लाइसेंस किसी का और मेडिकल चला रहा कोई और
जांजगीर-चांपा। जिले में मेडिकल संचालक लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से कई मेडिकल नियम विरूद्ध जुगाड़ के लाइसेंस से चल रहे हैं, जबकि लाइसेंस होल्डर को ही मेडिकल संचालित करने का प्रावधान है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से जिले में अवैध तरीके से मेडिकल चलाने वालों की बाढ़ आ गई है।
जिले में अवैध तरीके से मेडिकल चलाने वालों पर कार्रवाई करने स्वास्थ्य विभाग रूचि नहीं ले रहा है। जिला मुख्यालय जांजगीर व चांपा में चार दर्जन से अधिक मेडिकल संचालित हैं, जिनमें से कई मेडिकल का संचालन जुगाड़ के लाइसेंस से किया जा रहा है। नियमतः लाइसेंस होल्डर को ही मेडिकल में दवा बिक्री करने का प्रावधान है, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही है। मेडिकल व्यवसाय में अच्छी आमदनी को देखते हुए लोग जुगाड़ में लाइसेंस लेकर धड़ल्ले से दुकान खोल दे रहे हैं। यही वजह है कि शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। ऐसे मेडिकल दुकानों से दवा खरीदकर उपयोग में लाना खतरे से खाली नहीं है। नियम यह भी है कि लाइसेंस होल्डर भले ही अपने मेडिकल में वर्कर रख सकता है, लेकिन दवा की बिक्री अपनी निगरानी में की जानी चाहिए। लेकिन यहां लाइसेंस किसी के नाम पर है और मेडिकल कोई और चला रहा है। वहीं जुगाड़ के लाइसेंस से दवा बेचकर मुनाफा कमाने वालों के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं होती। ड्रग निरीक्षक कभी कभार दुकानों में जांच पड़ताल करने पहुंच जाते हैं, जबकि विभाग की उदासीनता से लोगों के जान पर बन आई है।
-------