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राजनीति (355)

नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 के राज्यसभा  में पेश होने से पहले केंद्र की मोदी सरकार पर पूर्वोत्तर के जनजीवन पर आपराधिक हमला करने का आरोप लगाया. राहुल ने मंगलवार को ट्वीट किया, नागरिकता संशोधन विधेयक पूर्वोत्तर, उनके जीवन के तौर-तरीके और भारत के विचार पर आपराधिक हमला है.

राहुल ने कहा- नागरिकता संशोधन विधेयक मोदी-शाह सरकार की पूर्वोत्तर के जातीय सफाये की कोशिश है. उन्होंने नागरिकता विधेयक के खिलाफ प्रदर्शनों पर कहा,   मैं पूर्वोत्तर के लोगों के साथ खड़ा हूं और मैं उनकी सेवा में हाजिर हूं. इससे पहले मंगलवार को लोकसभा में पारित विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ छात्र संघों और वाम-लोकतांत्रिक संगठनों ने मंगलवार को पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया.

इस दौरान सड़क अवरुद्ध होने के कारण अस्पताल ले जाते समय दो महीने के एक बीमार बच्चे की मौत हो गई. राज्यसभा में इस विधेयक को पेश किये जाने से एक दिन पहले असम में इस विधेयक के खिलाफ दो छात्र संगठनों के राज्यव्यापी बंद के आह्वान के बाद ब्रह्मपुत्र घाटी में जनजीवन ठप रहा.

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू), नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन, वामपंथी संगठनों-एसएफआई, डीवाईएफआई, एडवा, एआईएसएफ और आइसा ने अलग से एक बंद आहूत किया. गुवाहाटी के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जुलूस निकाले गये और प्रदर्शनकारियों ने इस विधेयक के खिलाफ नारेबाजी की.

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन विधेयक को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सलाह पर लाया गया एक कदम बताते हुए भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने विपक्ष को राजनीतिक हितों के बजाय राष्ट्र के हित साधने की नसीहत दी और दावा किया कि तथा इससे पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान को कोई खतरा नहीं पहुंचेगा.

नड्डा ने राज्यसभा में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 18 दिसंबर 2003 में दिये गए एक बयान का हवाला दिया. उस समय सिंह ने तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सलाह देते हुए कहा कि ऐसे प्रताडि़त शरणार्थियों को नागरिकता देने के मामले में सरकार को अपने रवैये को उदार बनाना चाहिए और नागरिकता कानून में बदलाव करने चाहिए. नड्डा ने दावा किया कि मनमोहन सिंह की बात को पूरा करते हुए हमारी सरकार इस विधेयक का लेकर आई है.

पूर्वोत्तर की चर्चा करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि पूर्वोत्तर में यह भ्रम फैलाया गया है कि इस क्षेत्र की सांस्कृति पहचान खत्म हो जाएगी. वहां लोगों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह इस बात का पहले ही स्पष्ट आश्वासन दे चुके हैं कि इस विधेयक के कानून बनने के बाद भी इनर परमिट व्यवस्था जारी रहेगी. पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान बरकार रहेगी. उनके अस्तित्व को कोई खतरा नहीं हुआ है.

उन्होंने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस विधेयक के विरोध में कई ऐसे तर्क दिये हैं, जिनका मूल से संबंध नहीं है. इस विधेयक का एक ही आधार है कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में जिन लोगों की धार्मिक आधार पर प्रताडऩा हुई हैं, उन्हें भारत में शरण लेने पर नागरिकता दी जाएगी. इससे पूर्व विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस नेता शर्मा ने इस विधेयक को संविधान की मूल भावना और समानता के अधिकार के विरूद्ध बताया था. उन्होंने कहा कि राजनीति के हित में कुछ और होता है और देश के हित में कुछ और. उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे राजनीति का हित छोड़कर देश के हित को देखें.

नई दिल्‍ली : आज राज्‍यसभा में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill 2019) के पेश होने से पहले दिल्‍ली में सुबह 9.30 बजेे बीजेपी संसदीय दल की बैठक शुरू हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही बीजेपी के सभी वरिष्‍ठ नेतागण मौजूद रहे. बैठक में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर चर्चा हुई और राज्‍यसभा में इसे पास कराने की रणनीति भी तय की गई.
बैठक करीब सवा 10 बजे खत्‍म हो गई.
दरअसल, नागरिकता संशोधन बिल 2019 (CAB) लोकसभा से पारित होने के बाद आज राज्यसभा में दोपहर 12 बजे पेश किया जाएगा. इस बिल की बहस के लिए 6 घंटे का वक्त सभापति की तरफ से रखा गया है. उधर, विपक्ष ने इस बिल का विरोध तेज कर दिया है. कांग्रेस ने अपनी सभी जिला इकाइयों को देशभर में प्रदर्शन करने को कहा है तो वहीं सरकार राज्यसभा में इस बिल को पास कराने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है. सरकार की तरफ से राज्यसभा के लिए पूरा होमवर्क किया गया है और तमाम पार्टियों से समर्थन लेकर संख्या बल जुटाने की कोशिश हो रही है.

सरकार को दूसरे दलों से समर्थन की उम्मीद
राज्यसभा में NDA के पास 106 का आंकड़ा है और दूसरे सहयोगी पार्टी के सहारे बहुमत का आकड़ा जुटाने का भरोसा है. किस पार्टी का सरकार को समर्थन मिलता है और कौन विरोध करती है इसकी तस्वीर बुधवार को साफ होगी लेकिन मोदी सरकार को पूरा भरोसा है लोकसभा की तरह ही राज्यसभा में बहुमत से इस बिल को पास कराने लेगी.
शिवसेना के बदले सुर, AIADMK ने किया सपोर्ट
लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन करने वाली शिवसेना के सुर अब बदलते दिख रहे हैं. विधेयक के राज्यसभा में पेश होने से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि इसपर पर्याप्त चर्चा होनी चाहिए. हालांकि AIADMK ने घोषणा की है कि वह नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन करेगी.
यूएस की संस्था ने किया बिल का विरोध
लोकसभा में पास हुए इस बिल का अमेरिका (यूएस) के इंटरनेशनल कमीशन ऑन रिलीजन फ्रीडम ने भी विरोध किया है. कमीशन ने तो यहां तक कहा है कि लोकसभा के बाद यदि सरकार इस को राज्यसभा में पास कराती है तो यूएस को इस मामले में विरोध करना चाहिए. इसको नागरिकता अधिकारों का उल्लंघन बताया है, लेकिन यूएस के इस कमीशन की तरफ से की गई टिप्पणी को भारतीय विदेश मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है की यूएस के इंटरनेशनल कमीशन ऑन रिलीजन फ्रीडम की यह टिप्पणी गैर जिम्मेदाराना और अस्वीकार्य है कमीशन का नजरिया भारत को लेकर खास मानसिकता से ग्रसित है. भारत सरकार ने कहा कि आतंरिक मामलों में कोई दखल ना दे भारत ने यह बिल अपने देश में जो दूसरे देश से पीड़ित लोग पलायन करके आये हैं, उनको नागरिकता देने के लिए भारत सरकार लाई है एक तरह से इस बिल का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन यूएस कमीशन विरोध कर रहा है.

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने नागरकिता विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) पर मचे विवाद के बीच टिप्पणी की है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक बैठक में पीएम मोदी ने कहा है कि नागरिकता विधेयक स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा.बीजेपी की बैठक में पीएम मोदी ने कहा, 'नागरिकता विधेयक को सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा, जो धार्मिक उत्पीड़न से भागे लोगों को स्थायी राहत देगा.'
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि प्रधानमंत्री ने कहा, 'CAB पर विपक्ष पाकिस्तान की भाषा बोल रहा है.' बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 बुधवार को राज्यसभा में पेश होगा. इससे पहले विपक्ष के कड़े विरोध के बीच यह विधेयक सोमवार को लोकसभा में पास हुआ. लोकसभा में विधेयक के पक्ष में 311 और विरोध में 80 सदस्यों ने मतदान किया.
राहुल गांधी ने साधा निशाना
वहीं बुधवार को ही राहुल गांधी (Rahul Gandhi)ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला. कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि 'मोदी-शाह सरकार' नागरिकता संशोधन विधेयक के माध्यम से पूर्वोत्तर के नस्लीय सफाये का प्रयास कर रही है. उन्होंने विधेयक के खिलाफ पूर्वोत्तर में प्रदर्शन होने से जुड़ी खबर का हवाला देते हुए यह भी कहा कि वह पूर्वोत्तर की जनता के साथ मजबूती से खड़े हैं.
गांधी ने ट्वीट कर आरोप लगाया, 'नागरिकता विधेयक मोदी-शाह सरकार की ओर से पूर्वोत्तर के नस्लीय सफाये का प्रयास है. यह पूर्वोत्तर के लोगों, उनकी जीवन पद्धति और भारत के विचार पर हमला है.' उन्होंने कहा, 'मैं पूर्वोत्तर के लोगों के साथ खड़ा हूं और उनकी सेवा के लिए हाजिर हूं.'
 लोकसभा में पास हो चुका है विधेयक
इससे पहले लोकसभा में पारित नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ छात्र संघों और वाम-लोकतांत्रिक संगठनों ने मंगलवार को पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान सड़क जाम होने के कारण अस्पताल ले जाते समय दो महीने के एक बीमार बच्चे की मौत हो गई.  ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू), नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन, वामपंथी संगठनों-एसएफआई, डीवाईएफआई, एडवा, एआईएसएफ और आइसा ने अलग से एक बंद आहूत किया. गुवाहाटी के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जुलूस निकाले गये और प्रदर्शनकारियों ने इस विधेयक के खिलाफ नारेबाजी की.

लोकसभा में भारी शोर-शराबे के बीच नागरिकता संशोधन विधेयक, 2019 पारित हो गया। इस विधेयक में तीन पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और इसाई धर्मावलंबियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान है। विधेयक के विरोध में 80 तो पक्ष में 311 वोट पड़े। सरकार की असली परीक्षा राज्यसभा में होगी।माना जा रहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को संसद के ऊपरी सदन में आज पेश किया जाएगा। यहां सत्ताधारी एनडीए के पास बहुमत नहीं है। मगर जिस तरह से अल्पमत में होने के बावजूद सरकार ने तीन तलाक और अनुच्छेद 370 को हटाने वाले विधेयक को पास करवा लिया था ठीक उसी तरह वह इसे भी पास करवा ही लेगी। आपको बताते हैं राज्यसभा में क्या है पूरा गणित।

एनडीए की स्थिति

राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के अपने 83 सांसद हैं। वहीं जनता दल (यूनाइटेड) के छह सांसद हैं। जेडीयू ने लोकसभा में बिल का समर्थन किया है। इसके अलावा एनडीए के पास शिरोमणी अकाली दल के तीन, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के एक और अन्य दलों के 13 सदस्यों का समर्थन है। इस तरह एनडीए गठबंधन के पास कुल 106 सांसदों का समर्थन है।

यूपीए की स्थिति

यूपीए गठबंधन में कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा 48 सांसद हैं। वहीं लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल और शरद पवार की राष्ट्रवाती कांग्रेस पार्टी के पास चार-चार सांसद हैं। इसके अलावा डीएमके के पास पांच सासंद हैं और अन्य यूपीए सहयोगियों के तीन सांसद हैं। इस तरह यूपीए को कुल 62 सांसदों का समर्थन प्राप्त है।

 

न एनडीए और न यूपीए में हैं ये दल

कई पार्टियां ऐसी हैं जो न एनडीए में और न ही यूपीए में शामिल हैं। हालांकि विचारधारा के स्तर पर इन पार्टियों का रुख समय-समय पर बदल जाता है। ऐसी पार्टियों में सबसे बड़ी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस है जिसके पास 13 सांसद हैं। इसके बाद अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के पास नौ, तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव की तेलंगाना राष्ट्र समिति के पास छह, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पास पांच, मायावती की बहुजन समाज पार्टी के पास चार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के पास तीन, महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के पास दो, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पास एक और एचडी कुमारस्वामी की जनता दल (सेक्युलर) के पास एक सांसद है। इन्हें मिलाकर यह आंकड़ा 44 सांसदों का होता है।

गैर-गठबंधन दलों में शामिल हैं यह पार्टियां

कुछ पार्टियां ऐसी हैं जो एनडीए और यूपीए का हिस्सा नहीं हैं लेकिन उन्होंने नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में होने के संकेत दिए हैं। जिसमें तमिलनाडु एआईएडीएमके के 11, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजू जनता दल के सात, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस के दो, चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के दो सांसद हैं।

हाल में भाजपा का साथ छोड़कर एनसीपी और कांगेस के समर्थन से महाराष्ट्र में सरकार बनाने वाली शिवसेना ने लोकसभा में नागरिकता विधेयक के पक्ष में मतदान किया। राज्यसभा में उसके तीन सांसद हैं। माना जा रहा है कि वह ऊपरी सदन में विधेयक का समर्थन करेगी। तीन और सासंद भाजपा का समर्थन कर सकते हैं। इस तरह यह आंकड़ा 28 सांसदों को होता है।

लोकसभा में भारी हंगामे के बीच नागरिकता संशोधन विधेयक पास हो गया है। विधेयक के विरोध में 80 तो पक्ष में 311 वोट पड़े। माना जा रहा है कि मंगलवार को इसे राज्यसभा में पेश किया जा सकता है। जिसके लिए भाजपा ने अपने सांसदों को व्हिप जारी की है। इसके अलावा राज्यसभा में आज शस्त्र संशोधन विधेयक को पेश किया जाएगा। वहीं गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली के अग्निकांड पर तो रेल, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी में भारत की स्थिति के को लेकर बयान देंगे। अमित शाह संसद पहुंच गए हैं।

सांसदों को जारी की व्हिप

भारतीय जनता पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसदों को 10 और 11 दिसंबर के लिए व्हिप जारी की है।

अग्निकांड पर बयान देंगे शाह

दिल्ली के अनाज मंडी में चल रही अवैध फैक्ट्री में रविवार तड़के आग लगने से 43 लोगों को मौत हो गई थी। इस मुद्दे को भाजपा ने सोमवार को राज्यसभा में उठाया था। आज इसपर गृह मंत्री अमित शाह बयान देंगे।

अवैध हथियार रखने पर उम्रकैद तो हर्ष फायरिंग पर दो साल की सजा

लोकसभा से पास होने के बाद आज राज्यसभा में शस्त्र संशोधन विधेयक को पेश किया जाएगा। इस विधेयक में अवैध हथियार रखने वालों को उम्रकैद और विवाह समारोह में हर्ष फायरिंग करके लोगों की जान जोखिम में डालने वाले को दो साल की कैद या एक लाख रुपये के जुर्माने या फिर दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा कुछ नए तरह के अपराधों को भी विधेयक में शामिल किया गया है।

हर्ष फायर के कारण यूपी में 191 लोगों की हुई मौत

लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि हर्ष फायरिंग को लेकर यह गलत धारणा है कि ऐसे मौकों पर लाइसेंसी हथियारों से किसी की जान नहीं जाती है। उन्होंने बताया कि 2016 में उत्तर प्रदेश में 191, बिहार में 12 और झारखंड में 14 लोगों की जान लाइसेंसी हथियारों से की गई हर्ष फायरिंग के कारण गई है।

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद अधीर रंजन ने कहा, 'यह काफी दुर्भाग्य है कि हर मुद्दे पर बोलने वाले प्रधानमंत्री इस मामले (महिलाओं के खिलाफ अपराध) पर चुप्पी साधे हुए हैं। भारत धीरे-धीरे मेक इन इंडिया से रेप इन इंडिया की ओर बढ़ रहा है।'

जम्मू-कश्मीर पर अमित शाह और अधीर में तीखी बहस

वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेताओं को छोड़ने का निर्णय स्थानीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा और वहां के मामले में केंद्र सरकार दखल नहीं देगी। सदन में प्रश्नकाल के दौरान सांसद अधीर रंजन चौधरी के पूरक प्रश्न के उत्तर में शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति सामान्य है, लेकिन वह कांग्रेस की स्थिति सामान्य नहीं कर सकते।उन्होंने कहा कि कहा कि कांग्रेस के लोग कह रहे थे कि 370 हटाने पर रक्तपात हो जाएगा, लेकिन वहां एक गोली भी नहीं चली। शाह ने कहा कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय प्रशासन को लगेगा कि नेताओं को रिहा करने का उचित समय है तो इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। केंद्र किसी तरह का दखल नहीं देगा।

दरअसल, चौधरी ने सवाल किया था कि जम्मू-कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला और दूसरे नेताओं को कब रिहा किया जाएगा तथा क्या वहां राजनीति गतिविधि बहाल है ? इससे पहले गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि पड़ोसी देश पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर को लेकर गलत प्रचार कर रहा है, लेकिन सरकार वहां स्थिति सामान्य बनाए रखने को प्रतिबद्ध है।

 

पुणे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भारत को 'रेप कैपिटल' बताए जाने पर उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने उनका नाम लिए बिना नसीहत दी है। नायडू ने कहा कि हमें अपने देश का नाम बदनाम नहीं करना चाहिए। इस तरह के क्रूरता के मामले में हमें राजनीति नहीं करनी चाहिए। उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि नया कानून लाना भी रेप की समस्‍या का समाधान नहीं है और निर्भया कानून इसका उदाहरण है।

पुणे में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्‍ट्रपति ने कहा, 'भारतीय परंपरा में हम औरत को मां और बहन के रूप में व्‍यवहार करते हैं लेकिन इन दिनों देश के कुछ हिस्‍सों में जो कुछ भी हुआ है, वह शर्मनाक है और हम सब के लिए चुनौती है। इसके समाधान के लिए नया कानून लाना समाधान नहीं है। मैं नया कानून या विधेयक लाने के खिलाफ नहीं हूं। हम निर्भया के लिए बिल लाए। क्‍या हुआ? क्‍या समस्‍या का समाधान हो गया?'


'क्रूरता के मामलों में राजनीति नहीं करना चाहिए'
नायडू ने कहा, 'भारत का नाम खराब हो रहा है। किसी ने कहा कि भारत 'फला चीज' का कैपिटल बनता जा रहा है, मैं इसमें नहीं पड़ना चाहता हूं। हमें अपने देश के नाम को बदनाम नहीं करना चाहिए। हमें इस तरह के क्रूरता के मामलों में राजनीति नहीं करना चाहिए।'


राहुल ने मोदी सरकार पर साधा था निशाना
बता दें कि कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा तो भारत को दुनिया का रेप कैपिटल बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत दुनिया के रेप कैपिटल के रूप में जाना जाता है। अपने संसदीय क्षेत्र केरल के वायनाड में एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने रेप और हत्या के आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर केस में पीएम की चुप्पी पर सावल उठाया।

राहुल गांधी ने कहा, 'भारत दुनिया के रेप कैपिटल के रूप में जाना जाता है। दूसरे देश पूछ रहे हैं कि क्यों भारत अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है। एक बीजेपी एमएलए एक महिला के रेप में शामिल है, लेकिन पीएम इस पर एक शब्द भी नहीं बोलते हैं।'

शुरुआती रुझानों में भाजपा 10, कांग्रेस दो, जेडीएस दो और निर्दलीय उम्मीदवार एक सीट पर आगे चल रहे हैं।  कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार बनाए रखने के लिए भाजपा को छह सीटों पर जीत दर्ज करनी होगी।
कर्नाटक में छह दिसंबर को 15 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए आज मतगणना हो रही है। राज्य के सभी मतगणना स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह आठ बजे से मतों की गिनती शुरू हो गई है। दोपहर बाद सभी सीटों के परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए साथ आ सकते हैं कांग्रेस-जेडीएस

महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनाने के बाद कांग्रेस की नजर अब कर्नाटक उपचुनाव पर है। कर्नाटक में कांग्रेस ने बीते रविवार को संकेत दिया था कि उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को बहुमत के लिए जरूरी सीटें नहीं मिल पाने की स्थिति में वह एक बार फिर जेडीएस के साथ हाथ मिला सकती है। कांग्रेस ने कहा था कि वह एक बार फिर जेडीएस के साथ हाथ मिलाने के विरूद्ध नहीं है। वहीं जेडीएस के नेता पहले ही ऐसे संकेत दे चुके हैं कि पार्टी ऐसी संभावना के लिए तैयार है। 

एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में 

एग्जिट पोल की बात करें तो स्थानीय चैनलों ने भाजपा को 9 से 12 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। वोटों की गिनती से पहले येदियुरप्पा ने कहा, हम अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। लोगों को भी हमसे यही उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस व जेडीएस ने विश्वास जताया है कि अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब भाजपा से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को जनता नकार देगी। 

क्यों आई उपचुनाव की नौबत  

कांग्रेस और जेडीएस के 17 बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद 15 सीटों पर उपचुनाव कराया गया। हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमे की वजह से दो सीटों पर उपचुनाव नहीं कराया गया है। इन 15 सीटों में से 12 पर कांग्रेस और तीन जेडीएस के पास थीं। 224 सदस्यों वाली विधानसभा में 17 विधायकों के अयोग्य घोषित होने के बाद यह संख्या 207 पर आ गई थी और 29 जुलाई को बीएस येदियुरप्पा ने विश्वास मत हासिल कर लिया। 

 

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