अभिलाषा के रजत जयंती वर्ष कार्यक्रम में शामिल हुई राज्यपाल
राजनांदगांव। मानवीय संवेदनाओं की भावना के साथ समाज के जरूरतमंद लोगों के हित में काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को समाज में हमेशा सम्मान मिलता है। व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम इतिहास में अमर हो जाते हंै। मानव सेवा के लिए कार्य करने वाले लोगों को सब याद करते हैं। यह बड़ा पुण्य का काम होता है। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसूईया उईके ने पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ शिक्षण.प्रशिक्षण सह पुनर्वास संस्थान अभिलाषा के रजत जयंती वर्ष समारोह में इस आशय के विचार व्यक्त किए। समारोह की अध्यक्षता राजनांदगांव नगर निगम की महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने की। समारोह में लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
राज्यपाल सुश्री उईके ने कहा कि अभिलाषा संस्था द्वारा मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित होकर कार्य किया जा रहा है। संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष अब्दुल्ला युसूफ और उनके सहयोगियों का यह कार्य प्रेरणा दायक है। श्री युसूफ जैसे व्यक्ति समाज में बहुत कम होते हैं। इसके लिए वे बधाई के पात्र हंै। इस संस्था के जरिए दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनने और उनकी जिंदगी को नई दिशा देने की पहल की जा रही है। दिव्यांग बच्चों को तन-मन-धन से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवनयापन करने की राह दिखाई जा रही है। सुश्री उईके ने कहा कि इस संस्था के प्रयासों से आज अनेक युवा शासकीय सेवाओं में भी हैं] खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में अपने हुनर का प्रदर्शन कर संस्था का नाम रौशन कर रहे हैं।
राज्यपाल सुश्री उईके ने कहा कि दिव्यांगजनों में बैठी हीन भावना को दूर कर सामान्य व्यक्ति के रूप में जीवनयापन करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत होती है। दुनिया भर में दिव्यांगजनों को विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों के बारे में संस्था के बच्चों को बताया जाना चाहिए। दिव्यांग बच्चों में कमाल की क्षमता होती है। अपनी क्षमता की बदौलत वे भी जीवन में ऊचांईयां प्राप्त कर सकते हैं। राज्यपाल ने अभिलाषा संस्था को आर्थिक और अन्य रूप में सहयोग करने वालों की भी तारीफ करने हुए कहा कि जो लोग इस तरह की संस्थाओं की मदद करते हंै, ईश्वर उनकी मदद करते हैं।
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