ईश्वर दुबे
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल
सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम, 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा जागरूकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा - साइबर जागृति अभियान का समापन नहीं, यह एक शुरुआत है; निरंतर जारी रहेगा अभियान
साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई से एफआईआर में कमी और ठगी की राशि की रिकवरी दर में वृद्धि : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
साइबर जागरूकता के लिए अभिनव पहल करने वाले जिलों और ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेताओं का हुआ सम्मान
रायपुर अक्टूबर 2026/ डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए हैं और इनसे सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी है। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। हमें साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा, तभी हम साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से सुरक्षित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
डिजिटल क्रांति ने जीवन आसान बनाया, अब साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता जरूरी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डिजिटल इंडिया की परिकल्पना प्रस्तुत की थी, उस समय इतने विशाल देश और बड़ी ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था की सफलता को लेकर अनेक आशंकाएं व्यक्त की जाती थीं। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। गांव का सामान्य नागरिक भी मोबाइल फोन के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहा है और तकनीक के जरिए देश-दुनिया से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार ने जहां नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी नई-नई तकनीकों और तरीकों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई बार तकनीकी रूप से जानकार व्यक्ति भी इनके जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराध के तौर-तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
सात सप्ताह के अभियान से 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए सात सप्ताह के विशेष साइबर जागृति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने साइबर सुरक्षा के संदेश को शहरों से लेकर गांवों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग विषयों को केंद्र में रखकर अभिनव गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर नागरिकों को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई और लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव का संदेश पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और नागरिक से जुड़ा विषय बन चुका है।
अभियान का समापन नहीं, यह एक नई शुरुआत है : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि साइबर जागृति अभियान को किसी निश्चित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सात सप्ताह का यह अभियान समाप्त जरूर हुआ है, लेकिन साइबर जागरूकता की यह यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं और आम नागरिकों को भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। विशेष रूप से युवाओं को साइबर जागरूकता के संवाहक के रूप में आगे आकर अपने परिवार और समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान देना चाहिए।
रजिस्ट्री हुई और तुरंत हो गया नामांतरण, अजीत राम साहू को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर
ऑटोम्यूटेशन से खत्म हुआ लंबे इंतजार और बार-बार कार्यालय जाने का झंझट, किसान का बचा समय
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं में तकनीकी सुधारों का मिल रहा लाभ, हितग्राही ने साझा किया अनुभव
रायपुर, अक्टूबर 2026/ जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने और लंबे इंतजार की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से कम हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के श्री अजीत राम साहू ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पहले जिस नामांतरण के लिए उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था और काम पूरा होने का इंतजार करना पड़ता था, इस बार वह रजिस्ट्री के तुरंत बाद ही पूरा हो गया। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से उन्हें न केवल कार्यालयों की अनावश्यक दौड़भाग से राहत मिली, बल्कि समय की भी बचत हुई। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने के साथ आधार आधारित ई-केवाईसी जैसी सुविधाओं से नागरिकों के लिए संपत्ति संबंधी कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। इन सुधारों का जमीनी प्रभाव जानने के लिए पंजीयन विभाग ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है।
पहले नामांतरण के लिए करना पड़ता था इंतजार, अब रजिस्ट्री के साथ ही पूरा हुआ काम
श्री अजीत राम साहू ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था। इससे खेती-किसानी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय निकालने में भी परेशानी होती थी।
इस बार ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था से रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण पूरा हो गया। इससे उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाने और नामांतरण के लिए इंतजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। श्री साहू ने बताया कि इस सुविधा से उनका समय बचा और संपत्ति से जुड़े आगे के कार्यों को पूरा करने में भी आसानी हुई।
ऑटोम्यूटेशन से रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया हुई आसान
पंजीयन विभाग द्वारा लागू ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग की संबंधित प्रक्रियाओं के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से आवेदन करने और बार-बार संबंधित कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है।
इस व्यवस्था का विशेष लाभ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है, जिन्हें पहले जमीन के नामांतरण के लिए तहसील और राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया जुड़ने से समय की बचत और अनावश्यक दौड़भाग में कमी आ रही है।
आधार आधारित ई-केवाईसी से पंजीयन में बढ़ रही पारदर्शिता
पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग केवल नामांतरण तक सीमित नहीं है। आधार आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। इससे पहचान संबंधी प्रक्रिया अधिक सुगम होने के साथ गलत पहचान के आधार पर पंजीयन की आशंका कम करने में मदद मिल रही है।
तकनीक आधारित इन सुधारों से पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर समय और अनावश्यक कार्यालयीन कार्यवाही को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रायपुर, अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती वर्ष 2026 के अंतर्गत 2,292 पदों का संक्षिप्त विज्ञापन दिनांक 16 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था। इसके पश्चात 24 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया तथा उसी दिन ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 निर्धारित थी।
समाज कल्याण विभाग द्वारा 25 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना में विभिन्न विभागों के पदों के लिए दिव्यांगता की चिह्नांकित श्रेणियों का उल्लेख किया गया था। उक्त अधिसूचना के अनुसार सहायक शिक्षक पद के लिए पूर्ण दृष्टिबाधित (B) श्रेणी का चिह्नांकन नहीं किया गया था। इसी आधार पर भर्ती के विस्तृत विज्ञापन में दिव्यांगता के आरक्षित पदों का निर्धारण किया गया तथा पूर्ण दृष्टिबाधित श्रेणी को शामिल नहीं किया गया।
इसके बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा 11 सितंबर 2026 को संशोधित अधिसूचना जारी की गई, जिसमें सहायक शिक्षक पद के लिए पूर्ण दृष्टिबाधित (B) श्रेणी को भी शामिल किया गया।
संशोधित अधिसूचना जारी होने से पहले सहायक शिक्षक भर्ती का संक्षिप्त एवं विस्तृत विज्ञापन जारी किया जा चुका था और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी। ऐसी स्थिति में संशोधित अधिसूचना के आधार पर पूर्ण दृष्टिबाधित श्रेणी को वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में शामिल करना विधिक एवं व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।
रिंग रोड नंबर-1 के भाठागांव क्षेत्र में भी कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने पर जोर
रायपुर. अक्टूबर 2026. राजधानी रायपुर में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा अतिक्रमण एवं अनाधिकृत प्रवेश मार्गों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में रिंग रोड नंबर-1 पर तेलीबांधा स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास की अवैध एंट्री को बंद कर दिया गया है। वहीं, रिंग रोड के भाठागांव क्षेत्र में भी अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई जारी है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों ने सार्वजनिक सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण और अनाधिकृत प्रवेश मार्गों को हटाने की कार्रवाई लागू नियमों एवं सक्षम न्यायालयों के संबंधित निर्देशों के अनुरूप की जाती है।
इस संबंध में एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और यातायात को सुगम बनाए रखना एनएचएआई की प्राथमिकता है। अनाधिकृत प्रवेश मार्गों और अतिक्रमण के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। हमारा प्रयास है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्बाध रहे।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर पैचवर्क रिपेयरिंग लगातार जारी
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क की स्थिति बेहतर बनाए रखने और वाहन चालकों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एनएचएआई द्वारा पैचवर्क रिपेयरिंग का कार्य लगातार कराया जा रहा है। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों एवं गड्ढों की पहचान कर आवश्यक मरम्मत की जा रही है, ताकि सड़क की स्थिति बेहतर बनी रहे और वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने, अनाधिकृत प्रवेश मार्गों पर नियंत्रण रखने तथा अवैध पार्किंग की समस्या के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील है कि वे अनाधिकृत कट, अवैध पार्किंग और प्रवेश मार्गों का उपयोग करने से बचें तथा सुरक्षित एवं सुगम व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने साझा किए विचार
रायपुर, अक्टूबर 2026/ समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में समाज के विभिन्न वर्गों के विचार एवं सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से सरगुजा संभाग के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समूह चर्चा और बैठक का आयोजन गुरुवार को अम्बिकापुर स्थित शासकीय राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में किया गया। इस बैठक में सरगुजा संभाग के पांचों जिलों से एक हजार से अधिक गणमान्य नागरिकों, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों, शिक्षाविदों तथा निगम, मंडल एवं आयोग के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्री एम.के. राउत (यूसीसी समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी), श्री मोहन पवार (वरिष्ठ अधिवक्ता), डॉ. ज्योति रानी सिंह (सेवानिवृत्त प्राचार्या), श्री श्याम लाल धावड़े (उच्च स्तरीय समिति के सचिव एवं आयुक्त रायपुर संभाग), श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा (सरगुजा संभागायुक्त) उपस्थित रहे।
इन प्रमुख मुद्दों पर खुलकर रखी गई राय
बैठक के दौरान समिति के समक्ष विवाह और तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं विरासत तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील व महत्वपूर्ण मुद्दों पर विभिन्न पक्षों ने खुलकर अपने सुझाव और विचार रखे। सत्र के दौरान उपस्थित समाज प्रतिनिधियों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समान नागरिक संहिता की मूल अवधारणा, इसके विभिन्न पहलुओं और समिति द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
व्यापक सामाजिक भागीदारी
इस बैठक में सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले पांचों जिलों-सरगुजा, बलरामपुर-रामानुजगंज, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर एवं कोरिया के विभिन्न समाजों और संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें पंडो समाज, उरांव समाज, सर्व आदिवासी समाज, गोंड समाज, केवट समाज, नगेशिया समाज, बिंझिया समाज, पनिका समाज, यादव समाज, ब्राह्मण समाज, स्वर्णकार समाज, रोमन कैथोलिक समाज, मझवार समाज, रजवार समाज, साहू समाज, चेरवा समाज, मुण्डा समाज, चिक समाज, मुस्लिम सुन्नी समाज, अंजुमन इस्लामिया कमिटी, सर्व पिछड़ा वर्ग समाज, रौनियार समाज और राजपूत समाज सहित विभिन्न संगठनों के लोगों ने लिखित एवं मौखिक रूप से अपने अभिमत प्रस्तुत किए।
सुझावों के आधार पर तैयार होगा ड्राफ्ट
समान नागरिक संहिता समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि विभिन्न वर्गों और संगठनों से प्राप्त सभी सुझावों का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। इन सुझावों के संकलन और विश्लेषण के बाद ही समान नागरिक संहिता का अंतिम ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
ऑनलाइन माध्यम से भी दे सकते हैं सुझाव
समिति ने नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि जो लोग इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे ऑनलाइन माध्यम से भी अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। अपने विचार भेजने के लिए आधिकारिक वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in या ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. का उपयोग किया जा सकता है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की पहल से जीएसटी की राष्ट्रीय लॉ कमेटी में छत्तीसगढ़ को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
देश के 12 प्रमुख राज्यों में छत्तीसगढ़ को मिला प्रतिनिधित्व, व्यापारियों और उद्योगों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का मिलेगा अवसर
मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स से कर प्रशासन को बनाया जा रहा अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीक आधारित
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समक्ष प्रस्तुत किए गए छत्तीसगढ़ के नवाचार, अन्य राज्यों को भी अनुभवों से सीख लेने के लिए किया गया प्रोत्साहित
रायपुर, अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में जीएसटी प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में किए जा रहे नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ द्वारा कर प्रशासन में सुधार के लिए अपनाई गई तकनीकी पहलों को देश के अन्य राज्यों के साथ साझा किया गया। इसके साथ ही वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ को जीएसटी परिषद की स्टैंडिंग कमेटी फॉर ऑफिसर्स (लॉ कमेटी) में भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। इससे प्रदेश के व्यापारियों, उद्यमियों और उद्योग जगत की समस्याओं एवं सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। जीएसटी परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने किया।
छत्तीसगढ़ के तकनीकी नवाचार बने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जीएसटी प्रशासन को अधिक सरल, सटीक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। राज्य में मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स और अन्य डिजिटल तकनीकों के माध्यम से कर प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में विभिन्न पहल की गई हैं।
इन तकनीकी नवाचारों का उद्देश्य कर संबंधी आंकड़ों का बेहतर विश्लेषण करना, कर अनुपालन में सुधार लाना, संभावित कर अनियमितताओं की समय पर पहचान करना तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से कर प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के साथ करदाताओं को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए गए छत्तीसगढ़ के नवाचार
जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में लागू तकनीक आधारित सुधारों पर तैयार प्रस्तुतीकरण राजस्व सचिव द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुतीकरण को देश के सभी राज्यों के साथ भी साझा किया गया।
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि किस प्रकार मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन और डेटा विश्लेषण जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कर प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है। साथ ही उपलब्ध आंकड़ों का बेहतर उपयोग कर कर अनुपालन को मजबूत बनाने, संभावित अनियमितताओं की पहचान करने और करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने में सहायता मिल सकती है।
छत्तीसगढ़ की इन पहलों की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को भी राज्य के अनुभवों से सीख लेने तथा अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप इन तकनीकी नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के इन नवाचारों को इससे पूर्व राष्ट्रीय समन्वय समिति की छठी बैठक में भी प्रस्तुत किया जा चुका है।
राष्ट्रीय जीएसटी लॉ कमेटी में छत्तीसगढ़ को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, व्यावहारिक और व्यापार अनुकूल बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को जीएसटी परिषद की स्टैंडिंग कमेटी फॉर ऑफिसर्स (लॉ कमेटी) में शामिल किया गया है।
देश के 12 प्रमुख राज्यों में छत्तीसगढ़ को इस समिति में प्रतिनिधित्व मिलने से जीएसटी कानूनों और प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले विचार-विमर्श में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।
प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने किया आईटीएमएस वार रूम का निरीक्षण
रायपुर. अक्टूबर 2026. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज रायपुर के जयस्तंभ चौक स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के तीसरे माले में संचालित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) वार रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर शहर में यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, अवैध निर्माण और खुदाई पर नियंत्रण तथा नागरिकों में नागरिक बोध (सिविक सेंस) विकसित करने से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने और विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
श्री बोरा ने आईटीएमएस वार रूम में तकनीकी संसाधनों, निगरानी व्यवस्था और उपलब्ध आंकड़ों के उपयोग के विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण किया। उन्होंने आईटीएमएस वार रूम को सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के रूप में विकसित करने शहरी प्रबंधन, विभागीय समन्वय और नागरिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
यातायात व्यवस्था के लिए प्रमुख मार्गों का होगा आकलन
बैठक में शहर के प्रत्येक प्रमुख मार्ग पर वाहनों की क्षमता, यातायात के दबाव और सड़क की उपलब्ध क्षमता का आकलन करने तथा नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और यातायात संबंधी समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में काम करना है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और नगर निगम की संयुक्त टीम बनाकर समन्वित प्रयास करने तथा जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।
सैनिटेशन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए प्रमुख मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों की नियमित साफ-सफाई तथा घर-घर कचरा संग्रहण को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने आईटीएमएस की निगरानी व्यवस्था के माध्यम से गंदगी वाले स्थलों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। शहर में स्वच्छता एवं सैनिटेशन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सार्वजनिक स्थलों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और कचरे के उचित प्रबंधन पर भी चर्चा की गई। स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी, संबंधित विभागों के बीच समन्वय और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके साथ ही नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और स्वच्छ व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
महिला सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर जोर
शहर में महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने और आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को बेहतर करने पर भी बैठक में चर्चा हुई। आईटीएमएस के माध्यम से उपलब्ध निगरानी व्यवस्था और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया। आपदा प्रबंधन के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करने पर जोर दिया गया, ताकि आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अवैध खुदाई और निर्माण पर प्रभावी निगरानी
बैठक में शहर में अवैध खुदाई और अवैध निर्माण की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। निर्माण स्थलों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों के बिना किए जा रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य निर्माण गतिविधियों के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्थलों पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकना है।
जनजागरूकता से मजबूत होगा नागरिक बोध
बैठक में नागरिकों को यातायात नियमों के पालन, सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और शहर की व्यवस्थाओं के प्रति जिम्मेदार व्यवहार के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ और नगर निगम की संयुक्त भागीदारी से जनजागरूकता अभियान चलाने की दिशा में काम करने पर चर्चा हुई। इसके माध्यम से नागरिकों में सिविक सेंस विकसित करने और शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जनभागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य है।
60 साल पुराने मुख्य भवन के पुनरुद्धार और नई वेंडिंग मशीनों के लिए उच्च शिक्षा संचालनालय को भेजा गया प्रस्ताव
रायपुर, अक्टूबर 2026/ राजधानी रायपुर के प्रसिद्ध शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय (DB गर्ल्स कॉलेज) में छात्राओं की सुविधाओं और परिसर के कायाकल्प को लेकर बड़ी पहल की जा रही है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.जया तिवारी द्वारा उच्च शिक्षा संचालनालय के अपर संचालक को प्रेषित किए गए प्रतिवेदन में परिसर की व्यवस्थाओं और भावी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है।
प्राचार्य ने बताया कि महाविद्यालय का मुख्य भवन लगभग 60 वर्ष पुराना हो चुका है, जिसे लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा डिस्मेंटल करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके साथ ही संस्थान की ओर से पूरे महाविद्यालय का विस्तृत रिनोवेशन कराने हेतु एक विशेष प्रस्ताव संचालनालय उच्च शिक्षा को भेजा गया है।
छात्राओं की दैनिक सुविधाओं और हाइजीन का ध्यान रखते हुए कॉलेज प्रशासन कई स्तरों पर कार्य कर रहा है। परिसर में पेयजल के लिए 7 वाटर कूलर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से एक खराब वाटर कूलर की तत्काल मरम्मत कराई जा रही है। स्वच्छता और हाइजीन के मानकों को देखते हुए वाटर कूलर के पास गिलास नहीं रखे गए हैं। इसके अलावा, पुरानी सेनेटरी वेंडिंग मशीन के अनुपयोगी होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर के समन्वय से 03 नई वेंडिंग और डिस्पोजल मशीनें अति-शीघ्र स्थापित करने की योजना है।
महाविद्यालय में छात्राओं के अध्ययन और कक्षाओं के वातावरण को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी कमरों में पर्याप्त पंखे व ट्यूब लाइट उपलब्ध हैं, और किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी आने पर उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाता है। साथ ही पर्याप्त संख्या में मौजूद शौचालयों एवं कक्षाओं की नियमित साफ-सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूती देने के लिए कॉलेज का समृद्ध ग्रंथालय 60 हजार से अधिक पुस्तकों के साथ आधुनिक SOVL 2.0 सॉफ्टवेयर एवं OPEC सुविधा से लैस है, जहाँ छात्राओं के बैठने की समुचित प्रबंध है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संस्थान पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
औद्योगिक जल आबंटन की समीक्षा, पेयजल आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
रायपुर, अक्टूबर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गठित राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित औद्योगिक इकाइयों के लिए वार्षिक जल आबंटन प्रदाय की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने प्राथमिकता के आधार पर पेयजल आपूर्ति हेतु जल प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने हेतु जल संग्रहण एवं प्रदाय के लिए समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित उद्योगों (स्पंज आयरन, पावर प्लांट, सीमेंट एवं अन्य विनिर्माण इकाइयों) को जलाशयों व नदियों से दिए जाने वाले वार्षिक जल प्रदाय एवं नए आबंटन प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई।
भू-जल प्रबंधन और जल संरक्षण पर जोर
बैठक में राज्य भू-जल प्रबंधन एवं नियमन प्राधिकरण के गठन के संबंध में भी चर्चा हुई। औद्योगिक संस्थानों को स्वीकृत सीमा के भीतर ही जल उपयोग करने और जल शुल्क का समयबद्ध भुगतान करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने उद्योगों को जल संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक अपनाने, वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने तथा वर्षा जल संचयन प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
मिशन अमृत 2.0 के तहत 9 पेयजल योजनाओं को मंजूरी
बैठक में मिशन अमृत 2.0 तथा अन्य योजनाओं के अंतर्गत कुल 09 पेयजल प्रदाय योजनाओं के लिए स्वीकृत जल आबंटन की पुष्टि एवं अनुमोदन किया गया। इससे प्रदेश के नगरीय निकायों में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कृषि, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के बीच जल के संतुलित बंटवारे पर बल दिया
मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कृषि, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के बीच जल के संतुलित बंटवारे पर बल देने को कहा, ताकि आगामी शुष्क मौसम में पेयजल एवं कृषि सिंचाई पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।
बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी, भू-जल वैज्ञानिक सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
राज्यपाल ने किया 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप का शुभारंभ
रायपुर, अक्टूबर 2026/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि जूडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि साहस, आत्मसंयम, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है। यह विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। विशेषकर बालिकाओं के लिए जूडो आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। राज्यपाल श्री डेका आज सरकंडा स्थित खेल परिसर में 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप-2026 का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बालक-बालिका खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के तत्वाधान में बिलासपुर जूडो संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य भर के 16 जिलो से 240 खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक भाग ले रहे है।
सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि खेल हमें प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना, जीत में विनम्र रहना और हार से सीखकर आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं सहित एशियाई खेलों और ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान है।
खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत
राज्यपाल ने कोंडागांव जिले की जूडो खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि योगिता मंडावी को उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हेमवती नाग ने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और ओपन नेशनल प्रतियोगिता में पदक हासिल किए हैं। वहीं रंजीता कोरेटी ने ताइवान में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया
समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले हेमवती नाग, अभिषेक जायसवाल, कुमारी शारदा गोस्वामी और योगिता मंडावी को सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा की
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और अनुशासन के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में कलेक्टर बिलासपुर श्री संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के अध्यक्ष श्री अरुण द्विवेदी, महासचिव श्री शम्भू सोनी, बिलासपुर जिला जूडो संघ के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र शुक्ला, सहित खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।