22 सौ लोगों का सर्वे कर सिर्फ 180 लोगों को दिया जा रहा था पट्टा
जांजगीर-चांपा। चांपा नगर पालिका क्षेत्र में बेजाकब्जा कर वर्षों से मकान बनाकर रह रहे लोगों के लिए सरकार ने पट्टा देने की नई योजना बनाई। इसके तहत करीब 22 सौ परिवारों का सर्वे करके उनका नाम सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन सिर्फ 180 परिवारों को ही पट्टा देने आज शिविर लगाया गया, जिसे लेकर काफी बवाल मचा। इसके बाद पट्टा वितरण का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
चांपा के विभिन्न क्षेत्रों में बेजाकब्जा कर लोग कई वर्षों से निवास कर रहे है। ऐसे लोगों को पट्टा देने का ऐलान जब सरकार ने किया, तब सभी के चेहरे खिल गए। राजस्व विभाग की टीम ने पूरे शहर का सर्वे किया और 22 परिवारों को पात्रता सूची में शामिल किया गया। शुक्रवार को चांपा के इंडोर हाल में एसडीएम बजरंग दुबे की उपस्थिति में केवल 180 परिवारों को ही जमीन का पटटा व मालिकाना हक दिया जा रहा था। जबकि पट्टा वितरण की खबर पाकर लोगों की अपार भीड़ उमड़ी थी। महज कुछ लोगों को पट्टा वितरण किए जाने की खबर से लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने खूब हंगामा किया। इस दौरान पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल भी मौके पर पर मौजूद थे। उन्होंने इस तरह चंद लोगों को पट्टा दिए जाने का विरोध जताया। साथ ही राजस्व मंत्री को पत्र लिखकर सर्वे किए सभी 22 सौ लोगों को पट्टा दिए जाने की मांग की। इसके पूर्व गुरूवार को भाजपाईयों ने शहर में रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने सर्वे में शामिल सभी लोगों को पट्टा देने की मांग की थी।