उत्तर बस्तर कांकेर 01 फरवरी 2020 जिले में निर्मित सभी 83 गौठान के आसपास लगभग 05 एकड़ जमीन पर महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से मक्का की खेती के लिए जिला प्रशासन द्वारा जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर श्री के.एल. चौहान ने आज कृषि, उद्यानिकी, पशुधन विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर उन्हंे निर्देशित करते हुए कहा कि सभी गौठान के आसपास मक्का की खेती किया जाये। यदि शासकीय जमीन उपलब्ध हैं तो वहां पर खेती की जाये और यदि उपलब्ध नहीं है, तो आसपास के किसानों की जमीन में मक्का की खेती किया जावे। महिला स्व-सहायता समूहों को फेंसिंग पोल का निर्माण, वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने एवं मछली पालन के लिए प्रेरित करने हेतु कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया। ग्रीष्मकालीन खेती में फसल चक्र परिवर्तन के लिए किसानों को प्रेरित करने तथा मक्का की खेती से फायदों का दीवार लेखन कराने के निर्देश देते हुए कलेक्टर श्री चौहान ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियांे से कहा कि जिनके क्षेत्र में प्रगति नहीं दिखेगी, उनके विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही किया जाएगा।
कलेक्टर श्री चौहान द्वारा खरीफ सीजन में भी टिकरा-भांठा जमीन में मक्का व उड़द की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निर्देशित किया गया। जिले के सभी मॉडल गौठान गांवों में कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार कर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश भी कलेक्टर द्वारा दिए गए हैं। विद्यालयों तथा आश्रम-छात्रावासों में किचन गार्डन विकसित करने के लिए भी उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को उनके द्वारा निर्देशित किया गया। पखांजूर क्षेत्र के ग्राम गोंडाहूर स्थित हायर सेकेण्डरी विद्यालय में शिक्षा गुणवत्ता के साथ-साथ किचन गार्डन की प्रशंसा करते हुए कलेक्टर श्री चौहान ने अन्य विद्यालय में भी ऐसा ही पहल करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। जिले के सभी जनपद पंचायत सीईओ को अपने क्षेत्र के गौठान में समीक्षा बैठक लेने के निर्देश भी उन्होंने दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे सहित कृषि, उद्यानिकी एवं पशुधन विकास विभाग के जिला अधिकारी भी उपस्थित थे।