Print this page

खनिज अमले की मेहरबानी से अवैध भट्ठों की बाढ़ Featured

खनिज अफसर पर दबाव बनने की स्थिति में जुर्माना लगाकर की जाती है खानापूर्ति
जांजगीर-चांपा। जिले के ग्रामीण इलाकों में अवैध ईंट भट्ठों की बाढ़ आ गई है। कई विकासखंड क्षेत्रों के एक-एक गांव में आठ से दस ईंट भट्ठे लगे हुए हैं। इसके बावजूद अवैध ईंट भट्ठा लगाने वालों पर खनिज अमला शिकंजा नहीं कस रहा है तो वहीं जिला प्रशासन भी इस ओर संज्ञान लेना जरूरी नहीं समझ रहा है।
जिले के पामगढ़, जैजैपुर, मालखरौदा, बलौदा, डभरा आदि ब्लाक के गांवों में एक-एक करके सैकड़ों ईंट भट्ठे लग गए हैं। इन भट्ठों में लाखों की संख्या में ईंटों का निर्माण किया जा रहा है। कई गांवों में सरकारी जमीन पर ईंट भट्ठे लगा दिए गए हैं। खासकर, जैजैपुर व मालखरौदा विकासखंड क्षेत्र के गांवों में कई जनप्रतिनिधि ही अवैध भट्ठा लगाकर ईंट तैयार करवा रहे हैं। यहीं नहीं, ईंट बनाने के लिए गांव की शासकीय भूमि की मिट्टी का अवैध खनन जारी है। कम लागत में तैयार होने वाले इस ईंट की मांग अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में जबदस्त है, जिसके कारण अवैध ईंट भट्ठों का कारोबार फलफूल रहा है। इसके बावजूद खनिज अमला हाथ पर हाथ धरे बैठा है। एक साल के भीतर विभाग ने गिनती के ईंट भट्ठों में छापामार कार्रवाई की है। वहीं जुर्माना बतौर नाममात्र की राशि लेकर अवैध कारोबारियों को ईंट भट्ठा संचालित करने की छूट दे दी गई है। ईंट भट्ठों में कार्रवाई को लेकर भी विभागीय अमले द्वारा दोहरी नीति अपनाए जाने की बातें सामने आ रही है। कहा यहां तक जा रहा है विभागीय अमला लेनदेन करके कई अवैध भट्ठों को पनपने दे रहा है, वहीं जिन लोगों से सेटिंग नहीं हो पा रही है, उनके भट्ठों से ईंट जब्त की जा रही है।
---------

Rate this item
(0 votes)
newscreation

Latest from newscreation