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बजट पर त्रिवेदी ने केंद्र को घेरा, कहा-अर्थव्यवस्था को अनर्थ व्यवस्था में बदल दिया Featured

By February 03, 2020 2045

रायपुर। बजट पर एक बार फिर बयान जारी करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री और कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि हलवा खुद खा गए और झटका किसान को दे दिया। अर्थव्यवस्था को अनर्थ व्यवस्था में बदल दिया। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि देश से विकास गायब है, रोजगार गुम है, निवेश बंद है, खेती संकट में है, कंजम्प्श्न हवा-हवाई है, व्यापार पर तालाबंदी है, जीडीपी औंधे मुँह गिरी है, कुल मिलाकर देश आर्थिक आपातकाल की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि बजट के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं उससे स्पष्ट है कि मोदी सरकार का बजट जनविरोधी और कारपोरेट फ्रेंडली बजट है। इसमें गांव, गरीब, मजदूर, किसान, महिला, नौजवान, छात्र सब की उपेक्षा की गई। बजट से जुड़े कुछ आंकड़े जारी करते हुए त्रिवेदी ने कहा है कि हकीकत में या बेहद निराशाजनक और खोखला बजट है। इस पर उन्होंने कहा कि कहा गया है रख लो आइने हजार तसल्ली को, पर सच के लिए आँखे मिलानी पड़ती है।

 न रोजगार और स्किल डिवेलप्मेंट की दरकार, न महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण से सरोकार। नरेगा में मिलने वाला पैसा अब राज्यों के मिनिमम वेज से कम है। क्या पिछला कोई टारगेट पूरा हुआ? इसे कहते हैं- घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने। सेना के नाम पर वोट माँगकर सत्ता हथियाने वाली मोदी सरकार ने बजट कटौती में सेनाओं को भी नहीं बख्शा। देश नहीं बिकने दूँगा भी जुमला निकला। सच तो यह है 72 साल में बनाई देश की जितनी भी मूल्यवान संपति है, सब बेच देंगे। एलआईसी भी को भी बिक्री के रास्ते में बैठा दिया है मोदी सरकार ने। टू नेशन थ्योरी वाली भाजपा ने अब दो इनकम टैक्स प्रणाली लागू कर करदाताओं के विभाजन का प्रयास किया है। नौकरी पेशा के लिए टैक्स की नई स्लैब केवल भटकाने वाली भूलभूलिया है। असल में नई टैक्स स्लैब में पुरानी टैक्स स्लैब से अधिक टैक्स देना पड़ेगा।  

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