ईश्वर दुबे
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रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑफिस, समयबद्ध उपस्थिति और आई-गाट में प्रशिक्षण कोर्स में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया। मुख्य सचिव ने सम्मान प्राप्त करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
श्री विकासशील ने कहा की मंत्रालय में अधिकारी-कर्मचारी समय पर अपनी उपस्थित दर्ज कर रहे है। मुख्य सचिव ने कहा कि मंत्रालय में 10 बजे से पूर्व आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मुख्य सचिव ने मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को सितम्बर माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
विभागीय श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागों में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग द्वितीय तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग तृतीय स्थान पर रहा।
संयुक्त सचिव श्रेणी में आदिम जाति विकास विभाग के श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के श्री अनुपम त्रिवेदी द्वितीय तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के श्री सचिदानंद आलोक तृतीय स्थान पर रहे। उप सचिव श्रेणी में चिकित्सा शि़क्षा विभाग की श्रीमती लवीना पाण्डे प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग-1 के श्री किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के श्री दूरदेशी राम सोन्टापर तृतीय स्थान पर रहे।
अवर सचिव श्रेणी में चिकित्सा शिक्षा विभाग के श्री पूरन लाल साहू प्रथम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के श्री भूपेन्द्र सिंह राजपूत द्वितीय, गृृह विभाग के श्री सोनचंद साहू तृतीय स्थान पर रहे। अनुभाग अधिकारी श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के श्री विरेन्द्र कुमार प्रथम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की श्रीमती पी.दुर्गा द्वितीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के श्री शिवकुमार गोड़ तृतीय स्थान पर रहे।
सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की श्रीमती वर्षा रानी अग्रवाल प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग-1 के बेरनाथ कूजूर द्वितीय, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सुश्री प्रिया बागड़े तृतीय स्थान पर रही। वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग-1 के श्री धनेश्वर पटेल प्रथम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के श्री सलीम शैलेन्द्र टोप्पो द्वितीय, चिकित्सा शिक्षा विभाग की श्रीमती ललीता राय तृतीय स्थान पर रही।
कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सुश्री प्रतिक्षा खलखो प्रथम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के श्री अजय राठिया द्वितीय स्थान पर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के श्री प्रभु सिंह राठिया तृतीय स्थान पर रहे। टेक्निकल सेक्शन में चिकित्सा शिक्षा विभाग के श्री राम नरेश पाल प्रथम स्थान पर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के ऋषिकेश मिर्चे द्वितीय स्थान पर तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के सुश्री तृप्ति शर्मा तृतीय स्थान पर रही।
समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए टॉप-10 में जिन अधिकारियों को सम्मानित किया गया है उनमें सहायक अनुभाग अधिकारी श्री शिवचरण राठौर, भृत्य श्री सेठलाल यादव, सहायक अनुभाग अधिकारी मीरा, सहायक अनुभाग अधिकारी सुश्री गामीनी वर्मा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अवर सचिव श्री भूपेन्द्र सिंह राजपूत, अनुभाग अधिकारी मंजूषा राजपूत, सहायक अनुभाग अधिकारी श्री दीपक श्रीवास, अनुभाग अधिकारी श्री शिवकुमार गोड़, आदिम जाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत, अनुभाग अधिकारी श्री महेश कुमार तिवारी है।
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गेड़ी लोक नर्तक एवं लोक श्रृंगार भारती, बिलासपुर के संचालक श्री अनिल कुमार गढ़ेवाल ने अपने सहयोगी श्री लक्ष्मी नारायण मांडले के साथ सौजन्य भेंट की।
उल्लेखनीय है की श्री गढ़ेवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल ने 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह तथा 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ कार्यक्रम में गेड़ी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी थी। इन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन कर दल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया।
राज्यपाल श्री डेका ने श्री गढ़ेवाल एवं उनकी टीम के प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकनृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं। ऐसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोककला और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने श्री गढ़ेवाल एवं उनके सहयोगियों को लोककला के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने तथा भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए शुभकामनाएं दीं।
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/छत्तीसगढ़ के विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों ने आज लोकभवन में राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। खिलाड़ी छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष श्री किशोर महानंद के साथ राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे।
राज्यपाल श्री डेका ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया और आगामी प्रतियोगिताओं में सफलता की शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल से भेंट करने वालों में अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर श्री प्रदीप क्षत्री एवं श्री लखपति सिंदूर, वेटलिफ्टर श्री कैलाश सिक्का, बास्केटबॉल खिलाड़ी कु. सौपी सिक्का, थाई बॉक्सिंग में स्वर्ण पदक विजेता कु. मानसी तांडी, सॉफ्टबॉल खिलाड़ी कु. गंगा सोना एवं कु. प्रतिमा सोना, फुटबॉल खिलाड़ी श्री बोस्टो तांडी एवं श्री राजेश महानंद, कराटे खिलाड़ी कु. लक्षिता तांडी, किक बॉक्सिंग खिलाड़ी कु. रीयाशा बाघ, पावरलिफ्टर कु. प्रिया हरपाल तथा ‘इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन-5’ के विजेता श्री रितेश पाल शामिल थे।
राज्यपाल ने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले को मिला राष्ट्रीय सम्मान, मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/ कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों और किसानों की उन्नति के लिए किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले को ‘Certificate of Excellence’ से सम्मानित किया गया है।
इस गौरवशाली उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि "दंतेवाड़ा जिले को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत मिला यह राष्ट्रीय सम्मान छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीम, कृषि विभाग और हमारे मेहनतकश किसानों ने जिस लगन से कृषि विकास, फसल विविधीकरण और आजीविका संवर्धन के लिए कार्य किया है, उसी का परिणाम यह राष्ट्रीय मान्यता है। राज्य सरकार किसानों को सशक्त बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के नेतृत्व को मिली पहचान
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन में जिले में कृषि विकास और किसान कल्याण से जुड़े प्रयासों को लगातार गति दी जा रही है। यह सम्मान कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, किसानों की प्रगति सुनिश्चित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों का परिणाम है।
योजना का उद्देश्य और महत्व
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना और किसानों को बेहतर कृषि संसाधन उपलब्ध कराना है। जनजातीय बहुल दंतेवाड़ा जिले के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है, जो ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मददगार साबित होगी।
देश के 100 आकांक्षी (कमजोर या पिछड़े) कृषि जिलों में खेती की स्थिति में सुधार लाना, उत्पादकता बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। जिलों की पहचान कम उत्पादकता, कम फसल सघनता (क्रॉप इंटेंसिटी) और कमजोर कृषि ऋण (केसीसी) वितरण प्रणाली के आधार पर की गई है। हर खेत तक सिंचाई पहुंचाना, पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण (वेयरहाउस) क्षमता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और आसान एवं सस्ता ऋण उपलब्ध कराना है।
यह सम्मान कृषि विभाग के अधिकारियों, मैदानी अमले और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना है, जो कृषि को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने के संकल्प को और मजबूत करता है।
उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया शुद्धि पत्र
दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थी भी कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
ई-संवर्ग के 795 और टी-संवर्ग के 1497 सहित कुल 2292 पदों के लिए जारी है भर्ती प्रक्रिया
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक भर्ती-2026 के विस्तृत विज्ञापन में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय के परिपालन में शुद्धि पत्र जारी कर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पात्रता संबंधी प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित (Blind), श्रवणबाधित (Deaf) तथा सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी शुद्धि पत्र के अनुसार, राज्य की शासकीय शालाओं के ई-संवर्ग एवं टी-संवर्ग में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर 24 जुलाई 2026 को विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती विज्ञापन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ में दायर याचिका क्रमांक WPS No. 6783 of 2026 (मीनाक्षी मंगलकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में संशोधन किया गया है।
दिव्यांग अभ्यर्थियों की पात्रता में महत्वपूर्ण संशोधन
शुद्धि पत्र के अनुसार, समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुरूप सहायक शिक्षक पद के लिए चिह्नित उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों में ब्लाइंड (B), डेफ (D) तथा सेरेब्रल पाल्सी (CP) को शामिल किया गया है। इसके साथ ही विस्तृत विज्ञापन की कंडिका 05 के उपखंड (iv) को विलोपित किया गया है।
दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों का समूहवार एवं श्रेणीवार वितरण भी सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2019 के निर्देशों के अनुरूप जारी किया गया है। इसके तहत दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित तथा बहुदिव्यांगता से संबंधित समूहों के लिए आरक्षित पदों का विवरण स्पष्ट किया गया है।
सहायक शिक्षक के कुल 2292 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया
जारी संशोधित विवरण के अनुसार सहायक शिक्षक ई-संवर्ग में 795 तथा टी-संवर्ग में 1497 पद शामिल हैं। ई-संवर्ग में रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ एवं बिलासपुर जिले शामिल हैं। इसी प्रकार टी-संवर्ग में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, गरियाबंद एवं बालोद जिले शामिल हैं।
ऑनलाइन आवेदन की तिथि अलग से होगी घोषित
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि ब्लाइंड (B), डेफ (D) एवं सेरेब्रल पाल्सी (CP) श्रेणी के दिव्यांग अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इन अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि की जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा पृथक से जारी की जाएगी।संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि 24 जुलाई 2026 को जारी सहायक शिक्षक भर्ती के विस्तृत विज्ञापन की शेष सभी शर्तें एवं कंडिकाएं पूर्ववत रहेंगी।
दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलेगा आवेदन का नया अवसर
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती 2026 के अंतर्गत दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शिक्षक भर्ती के विस्तृत विज्ञापन में शुद्धि पत्र जारी किया गया है। इस संशोधन के तहत विभिन्न विषयों के शिक्षक पदों के लिए उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों का विस्तार किया गया है, जिससे पात्र दिव्यांग अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने का एक नया अवसर मिलेगा।
हाईकोर्ट के निर्देश पर हुआ संशोधन
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी शुद्धि पत्र के अनुसार, यह कदम छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्रमांक WPS No. 6783 of 2026 (मीनाक्षी मंगलेकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य) में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में उठाया गया है। इससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शासकीय शालाओं में ई एवं टी संवर्ग के शिक्षक पदों के लिए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर 7 अगस्त 2026 को विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था।
दिव्यांगता की श्रेणियों में किए गए मुख्य बदलाव
हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और सामाजिक विज्ञान विषय के लिए समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुसार इन विषयों के लिए पूर्ण दृष्टिबाधिता (Blind) और सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) को उपयुक्त दिव्यांगता की श्रेणियों में शामिल किया गया है। इसी प्रकार गणित विषय के शिक्षक पद के लिए सेरेब्रल पाल्सी एवं कुष्ठ रोग से उपचारित दिव्यांगता तथा कृषि विषय के शिक्षक पद के लिए सेरेब्रल पाल्सी को शामिल किया गया है।
गणित इस विषय के शिक्षक पद के लिए सेरेब्रल पाल्सी एवं कुष्ठ रोग से उपचारित दिव्यांगता को शामिल किया गया है। कृषि विषय के शिक्षक पद के लिए सेरेब्रल पाल्सी को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित पदों का वितरण चार प्रमुख समूहों—दृष्टिबाधिता (VI), श्रवण बाधिता (HI), अस्थिबाधिता (OI) एवं बहुदिव्यांगता (MD) के अनुसार श्रेणीवार निर्धारित किया गया है।
कुल 1654 पदों का विषयवार विवरण
लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार संशोधित विज्ञापन के अनुसार ई-संवर्ग के 868 और टी-संवर्ग के 786 पदों (कुल 1654 पद) पर भर्ती की प्रक्रिया होगी। ई-संवर्ग (कुल 868 पद) हिंदी के 109, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 319, गणित के 135, सामाजिक विज्ञान के 150 और कृषि के 5 पद और टी-संवर्ग (कुल 786 पद)रू हिंदी के 141, संस्कृत के 150, अंग्रेजी के 185, गणित के 115, सामाजिक विज्ञान के 100 और कृषि के 95 पद शामिल हैं।
आवेदन की तिथि जल्द होगी घोषित
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि इस संशोधन के दायरे में आने वाले नए दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा अलग से घोषित की जाएगी। शुद्धि पत्र से संबंधित विस्तृत जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। इसके अलावा 7 अगस्त 2026 को जारी विज्ञापन की अन्य सभी शर्तें और कंडिकाएं यथावत रहेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने देवपुरी में सुपर स्पेशलिटी प्रथमेश हॉस्पिटल का किया शुभारंभ
छत्तीसगढ़ मध्य भारत के प्रमुख मेडिकल हब के रूप में तेजी से हो रहा विकसित : मुख्यमंत्री श्री साय
प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी कम
नवा रायपुर में 200 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही आधुनिक मेडिसिटी, मेडिकल टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी संकल्प के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ आज मध्य भारत के प्रमुख मेडिकल हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के देवपुरी में लगभग एक एकड़ क्षेत्र में निर्मित 125 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी प्रथमेश हॉस्पिटल के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फीता काटकर अस्पताल का शुभारंभ किया और अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अस्पताल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रदेश में ही उपलब्ध हों बेहतर और आधुनिक उपचार सुविधाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीज और उसके परिवार को उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़े तो आर्थिक बोझ के साथ अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को अधिक से अधिक विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाएं छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा कि रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक अस्पतालों और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता लगातार कम होगी। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ के नागरिकों, बल्कि आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों को भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी और निजी संस्थानों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में एक मजबूत हेल्थकेयर इकोसिस्टम तैयार हो रहा है। आधुनिक अस्पतालों के खुलने से जहां लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा मिलेगी, वहीं चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में व्यापक विस्तार हुआ है। आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में पात्र परिवार इस योजना के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव किसी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा गया है। जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। सुदूर वनांचलों और जनजातीय क्षेत्रों तक चिकित्सकीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच स्पष्ट है - बेहतर स्वास्थ्य सेवा पर प्रत्येक नागरिक का समान अधिकार है, चाहे वह राजधानी में रहता हो या प्रदेश के किसी सुदूर वनांचल में।
नवा रायपुर की मेडिसिटी से स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान
रायपुर में ओमेगा मेडिसिन अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल, कैंसर उपचार केंद्र का हुआ भूमिपूजन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा - प्रदेश में ही कैंसर मरीजों को मिलेंगी उच्चस्तरीय उपचार सुविधाएं, दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी कम
नवा रायपुर में 200 एकड़ में विकसित की जा रही आधुनिक मेडिसिटी और फार्मा पार्क
शहरों से लेकर सुदूर वनांचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस
आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बनीं जरूरतमंद परिवारों का संबल
मेडिसिटी से सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा, फार्मा उद्योग, अनुसंधान और रोजगार को मिलेगा नया विस्तार
रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से मध्य भारत के एक बड़े मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, सुपर स्पेशलिटी सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं अपने प्रदेश में ही उपलब्ध हों तथा आर्थिक अभाव किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने।
मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर में ओमेगा मेडिसिन अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल एवं कैंसर उपचार केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन और ओमेगा ग्रुप की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज के साथ पूरा परिवार कठिन दौर से गुजरता है। यदि उपचार के लिए दूसरे राज्य जाना पड़े तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ अनेक व्यावहारिक कठिनाइयां भी आती हैं। हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ के लोगों को गंभीर से गंभीर बीमारी के उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न्यूनतम हो और उन्हें अपने परिवार के बीच रहते हुए विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि ओमेगा अस्पताल का प्रस्तावित ऑन्कोलॉजी सेंटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा तकनीक की उपलब्धता से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी बेहतर कैंसर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांव, गरीब और सुदूर जनजातीय अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों तक स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। जिला अस्पतालों में आईसीयू, डायलिसिस यूनिट, आधुनिक पैथोलॉजी और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि सामान्य जांच और उपचार के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच चिकित्सा सुविधाओं के अंतर को कम करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है।
गंभीर बीमारी में परिवारों का संबल बन रही सरकार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गंभीर बीमारी केवल स्वास्थ्य संबंधी चुनौती नहीं होती, बल्कि कई बार परिवार के सामने बड़ा आर्थिक संकट भी खड़ा कर देती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई आयुष्मान भारत योजना ने ऐसे लाखों परिवारों को उपचार की चिंता से राहत दी है। शासकीय अस्पतालों के साथ बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा गया है, जिससे पात्र परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने गन्ना किसानों को दी बधाई
गन्ना बोनस में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी मेहनत का मिलेगा बेहतर प्रतिफल- सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप
गन्ना बोनस की गणना का आधार ₹355 से बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल किया गया
रायपुर, अक्टूबर 2026/छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के गन्ना किसानों को नवरात्रि से पहले बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गन्ना बोनस की गणना का आधार ₹355 से बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल कर दिया है। इस निर्णय से पेराई सत्र 2025–26 में प्रदेश के चारों सहकारी शक्कर कारखानों को गन्ना आपूर्ति करने वाले 31,022 किसानों को लगभग ₹51.09 करोड़ की बोनस राशि प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर प्रदेश के गन्ना किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि गन्ना बोनस में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बोनस की बढ़ी हुई राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने और आगामी फसल की बेहतर तैयारी में मदद मिलेगी। यह निर्णय प्रदेश में गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के साथ सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करेगा।
पेराई सत्र 2025–26 के लिए बोनस गणना में एफआरपी ₹329.05 प्रति क्विंटल का आधार लिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार ₹425 में से एफआरपी घटाने पर किसानों को ₹95.95 प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा।
इस निर्णय के तहत भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा के 14,961 किसानों को लगभग ₹24.55 करोड़ तथा सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया के 8,049 किसानों को लगभग ₹11.68 करोड़ की बोनस राशि मिलेगी। इसी प्रकार महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, केरता के 7,250 किसानों को लगभग ₹11.35 करोड़ और दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद के 762 किसानों को लगभग ₹3.52 करोड़ का बोनस प्राप्त होगा।
महिलाओं को योजनाओं की लाभार्थी ही नहीं, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में नेतृत्वकर्ता बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री साय
शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं का किया सम्मान
महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल, 32 किस्तों में 20700 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता
लक्ष्य से आगे बढ़कर 14 लाख ग्रामीण महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही मातृशक्ति
बस्तर में नक्सल हिंसा से बंद 421 स्कूल फिर शुरू, बेटियों की शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और महिला सशक्तिकरण विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मजबूत आधार है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारा लक्ष्य महिलाओं को केवल शासकीय योजनाओं का लाभार्थी बनाना नहीं, बल्कि परिवार, समाज और प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार और नेतृत्वकर्ता बनाना है।
मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर में हिंदी खबर द्वारा आयोजित शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली महिलाओं का सम्मान किया और उनसे संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है। नवरात्रि मातृशक्ति की आराधना का महापर्व है। हमारी परंपरा में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मां के संघर्ष और संस्कारों ने सिखाया सेवा और संवेदनशीलता का महत्व
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने जीवन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। बचपन में ही पिता का साया उठ जाने के बाद उन्होंने अपनी माता को अनेक कठिनाइयों के बीच परिवार को संभालते और खेती-बाड़ी करते हुए देखा। उनकी माता ने कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों की शिक्षा और संस्कारों में कोई कमी नहीं आने दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां के संघर्ष, सेवाभाव, सनातन मूल्यों के प्रति आस्था और परिवार के प्रति समर्पण ने उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया। जनसेवा और जरूरतमंद के प्रति संवेदनशीलता की प्रेरणा उन्हें अपने परिवार और विशेष रूप से अपनी माता से मिली। आज मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व निभाते हुए भी वे उन्हीं संस्कारों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
महतारी वंदन ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 32 किस्तों में 20 हजार 700 करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है। इस राशि ने महिलाओं को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता देने के साथ परिवार की निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है। महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों, पोषण, घरेलू आवश्यकताओं और बचत जैसे कार्यों में कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योजना की पात्र कोई भी महिला इसके लाभ से वंचित न रहे। तकनीकी कारणों, दस्तावेजों, आधार अथवा बैंक खाते से जुड़ी त्रुटियों के कारण जिन पात्र महिलाओं को लाभ नहीं मिल पाया है, उनके प्रकरणों का परीक्षण कर आवश्यक समाधान किया जा रहा है।