भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस एवं एसजीपी विभाग में दिनाँक 15 सितम्बर, 2021 से 30 सितम्बर, 2021 की अवधि में ‘‘स्वच्छता पखवाड़ा‘‘ का आयोजन कार्मिक विभाग एवं ब्लास्ट फर्नेस विभाग के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।
इस आयोजन का शुभारम्भ दिनाँक 15 सितम्बर, 2021 को मुख्य महाप्रबन्धक (ब्लास्ट फर्नेस), तापस दासगुप्ता के द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के संदेशात्मक बैनर के अनावरण के द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थ्ति वरिष्ठ अधिकारियों एवं कार्मिकों को तापस दासगुप्ता के द्वारा स्वच्छता पालन के संदर्भ में शपथ दिलाई गई। साथ ही साथ उन्होनें स्वच्छता की महत्ता बताते हुए अपने कार्यस्थल, घरों के आस-पास स्वच्छता का अनुपालन करने के लिए सभी को प्रोत्साहित किया।
इसी तारतम्य में दिनाँक 16 सितम्बर को ब्लास्ट फर्नेस विभाग के आस-पास के क्षेत्रों में साफ-सफाई का कार्य सभी वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से किया गया। दिनाँक 21 सितम्बर को ब्लास्ट फर्नेस-8 की बिल्डिंग के पास में तापस दासगुप्ता एवं ब्लास्ट फर्नेस एवं एसजीपी विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से वृक्षारोपण का आयोजन किया गया, जिसमें महाप्रबन्धक, अरविंद गुप्ता, महाप्रबन्धक, एस बलराज, महाप्रबन्धक, सौम्य टोकदार, महाप्रबन्धक, राजेश गायकवाड़ महाप्रबन्धक, ए के जोशी, महाप्रबन्धक, संदीप श्रीवास्तव एवं महाप्रबन्धक व विभागीय सुरक्षा अधिकारी, विकास नशीने, वरिष्ठ प्रबन्धक, हेमन्त वर्मा, प्रबन्धक, श्रीमती श्रद्धा सिंग, प्रबन्धक, देवेन्द्र चौधरी भी सम्मिलित हुए।
इसके अतिरिक्त दिनाँक 21 सितम्बर को ही महिला कार्मिकों के लिए आयोजित ‘‘नई चेतना‘‘ कार्यशाला के दौरान विभागाध्यक्ष तापस दासगुप्ता के द्वारा सभी उपस्थित महिला श्रमिकों को स्वच्छता के लिए प्रोत्साहित करते हुए, पाॅलीथीन बैग का उपयोग बंद करने की दिशा में पहल करने के लिए एक जूट बैग एवं कोविड से बचाव हेतु तीन मास्क एवं एक नग सेनेटाईजर बाॅटल स्प्रे का वितरण किया गया।
‘‘स्वच्छता पखवाड़ा‘‘ का आयोजन तापस दासगुप्ता के मार्गदर्शन एवं बीजू जाॅर्ज वरिष्ठ प्रबन्धक (कार्मिक) के सह मार्गदर्शन में किया जा रहा है, बीजू जाॅर्ज के द्वारा जानकारी दी गई कि ‘‘स्वच्छता पखवाड़ा‘‘ के दौरान कार्मिकों को प्रोत्साहित करने के लिए इसी प्रकार के और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सभी आयोजनों के दौरान सुश्री अनुराधा साहा, प्रबन्धक (कार्मिक) व मदन मोहन श्रीवास्तव, अति. श्रम कल्याण अधिकारी का भी विशेष योगदान रहा।