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कलार समाज का गौरवशाली इतिहासः डॉ. सुब्रमण्यम

कोरबा में आयोजित राष्ट्रीय बैठक में पहुंचे इसरो के रिटायर्ड साइंटिस्ट
जांजगीर-चांपा। देशभर के जायसवाल कलार कलचुरी समाज के प्रतिनिधियों व राष्ट्रीय बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष व इसरो के सेवानिवृत्त साइंटिस्ट व भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सहयोगी रहे डॉ. एन शिवा सुब्रमण्यन ने कहा कि कलचुरी वंशज और जायसवाल कलार समाज का एक गौरवशाली इतिहास है।
उन्होंने कहा कि पूर्व से लेकर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण तक समाज का व्यापक राज के साथ-साथ सामाजिक सरोकार भी है। समाज के लोग राजनीतिक के साथ सेवा के क्षेत्र में आगे आ रहे हैं और युवाओं के साथ-साथ महिलाओं में भी चेतना का संचार हो रहा है। भारतीय कलचुरी समवर्गीय जायसवाल सभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक का शुभारंभ 18 जनवरी को मिशन रोड स्थित जायसवाल कलचुरी भवन में भगवान राज राजेश्वर सहस्त्रबाहु के चित्र पर दीप प्रज्जवलन व माल्यार्पण के साथ-साथ भगवान की आरती कर किया गया। सभा को संरक्षक व प्रदेशाध्यक्ष संजय जायसवाल के अलावा राकेश जायसवाल, डॉ. तेजराम मेवाड़ा, विनोद जायसवाल, श्यामजी, उदय, दयाराम, वीकेवी बालचुर, डॉ. प्रताप चंद्र बेहरा, वी राजगोपाल, रमेश अहलुवालिया, विकास महतो, सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल, चंद्रपाल चौकसे, श्रीमती सुमन राय, गजेन्द्र राय, सुनंदा चौधरी, देवीलाल चौधरी, अवधेश जायसवाल सहित राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। कोरबा जिले के अध्यक्ष रामगोपाल डिक्सेना ने अतिथियों का स्वागत कर सामाजिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रथम दिवस आयोजित बैठक में राष्ट्रीय कार्यसमिति, महिला समिति व युवा समिति की बैठक आयोजित कर आने वाले वर्ष में होने वाले सामाजिक कार्यों पर संक्षेप में चर्चा की गई। ऊर्जानगरी कोरबा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में देशभर के 150 प्रतिनिधियों के अलावा छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने भागीदारी निभाई। इस अवसर पर समाज को आगे ले जाने और सामाजिक क्षेत्र में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त के क्षेत्र में कार्य करने का संकल्प लिया गया।

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