मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश (512)

भोपाल. कमलनाथ कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है. बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है. कैबिनेट बैठक में उद्योगों को जमीन रियायती दर पर देने सहित कई सुविधाएं देने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है. कैबिनेट बैठक में पास हुए प्रस्तावों के बारे में जानकारी जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने दी. उनके साथ नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह, नगरीय विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे व आयुक्त पी नरहरि मौजूद रहे. विकास प्राधिकरणों से जमीन वापस लेकर किसानों को लौटाई जाएगी, जिन जमीनों का उपयोग नहीं हुआ वो वापस ली जाएगी. 84 प्रोजेक्ट और 66 स्कीम की जमीन किसानों को वापस लौटाई जाएगी.

बैठक में करीब 22 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. इस कैबिनेट बैठक में उद्योग जगत के लिए बड़े फैसले लिए गए, साथ ही लैंड पुलिग पॉलिसी के तहत नए निर्णय लिए गए. बैठक में औद्योगिक भूमि भवन प्रबंधन नियम को भी मंजूरी दे दी गई. साथ ही औद्योगिक जमीनों को छूट देने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई.

किसानों की जमीनों पर भी राहत

जो भी जमीनें अधिग्रहीत होगी, उनमें पचास फीसदी भूमि किसान को वापस की जाएगी. किसानों की अधिग्रहीत जमीन पर 20 प्रतिशत रोड, 5 प्रतिशत पार्क, 5 प्रतिशत अन्य कार्य, 20 प्रतिशत पर निर्माण शेष 50 प्रतिशत किसानों को प्लाट रूप में उन्हें वापस दी जाएगी. सरकार 66 स्कीमें, जो लंबित थी, किसानों को तुरंत वापस होगी. उन्होंने कहा कि, जिन शहरों में मास्टर प्लान बनेंगे, उनमें रोड बनाने की स्थिति भी तभी घोषित हो जाएगी. छह माह में हर स्कीम में निर्णय लेना जरूरी होगा.

यह निर्णय भी लिए

-छिंदवाड़ा में विश्वविद्यालय के लिए 400 करोड़.

- औद्योगिक भूमि भवन प्रबंधन नियम को मंजूरी.

- औद्योगिक जमीन 1 हेक्टेयर तक 1 प्रतिशत की छूट.

इंदौर. मानव तस्करी समेत कई आपराधिक मामलों में पिछले 12 दिन से फरार चल रहे स्थानीय कारोबारी की अवैध सम्पत्तियों के खिलाफ जारी मुहिम में यहां उसके सांध्य दैनिक का दफ्तर शहरी निकाय ने बुधवार 11 दिसम्बर को ढहा दिया. यह अखबार सूबे के कुख्यात हनी ट्रैप मामले की सनसनीखेज खबरें छापने के बाद चर्चा में चल रहा था.

इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के आयुक्त आशीष सिंह ने बताया कि शहर के प्रेस कॉम्प्लेक्स में जितेंद्र सोनी के सांध्य दैनिक का 2,500 वर्ग फुट से ज्यादा क्षेत्रफल पर अवैध रूप से बना दफ्तर जमींदोज कर दिया गया. उन्होंने बताया, इस दफ्तर के निर्माण के लिये आईएमसी से कोई अनुमति नहीं ली गयी थी. इस बारे में शिकायत मिलने पर हमने दफ्तर के मालिक के नाम सात दिन पहले नोटिस जारी किया था, लेकिन न तो इस नोटिस का जवाब दिया गया, न ही इस दफ्तर के निर्माण की अनुमति के दस्तावेज पेश किये गये.

आईएमसी आयुक्त ने बताया कि गड़बडिय़ों की अलग-अलग शिकायतें सही पाये जाने पर शहर में सोनी के दो बंगले, नाइट क्लब, होटल और रेस्तरां के अन्य अवैध निर्माण भी गुजरे सात दिन में हटा दिये गये हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोनी को मानव तस्करी समेत 30 से ज्यादा आपराधिक मामलों में कथित भूमिका के लिये ढूंढा जा रहा है. उनकी गिरफ्तारी पर 30,000 रुपये का इनाम घोषित है. सोनी संझा लोकस्वामी के मालिक और प्रधान संपादक भी हैं. यह अखबार प्रदेश के कुख्यात हनी ट्रैप मामले में फंसे राजनेताओं और नौकरशाही से जुड़े रसूखदार लोगों से कथित रूप से संबंधित ऑडियो-वीडियो पर आधारित खबरें पिछले कई दिनों से प्रकाशित और प्रसारित कर रहा था.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हनी ट्रैप मामले के शिकायतकर्ता और इंदौर नगर निगम के निलंबित अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह (60) ने इस हाई प्रोफाइल सेक्स कांड को लेकर सांध्य दैनिक में अपने बारे में 29 नवम्बर को छपी खबर पर आपत्ति जतायी थी. इसके साथ ही, सोनी के खिलाफ आईटी एक्ट के संबद्ध प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसके बाद 30 नवंबर की रात से सोनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की शुरुआत की गयी थी. हनी ट्रैप गिरोह की पांच महिलाओं और उनके ड्राइवर को भोपाल और इंदौर से सितंबर में गिरफ्तार किया गया था. गिरोह खुफिया कैमरों से अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर अपने शिकारों को इस आपत्तिजनक सामग्री के बूते ब्लैकमेल करता था.

भोपाल। लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पारित होने को लेकर इसका विरोध भी शुरु हो गया है, इसी कडी मे राजधानी भोपाल में मंगलवार को कई स्थानो पर प्रदर्शन किये गये इस दौरान सभी जाति, धर्म, समुदाय, वर्गों के लोगों ने एक स्वर में इसका विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था का मखौल बताया। इस दोरान अनेक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने इस बदलाव को देश के टुकड़े करने वाला और एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने वाला बताया। जानकारी के अनुसार बिल के विरोध मे अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के मौके पर भोपाल के बाणगंगा चौराहे और इकबाल मैदान पर मानव श्रृंखला बनाकर संशोधन का विरोध किया गया। इस मौके पर लेखक, कलाकार, कवि, सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी तादाद में आमजन मोजूद थे। विरोध कर रहे लोगो ने इस विधेयक को भारत के संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों और प्रावधानों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि विधेयक में पाकिस्तान, बांगलादेश, अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देना और देश में मौजूद मुसलमानों को हाशिये पर ले जाना एक तय लक्ष्य पर काम करने वाला कृत्य बताया। कार्यक्रम में मौजूद मध्य विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार लगातार ऐसे कामों को अंजाम दे रही है, जिससे देश की एकता, अखंडता और यहां के संविधान के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय थोपकर भाजपा सरकार देश को कई टुकड़ों में विभाजित कर देगी। देश की अवाम इसको बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब द्वारा दिए गए संविधान में किसी तरह की दखलअंदाजी को देश के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला कदम माना जा सकता है। वही विरोध प्रर्दशन मे शामिल जमीयत उलेमा के सदस्यो ने कहा कि सरकारों का काम संविधान की हिफाजत का है, उसमें तोड़मरोड़ करने का नहीं। जमीयत उलमा मध्यप्रदेश के प्रेस सचिव हाजी मोहम्मद इमरान ने कहा कि जमीयत उलेमा मध्यप्रदेश इस परिवर्तन को भारतीय संविधान के विपरीत मानता है। उन्होंने कहा कि आशा है कि राज्यसभा में इसको आवश्यक समर्थन प्राप्त नहीं होगा और यह बिल अपने परिणाम तक नहीं पहुंचेगा। हाजी इमरान ने कहा कि जमीयत उलमा मध्यप्रदेश प्रदेश स्तर पर संविधान एवं सिद्धांतों की समर्थक सभी पार्टियों से अपील करती है कि वह राज्यसभा के अलावा पूरे प्रदेश में पूरी क्षमता-शक्ति से इसके विरुद्ध अपना मत विरोध करें। उन्होंने कहा कि जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हाजी मो. हारून ने भी इस बिल का विरोध किया है, एवं राष्ट्रीय जमीअत उलमा हिन्द ने केंद्रीय स्तर पर इस बिल का विरोध किया है और राष्ट्रीय अध्यक्ष जमीअत उलमा हिन्द कारी सैयद उस्मान मंसूरपुरी एवं राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने इस बिल का विरोध केद्रीय स्तर पर किया है।

होशंगाबाद. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के होशंगाबाद (Hoshangabad) जिले में महिमा नगर की रहने वाली दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग (Minor rape victim) ने फांसी (Hanging) लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली. दो दिन पहले नाबालिग ने दो युवकों के खिलाफ दुष्कर्म (Rape) का मामला दर्ज कराया था, जिसमें दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया है.
कार्रवाई के बाद हो रही बदनामी से दुखी थी नाबालिग
रेप पीड़ित ने इस पूरे मामले में कार्रवाई के बाद हुई बदनामी से दुखी होकर अपने घर में फांसी लगा ली. तब उस वक्त घर में कोई भी नहीं था. परिवार के लोग जब शाम को आए तो अंदर का कमरा बंद मिला. खिड़की से देखने पर नाबालिग टीन की छत में लगे पाइप पर लटकी हुई दिखी. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने नाबालिग के शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है.
ये है पूरा मामला
बीते 8 दिसंबर की रात को महिमा नगर निवासी दो युवक नाबालिग को घर से अपहरण कर अपने साथ ले गए थे. इसके बाद उनमें से एक आरोपी ने महिमा नगर स्थित अपने घर की छत पर ले जाकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया था. वहीं दूसरे आरोपी ने अपने साथी की करतूत में उसका सहयोग किया था, जिसकी शिकायत कोतवाली पुलिस में की गई थी. मामले में कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आईपीसी की धारा 363, 376 समेत 3-4 पोक्सो एक्ट का प्रकरण दर्ज किया था.
मिला सुसाइड नोट
बहरहाल, इस पूरी घटनाक्रम में नाबालिग के पास से एक सुसाइड नोट (Suicide note) भी मिला है. नोट में उसने पूरे मामले में हुई कार्रवाई पर दुख जताया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुसाइड नोट में लड़की ने दुष्कर्म और एफआईआर के बाद बदनामी की वजह से आत्महत्या की है. वह इस पूरे मामले के उजागर होने से दुखी थी. हालांकि पुलिस ने सुसाइड नोट में क्या लिखा है इस पर किसी भी प्रकार का बयान देने से इंकार कर दिया है. पुलिस ने इस पूरे मामले में जांच के बाद ही कुछ कहने की बात कही है.
 

इंदौर. कहते हैं कि एक मां अपने बच्चों की खातिर कुछ भी कर सकती है, वो बड़ी से बड़ी कुर्बानी देती है और उन्हें हर हाल में सुरक्षित रखती है. लेकिन इससे उलट इंदौर के कमला नेहरू चिड़ियाघर (Indore Zoo) में एक शेरनी (Lioness) अपने ही दो नवजात बच्चों की भक्षक (Cannibalism) बन गई. हैरान कर देने वाली यह घटना पिछले हफ्ते की है लेकिन इसका पता सोमवार को चला. जानकारी के मुताबिक बिजली नाम की शेरनी ने लगभग पंद्रह दिन पहले तीन शावकों (Cubs) को जन्म दिया था. जू अधिकारियों ने मां और उसके नवजात बच्चों को एक साथ पिंजरे में रखा था.

सोमवार को रख-रखाव करने वाले चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने देखा कि दो शावक गायब हैं, उन्होंने पाया कि शेरनी ने उन्हें मारकर खा लिया. माना जा रहा है कि इस घटना दो-तीन दिनों तक पता नहीं लग सका. जिस पिंजरे में शेरनी और उसके बच्चों को रखा गया था वहां सीसीटीवी (CCTV) नहीं था.

जू के इंचार्ज डॉ. उत्तम यादव ने कहा कि इस तरह का नरभक्षीपन सामान्य रूप से नहीं होता है, लेकिन यह पूरी तरह असाधारण भी नहीं है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पालतू जानवरों जैसे कुत्ते और बिल्लियों में भी होती हैं. जंगली जीवों को जब कैद कर रखा जाता है तो उनमें अपनों को ही खा जाने की परंपरा बढ़ जाती है.
तीसरा शावक सुरक्षित, शेरनी ठीक से उसका कर रही देखभाल

उन्होंने कहा कि शावकों को जन्म देने के बाद शेरनी काफी आक्रामक हो गई थी. यह स्पष्ट नहीं है कि उसने खुद उन्हें मारकर खा लिया होगा या कमजोर बच्चे पैदा हुए थे. डॉ. यादव ने कहा कि मां और उसके बच्चों को एकांत में रखा गया था क्योंकि पैदाइश के तुरंत बाद उनकी शांति भंग करना मुनासिब नहीं था. उन्होंने कहा कि तीसरा शावक सुरक्षित है और शेरनी उसकी ठीक से देखभाल कर रही है.
बता दें कि मध्य प्रदेश में केवल कुछ ही एशियाई शेर हैं और ये सभी चिड़ियाघरों में रह रहे हैं. विश्व प्रसिद्ध एशियाई शेरों के गिर उद्यान क्षेत्र से स्थानांतरण को लेकर मध्य प्रदेश का गुजरात से वर्षों से कानूनी विवाद चला आ रहा है.

भोपाल.मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) के बहुचर्चित हनीट्रैप (honey trap) मामले में आयकर विभाग (income tax deparment) ने जांच करने वाली SIT से महिला आरोपियों के वित्तीय लेन-देन की जानकारी मांगी है. जो सबूत और जांच में जानकारी मिली है उसके मुताबिक महिला आरोपियों से एमपी सहित अन्य राज्यों के नेताओं और अफसरों से करोड़ों के लेनदेन के संकेत मिले हैं. आयकर विभाग इसी की जांच करना चाहता है. लेकिन SIT का कहना है हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही आयकर विभाग को ये जानकारी दी जा सकती है.

आयकर विभाग ने कई बार किया पत्राचार
इस संबंध में जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक आयकर विभाग की इनवेस्टिगेशन विंग ने हनी ट्रैप केस के खुलासे के बाद सितंबर में SIT को पत्र लिखकर आरोपी महिलाओं के वित्तीय लेनदेन की जानकारी मांगी थी. सितंबर में जब कोई विस्तार से जानकारी नहीं दी गई तो नवंबर में एसआईटी को फिर चिट्ठी लिखी गई. लेकिन 2 महीने के बाद भी आयकर विभाग के पास जानकारी नहीं पहुंची है.

नेताओं-अफसरों से करोड़ों का लेन-देन

सूत्रों ने बताया कि आरोपी महिलाओं के पास जो दस्तावेज़ और डायरी मिली थी उसमें नेताओं और अफसरों से हुए करोड़ों के लेनदेन की जानकारी है. भोपाल की आरोपी महिला के बैंक लॉकर से 47 लाख रुपए नगद भी बरामद हुए थे. जब एसआईटी ने लॉकर खोले तब आयकर विभाग की टीम साथ नहीं थी. गोवा में दो करोड़ रुपए और छत्तीसगढ़ के दो नेताओं से 7 करोड़ के लेनदेन की बात सामने आई थी. इसी तरह मध्यप्रदेश के साथ दूसरे राज्यों के नेताओं और अफसरों के साथ करोड़ों के लेन-देन की भी चर्चा थी. इन्हीं तमाम जानकारी को आयकर विभाग ने एसआईटी से मांगा था.

SIT ने हाइकोर्ट का दिया हवाला
एसआईटी का कहना है जितनी नगद राशि आरोपियों से बरामद हुई थी उसकी जानकारी आयकर विभाग को दे दी गई है. आयकर विभाग लेनदेन के स्टेटमेंट चाहता है, जो बिना हाईकोर्ट के आदेश के नहीं दिए जा सकते क्योंकि मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही है.
दस्तावेज़ों की जांच
SIT के आला अधिकारियों का कहना है अभी तक जितना कैश आरोपियों से बरामद किया गया है, उसकी जानकारी आयकर विभाग को दे दी गई. जो वित्तीय लेनदेन के दस्तावेज हमारे पास मौजूद हैं, उनकी जांच की जा रही है. केस की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में चल रही है, इसलिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही आयकर विभाग को बाकी जानकारी दी जाएंगी.

नैयर दमोही को मध्यप्रदेश शासन का" निदा फाजली "  सम्मानित नैय्यर दमोही अब हमारे बीच नही रहे । उनका इंतकाल सोमबार को उनके निवास पुराना बाजार 2, दमोह पर हो गया है । उनकी शख्सियत का ऐहसास उनसे रु ब रु होने वाला हर शक्स उर्दू की नज़ाकत व मिठास का ऐहसास अपने में महसूस करते हुये उनका मुरीद हो जाता है आप एक नरम दिल इंसान के साथ मिलनसार भी  है!                               

नैय्यर साहब ने उर्दू शायरी की दुनिया में अपना अलग मुकाम हासिल किया है हिन्दुस्तान का कोई भी दिनी जलसा, ऑल इण्डिया मुशायरों की महफिल में बड़े ही अदब से सुना जाता है ! 

नैयर साहब ने उर्दू अदब की खिदमत में अपनी उम्र के 60 साल गुजार दिये , साथ ही एक उस्ताद शायर की है सियत से उर्दू अदब को अपने शहर में कायम रखने के लिए एक साहित्यिक  '' अदबी इदारा - ए - सलामी '' संस्था भी चला रहे है, जिसमे नए कलमकारों  के शौकीनों को उर्दू शायरी की तालीम देकर तैयार कर उनकी रहनुमाई कर रहे है ! आपने  शायरी से मुल्क की अवाम को काफी मुतास्सिर प्रभावित किया है सन 1982 में नैय्यर साहब को पडोसी मुल्क पाकिस्तान में आयोजित  ''आलमी नात कॉन्फ्रेंस  '' में हिस्सा लेने का मिला जहाँ  22 देशों के शायरों ने हिस्सा लिया जहाँ  नैय्यर साहब को सेकेंड प्राइज़ से नवाज़ा गया तत्कालीन प्रधान मंत्री स्व श्रीमती इंद्रा गाँधी जी ने नैय्यर साहब को पत्र लिखकर मुबारकबाद देते हुए उनकी हौसला अफ़जाही  की थी ! 

इसके अलावा राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर नैय्यर दमोही साहब को इनामों इकराम से भी नवाजा गया है !

15 अप्रैल 2006  को रायपुर छ्त्तीसगढ  में '' मुहफीजे उर्दू अवॉर्ड '' से नवाजा गया ! 

नैय्यर  साहब के अब तक { 7 -  मजमूअऐ कलाम } मंजरे आम पर आ चुके है , जिनमे एक ग़ज़ल संग्रह  

'' शुआ - ए - नैय्यर  '' मध्यप्रदेश उर्दू अकेडमी ने  प्रकाशित किया बाकी नात और मनकबत और गज़लों की किताबे भी प्रकाशित हो चुकी है !                       

अब तक प्रकाशित किताबें

01  -  अनवारे जमाल  - नात संग्रह  , सन 1983 में मुजफ्फरपुर यू पी से 

02  -   वारिशे नगमात - नातो मनकबत , सन 1994 में ग़ाज़ीपुर उत्तरप्रदेश से ,

03  -  शुआ - ए - नैय्यर - गज़ल संग्रह उर्दू  अकेडमी भोपाल से 

05  -  अक़ीदत का चमन - नात संग्रह  , सन  2004 में दमोह से 

06  -  दुरे अफ़्कार - गज़ल संग्रह  ,  सन  2010 में दमोह से 

07  -   तज़ल्ली  -  नात ,सलाम संग्रह  , 2015  में भोपाल से 

                       अब तक मिला सम्मान

01 - सन 1973 में सुहामुजद्दी गोल्ड मैडल सदर मंजिल भोपाल में मिला !

02 - सन 1974 में रायपुर छत्तीसगढ़ में  अम्बेडकर जयंती पर आयुजित राष्ट्रीय 

मुशायरे में जिले का प्रतिनिधित्व किया !             

03 - सन 1978 मद्रास चेन्नई के राष्ट्रीय मुशायरे में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व ! 

04 - सन 1980 उत्तर प्रदेश के स्टेट बैंक महोबा द्वारा सुलह कुल मैडल प्राप्त हुआ !

05 - 1982 '' आल वर्ड नात कॉन्फ्रेंस पाकिस्तान '' में   आयुजित 22 देशो के शायरों के साथ प्रोग्राम में हिस्सा लिया !

00 =   पाकिस्तान कराँची में हुये प्रोग्राम में सेकेण्ड प्राइज़ लेकर भारत लौटे !

00 =   पाकिस्तान कराँची एयर पोर्ट ट्रस्ट द्वारा अक़ीक पत्थर की शील्ड प्राप्त !

00 =   कराँची पाकिस्तान बज़्मे रहमानी द्वारा नैय्यर दमोही को चाँदी मैडल प्राप्त !

06 -  सन 1996 ,20 सितम्बर  राजीव गाँधी मेमोरियल व कौमी एकता मंच सिवनी मध्यप्रदेश  द्वारा उर्दू शायरी की खिदमत के लिए सम्मानित !

07 - सन 2002 , १९ जनवरी को देश की प्रख्यात संस्था '' स्पिक मैके " दमोह ने उर्दू शायरी की के छेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर सम्मानित किया !

08  सन 2002 , 31 जनवरी को दमोह में आयुजित ऑल इंडिया मुशायरा एवं नैय्यर दमोही के गज़ल संग्रह शुआ - ए - नैय्यर के इज़रा विमोचन के मौके पर देश  के मश्हूर शायरों ने सम्मानित किया , देश के प्रसिद्ध शायर पद्मश्री बेकल उत्त्साही , देश के प्रसिद्ध शायर पद्मश्री बशीर बद्र , और  शाबिर जबलपुरी सहित जिले भर की सामाजिक , साहित्यिक संस्थाओं ने नैय्यर दमोही के उर्दू शायरी की खिदमत करने और प्रदेश का  नाम रौशन करने के लिए इनामों इकराम से नवाजा और सम्मानित किया!

09 - सन 2004 , 14 अगस्त को बुन्देल खण्ड पुरूस्कार से ललितपुर उत्तरप्रदेश में  नवाज़ा गया !

10 - सन 2006 , 12 अप्रैल राजिस्थान कोटा में आयुजित आलमी जश्ने ईद मिलादुन नबी की गोल्डन जुबली में दुनियाँ भर के शायरों और आलिमो , मौलानाओ के बीच मध्यप्रदेश की नुमाइंदगी की!

11 - सन  2006 - 15 अप्रैल  - मुहाफिजे उर्दू  अवॉर्ड से नैय्यर दमोही को साहब को नवाज़ा गया रायपुर छत्तीसगढ़ में !   

12  - सन 2009 में  दमोही को मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मलेन साखा जिला सागर में  '' वहाज़ उद्दीन सागरी '' सम्मान से नवाज़ा !    इसके अलावा नैय्यर दमोही साहब को उर्दू अदब के कई मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है  ।

सर हमें अजेंट में गुरूजियों की तरह परमानेंट कर दिजीए, सीएम सर हमें टेंशन मुक्त कर दिजीए आखिर कबतक हम गेस्ट टिचर बनकर बच्चों को पढाएंगे, बच्चे भी हमें अतिथि कहते है सर हमें नियमिति शिक्षक का दर्जा दे दिजीए उक्त बात अतिथि शिक्षकों ने सोमवार को अपने खून से लिखे एक हजार पोस्टकार्ड पर लिखी और मुख्यमंत्री कमलनाथ को डाकघर से पोस्ट कर दिए। 

अतिथि शिक्षकों की एक सूत्रीय मांग नियमितिकरण है। अतिथि शिक्षक बीते दस सालों से नियमितिकरण की आस लगाए बैठे है। रविवार से सोमवार सुबह से दोपहर तक अतिथि शिक्षकों ने एक हजार के करीब पोस्ट अपने शरीर से खून निकालकर लिखे। 
कलेक्ट्रेट के सामने बीते सात दिनों से धरने पर बैठे अतिथि शिक्षक अनवर अहमद कुरैशी ने बताया की नियमितिकरण की मांग को लेकर संयुक्त अतिथि शिक्षक संघ के आहवान पर संपूर्ण मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। आंदोलन के क्रम में रविवार को सैकड़ों अतिथि शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट गेट के सामने धरना स्थल पर अपने खून से मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम पोस्टकार्ड लिखे। जिस में उन्होने सीएम और शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी से वचन निभाने और अतिथि शिक्षकों को नियमिति कर शिक्षक का स्थाई दर्जा देने की मांग की। कलेक्ट्रेट के सामने भूखे रहकर धरना प्रदर्शन कर रहे है प्रशासन और सरकार कोई भी सुध नहीं ले रहीं है। उन्होने बताया की अतिथि शिक्षकों का नियमितिकरण गुरूजियों की तर्ज पर हो सकता है लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। खून से पोस्ट कार्ड पर नियमित
सुनने को तैयार नहीं है। खून से पोस्ट कार्ड पर नियमितिकरण करने की मांग लिखने  लिखने वाले  में जिला मुख्यालय सहित इछावर,श्यामपुर, दोराहा, अहमदपुर, बिलकिसगंज, सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों के अतिथि शिक्षक शामिल रहे। 

भोपाल।  कमलनाथ सरकार ने कर्मचारियों से जुड़े बड़े वचन पत्र को पूरा करते हुए कर्मचारी आयोग का गठन कर दिया। यह 15 लाख से ज्यादा नियमित, संविदा, अंशकालिक, कार्यभारित, संविदा, निकायों के कर्मचारियों के अलावा पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करके सिफारिश सरकार को सौंपेगा। आयोग की कमान सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव अजयनाथ को सौंपी गई है।

 आयोग शासन की कार्यप्रणाली को बेहतर और परिणाममूलक बनाने के साथ ही सेवा शर्तों के मौजूदा ढांचे को समय के अनुरूप बनाने की अनुशंसा भी करेगा।
सूत्रों के मुताबिक बजट में वित्तमंत्री तरुण भनोत की आयोग बनाने की घोषणा को पूरा करते हुए विभाग ने सोमवार देर शाम कर्मचारी आयोग का गठन करते हुए राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशन के लिए भेज दी। आयोग का दायरा पहले के आयोगों की तुलना में बढ़ाया गया है। यह सिर्फ सातवें वेतनमान की विसंगतियों के निराकरण तक सीमित नहीं रहेगा।
इसके दायरे में राज्य की सिविल सेवाओं को प्राप्त हो रहे क्रमोन्न्त, समयमान वेतनमान से जुड़े नियम, निर्देशों का अध्ययन करके सुझाव देना भी रहेगा। पेंशनर्स को दी जा रही सुविधाओं के साथ उनकी समस्याओं को दूर करने के अलावा संस्थाओं को आधुनिक तथा व्यवसायिक संस्थाओं के रूप में परिवर्तन के उपाय भी आयोग तलाशेगा।
वित्त विभाग के मुताबिक आयोग सिफारिश करते समय अन्य प्रदेश व केंद्र सरकार के बराबरी के संवर्गों के पदनाम/वेतनामान, प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय, राज्य की आर्थिक स्थिति, लोक वित्त के प्रबंधन, राज्य के वित्तीय संसाधनों पर उसके आर्थिक विकास की आवश्यकताओं के मद्देनजर मांग को ध्यान में रखेगा।
आयोग को यह अधिकार दिया गया है कि वो स्वयं तय करेगा कि उसे किस तरह से काम करना है। जिस विभाग से चाहें वो जानकारी, दस्तावेज, स्टाफ सहित अन्य सहायता प्राप्त कर सकेगा। आयोग को एक साल के भीतर सिफारिश देनी होगी। इस बीच उसे अंतरिम प्रतिवेदन भी देना होगा।

यह आयोग शासकीय सेवक, स्थानीय निकायों के कर्मचारी, विधिक संस्थाओं के कर्मचारी, शासन के सौ फीसदी अनुदान से पोषित संस्थाओं के कर्मचारी, कार्यभारित और आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारी, संविदा सेवाओं तथा स्थायी सेवाओं के कर्मी, पूर्णकालिक व अंशकालिक मानदेय प्राप्त कर्मचारी और पेंशनर्स की सिफारिश करेगा।

आयोग में योगेश कुमार सोनगरिया सेवानिवृत्त न्यायाधीश, अखिलेश कुमार अग्रवाल सलाहकार राज्य योजना आयोग, वीरेंद्र खोंगल प्रांताध्यक्ष कर्मचारी कांग्रेस, सामान्य प्रशासन व वित्त विभाग के सचिव। सेवानिवृत्त अपर सचिव वित्त मिलिंद वाईकर आयोग के सचिव होंगे।

इन्दौर । खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के लिये कारगर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में अगले दो वर्षों में 36 नई खेल एकेडमी राज्य शासन द्वारा स्थापित की जायेगी। इन खेल एकेडमियों में प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को राज्य शासन के खर्च पर ठहरने एवं प्रशिक्षण की सुविधाएं नि:शुल्क दी जायेगी।
पटवारी आज यहां संभाग स्तरीय प्रान्तीय ओलंपिक खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती रेणू जैन, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा मीना, जिला पंचायत सदस्य जीतू ठाकुर तथा सदाशिव यादव विशेष रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि यह खेल प्रतियोगिता ग्रामीण अंचलों की खेल प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के लिये आयोजित की जा रही है। इससे बड़ी संख्या में खेल प्रतिभाएं सामने आएंगी। मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को खेल भावना को आत्मसात करना चाहिये। खेल देशभक्ति की भावना जागृत एवं मजबूत करते हैं। खेल से जीवन में सकारात्मक भाव भी पैदा होता है। पटवारी ने खिलाड़ियों को विश्वास दिलाया कि प्रदेश में निष्पक्ष रूप से योग्यता के आधार पर ही खिलाड़ियों का चयन टीमों में किया जायेगा। प्रतिभावान एवं योग्य खिलाड़ियों का पूरा ध्यान रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि शासकीय नौकरी में खिलाड़ियों के लिये पाँच प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया जा रहा है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कुलपति श्रीमती रेणू जैन ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी, उनका हौसला बढ़ाया और कहा कि वे हार-जीत को महत्व नहीं दें। निरन्तर प्रयास करते रहें। अच्छा प्रदर्शन कर अपने  गांव ही नहीं बल्कि जिला, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। उड़ने के लिये पूरा आकाश खुला हुआ है, हौंसलों से उड़ान भरें, मंजिल जरूर मिलेगी। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नेहा मीना ने स्वागत भाषण दिया। गुरू नानक देवजी प्रान्तीय ओलंपिक खेल प्रतियोगिता के तहत आयोजित दो दिवसीय संभाग स्तरीय स्पर्धा का शुभारंभ आज देवी अहिल्या विश्वविद्यालय परिसर खण्डवा रोड इन्दौर में  किया गया। इसमें इन्दौर संभाग के आठों जिलों के एक हजार से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इसमें  कबड्डी, व्हालीबॉल, एथलेटिक्स, कुश्ती, फुटबॉल, खो-खो बास्केटबॉल, टेबल-टेनिस, हॉकी, बेडमिंटन आदि प्रतियोगिता आयोजित की जा रही हैं। द्वितीय दिवस 9 दिसम्बर 2019 को प्रात: 10 बजे से व्हालीबॉल महिला/पुरूष, फुटबॉल पुरूष, कबड्डी महिला, कुश्ती महिला/पुरूष प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी।

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