(हमारे प्रतिनिधि) दुर्ग। दुर्ग की सीट में वर्तमान विधायक अरुण वोरा के लिए एक चुनौती के रुप में खड़े हुए जनता कांग्रेस जे के प्रत्याशी प्रताप मध्यानी अपने चुनाीव प्रचार में काफी आगे निकलते हुए कड़ी टक्कर दे रहे हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी चंद्रिका चंद्राकर इस चुनावी रेस में पिछड़ती हुई नजर आ रही हैं। दुर्ग में अरुण वोरा की पहचान केवल बाबूजी (मोतीलाल वोरा) के नाम से होती है उनका हर कार्य बाबूजी से पूछकर बताता हूँ घिसा पिटा जवाब सुनकर मतदाता अब परिवर्तन करने के मूड में नजर आ रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में भीड़ तो अवश्य जुट रही है परंतु इस भीड़
को मत के रुप में परिवर्तित करना चुनाव में अरुण वोरा के के लिए टेढी खीर साबित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर पिछले महापौर चुनाव में प्रताप मध्यानी नें जनता के बीच जो पैठ बनाई है उन्हे उसका फायदा मिलने लगा है। अरुण वोरा और प्रताप मध्यानी के बीच कांटे की टक्कर है भाजपा की स्थिति तीसरे पायदान पर आ टिकी हुई है। भाजपा प्रत्याशी के लिए राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय पूरा जोर दुर्ग में लगा रही हैं परंतु मतदाता और कार्यकर्ता थोपे गए प्रत्याशी को बर्दाश्त नहीं कर रही है। विधानसभा में सक्रियता के मामले में प्रताप मध्यानी अन्य दोनों प्रत्याशियों से आगे हैं। अपनी क्षमता से निर्णय लेते हैं तथा वहीं दूसरी ओरर अरुण वोरा इसके विपरीत राजनीति में बाबूजी के अलावा किसी को तवज्जो नहीं देते शायद यही कारण है कि चुनावी मैनेजमेंट पूरी तरह से ध्वस्त होता दिखाई दे रहा है। मतदाता इस बार परिवर्तन करने के मूड में हैं।