newscreation

newscreation

 
नया छत्तीसगढ़, नई उम्मीदें: पर्यटन से गांवों की तस्वीर बदलने वाले नायकों की अनकही कहानी
 
                                 धनंजय राठौर
                     सयुक्त संचालक जनसंपर्क, रायपुर
 
रायपुर, अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है।
 
             छत्तीसगढ़ का बस्तर, पर्यटन के नक्शे पर अपनी पहचान, संस्कृति और प्रकृति की अनुपम छटा वाले पर्यटन क्षेत्र के रूप में जाना जा रहा है। वास्तव में बस्तर का वन क्षेत्र बेहद निराला है। प्रकृति की हरियाली और स्वच्छता पर्यटकों को आकर्षित करता है। धीरे-धीरे बस्तर न केवल विकास की धारा से जुड़ रहा है बल्कि पयर्टन के हिसाब से भी तेजी से बदल रहा है। यहां का खूबसूरत इलाका अपनी अनोखी आदिवासी संस्कृति, घने जंगलों की छटा सबका ध्यान खींच रहा है। साथ ही, यहां के लोगों का भावपूर्ण और अतिथि सत्कार भी दुनिया भर के पर्यटकों को लुभा रहा है।
 
जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति’ तैयार 
 
           छत्तीसगढ़ अब अपनी माटी की खुशबू, समृद्ध जनजातीय परंपराओं और गांवों के नैसर्गिक सौंदर्य के दम पर देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर छाने को तैयार है। राज्य सरकार ने पर्यटन के विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए नई औद्योगिक नीति (2024-2030) में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति’ तैयार की है। इसी कड़ी में अब ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ की शुरुआत की गई है। इन तीनों निर्णयों से गांवों में रोजगार, आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण का नया अध्याय शुरू होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह त्रिआयामी मॉडल पर्यटन को स्थानीय लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करेगा।
 
विश्व प्रसिद्ध बस्तर का दशहरा 
 
  बारिश का मौसम बीतने के बाद से ही यहां हरे-भरे जंगल, पहाड़ और उनके उफनते पर्यटकों का मन मोह रहे हैं। इसलिए आज की तारीख में बस्तर भी देश के बेहतरीन पर्यटन स्थलों में एक साबित हो रहा है। हालांकि बस्तर का दशहरा बहुत पहले से प्रसिद्ध है, 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर के दशहरा में कुछ खास होने वाला है, लेकिन हाल के दिनों में इस अवसर पर जुटने वाले सैलानियों की संख्या में खासा इजाफा दर्ज किया गया है। इस वर्ष भी यहां का दशहरा देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। नवरात्रि और दशहरा के अलावा यहां दीपावली पर भी दुनिया भर से भारी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं।
 
बस्तर के सहज जीवन से वैश्विक पहचान तक
 
          बस्तर के बालक ‘चेन्दरू मंडावी’ की बाघ ‘टेंबू’ के साथ दोस्ती ने कभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के सहज ग्रामीण जीवन का डंका बजाया था।उसी नाम से राज्य सरकार ने ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ की शुरुआत की है। इसके लिए ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार नियम 2025’ लागू किया गया हैजो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावी होगा। इस पुरस्कार के तहत ग्रामीण पर्यटन, लोककला, हस्तशिल्प और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में लगे जमीनी नायकों या संस्थाओं को 1 लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय ज्यूरी इसका चयन करेगी और विजेता को राज्योत्सव के मंच पर सम्मानित कर उन पर एक सचित्र स्मारिका जारी की जाएगी।
 
बस्तर के 'टाइगर बॉय' के नाम से मशहूर चेन्दरू मंडावी की स्मृति में ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार की शुरुआत
 
         छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'चेन्दरू' राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार की शुरुआत की गई है। यह पुरस्कार बस्तर के 'टाइगर बॉय' के नाम से मशहूर चेन्दरू मंडावी की स्मृति में शुरू किया गया है, जिन्होंने स्वीडिश फिल्म 'जंगल सागा' से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की थी। गांवों की संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय जीवनशैली को पर्यटन से जोड़ना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना। ‘चेन्दरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार’ उन लोगों और संस्थाओं को पहचान देने का प्रयास है, जो जमीनी स्तर पर पर्यटन के माध्यम से अपने गांव और क्षेत्र की तस्वीर बदल रहे हैं। 
 
होमस्टे से पर्यटक गांव की जीवनशैली जानेंगे
 
            पुरस्कार और प्रोत्साहन के साथ-साथ राज्य सरकार की होमस्टे नीति इस पूरे ढांचे को व्यावहारिक धरातल प्रदान कर रही है। अब पर्यटक महंगे होटलों की बजाय गांवों में पारंपरिक घरों का अनुभव कर सकेंगे। पर्यटक गांव के ही घरों में रुकेंगे। होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, लोकसंस्कृति, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर और समुदाय आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित कर छत्तीसगढ़ देश में ग्रामीण पर्यटन का एक विशिष्ट मॉडल बन सकता है। पर्यटकों को ग्रामीणों के घरों में ठहरने, उनका पारंपरिक भोजन करने, चारपाई का उपयोग करने, खेत-खलिहान घूमने और कुएं का पानी आदि देखने-अनुभव करने का अवसर मिलता है।
 
होमस्टे के जरिए पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
 
            होमस्टे नीति 2025-30 के माध्यम से ग्रामीण, जनजातीय और पर्यटन क्षेत्रों के परिवारों को अपने  घरों को पर्यटन सुविधा में बदलकर अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का अवसर मिलेगा। वहीं, पर्यटकों को स्थानीय खान-पान, कला, परंपरा, जनजातीय संस्कृति और जीवनशैली से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी नई पहचान मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा नए होमस्टे की स्थापना तथा मौजूदा मकानों के उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता के साथ संचालकों को आतिथ्य, स्वच्छता और व्यवसाय संचालन का प्रशिक्षण देने का प्रावधान भी इस नीति में किया गया है। इससे मिलने वाला पैसा सीधे ग्रामीण परिवार, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों की जेब में जाएगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा। इस नीति से बस्तर और सरगुजा के अंचलों से लेकर मैदानी गांवों तक, होमस्टे के जरिए पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
 
छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर समृद्धि के नए द्वार खोले गए
 
            छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत पर्यटन, मनोरंजन और अन्य सामाजिक सेवा सेक्टर को विशेष रूप से शामिल किया गया है। पर्यटन परियोजनाओं को सामान्य उद्योगों की तरह ही न्यूनतम पूंजी निवेश पर विभिन्न प्रकार की रियायतें और सुविधाएं दी जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में पर्यटन उद्योग की अपार संभावनाएं हैं। सुशासन सरकार इन्हीं संभावनाओं को साकार कर रही है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर समृद्धि के नए द्वार खोले गए हैं। सरगुजा से लेकर बस्तर तक, गांव से लेकर शहरों तक हर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। पर्यटन क्षेत्र से नए रोजगारों का सृजन हो रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू करेंगे पद्म भूषण पुलेला गोपीचंद, प्रदेश की प्रतिभाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण

खेल प्रतिभाओं को अवसर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता, खेल विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान

बस्तर ओलंपिक से सामने आ रही दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाएं, दूसरे वर्ष लगभग 3.91 लाख खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

खेल उत्कृष्टता, आधुनिक सुविधाओं और निवेश को प्रोत्साहित करने के राज्य सरकार के प्रयासों की श्री गोपीचंद ने की सराहना

रायपुर  अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार इसी दिशा में योजनाबद्ध रूप से आगे बढ़ रही है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के जोरा में आयोजित सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी और युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्लब के संस्थापकों और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक श्री पुलेला गोपीचंद का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय बैडमिंटन को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उनके मार्गदर्शन में अनेक खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। नवा रायपुर में उनकी बैडमिंटन अकादमी की शुरुआत प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का निर्माण भी करते हैं। खेलों में निवेश वास्तव में हमारी युवा पीढ़ी और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य में निवेश है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दे रही है।

बस्तर ओलंपिक ने बदली तस्वीर, गांवों से निकलकर मैदान तक पहुंच रहे युवा

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का सशक्त मंच बना है। बस्तर ओलंपिक के पहले वर्ष में लगभग एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग तीन लाख 91 हजार हो गई। खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी बताती है कि बस्तर के युवाओं में खेलों को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है और क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में आज युवा बंदूक और हिंसा से दूर होकर खेल, शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से अपने भविष्य को संवारने के लिए आगे आ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि सुदूर गांव की प्रतिभा को भी वही अवसर और मंच मिले, जो बड़े शहरों के खिलाड़ियों को उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया’ के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय खेलों का सफल आयोजन किया गया है। प्रदेश के खिलाड़ी भी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव तथा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अपने परिश्रम और प्रतिभा से प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं।

शिक्षा मंत्री ने इंस्पायर मानक में चयनित 40 प्रतिभागियों का किया सम्मान

रायपुर 10 अक्टूबर 2026/ शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चयनित लगभग 40 विद्यार्थियों को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता का अवसर मिला यह बहुत हर्ष की बात है।केंद्र सरकार की पहल से संचालित इंस्पायर अवार्ड योजना बच्चों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई मौलिक प्रतिभा होती है, आवश्यकता है उसे पहचानने और उचित अवसर प्रदान करने की। ड्रोन तकनीक, सौर ऊर्जा और दैनिक जीवन में उपयोगी विभिन्न आविष्कारों का उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगभग 80 हजार नवाचारी विचार सामने आए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार के साथ शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा अपने आविष्कारों को समाज के लिए उपयोगी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले अभिभावकों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नवाचार का अर्थ केवल नई चीजों का आविष्कार करना नहीं, बल्कि पुराने कार्यों को नए और बेहतर तरीकों से करना भी है। विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, प्रयोग करने तथा अपनी गलतियों से सीखना चाहिए।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी चाहे ग्रामीण क्षेत्र, आदिवासी अंचल अथवा किसी भी सामाजिक परिवेश से आते हों, उन्हें स्वयं को कभी कम नहीं समझना चाहिए। सफलता का आधार व्यक्ति की पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि उसकी क्षमता, मेहनत और सोच होती है।भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजी, हिंदी, छत्तीसगढ़ी अथवा कोई भी भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम है। वास्तविक महत्व विषय की समझ, ज्ञान और कार्य करने की योग्यता का है।

रायपुर के बीटीआई ग्राउण्ड परिसर में स्थित एससीआरटी भवन के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से चयनित चालीस विद्यार्थियों के साथ ही जुलाई माह में इंस्पायर मानक प्रतियोगिता में राज्य के पाँच प्रतिभागियों को जापान देश जाने और सीखने का अवसर मिला उनको भी सम्मानित किया गया । साथ ही जापान से वापस आए प्रतिभागी रमन दास मानिकपुरी, समीक्षा साहू, सुनयना और शैयाद अली ने अपने अनुभव को भी साझा किया । इस अवसर पर लोक शिक्षण विभाग के संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित चयनित छात्र एवं छात्राएँ, शिक्षकगण उपस्थित रहे ।

ज्ञात हो कि इंस्पायर–मानक अवार्ड योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) के सहयोग से संचालित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को उनके मौलिक एवं नवाचारी विचारों पर आधारित प्रोजेक्ट या मॉडल विकसित करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे का शेष कार्य 10 नवम्बर तक पूरा करें

कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में कलेक्टरों को दिए निर्देश

डिजिटल क्रॉप सर्वे की मॉनिटरिंग, त्रुटियों के सुधार और डेटा के क्रॉस वेरिफिकेशन पर जोर

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति, खसरों की जियो-रेफरेंसिंग, पॉलीगॉन निर्माण, फसल की वास्तविक स्थिति के सत्यापन तथा सर्वे के डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
राजस्व सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि राज्य में अब तक 93.84 प्रतिशत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य सचिव ने शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का उद्देश्य प्रत्येक खसरे में बोई गई फसल के क्षेत्रफल को वास्तविक स्थिति के आधार पर दर्ज करना है। इसके लिए फसल का भौतिक सत्यापन, जियो-टैगिंग, पॉलीगॉन निर्माण तथा संबंधित जानकारी को डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज कर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।

10 नवंबर तक पूरा करें सर्वे का शेष कार्य
मुख्य सचिव ने अधिकारियों और कलेक्टरों को निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का शेष कार्य हर हाल में 10 नवंबर तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन खसरों का नक्शा उपलब्ध नहीं है या जिनकी जियो-रेफरेंसिंग नहीं हुई है, उनकी पहचान कर पॉलीगॉन तैयार किए जाएं और फसल संबंधी जानकारी डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज कर अपलोड की जाए। इसके लिए जिलों में उपलब्ध ग्रामवार डेटा का उपयोग करते हुए शेष खसरों में धान अथवा अन्य फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज की जाए। पिछले वर्ष के फसल संबंधी रिकॉर्ड का भी आवश्यकतानुसार संदर्भ लिया जाए।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सर्वे का कार्य 90 प्रतिशत या उससे अधिक पूरा हो चुका है, वहां शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। सर्वेयर, पटवारी और राजस्व विभाग के अन्य मैदानी अमले को सक्रिय कर ग्रामवार प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे का कार्य केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक फसल स्थिति के आधार पर पूरा होना चाहिए।

ग्राम सभाओं में किसानों की समस्याओं का होगा निराकरण
मुख्य सचिव ने बताया कि 1 नवंबर से ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में डिजिटल क्रॉप सर्वे से संबंधित प्रकरणों का सत्यापन कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। किसानों को ग्राम सभाओं के आयोजन की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि वे अपनी फसल संबंधी जानकारी में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विसंगति होने पर अपनी आपत्ति और समस्या प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामवार ऐसे किसानों की सूची तैयार की जाए, जिनकी फसल संबंधी जानकारी का सत्यापन या सुधार किया जाना है। ग्राम सभाओं में किसानों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जाए और आवश्यक सुधारों को रिकॉर्ड में अद्यतन किया जाए। कलेक्टर ग्रामसभा सहित सर्वे की आगे की कार्ययोजना तैयार करें तथा सुधार के लिए प्राप्त आवेदनों और प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें।

डेटा की गुणवत्ता और क्रॉस वेरिफिकेशन पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला और राज्य स्तर पर क्रॉस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे में किसी भी प्रकार की त्रुटि या डेटा संबंधी गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल सुधार किया जाए। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड अंतिम रूप से फ्रीज होने के बाद त्रुटियों को गंभीरता से लिया जाएगा। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। प्रत्येक जिले में सर्वे की प्रगति के साथ उसकी गुणवत्ता की भी नियमित जांच की जाए। उन्होंने विशेष रूप से धान सहित सभी फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र फसल क्षेत्र सर्वे से छूटने न पाए।

सेवा संकल्प अभियान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवास के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास को मिल रहा प्रोत्साहन

वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में व्यापारियों को बेहतर सुविधाओं के साथ व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने की पहल

एम्स के नजदीक बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और किफायती कीमत बनी आकर्षण का केंद्र

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026/ किसी भी संस्था के प्रति विश्वास उसकी सेवाओं और कार्यों से बनता है। जब यही विश्वास वर्षों तक कायम रहता है और व्यक्ति दोबारा उसी संस्था को अपनी नई शुरूआत के लिए चुनता है, तो यह उसकी विश्वसनीयता का उदाहरण बन जाता है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के प्रति ऐसा ही भरोसा राजधानी रायपुर के टाटीबंध निवासी व्यवसायी श्री अतुल लालवानी ने व्यक्त किया है। पिछले 15 वर्षों से हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में दुकान संचालित कर रहे श्री लालवानी ने अब मंडल के नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भी अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नागरिकों और व्यापारियों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं को विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और उचित कीमत पर संपत्तियां उपलब्ध कराकर व्यापार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

15 वर्षों का अनुभव बना भरोसे की सबसे बड़ी वजह

टाटीबंध स्थित हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में पिछले 15 वर्षों से अपनी दुकान संचालित कर रहे श्री अतुल लालवानी बताते हैं कि इतने लंबे समय तक यहां व्यवसाय करने का अनुभव उनके लिए संतोषजनक रहा है। यही कारण है कि जब हाउसिंग बोर्ड ने इसी क्षेत्र में नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की पहल की, तो उन्होंने एक बार फिर मंडल की परियोजना को प्राथमिकता दी।

श्री लालवानी कहते हैं, “पिछले 15 वर्षों से मैं हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में अपनी दुकान चला रहा हूं। इतने वर्षों का अनुभव ही मेरे भरोसे की सबसे बड़ी वजह है। आज जब इसी क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स लेकर आया है, तो मैंने एक बार फिर उसी भरोसे के साथ इसे चुना है।”

एम्स के नजदीक लोकेशन और किफायती कीमत बनी खासियत

श्री लालवानी के अनुसार किसी भी व्यवसाय की सफलता में उसकी लोकेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। टाटीबंध क्षेत्र में एम्स के नजदीक स्थित नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स व्यापारियों के लिए उपयोगी विकल्प बन सकता है। आसपास विकसित व्यावसायिक गतिविधियां, बेहतर आवागमन और स्थापित बाजार की उपलब्धता इस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं हैं।

उन्होंने बताया कि अच्छी लोकेशन के साथ निर्माण की गुणवत्ता और किफायती कीमत भी इस परियोजना को आकर्षक बनाती है। नए परिसर में बेहतर व्यावसायिक सुविधाओं और स्थापित बाजार का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे व्यापारियों को अपने कारोबार का विस्तार करने के अवसर मिल सकते हैं।

“हाउसिंग बोर्ड पर मेरा भरोसा आज भी कायम है”

श्री अतुल लालवानी का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड की व्यावसायिक परियोजनाएं छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। अच्छी लोकेशन पर उचित कीमत में दुकान या व्यावसायिक स्थान मिलने से कारोबार को स्थायित्व और विस्तार की संभावनाएं मिलती हैं।

वे कहते हैं, “एम्स के नजदीक लोकेशन, निर्माण की गुणवत्ता और किफायती कीमत इस परिसर की खासियत हैं। हमारे जैसे व्यापारियों के लिए अच्छी जगह पर उचित कीमत में कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलना सराहनीय है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड पर मेरा भरोसा आज भी कायम है।”

 

अब नामांतरण के लिए महीनों का इंतजार नहीं, रजिस्ट्री होते ही मंगल सिंह सांडिया का पूरा हुआ काम

ऑटोम्यूटेशन से मिली बड़ी राहत, तहसील कार्यालय की दौड़भाग और लंबे इंतजार से मिली मुक्ति

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सुधारों से आम नागरिकों का जीवन हो रहा आसान

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026/ जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करने की परेशानी अब तकनीक आधारित पंजीयन व्यवस्था से दूर हो रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम कोटकखर्रा, पोस्ट लालपुर निवासी श्री मंगल सिंह सांडिया ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पहले जिस नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, इस बार वह रजिस्ट्री के तुरंत बाद ही पूरा हो गया। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से उन्हें लंबी प्रक्रिया और अनावश्यक दौड़भाग से राहत मिली। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए इस नई व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में प्रदेश की पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुधार किए जा रहे हैं। संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को जोड़ने वाली ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था इन्हीं सुधारों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे नागरिकों को रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करने और लंबे इंतजार की परेशानी से राहत मिल रही है।

पहले नामांतरण के लिए महीनों का इंतजार, अब रजिस्ट्री के साथ ही पूरा हुआ काम

श्री मंगल सिंह सांडिया ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लगता था। कई बार महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। इस दौरान संपत्ति से जुड़े आगे के कार्यों को पूरा करने में भी परेशानी होती थी।

लेकिन इस बार उनका अनुभव बिल्कुल अलग रहा। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा के कारण रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण हो गया। इससे उन्हें न तो महीनों इंतजार करना पड़ा और न ही नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयों की दौड़भाग करनी पड़ी।

श्री सांडिया ने इस बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण का काम पूरा हो जाना उनके लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाओं से आम नागरिकों का समय बचता है और सरकारी कामकाज के प्रति भरोसा भी बढ़ता है।

ऑटोम्यूटेशन से आसान हुई रजिस्ट्री के बाद की प्रक्रिया

पंजीयन विभाग द्वारा लागू ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के अंतर्गत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग की संबंधित प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।

पहले नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और राजस्व कार्यालयों में प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था से अनावश्यक कार्यालयीन कार्यवाही कम करने और नामांतरण की प्रक्रिया को तेज बनाने में मदद मिल रही है।

इस सुधार का विशेष महत्व ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भूमि स्वामियों के लिए है, जिन्हें संपत्ति संबंधी कार्यों के लिए बार-बार तहसील और राजस्व कार्यालय जाना पड़ता था। ऑटोम्यूटेशन से उनका समय बचने के साथ जमीन से जुड़े कार्यों को पूरा करना अधिक सुविधाजनक हो रहा है।

मुख्यमंत्री और वित्त एवं पंजीयन मंत्री के प्रति जताया आभार

श्री मंगल सिंह सांडिया ने रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नामांतरण की प्रक्रिया में आई तेजी से उन्हें बड़ी सुविधा मिली है।

श्री सांडिया का अनुभव बताता है कि शासन द्वारा पंजीयन सेवाओं में किए जा रहे तकनीकी सुधारों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। उनके लिए ऑटोम्यूटेशन केवल एक डिजिटल व्यवस्था नहीं, बल्कि महीनों के इंतजार से मुक्ति और समय पर सरकारी काम पूरा होने की खुशी है।

 

भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

अन्नदाता की खुशहाली और खेती को लाभकारी बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री साय

किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई सार्थक चर्चा, मुख्यमंत्री ने त्वरित पहल कर लिया किसान हितैषी निर्णय

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीदी अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का आधार है। किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और किसान परिवार आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त हों, इसके लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय से आज भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री श्री मनीष शर्मा, महामंत्री श्री नवीन शेष सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों के हितों से संबंधित विषय भी प्रमुखता से सामने आया। मुख्यमंत्री ने किसानों की भावनाओं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर त्वरित पहल की और शक्कर कारखानों के लिए गन्ने की खरीदी 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया।पेराई सत्र 2025- 26 में की गई खरीदी का भुगतान भी बढ़े हुए दर पर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत को कम करने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी किसानों के हितों को अपनी नीतियों और निर्णयों के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। किसानों की आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति सरकार संवेदनशील है तथा किसान हित से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से निर्णय लिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समृद्धि में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेती-किसानी मजबूत होगी तो गांव मजबूत होंगे और गांवों की समृद्धि से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित और बेहतर मूल्य मिले तथा कृषि उनके लिए सम्मानजनक और लाभकारी आजीविका का सशक्त माध्यम बने।

भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना किसानों के हित में लिए गए इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।

कंवर समाज ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया अनुकरणीय उदाहरण

जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय

करमा परब महोत्सव में मुख्यमंत्री ने समाजजनों को दी शुभकामनाएं : युवाओं से शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का किया आह्वान

कंवर समाज के सामाजिक भवनों एवं सांस्कृतिक मंच के लिए 90 लाख रुपए तथा राजधानी में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा

रायपुर  अक्टूबर 2026/ करमा तिहार हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अनुपम प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने के साथ प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और सामूहिकता का संदेश देता है। बदलते समय के बीच कंवर समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रीति-रिवाजों को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना ही किसी समाज की वास्तविक शक्ति है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज युवा प्रभाग महानगर इकाई द्वारा आयोजित भव्य करमा परब महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री साय ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और करमा तिहार की खुशियां समाजजनों के साथ साझा कीं। उन्होंने भादो एकादशी व्रत एवं करमा तिहार की सभी समाजजनों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कंवर समाज के लिए कोरबा जिले के मड़वारानी में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, राजधानी रायपुर के टाटीबंध में सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपए तथा कांकेर के ग्राम जेफरा में सांस्कृतिक मंच के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने राजधानी रायपुर में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन के लिए कंवर समाज युवा प्रभाग और सभी सामाजिक पदाधिकारियों की सराहना की।

प्रकृति और मानव जीवन के अटूट संबंध का उत्सव है करमा तिहार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि करमा तिहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच अटूट संबंध का उत्सव है। इस पर्व में करम डार की पूजा की जाती है। समाज के बेटे-बेटियां श्रद्धा और आस्था के साथ उपवास रखकर विधि-विधान से करम डार की पूजा-अर्चना करते हैं। रात्रि जागरण में पारंपरिक करमा गीत और नृत्य उत्सव में उल्लास भरते हैं। अगले दिन करम डार के विसर्जन के पश्चात व्रत का पारण किया जाता है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा प्रकृति के प्रति हमारी श्रद्धा, विश्वास और संरक्षण की भावना को अभिव्यक्त करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को कभी केवल संसाधन नहीं माना, बल्कि उसे जीवन का आधार और हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग माना है। जल, जंगल और जमीन के साथ हमारा रिश्ता केवल आवश्यकता का नहीं, बल्कि आस्था और आत्मीयता का भी है। करमा तिहार जैसी परंपराएं इसी संबंध को पीढ़ी-दर-पीढ़ी मजबूत करती आई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण की इसी भावना को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया है। देशभर में बड़ी संख्या में नागरिक इससे जुड़कर पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पौधरोपण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

संस्कृति के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार भी जरूरी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कंवर समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेष रूप से नशामुक्ति को लेकर समाज के भीतर हो रही सार्थक पहल सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।

 

सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 25 वर्ष देश के लिए प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री

विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार

महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल : किसानों की समृद्धि और गरीबों के पक्के आवास के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

मुख्यमंत्री सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को किया सम्मानित

रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायपुर में समाचार चैनल एशियन न्यूज द्वारा आयोजित ‘सेवा संकल्प कॉन्क्लेव–जनसेवा का संकल्प, छत्तीसगढ़ का भविष्य’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा, देश में आए व्यापक बदलाव तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और संकल्पों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना तेजी से साकार हो रहा है। दुनिया में भारत की पहचान एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हुई है। आर्थिक क्षेत्र में भी भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देशवासियों में आत्मविश्वास जगाया है और भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे किए हैं। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने भूकंप की भीषण त्रासदी से जूझ रहे गुजरात को न केवल पुनर्निर्माण की राह पर आगे बढ़ाया, बल्कि विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी सेवाभाव, संकल्प और दूरदृष्टि के साथ देश को आगे बढ़ाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ से पुराना और आत्मीय जुड़ाव रहा है। उन्होंने प्रदेश के दूरस्थ अंचलों और बस्तर के क्षेत्रों में भी लंबा समय बिताया है और यहां की परिस्थितियों तथा जनजीवन को निकट से समझा है। वर्ष 2014 में उन्हें प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर कार्य करते हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का उनका मूलमंत्र देश की विकास यात्रा का आधार बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी अपनी दृढ़ता का परिचय दिया है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को नए भारत के सामर्थ्य और संकल्प से परिचित कराया है। यह नया भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को जवाब देना भी जानता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी से हमें सेवा की निरंतर प्रेरणा मिलती है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के कठिन दौर में भारत ने अपनी वैज्ञानिक क्षमता और सेवा भावना का परिचय दिया। देश में विकसित वैक्सीन ने करोड़ों भारतीयों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ दुनिया के अनेक देशों तक मानवता और सहयोग का संदेश पहुंचाया। प्रधानमंत्री के इसी सेवाभाव से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के सुख, समृद्धि और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव ने रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की

इज ऑफ लीविंग और नागरिक केन्द्रित प्रशासन पर जोर

पीएम आवास में गोलमोल जवाब से हुए नाराज, कहा गरीबों के आवास में गुणवत्ताहीन काम और लापरवाही बर्दाश्त नहीं

कमजोर सफाई व्यवस्था पर भी जताई नाराजगी, गंदगी की फोटो दिखाकर दी सख्त हिदायत

रायपुर. अक्टूबर 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में रायपुर में इज ऑफ लीविंग (Ease of Living) और नागरिक-केन्द्रित (Citizen-Centric) प्रशासन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिटीजन को कस्टमर भी मानें और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता एवं जवाबदेही से पूर्ण करें। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री नीलेश क्षीरसागर, सूडा के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल और रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों में गोलमोल जवाब पर अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गरीबों के आवास में गुणवत्ताहीन काम और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके कार्यों में कोताही न बरतें। उन्होंने शहर में साफ-सफाई की कमजोर व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने निगम के अधिकारियों को शहर में गंदगी की तस्वीरें दिखाकर सफाई की सुदृढ़ और प्रभावी व्यवस्था बनाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने काम में लापरवाही पर दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव श्री बोरा हुए नाराज, अफसरों को लगाई कड़ी फटकार

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में केंद्र प्रवर्तित फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए अफसरों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने जोन आयुक्तों एवं अभियंताओं को आड़े हाथों लेते हुए कार्यों में प्रगति तथा सुधार लाने की नसीहत दी। अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने जोन कमिश्नरों, उपायुक्तों एवं अपर आयुक्तों को भी प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने मॉर्निंग विजिट की रिपोर्ट ग्रुप में साझा करने के भी निर्देश दिए।

श्री बोरा ने रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अफसरों की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं की निगरानी तथा मॉनिटरिंग सीसीटीवी कैमरे लगाकर की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में इतनी ढिलाई किसी भी स्थिति में सही नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि इन परियोजनाओं की मॉनिटरिंग एवं क्रियान्वयन की मुख्यालय स्तर पर निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि जोन स्तर पर जोन आयुक्तों तथा अभियंताओं के कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए वे आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव श्री बोरा द्वारा जोन-8 की जोन आयुक्त श्रीमती राजेश्वरी पटेल से पीएम आवास योजना के संबंध में सवाल पूछने पर वे कोई जवाब नहीं दे पाईं। जिस पर प्रमुख सचिव खासे नाराज दिखे और कहा कि यदि जोन आयुक्त को ही योजना की जानकारी नहीं है तो योजना की प्रगति का अंदाजा मैं लगा सकता हूं।

प्रमुख सचिव ने जेम पोर्टल में निविदाओं में विलंब पर रायपुर नगर निगम के प्रभारी कार्यापालन अभियंता श्री योगेश कङू को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरोत्थान योजना के कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधीक्षण अभियंता श्री इमरान खान को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग को नागरिकों को उपभोक्ता की तरह मानना चाहिए। जिस प्रकार एक ग्राहक अपने दुकानदार से ये अपेक्षा रखता है कि वो उसे सही समय पर सही सामग्री उपलब्ध कराएगा और उसकी शिकायतों का विनम्रतापूर्वक निवारण करेगा। उन्होंने इसे समझाने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स और एयरलाइन कंपनियों के उदाहरण भी दिए।

Page 5 of 6589

Ads

R.O.NO. 14907/58 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक