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ईडी वर्क्स स्किल ट्रॉफी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरीत Featured

By September 24, 2021 104

भिलाई। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा ईडी वर्क्स स्किल ट्रॉफी कार्य कौशल प्रतियोगिता 2020-21 गैर-कार्यपालकों के लिए एचआरडी कार्यशाला में 10 विभिन्न ट्रेडों में 18 जनवरी से 28 जनवरी 2021 तक फिटिंग, कंप्यूटर, वेल्डिंग, हाइड्रोलिक्स, टर्निंग, पीएलसी, मशीनिंग, कारपेंटर, इलेक्ट्रिकल और मैटेरियल हैंडलिंग ट्रेडों में आयोजित की गई थी। जिसमें संयंत्र और माईन्स के कुल 214 कर्मचारियों ने भाग लिया।

एचआरडी में 18 सितम्बर, 2021 को पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सीजीएम इंचार्ज (एम एंड यू) अरविंद कुमार, और प्लांट के विभिन्न विभागों के सीजीएम द्वारा की गई। समारोह के मुख्य अतिथि सीजीएम इंचार्ज (एम एंड यू), अरविन्द कुमार द्वारा प्रत्येक ट्रेड में विजेताओं को कुल 51 ट्राफियां (प्रथम पुरस्कार-10, द्वितीय पुरस्कार-10, तृतीय पुरस्कार-10, सांत्वना पुरस्कार-21) प्रदान की गईं। अरविन्द कुमार ने सभी विजेताओं को बधाई दी और सभी विभागाध्यक्षों से आग्रह किया कि वे अगले वर्ष की प्रतियोगिता में अपने विभागों से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करें। कुछ पुरस्कार विजेताओं ने प्रतियोगिता में भाग लेने के अपने अनुभव भी साझा किए और अपने सहयोगियों से बड़ी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया।

यूआरएम से सबसे अधिक प्रविष्टियां प्राप्त होने के कारण अनीश सेनगुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (यूआरएम) को अधिकतम भागीदारी के लिए ट्रॉफी प्रदान की गई। इस अवसर पर अपने विभागों के पुरस्कार विजेताओं को प्रेरित करने के लिए अन्य मुख्य महाप्रबंधक एम.एम. गद्रे, मुख्य महाप्रबंधक, प्रभारी (आरएसएम, आरटीएस, आरपीडीबी और प्लेट मिल), बीएल चांदवानी, मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी), मुकेश गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक (बीआरएम) और एस वी नंदनवार, सीजीएम (एसपी-3) उपस्थित रहे।

कार्य कौशल प्रतियोगिता के लिए ईडी (वर्क्स) स्कील ट्रॉफी वर्ष 2008-09 में स्थापित की किया गया था और तब से प्रत्येक वर्ष इसका आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता का उद्देश्य संयंत्र के साथ-साथ क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर बीएसपी कर्मचारियों के कौशल और प्रतिभा को पहचान देते हुए बढ़ावा देना और प्रदर्शित करना है। अपनी स्थापना के समय से ही इस प्रतियोगिता को बीएसपी कर्मचारियों के बीच अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, सौरभ सिन्हा, जीएम (एचआरडी) ने दर्शकों को अवगत कराया कि प्रतिभागियों को तीन एचआरडी कार्यशालाओं के मास्टर प्रशिक्षकों के साथ-साथ संयंत्र के विभिन्न ट्रेडों के विशेषज्ञों की देखरेख में एक कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उन्होंने इस प्रतियोगिता को एचआरडी का एक प्रमुख आयोजन निरूपित किया और कहा कि एचआरडी इंजीनियरिंग कौशल बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण पर जोर देता है। कर्मचारियों के अलावा, सभी नए प्रवेशकों - एसीटी, ओसीटी, और ट्रेड अपरेंटिस को एचआरडी कार्यशालाओं में व्यापक रूप से प्रशिक्षित किया जाता है। उदाहरण के लिए, कुल 2039 व्यक्तियों को 2019-20 में प्रशिक्षित किया गया था, जबकि कोविड-19 प्रतिबंधों के बावजूद 2020-21 में 1716 लोगों को प्रशिक्षित किया गया।

डीजीएम (एचआरडी), मुकुल कुमार सहरिया, ने पिछले वर्षों में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बीएसपी के कुशल कर्मचारियों की प्रतिस्पर्धा और उपलब्धियों पर रिपोर्ट साझा की।

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