छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार नें आज से मुख्यमंत्री जन चौपाल की शुरुआत की. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने सिविल लाइन स्थित निवास से बुधवार को जनता के बीच जन चौपाल की शुरुआत की है। सीएम हर सप्ताह बुधवार के दिन सुबह 11 बजे चौपाल लगाकर जनता की समस्याओं को सुनेंगे। आज पहले दिन सुबह 7 बजे से ही काफी संख्या में लोग दूरदराज इलाकों से अपनी समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे है। सीएम बघेल ने वेबसाइट का शुभारंभ कर जन चौपाल कार्यक्रम की शुरूआत की। इस बीच सीएम हाउस के बाहर तगड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। निगम मंडलों में नियुक्ति की मांग को लेकर भी कई लोग प्रदेश के दूर दराज से आए हैं। अनेक जरूरतमन्द मरीजों ने “जन चौपाल कार्यक्रम” में प्रदेश मुखिया से मिलकर इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने उनकी समस्याएं सहानुभूति पूर्वक सुनीं और मदद का आश्वासन दिया।
इस मामले नें भी राजनैतिक तूल पकड़ा
जन चौपाल में एक और मामले नें मीडिया जगत में काफी सुर्खिया बटोरी, जिसमें ये कहा गया कि ‘लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा’ दरअसल छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल के लोग गमछा पहनते है, सुरक्षा के लिहाज़ से सी.एम. आवास के बाहर लोगों के गमछे उतरवा दिये गये. मुख्यमंत्री की सुरक्षा में उतरवाए गए गमछो नें राजनैतिक तूल पकड़ा और कुछ लोगों द्वारा इसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति और सम्मान पर ठेस पहुँचाने की बात कह डाली.
जन चौपाल तक पहुँचाने का तरीका
जन-चौपाल में पहुंचने वालों को सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करने के बाद एक नंबर दिया जाएगा. उस नंबर के आधार पर लोगों को प्रवेश दिया जाएगा. सी.एम. बघेल के जन-चौपाल के दौरान मुख्य सचिव सुनील कुजूर, पुलिस विभाग से डी.जी.पी. डी.एम. अवस्थी सहित अन्य विभागों के आला अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल न केवल लोगों की समस्याएं सुनेंगे बल्कि यथा संभव समस्याओं का निराकरण भी करेंगे.