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खास खबर (288)

नागपुर. दिसंबर महीने में क्रिसमस की छुट्टियों का आनंद उठाने के लिए बड़ी संख्या में परिवार तैयार रहते हैं लेकिन ऐसे कई परिवारों को इस बार निराशा हाथ लग सकती है क्योंकि छुट्टियां लगने के समय रेलगाड़ियों में जगह नहीं मिलने वाली है. आगामी 25 से 31 दिसंबर के दौरान चेन्नई, केरल, मुंबई और पुणे की ओर जाने वाली गाड़ियों में प्रतीक्षा सूची बहुत लंबी है. विशेष रूप से केरल एक्सप्रेस में सर्वाधिक तो उसके साथ ही साथ मुंबई जाने वाली दूरंतो में भी प्रतीक्षा सूची बड़ी है. आमतौर पर हर साल केरल की ओर जाने वालों की संख्या ज्यादा ही होती है. क्रिसमस की छुट्टियां मनाने के लिए जाने वालों ने अपनी टिकट पहले ही बुक करा रखी है.

अब जिन लोगों ने बाद में अपनी यात्रा की योजना बनाई है उनके हाथ में निराशा ही आने वाली है. अर्थात उन्हें वेटिंग टिकट मिल रहा है. स्लीपर सहित थर्ड एसी में वेटिंग बढ़ी हुई है. इस कारण सामान्य को घोर निराशा मिल रही है. केरल एक्सप्रेस में 195 वेटिंग क्रिसमस का उतसव पूरे भारत में मनाया जाता है लेकिन केरल और गोवा में इस उत्सव में अत्यधिक उत्साह रहता है. यहां पर क्रिसमस का आनंद उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जाते हैं.

इस कारण केरल एक्सप्रेस में प्रतीक्षा सूची सबसे ज्यादा लंबी है. 12625 केरल एक्सप्रेस में स्लीपर - 118 से 195, थर्ड एसी में 91 वेटिंग, 12296 संघमित्रा एक्स्प्रेस की स्लीपर क्लास में 34 से 146 वेटिंग, थर्ड एसी में 54 वेटिंग तथा ट्रेन क्रमांक 12652 संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में 25 वेटिंग है. ट्रेन क्रमांक 12290 नागपुर - मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस में स्लीपर में 44 से 160, थर्ड एसी में 37 प्रतीक्षा सूची है. इसी तरह ट्रेन क्रमांक 12136 नागपुर - पुणे एक्स्प्रेस में स्लीपर क्लास में 109 से 132, थर्ड एसी में 83 वेटिंग है.

ट्रेन क्रमांक 12114 नागपुर-पुणे गरीबरथ में स्लीपर- 126 से 194, थर्ड एसी में 127 वेटिंग है. इस वजह से अब जिन्होंने यात्रा की योजना बना रखी है उन्हें निराशा ही हाथ लगने वाली है. दलालों पर संदेह गहराया दीपावली के दिनों में दलालों ने बड़ी संख्या में टिकटें निकालकर उन्हें यात्रियों को बेची थी, यह बात बाद में प्रकाश में आई थी. यात्रियों के लिए नकली आधार कार्ड भी जारी करने की बात आरपीएफ और रेलवे प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से की गई कार्रवाई में स्पष्ट हुआ था. अब प्रतीक्षा सूची बढ़ते जाने से दलालों पर फिर से संदेह गहरा रहा है.

नई दिल्ली. रेप के आरोपे में पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए देश छोड़कर भागे नित्यानंद का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह दावा कर रहे हैं कि उन्हें अब कोई नहीं छू सकता और कोई भी अदालत उन्हें सज़ा नहीं दे सकती. इसके साथ ही उसने यह भी कहा है कि वो दुनिया को सच बताएंगे. बता दें कि नित्यानंद इन दिनों देश से फरार है. ये वीडियो 22 नवंबर का है. नित्यानंद ने ये वीडियो कहां बनाया है इसके बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं बताया है.

इस वीडियो में नित्यानंद ने कहा, अगर तुम मुझे अपनी निष्ठा दिखाते हो तो मैं तुम्हें वास्तविकता और सच्चाई का खुलासा करके अपनी निष्ठा दिखाऊंगा. अब मुझे कोई भी छू नहीं सकता. मैं परम शिव हूं. सच बताने के लिए कोई अदालत मुझ पर मुकदमा नहीं कर सकती. मैं परम शिव हूं.

बता दें कि विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि नित्यानंद का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया था. साथ ही  नए पासपोर्ट की उसकी याचिका भी खारिज कर दी गई थी. मंत्रालय ने विदेशों में स्थित सभी मिशनों और पोस्टों को नित्यानंद के बारे में सतर्क कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने नित्यानंद के दावे वाले हिंदू राष्ट्र कैलासा पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. बयान में कहा गया है कि इक्वाडोर ने नित्यानंद द्वारा शरण मांगने के लिए किए गए अनुरोध को खारिज कर दिया और बाद में वह संभवत: हैती की ओर जाने के लिए इक्वाडोर से रवाना हो गया.

इसमें कहा गया है, सभी सूचनाएं, चाहे वे भारत में डिजिटल और प्रिंट मीडिया में प्रकाशित हुई हों, कथित तौर पर https://kailaasa.org वेबसाइट पर आधारित हैं, जिसे नित्यानंद या उसके आदमी चलाते हैं.  इसमें कहा गया है, इस तरह सभी डिजिटल या प्रिंट मीडिया हाउसों को नित्यानंद से जुड़ी सभी खबरों में इक्वाडोर का जिक्र करने से बचना चाहिए.

इससे पहले ऐसी खबरें आई थी कि स्वयंभू बाबा ने इक्वाडोर की मदद से दक्षिण अमेरिका में एक द्वीप खरीदा है. हालांकि इक्वाडोर दूतावास ने एक बयान में इस बात से साफ-साफ इनकार किया है कि उसने नित्यानंद को शरण दी या उसकी सरकार ने इक्वाडोर के आसपास या किसी दूर दराज के क्षेत्र में दक्षिण अमेरिका में कोई जमीन या द्वीप खरीदने में मदद की.

हल्द्वानी. बुद्ध पार्क में सस्ता प्याज बेच रहे कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं के साथ एक युवक ने मारपीट कर दी. गाली गलौज कर रहे युवक ने कांग्रेस सेवादल के जिला महामंत्री नंदन सिंह मेहरा  की उंगली दांतों से काटकर अलग कर दी. इससे बुद्ध पार्क में अफरा-तफरी हो गई. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उंगली काटने वाले युवक को पीट दिया. घायल नंदन सिंह को अस्पतल में भर्ती करवाया गया है पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है.

कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश गोस्वामी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सस्ती प्याज का स्टॉल लगाया था. स्टॉल पर कार्यकर्ताओं की ओर से करीब 1 क्विंटल प्याज रखा गया था जो ₹30 प्रति किलो बेचा जा रहा था.  इसी बीच नवाबी रोड निवासी युवक मनीष बिष्ट बुद्ध पार्क में पहुंचा और कांग्रेस सेवादल कार्यकर्ताओं संग गाली-गलौज शुरू कर दी. इसी बीच हुए विवाद में अचानक मनीष बिष्ट ने जिला महामंत्री नंदन सिंह का हाथ पकड़कर अपने मुंह में डाल दिया. जब तक लोग समझते नंदन सिंह की उंगली कट कर जमीन पर गिर गई. भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लिया गया है.

घाटशिला. झारखंड में दूसरे चरण के मतदान के दौरान वोटरों को लुभाने के लिए पैसे बांट रहे आजसू नेता काबू दत्ता समेत तीन लोगों को पुलिस ने शनिवार को हिरासत में ले लिया. मामला घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के गुड़ाबांधा के भाखर गांव का है.

जानकारी के मुताबिक, गुड़ाबांधा पंचायत स्थित भाखर गांव में चाईबासा के रहने वाले देवीशंकर दत्ता उर्फ काबू दत्ता अपने दो सहयोगियों के साथ वोटरों को प्रभावित करने के लिए पैसे बांट रहे थे. ग्रामीणों ने इसकी सूचना थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवाड़ व बीडाओ सीमा कुमारी को दी.

सूचना मिलते ही दोनों पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपियों को भाखर गांव से रंगे हाथ पकड़ लिया. बताया जाता है कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. इस संबंध में पूछे जाने पर थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवाड़ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पुलिस ने इन्हें भाखर स्कूल बूथ संख्या 192 से गिरफ्तार किया.

आगरा. आगरा के सिकंदरा की बीए की छात्रा ने चार युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का फर्ज़ी केस दर्ज करा दिया. आठ घंटे की जांच में सच्चाई सामने आ जाने पर छात्रा ने कुबूल कर लिया कि उसने हाथरस के मेंडू निवासी हिस्ट्रीशीटर अनिल के कहने पर तहरीर दी. अनिल पर 12 केस दर्ज हैं. इनमें से हत्या के एक मामले में जो चार युवक उसके खिलाफ पैरवी कर रहे हैं, छात्रा ने उन्हें ही नामज़द कराया. छात्रा ने दोपहर को फिरोजाबाद के पचोखरा के गांव गढ़ी जोरी स्थित मंदिर से यूपी-112 को फोन कर कहा था कि आगरा के कोचिंग जाते समय आगरा के खंदारी से बोलेरो कार में चार युवकों ने उसका अपहरण किया.

वे उसके भाई के दोस्त हैं. उन्होंने कहा था कि भाई दुर्घटना में घायल हो गया है, साथ चलो, इसलिए चली गई थी. उसके साथ एत्मादपुर में खेत में सामूहिक दुष्कर्म किया गया. पुलिस ने ज्ञानेंद्र कुमार, गीतम सिंह, राजा उर्फ रोबिन निवासी मेंडू हाथरस के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली थी. छात्रा का मेडिकल परीक्षण करा लिया था. आरोपियों के गांव दबिश दी तो चारों दुकान पर बैठे मिले. सर्विलांस पर उनकी लोकेशन गांव की ही मिली. छात्रा के भाई ने कहा कि वे इन्हें जानता तक नहीं है.

छात्रा की कॉल डिटेल में इसी गांव के अनिल का मोबाइल नंबर मिला. उसके बारे में जानकारी की तो वह हिस्ट्रीशीटर निकला. छात्रा ने जिन्हें नामजद कराया, उनसे उसकी रंजिश चल रही है. अनिल के परिचित की एक रिकार्डिंग मिली. इसमें वह कह रहा था कि चारों पर दुष्कर्म का फर्जी केस दर्ज कराएगा. इस पर छात्रा से पूछताछ हुई तो उसने कुबूल कर लिया कि अनिल के कहने पर यह पूरा षणयंत्र रचा. पुलिस अब अनिल की तलाश कर रही है.


खास बातें

    व्हाट्सएप, फेसबुक, टिकटॉक के यूजर्स को कराना पड़ सकता है वेरिफिकेशन
    संसद के मौजूदा सत्र में पेश होगा विधेयक
    फेक न्यूज का प्रसार रोकने के लिए उठाया कदम
    भारत में हैं सोशल मीडिया के करोड़ों यूजर्स

जल्द ही सोशल मीडिया एप का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स को अपना वेरिफिकेशन कराना पड़ सकता है। सरकार इसके लिए ससंद के मौजूदा सत्र में नया विधेयक पेश कर सकती है। इस बिल के पास होने पर व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक जैसे एप का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को पहले वेरिफिकेशन कराना होगा।
इसलिए लाया गया विधेयक
सरकार यह विधेयक इसलिए लेकर आएगी, ताकि फर्जी खबरों (फेक न्यूज) के प्रसार पर लगाम लग सके। इसके लिए इन कंपनियों को अपने यहां पर एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार करना पड़ेगा। वहीं इस वेरिफिकेशन को कंपनियों को पब्लिक में दिखाना भी पड़ेगा, जैसा ट्विटर में होता है।
इनसे होगा वेरिफिकेशन
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यूजर्स को अपनी केवाईसी करानी होगी। इसके लिए वो पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या फिर पासपोर्ट जैसे सरकारी डॉक्यूमेंट दे सकेंगे। इससे सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी अकाउंट को हटाने में और उनकी जानकारी मिलने में सरकार को मदद मिलेगी।
फेक न्यूज से हो चुकी है 30 लोगों की मौत
इंडिया स्पैंड के अनुसार फेक न्यूज के चलते 2017 से लेकर के 2018 तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं व्हाट्सएप ने इसका प्रसार रोकने के लिए मैसेज फॉरवर्ड करने की अधिकतम सीमा को पांच किया था। वहीं फेसबुक और अन्य कंपनियां ने इसका विरोध किया था, क्योंकि कई लोगों के पास वेरिफिकेशन देने के लिए कोई डॉक्यूमेंट नहीं होता है।
कैबिनेट ने पास किया था निजी डाटा संरक्षण बिल
निजी डाटा चुराने पर अब कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को तीन साल की जेल भी हो सकती है और कंपनी को 15 करोड़ रुपये तक या उसके वैश्विक टर्नओवर का चार फीसदी जुर्माना भी देना पड़ सकता है। कैबिनेट से निजी डाटा संरक्षण विधेयक, 2019 को मंजूरी मिलने के बाद अधिकारियों ने बताया कि इस विधेयक में निजी डाटा की चोरी करने या फिर उसका बेजा इस्तेमाल करने पर रोक लगाने के कई प्रावधान किए गए हैं।
अब सरकार संसद में चल रहे शीतकालीन सत्र में इसके लिए विधेयक पेश करेगी। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि इस बिल की चर्चा पहले संसद में की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने विधेयक को कैबिनेट और दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पास भेज दिया है।

इस विधेयक के मुताबिक, कोई भी निजी या सरकारी संस्था किसी व्यक्ति के डाटा का उसकी अनुमति के बिना इस्तेमाल नहीं कर सकती। चिकित्सा आपातकाल और राज्य या केंद्र की लाभकारी योजनाओं के लिए ऐसा किया जा सकता है। किसी भी व्यक्ति को उसके डाटा के संबंध में अहम अधिकार होंगे। संबंधित व्यक्ति अपने डाटा में सुधार या फिर संस्था के पास मौजूद अपने डाटा तक पहुंच की मांग कर सकता है। हालांकि सरकार वेरिफिकेशन को जरूरी न करके इसको ऑप्शनल कर सकती है।

गाजियाबाद. हनीमून पर स्विट्जरलैंड की जगह पति दार्जिलिंग ले गया तो पत्नी ने हंगामा कर दिया. हंगामा इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच दूरियां आने लगीं. पति का आरोप है कि काफी समझाने के बाद भी वह नहीं मानी. पत्नी ने करीब एक साल पहले एटा की कोर्ट में दहेज उत्पीड़न का मामला भी दर्ज करा दिया. इससे परेशान होकर पति ने 4 महीने पहले कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी डाल दी. अब मामले अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी.

कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, शहर के एक प्रतिष्ठित लोहा कारोबारी की शादी 10 नवंबर 2016 को एटा में रहने वाले संपन्न परिवार की लड़की से हुई थी. शादी के बाद पत्नी ने हनीमून पर जाने के लिए स्विट्जरलैंड जाने की इच्छा जताई, लेकिन पति ने पहले से ही दार्जिलिंग के टिकट बुक करा रखे थे. पति ने बताया कि काफी समझाने के बाद वह उसे किसी तरह दार्जिलिंग ले गया. वहां पहुंचने पर पत्नी ने काफी हंगामा किया. पति के मुताबिक, पत्नी ने कहा था कि अगर स्विट्जरलैंड जाते तो वहां पहुंचकर साड़ी में चांदनी पिक्चर के सीन की तरह फोटो सूट कराती, लेकिन मेरा सपना पूरा नहीं हुआ.

महिला ने कहा कि इस सपने को मैं शादी होने से पहले देखा करती थी. तुम मेरे लायक नहीं हो, जब तुम मेरी इतनी इच्छा पूरी नहीं कर सकते तो मेरे लिए और क्या करोगे. पति ने बताया कि बहुत समझाने के बाद भी वह स्विट्जरलैंड जाने की बात पर ही अड़ी रही. बाद में कारोबारी ने स्विट्जरलैंड चलने की बात कही तो पत्नी ने यह कहते हुए मना कर दिया कि तुम्हारे साथ जीवन चलाना संभव नहीं.

आरोप है कि महिला शादी के 4 महीने बाद ही अपने मायके चली गई. पति ने बुलाने की कोशिश की तो उसने साथ आने से मना कर दिया. पति ने बताया कि उसने करीब एक साल पहले एटा की कोर्ट में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है. इससे परेशान होकर अब कारोबारी ने कोर्ट में अर्जी देकर तलाक की गुहार लगाई है.

नई दिल्ली.  हैदराबाद के दिशा रेप कांड की बात हो या फिर दिल्ली का निर्भया कांड. ऐसे रूह कंपा देने वाले मामलों को घर बैठे नहीं रोका जा सकता. यह किसी फिल्म का डायलॉन नहीं बल्कि खूंखार अपराधियों को फंदे से लटकाने वाले पवन जल्लाद का यह कहना है. उन्होंने कहा, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बहुत जरूरी है कि जितनी जल्दी हो सके निर्भया के मुजरिमों को फांसी पर लटका दो. दिशा के हत्यारों को जल्दी से मुजरिम करार दिलवा दीजिए.

उन्होंने कहा, हिंदुस्तान में निर्भया और दिशा कांड खुद-ब-खुद ही बंद हो जाएंगे. जब तक ऐसे जालिमों को मौत के घाट नहीं उतारा जाएगा, तब तक बाकी बचे हुए ऐसे क्रूर इंसानों में भला भय कैसे पैदा होगा?’ फिलहाल मेरठ में मौजूद पुश्तैनी जल्लाद पवन ने मंगलवार देर रात फोन पर बातचीत करते हुए अपने दिल में उठ रहे तमाम गुबार को बेझिझक निकाला.

पवन बोले, अगर निर्भया के हत्यारों को सरकार लटका चुकी होती तो शायद, हैदराबाद की मासूम बेकसूर दिशा बेमौत मरने से बच गई होती. निर्भया के हत्यारों को आखिर तिहाड़ जेल में पालकर रखा ही क्यों जा रहा है? निर्भया कांड के मुजरिम हों या फिर दिशा के हत्यारे. इनका इलाज जब तक आनन-फानन में नहीं होगा, तब तक यह मुसीबतें समाज में बरकरार रहेंगीं.

पवन ने कहा, मैं तो एकदम तैयार बैठा हूं. निर्भया के मुजरिमों को डेथ-वारंट मिले और मैं तिहाड़ जेल पहुचूं. मुझे मुजरिमों को फांसी के फंदे पर टांगने के लिए महज दो से तीन दिन का वक्त चाहिए. सिर्फ ट्रायल करूंगा और अदालत के डेथ वारंट को अमल में ला दूंगा.’ खुद को खानदानी जल्लाद बताते हुए पवन ने कहा, 'इसमें मुझे शर्म नहीं लगती. मेरे परदादा लक्ष्मन जल्लाद, दादा कालू राम जल्लाद, पिता मम्मू जल्लाद थे. मतलब जल्लादी के इस खानदानी पेशे में मैं अब चौथी पीढ़ी का इकलौता जल्लाद हूं.’ पवन ने पहली फांसी दादा कालू राम जल्लाद के साथ पटियाला सेंट्रल जेल में दो भाईयों को दी थी.

दांतों और मसूड़ों का दर्द आपको काफी परेशान कर देता है। दांत या मसूड़े में किसी भी तरह की समस्या में दर्द से तो परेशान होते ही हैं, इसके अलावा खाना-पीना भी ठीक से नहीं हो पाता है जिससे परेशानी बढ़ जाती है। आइए, आपको बताते हैं इनसे छुटकारा पाने के कुछ घरेलू उपाय।
नमक पानी
नमक का पानी आपको इनफेक्शन से बचाता है और दांतों के बीच में फंसे खाने को भी निकालने में मदद करता है। इससे सूजन भी खत्म हो जाती है और मसूड़ों में मौजूद बैक्टीरिया भी खत्म होते हैं। गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर उस पानी को कुछ देर मुंह में रखें और कुल्ला कर लें।
लहसुन
लहसुन अपने औषधीय गुणों के कारण जाना जाता है। इसे आमतौर पर सर्दी-जुकाम ठीक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करने की भी क्षमता रखता है और पेनकिलर का भी काम करता है। लहसुन की एक कली को पील लें और इस पेस्ट को मसूड़े या दांत पर लगाएं।
लौंग
दांत में दर्द से राहत देने के लिए लौंग भी काफी कारगर है। इसे मुंह में दबाए रखें। दर्द से राहत मिलेगी।
टी बैग्स
चाय में टैनिन नाम का कम्पाउंड होता है जो बैक्टीरिया का खत्म कर सकता है। ऐसे में टी बैग्स भी आपको दांट के दर्द से छुटकारा दिला सकते हैं। टी बैग को गर्म पानी में उबले हुए पानी में डालकर 5 मिनट तक छोड़ दें। इसके बाद इसे निकालें जब थोड़ा ठंडा हो जाए तो उस जगह पर लगाएं जहां दर्द हो रहा है।
तो डेन्टिस्ट से मिलें
दांतों के हल्के दर्द को आप घरेलू उपाय से ठीक कर सकते हैं लेकिन अगर दर्द ज्यादा है तो आपको डेन्टिस्ट से मिलना चाहिए।
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बैठक रूम परिवारों के लिए एकजुट होने का स्थान है, जहां वे दिनभर की थकान के बाद कुछ समय एकसाथ बिताना पसंद करते हैं। यहीं बैठकर वे वार्ता या गपशप करते हैं। यहीं बैठकर टीवी देखते हैं या कि भावी योजनाओं पर विचार-विमर्श करते हैं। जब कोई मेहमान आता है तो उसको इसी रूम में बैठाया जाता है। बैठक रूम वास्तु के अनुसार होने से कई तरह की परेशानियों से बचा जा सकता है। आओ जानते हैं इसके 10 वास्तु टिप्स।
बैठक रूम की दिशा : बैठक रूम कैसा होना चाहिए, यह आपके मकान की दिशा से तय होता है। यदि मकान पूर्व या उत्तरमुखी है तो बैठक रूम को पूर्वोत्तर दिशा अर्थात ईशान कोण में होना चाहिए। यदि मकान पश्चिममुखी है तो बैठक रूम को उत्तर-पश्चिम दिशा अर्थात वायव्य कोण में होना चाहिए। यदि मकान दक्षिणामुखी है तो बैठक रूम को दक्षिण-पूर्व दिशा अर्थात आग्नेय कोण में होना चाहिए।
बैठक रूप का आकार : बैठक रूम का आकार वर्गाकार या आयताकार होना चाहिए न कि अंडाकार, गोलाकार या अन्य कोई आकार।
बैठक रूम के दरवाजे की दिशा : बैठक रूम का दरवाजा ईशान या उत्तर में है तो उत्तम, पूर्व, पश्चिम या वायव्य में है तो मध्यम और अन्य दिशा में है तो निम्नतम माना गया है।
बैठक रूम की खिड़कियां : खिड़कियों को बैठक रूम के पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए, क्योंकि ये दिशाएं बहुत लाभकारी हैं।
बैठक रूम का रंग-रोगन : दीवारों और टाइल का रंग सफेद, हल्के पीले, हल्के नीले या हरे रंग का होना चाहिए। दीवारों का रंग लाल, गहरा नीला या काले रंग का नहीं होना चाहिए। बैठक रूम में खिड़की और दरवाजे के पर्दे मिलते-जुलते रंगों में ही प्रयोग करें। सोफा सेट के कुशन थोड़े अलग रंग के रखें।
बैठक रूम का सोफा सेट : यदि दरवाजा पश्चिम में है तो बैठक रूम के नैऋत्य कोण में सोफा सेट लगाएं। यदि दरवाजा उत्तर में है तो नैऋत्य, दक्षिण या पश्चिम में सोफा सेट लगाएं। पूर्व मुखी मकान है तो भी उपरोक्त दिशाओं में ही सोफा सेट लगवाएं। दरअसल, बैठक रूम में उत्तर और ईशान दिशा को छोड़कर कहीं भी सोफा सेट लगाएं।
बैठक रूम के चित्र : बैठक रूम में कभी भी नकारात्मक चित्र न लगाएं, जैसे ताजमहल, महाभारत या किसी कांटेदार पौधे का चित्र। जंगली जानवर, रोते हुए बच्चे, नंगे बच्चे, युद्ध के दृश्य, भगवान व पेड़ आदि के चित्र भी न लगाएं। बैठक रूम में हंस की बड़ी-सी तस्वीर लगाएं जिससे कि अपार धन-समृद्धि की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। गृह कलह या वैचारिक मतभेद से बचने के लिए हंसते-मुस्कुराते संयुक्त परिवार का चित्र लगाएं। मेहमान जब आपके स्वागत कक्ष में बैठे तो उस कक्ष को देखकर उसका मन एकदम से प्रसन्न हो जाना चाहिए।
बैठक रूम में परिवार का मुखिया ऐसे बैठे : बैठक रूप में बैठते वक्त मुखिया का मुख या चेहरा द्वारा की ओर होना चाहिए यदि ऐसा नहीं है तो मेहमान आप पर हावी रहेगा और आप मेहमान के समक्ष समर्पण की मुद्रा में ही रहेंगे। इसके और भी कई नुकसान हो सकते हैं। हो सकता है कि उसमें और आप में किसी बात को लेकर विवाद हो जाए या वैचारिक मतभिन्नता प्रकट हो।
बैठक का वातावरण : मौसम के हिसाब से बैठक रूम ठंडा या गर्म रहना चाहिए। यदि आप एक ठंडे क्षेत्रों में रहते हैं और अपने बैठक कक्ष में एक आतिशदान स्थापित करना चाहते हैं तो दक्षिण-पूर्व दिशा चुनना अच्छा है।
लोहा या अटाला : कभी भी बैठक रूम में भारी लोहे का सामान या अटाला नहीं रखना चाहिए अन्यथा अतिथि को लगेगा कि उसे बोझ समझा जा रहा है। इस अवस्था में मेहमान तनाव महसूस कर सकता है। बैठक रूप सुंदर फूलों से सजा और कम सामान वाला होना चाहिए।
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