जिला प्रशासन का नहीं ध्यान, लोग जान देने अमादा
जांजगीर-चांपा। चंद्रपुर थाना क्षेत्र के गांवों में सूदखोरों की संख्या बढ़ती जा रही है। बेलगाम सुदखोरी की वजह से लोग अपनी जान तक देने अमादा है। इसके पहले भी चांपा कुरदा के एक किसान ने इसी सूदखोरी से तंग आकर कलेक्टर जनदर्शन में जाकर जहर पी लिया था। इसके बावजूद जिला प्रशासन इस दिशा में कारगर कदम नहीं उठा रहा है।
जांजगीर-चांपा जिले के अंतिम छोर में बसा नगर चंद्रपुर क्षेत्र में सुदखोरों का बोलबाला है। चंद्रपुर क्षेत्र में 38 गांव शामिल है, जिनमें से ज्यादातर गांवों में सूदखोरी का धंधा जोरों पर है। जरूरत पड़ने पर मजबूर इंसान उंचे ब्याज दर पर रकम ले लेता है और इसी तंगहाली की वजह से समय पर ब्याज और मूल धन जमा नहीं कर पाता। ऐसी स्थिति में सूदखोर जिस तरह का जुल्म ढाता है व असहनीय है। सूदखोरों की प्रताड़ना से न केवल संबंधित व्यक्ति परेशान होता है, बल्कि उसका पूरा परिवार का जीना मुहाल हो जाता है। इस प्रताड़ना के चलते लोग आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने को अमादा हो जाते है। इसके पहले भी चांपा कुरदा के एक किसान ने इसी सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर कलेक्टर जनदर्शन में जहर पी लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद काफी राजनीति भी हुई थी, लेकिन बाद में मामला ठंडा हो गया। इसके बाद जिला प्रशासन का भी इस ओर से ध्यान हट गया।