Print this page

राफेल मामला: कांग्रेस की मांग, प्रधानमंत्री के खिलाफ दर्ज हो मुकदमा Featured

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने राफेल विमान सौदे को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर से हमला बोला और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने दसाल्ट कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए पद का दुरुपयोग किया तथा विमानों की ज्यादा कीमत तय की जिसके लिए उनके खिलाफ सीधे तौर पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला बनता है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भारतीय वार्ता दल को दरकिनार करके राफेल सौदे को अंतिम रूप दिया। कांग्रेस के इन आरोपों पर फिलहाल सरकार एवं भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि सरकार राफेल मामले में कांग्रेस के पहले के आरोपों को खारिज कर चुकी है। सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ राफेल घोटाले में देश के खजाने को नुकसान पहुंचाया गया। इसके लिए प्रधानमंत्री जी सीधे जिम्मेदार हैं। अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोध कानून के तहत मामला बनता है।’’ 

 

 
अंग्रेजी के प्रतिष्ठित अखबार ‘द हिंदू’ की एक रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘राफेल सौदे से जुड़े भारतीय वार्ता दल की बात जगजाहिर है। अब साफ है कि मोदी ने देश और संसद को गुमराह किया ताकि पूरे षणयंत्र पर पर्दा डाला जा सके। अब साजिश का भंडाफोड़ हो गया है।मोदी सरकार ने संप्रग सरकार के मुकाबले राफेल की कहीं अधिक कीमत अदा की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय वार्ता दल के मुताबिक 36 लड़ाकू विमान की कीमत है 63,450 करोड़ रुपये है जबकि मोदी सरकार ने दावा किया कि विमानों की कीमत 59,175 करोड़ रुपये है। सरकार ने सरासर झूठ बोला है। 63,450 करोड़ रु भी सही ढंग से नहीं आंका गया क्योंकि इसमें करीब छह साल तक की अवधि के लिए महंगाई दर को जोड़ा गया है जबकि विमान 10 साल में आने है। इस हिसाब से विमानों की कीमत 67 हजार करोड़ रुपये से अधिक हुई।’’ 
 
सुरजेवाला ने यह भी दावा किया, ‘‘ राफेल विमान सौदे में बैंक गारंटी हटाकर लूट की छूट दी गई। इंडिया स्पेसफिक इंन्हांसमेंट की कीमत करीब 10 हजार करोड़ रुपये को पूरी लागत में नहीं जोड़ा गया, जबकि इसे भारत को ही अदा करना है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘ मोदी सरकार के समय हुए सौदे में ट्रांसफेर टेक्टनोलॉजी को शामिल नहीं किया गया। फिर भी विमान की कीमत ज्यादा क्यों है?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने दसाल्ट को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया है और उनके खिलाफ भ्रष्टााचार निरोध कानून के तहत मामला बनता है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया प्रधानमंत्री के खिलाफ साक्ष्य उपलब्ध है। अगर वह निर्दोष हैं तो वह आगे आकर कहें कि आप प्राथमिकी दर्ज कराइए और जांच कराइए। ’’ सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘चौकीदार ने भारतीय वार्ता दल को दरकिनार कर खुद सौदे का निर्णय किया। यह सनसनीखेज बात सामने आई है कि भारतीय वार्ता दल ने फैसला नहीं किया, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने किया।’’ 
Rate this item
(0 votes)
newscreation

Latest from newscreation