहा था.

इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के आयुक्त आशीष सिंह ने बताया कि शहर के प्रेस कॉम्प्लेक्स में जितेंद्र सोनी के सांध्य दैनिक का 2,500 वर्ग फुट से ज्यादा क्षेत्रफल पर अवैध रूप से बना दफ्तर जमींदोज कर दिया गया. उन्होंने बताया, इस दफ्तर के निर्माण के लिये आईएमसी से कोई अनुमति नहीं ली गयी थी. इस बारे में शिकायत मिलने पर हमने दफ्तर के मालिक के नाम सात दिन पहले नोटिस जारी किया था, लेकिन न तो इस नोटिस का जवाब दिया गया, न ही इस दफ्तर के निर्माण की अनुमति के दस्तावेज पेश किये गये.

आईएमसी आयुक्त ने बताया कि गड़बडिय़ों की अलग-अलग शिकायतें सही पाये जाने पर शहर में सोनी के दो बंगले, नाइट क्लब, होटल और रेस्तरां के अन्य अवैध निर्माण भी गुजरे सात दिन में हटा दिये गये हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोनी को मानव तस्करी समेत 30 से ज्यादा आपराधिक मामलों में कथित भूमिका के लिये ढूंढा जा रहा है. उनकी गिरफ्तारी पर 30,000 रुपये का इनाम घोषित है. सोनी संझा लोकस्वामी के मालिक और प्रधान संपादक भी हैं. यह अखबार प्रदेश के कुख्यात हनी ट्रैप मामले में फंसे राजनेताओं और नौकरशाही से जुड़े रसूखदार लोगों से कथित रूप से संबंधित ऑडियो-वीडियो पर आधारित खबरें पिछले कई दिनों से प्रकाशित और प्रसारित कर रहा था.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हनी ट्रैप मामले के शिकायतकर्ता और इंदौर नगर निगम के निलंबित अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह (60) ने इस हाई प्रोफाइल सेक्स कांड को लेकर सांध्य दैनिक में अपने बारे में 29 नवम्बर को छपी खबर पर आपत्ति जतायी थी. इसके साथ ही, सोनी के खिलाफ आईटी एक्ट के संबद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसके बाद 30 नवंबर की रात से सोनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की शुरुआत की गयी थी. हनी ट्रैप गिरोह की पांच महिलाओं और उनके ड्राइवर को भोपाल और इंदौर से सितंबर में गिरफ्तार किया गया था. गिरोह खुफिया कैमरों से अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर अपने शिकारों को इस आपत्तिजनक सामग्री के बूते ब्लैकमेल करता था.

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर रेलवे की एक दलील को अनुमति दे दी, जिसमें कोर्ट से मांग की गई थी कि दिल्ली-मथुरा-आगरा लाइन पर एक नया रेलवे लाइन बिछाने के लिए ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के लगभग 30 किलोमीटर के दायरे में 452 पेड़ों को काटने की अनुमति दी जाए. कोर्ट ने साथ ही क्षतिपूरक वनीकरण के साथ इस फैसले को मंजूरी दी है. इसके अनुसार काटे जाने वालों पेड़ों की जगह उत्तर रेलवे को दूसरी जगह पेड़ लगाने होंगे.

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह उत्तर रेलवे द्वारा जिस स्थान पर पेड़ लगाए जाएंगे, वहां का दौरा करने के लिए एक अधिकारी की नियुक्ति करे और मुआवजे के रूप में उत्तर रेलवे द्वारा लगाए गए पेड़ों का निरीक्षण करे.

ट्रेपेजियम जोन में 40 से अधिक संरक्षित स्मारक

बता दें कि ताज ट्रेपेजियम जोन में 40 से अधिक संरक्षित स्मारक हैं, जिसमें तीन विश्व धरोहर स्थल जैसे ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी शामिल हैं. ताज ट्रेपेजियम जोन 10,400 वर्ग किमी का परिभाषित क्षेत्र है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्मारक को प्रदूषण से बचाने के 30 दिसंबर 1996 को फैसला सुनाया था. एक जनहित याचिका में ताजमहल को बचाने की मांग की गई थी. जिसके जवाब में यह फैसला सुनाया गया और उद्योगों में कोयले/कोक के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया. इस ताज ट्रेपेजियम जोन की वजह से रियल एस्टेट के लोगों को काफी मंदी का सामना करना पड़ा था. जमीन-फ्लैट की कीमतों में भी गिरावट आई थी, जिसके चलते नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन विधेयक को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सलाह पर लाया गया एक कदम बताते हुए भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने विपक्ष को राजनीतिक हितों के बजाय राष्ट्र के हित साधने की नसीहत दी और दावा किया कि तथा इससे पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान को कोई खतरा नहीं पहुंचेगा.

नड्डा ने राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 18 दिसंबर 2003 में दिये गए एक बयान का हवाला दिया. उस समय सिंह ने तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सलाह देते हुए कहा कि ऐसे प्रताडि़त शरणार्थियों को नागरिकता देने के मामले में सरकार को अपने रवैये को उदार बनाना चाहिए और नागरिकता कानून में बदलाव करने चाहिए. नड्डा ने दावा किया कि मनमोहन सिंह की बात को पूरा करते हुए हमारी सरकार इस विधेयक का लेकर आई है.

पूर्वोत्तर की चर्चा करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पूर्वोत्तर में यह भ्रम फैलाया गया है कि इस क्षेत्र की सांस्कृति पहचान खत्म हो जाएगी. वहां लोगों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह इस बात का पहले ही स्पष्ट आश्वासन दे चुके हैं कि इस विधेयक के कानून बनने के बाद भी इनर परमिट व्यवस्था जारी रहेगी. पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान बरकार रहेगी. उनके अस्तित्व को कोई खतरा नहीं हुआ है.

उन्होंने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस विधेयक के विरोध में कई ऐसे तर्क दिये हैं, जिनका मूल से संबंध नहीं है. इस विधेयक का एक ही आधार है कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में जिन लोगों की धार्मिक आधार पर प्रताडऩा हुई हैं, उन्हें भारत में शरण लेने पर नागरिकता दी जाएगी. इससे पूर्व विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस नेता शर्मा ने इस विधेयक को संविधान की मूल भावना और समानता के अधिकार के विरूद्ध बताया था. उन्होंने कहा कि राजनीति के हित में कुछ और होता है और देश के हित में कुछ और. उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे राजनीति का हित छोड़कर देश के हित को देखें.

Page 1 of 520

फेसबुक