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नई दिल्ली । सियासी विश्लेषक कुछ भी अनुमान लगाते रहें, लेकिन ऐसा साफ लग रहा है कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बहाने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजनीतिक विरोधियों को आईना दिखा दिया है। बैठक में उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया को कांग्रेस विरोध का मंच बनाने वालों को जहां खरी-खरी सुनाई, वहीं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पार्टी का सुरक्षा कवच दे दिया। कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बहाने अवसर ढूंढ रहे राजनीतिक दलों को भी टका सा जवाब दिया और नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए चुपचाप 2022 तक का समय ले लिया। पार्टी को नसीहत देने वाले नेताओं के लिए नया टास्क तैयार है और कांग्रेस का कल्चर बदलने की तैयारी है। कांग्रेस अपने नए अध्यक्ष का चुनाव 2023 में कर सकती है। 2022 तक का पूरा समय अध्यक्ष पद के लिए जरूरी संगठनात्मक चुनाव तथा प्रक्रिया में ही लग जाने का अनुमान है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी के चुनाव के बाबत एक टाइम टेबल सामने रखा है। इसमें एक नवंबर 2021 से 31 मार्च 2022 तक पार्टी पूरे देश में सदस्यस्ता अभियान चलाएगी। 15 अप्रैल 2022 तक सदस्यों की सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद संगठन के निचले स्तर से चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें ब्लॉक और जिला स्तर के संगठन का चुनाव होने के बाद प्रदेश स्तर तक के पदाधिकारियों का चुनाव होगा। 21 जुलाई 2022 तक इस प्रक्रिया के पूरा होने का अनुमान है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, इसके पदाधिकारियों तथा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके सितंबर 2022 तक पूरा होने की संभावना जताई गई है। केसी वेणुगोपाल की ओर से दी गई टाइम लाइन में नए अध्यक्ष का चुनाव होने में अक्तूबर का समय लग सकता है। लेकिन पार्टी को जानने समझने वालों का मानना है कि नए अध्यक्ष का चुनाव 2023 से पहले शायद ही हो पाए। ताकि पार्टी 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान मजबूती के साथ उतर सके।
- क्या ग्रुप 23 के कांग्रेसी नेता अब शांत हो जाएंगे?
पार्टी की रीति, नीति और कांग्रेस के नेताओं तथा राजनीति की भाषा को समझने वाले एक धुरंधर पूर्व महासचिव का कहना है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है। यहां कुछ भी शांत नहीं होता। चीजें चलती रहती हैं और साथ-साथ बदलाव भी चलता रहता है। वह कहते हैं कि 2024 तक कांग्रेस के नेता अपनी बात इसी तरह से रखते रहेंगे। आरोप-प्रत्यारोप और सवाल-जवाब भी चलता रहेगा। वह कहते हैं कि आपको कांग्रेस के भीतर ढेर सारे बदलाव  साल 2023 में दिखाई देंगे और उसी आधार पर 2024 के लोकसभा चुनाव की रूपरेखा बनेगी। पार्टी के एक अन्य पूर्व महासचिव इस समय दक्षिण भारत की राजनीति में व्यस्त हैं। वह कहते हैं कि पूरी कांग्रेस खंगालिए। जमीन पर चाहे अच्छा या बुरा जो भी कर रहे हैं वह तो प्रियंका गांधी कर रही हैं और राहुल गांधी कर रहे हैं। पूरे देश की जनता और कार्यकर्ता तो केवल दो को ही समझते हैं। लखीमपुर खीरी से हर ज्वलंत मामले में भी यही दो दिखाई दे रहे हैं। जबकि कांग्रेस के दूसरे नेता तो टेबल पालिटिक्स कर रहे हैं। इसलिए गुट-23 के बोलते रहने से कांग्रेस कमजोर नहीं होती। सूत्र का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यसमिति की बैठक में सभी के सवालों का जवाब दे दिया है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।

 

तिरुवनंतपुरम । दक्षिण भारत में बारिस के कहर से हालात काफी खराब हो गए लेकिन अब कुछ राहत की उम्मीद की सकती है। अब केरल, तमिलनाडु, आंतरिक कर्नाटक और माहे के कुछ हिस्सों में हो रही बारिश में कमी आ सकती है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि पुड्डुचेरी, कराईकल के हिस्सों में भी हो रही बारिश में कमी आ सकती है। विभाग के अनुसार देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में 19 अक्टूबर तक पूर्वी क्षेत्र में 20 अक्टूबर तक और 18-21 अक्टूबर के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में तीव्र बारिश की गतिविधि जारी रहने की संभावना है। वहीं केरल के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकारियों ने बताया कि उत्तर केरल-कर्नाटक के तटों पर पूर्वी मध्य अरब सागर से सटे दक्षिणपूर्व में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। उन्होंने अगले 24 घंटों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने तथा कुछेक जगहों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है। बता दें केरल में सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), पुलिस और अग्निशमन बल के साथ ही स्थानीय लोगों ने रविवार सुबह कूट्टीकल और कोक्कायार पंचायत इलाकों में बचाव अभियान शुरू किया जहां शनिवार से भारी बारिश के साथ कई भूस्खलनों के कारण 12 से अधिक लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्यकर्ताओं ने रविवार सुबह कूट्टीकल से चार और शव बरामद किए जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। अभी तक शवों की पहचान नहीं की गई है। कूट्टीकल से शनिवार को दो महिलाओं और एक बच्चे का शव बरामद किया गया था।
शनिवार को बारिश से संबंधित एक अन्य घटना में 30 साल के एक पुरुष और एक महिला की उस समय मौत हो गई जब इडुक्की जिले के कंजार में उनकी कार बाढ़ में बह गई। बचाव प्रयासों के साथ समन्वय करने के लिए कोट्टयम में मौजूद राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन ने बताया कि सरकारी एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या मलबे में और लोग फंसे हुए हैं। कोच्चि में नौसेना का एक हेलीकॉप्टर राहत सामग्री के साथ पहले ही बारिश से प्रभावित इलाकों के लिए उड़ान भर चुका है। वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर पहुंच चुके हैं और एक हेलीकॉप्टर को तिरुवनंतपुरम में तैयार रखा गया है।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि केंद्र भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित केरल के लोगों को हर संभव सहायता मुहैया कराएगा। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि सरकार ‘भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर केरल के कुछ हिस्सों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।’ शाह ने कहा, ‘केंद्र सरकार जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर संभव सहायता मुहैया कराएगी। एनडीआरएफ की टीम पहले ही बचाव अभियान में मदद के लिए भेजी जा चुकी है। सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता हूं।’

 

नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली समेत आसपास के इलाकों में रात भर हुई झमाझम बारिश से मौसम (Delhi-NCR Weather News) सुहावना हो गया है. इसके अलावा पारा लुढ़कने के साथ ठंड भी बढ़ गयी है. वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी सोमवार के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है. इससे साफ है कि आज भी दिल्‍ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने मौसम के एक सिस्टम के चलते दिल्ली के मौसम में ये बदलाव देखने को मिल रहा है. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में हो रही भारी बारिश (Heavy Rain) की वजह से ऊंचाई वाले पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गयी है, तो हरियाणा में बारिश ने धान और कपास के किसानों की चिंता बढ़ा दी है.

बहरहाल, दिल्‍ली-एनसीआर में रविवार की सुबह से शुरू हुआ हल्की बारिश का दौर दोपहर होते-होते तेज बारिश में बदल गया. इसके बाद रात भर रुक-रुककर बारिश होने से सड़कों पर पानी भरने के साथ कई इलाकों में जलजमाव (Waterlogging) हो गया है. यही नहीं, रविवार की शाम को भी बारिश की वजह से राजधानी की कई सड़कों पर पानी भरने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी की दिक्‍कत हुई थी.

दिल्‍ली के अलावा ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत कई इलाकों भी रात भर बारिश का दौर जारी रहने से मौसम ठंडा हो गया है. इस दौरान कई जगह अंडरपास में पानी भरने की जानकारी भी मिली है. वहीं, रविवार को भी पूरे दिन बारिश जारी रहने की संभावना है.
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो अगले 2 घंटों के दौरान पूरी दिल्ली के नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत हरियाणा के गुरुग्राम, औरंगाबाद, पलवल, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पानीपत और सोहाना के अलग-अलग इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. इससे तापमान में भी कमी आएगी. इसके साथ ही रविवार से न्यूनतम तापमान में कमी से रातें सर्द होना शुरू हो जाएंगी.

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rain) के साथ ऊंचाई वाले पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हो गयी है. वहीं, हल्‍की बारिश और बूंदाबांदी से हरियाणा के किसानों टेंशन बढ़ गयी है.

 

नई दिल्ली । नदी चैनल में सीमित प्रारूप के कारण श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कोलकाता (पूर्व में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट) के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (एचडीसी) या कोलकाता डॉक सिस्टम (केडीएस) में उद्यम करने से पहले पड़ोसी बंदरगाहों पर कार्गो की आंशिक ऑफलोडिंग की आवश्यकता होती है। दो पोर्ट डिस्चार्ज के परिणामस्वरूप, पोतों को निष्‍फल माल भाड़ा (डेड फ्रेट) और अतिरिक्त स्टीमिंग समय लगता है। अंतर्निहित चैनल बाधाओं को दूर करने के लिए, एसएमपी कोलकाता ने सागर, सैंडहेड्स और एक्स प्वाइंट पर स्थित डीप ड्राफ्टेड एंकरेज में केप साइज या बेबी केप पोतों को लाने तथा फ्लोटिंग क्रेन या शिप क्रेन की तैनाती के माध्‍यम से पूरी तरह से लदे ड्राई बल्‍क पोतों के संचालन में सक्षम बनाने के लिए आयातकों के लिए अवसरों को खोलने का प्रयत्‍न किया है। रणनीतिक रूप से लाभप्रद इस स्थान के कारण, एचडीसी ने एलपीजी, आयातित पीओएल उत्पादों और अन्य तरल कार्गो के लिहाज से व्यापार से मांग में वृद्धि का अनुभव किया है।
बीपीसीएल, आईओसीएल, एचपीसीएल जैसी तेल विनिर्माण कंपनियों के वरिष्ठ प्रबंधन तथा एलपीजी और अन्य तरल उत्पादों के अग्रणी निजी आयातकों के साथ कई विचार-विमर्शों ने उन आंतरिक लाभों की ओर इंगित किया, जिनका उपयोग एसएमपी, कोलकाता के डीप ड्राफ्टेड एंकरेज पॉइंट्स पर एलपीजी/तरल कार्गो के जहाज-से-जहाज हस्‍तांतरण (एसटीएस) की सुविधा के विस्तार के माध्यम से किया जा सकता है। एकल बंदरगाह संचालन न केवल हल्दिया में प्रारूप प्रतिबंध से उबरने में सक्षम बनाएगा जिससे विफल माल भाड़ा (डेड फ्रेट) निष्‍प्रभावी होगा, बल्कि अधिक कार्गो की गतिशीलता में भी मदद करेगा, जिससे इकाई लागत कम हो जाएगी।

नई दिल्ली । वायुसेना प्रमुख वी आर चौधरी वायुसेना के लेह स्टेशन और उत्तरी सेक्टर के अग्रिम इलाकों में तैनाती वाले स्थानों के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सेना की इकाइयों की अभियानगत तैयारियों का जायजा लिया। एयर चीफ मार्शल चौधरी ने एयरबेस पर मौजूद अधिकारियों तथा वहां तैनात इकाइयों के अधिकारियों के साथ बात की।
भारतीय वायुसेना ने रविवार को ट्वीट किया चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी 16 अक्टूबर को लेह में एयरफोर्स स्टेशन पर और उत्तरी सेक्टर के अग्रिम इलाकों में वायुसेना की तैनाती वाले स्थान पर पहुंचे। भारत और चीन की सेना के बीच पिछले वर्ष 5 मई को सीमा पर गतिरोध के हालात बने थे। पैंगांग झील के इलाकों में उनके बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों ने वहां अपनी ओर से तैनाती बढ़ा दी थी।
सैन्य और राजनयिक स्तर की कई दौर की वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने अगस्त में गोगरा इलाके में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी की। झील के उत्तरी और दक्षिणी तटों से सैनिकों की वापसी फरवरी में हो गई थी। संवेदनशील सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर प्रत्येक पक्ष के अभी 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं।

 

नई दिल्ली । दिल्ली की केजरीवाल सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं के कारण राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता रविवार की सुबह 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचन गई है। उन्होंने इन राज्यों की सरकारों से 'जिम्मेदार' दृष्टिकोण अपनाने का अनुरोध किया। राय ने कहा कि यह सामान्य चलन है कि जैसे-जैसे पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ती हैं, दिल्ली में वायु गुणवत्ता बिगड़ने लगती है। मंत्री ने कहा कि दो दिन पहले दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 171 था, लेकिन पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने के साथ ही एक्यूआई खराब होने लगा और रविवार को यह 284 रहा।
उन्होंने कहा, यह एक सामान्य प्रवृत्ति रही है। हमने पड़ोसी राज्यों से पराली जलाने की घटनाओं को नियंत्रित करने की अपील की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पराली जलाने के विकल्प के रूप में हमने खेतों में बायो डीकंपोजर का छिड़काव शुरू कर दिया है, ऐसा ही पड़ोसी राज्यों को करना चाहिए। राय ने कहा, (पड़ोसी) राज्यों को पराली जलाने की घटनाओं को कम करने के लिए एक जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। उन्हें अपने राज्यों में बायो-डीकंपोजर का छिड़काव करने की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। विवार को सुबह 11 बजे दिल्ली में एक्यूआई 339 था, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 और 100 संतोषजनक, 101 और 200 मध्यम, 201 और 300 खराब, 301 और 400 बहुत खराब, और 401 और 500 गंभीर माना जाता है।

नई दिल्ली । मोदी सरकार नार्वे के सहयोग से देश के समुद्री क्षेत्रों में छोटे आकार की ‘क्रिल मछलियों’ को पकड़ने (क्रिल फिशिंग) की संभावना तलाश रही है।इस विषय पर नीति आयोग के माध्यम से प्रस्ताव तैयार किया गया है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधिकारी ने बताया,क्रिल फिशिंग की संभावना के विभिन्न पहलुओं पर पिछले कुछ वर्षों में विचार किया है। इस विषय पर तैयार मसौदा पत्र पर मंत्रिमंडल सचिवालय ने विचार कर कुछ सुझाव भी दिए।उन्होंने बताया कि इसके आधार पर क्रिल मछलियों को पकड़ने के संबंध में नार्वे से सहयोग की संभावना को लेकर नीति आयोग के सहयोग से प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) में भी कहा गया है कि क्रिल फिशिंग को समर्थन देने की संभावना तलाशी जा रही है।
गौरतलब है कि क्रिल छोटे आकार के क्रस्टेशिया प्राणी हैं, जो विश्व-भर के सागरों-महासागरों में मिलते हैं। समुद्र में क्रिल खाद्य शृंखला की सबसे निचली श्रेणियों में आती हैं। क्रिल समुद्र, नदियों, झीलों में तैरने वाले सूक्ष्मजीव प्लवक (प्लैंक्टन) खाते हैं, और फिर व्हेल, पेंगविन, सील जैसे बड़े आकार के समुद्री प्राणी क्रिल को खाते हैं। क्रिल तेजी से प्रजनन करके फिर अपनी संख्या की पूर्ति करते रहते हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, क्रिल फिशिंग को लेकर सबसे पहले अगस्त 2014 में प्रस्ताव आया था। इसमें कहा गया था कि पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर क्रिल फिशिंग को लेकर विभिन्न देशों के अनुभवों का अध्ययन करे, ताकि उनके अनुभवों से सीखा जा सके। प्रस्ताव में कहा गया था कि उन संभावित देशों की पहचान होगी, जिससे भारत क्रिल फिशिंग को लेकर सहयोग कर सकता है तथा अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुरूप विधान तैयार कर सकता है। क्रिल फिशिंग को लेकर मंत्रालय की प्रस्तावित कार्य योजना के अनुसार, इस विषय पर जापान और नार्वे की विशेषज्ञता है और इनके अनुभवों के बारे में जानकारी जुटायी गई है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय क्रिल फिशिंग में रूचि को लेकर भारतीय उद्योगों के रुझान के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
उल्लेखनीय है कि क्रिल मछलियां दिन के समय समुद्र में अधिक गहराई पर चली जाती हैं और रात्रि में सतह के पास आ जाती हैं।इस कारण से सतह और गहराई दोनों पर रहने वाली प्रजातियां इन्हें खाकर पोषित होती हैं। मत्स्य उद्योग में क्रिल बड़ी संख्या में दक्षिणी महासागर और जापान के आसपास के सागरों में पकड़ी जाती हैं। पकड़ी गई क्रिल का अधिकांश हिस्सा मछली पालन में मछलियों को खिलाने में किया जाता है। इसका कुछ अंश औषधि उद्योग में भी इस्तेमाल होता है।

नई दिल्ली । नदी चैनल में सीमित प्रारूप के कारण श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कोलकाता (पूर्व में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट) के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (एचडीसी) या कोलकाता डॉक सिस्टम (केडीएस) में उद्यम करने से पहले पड़ोसी बंदरगाहों पर कार्गो की आंशिक ऑफलोडिंग की आवश्यकता होती है। दो पोर्ट डिस्चार्ज के परिणामस्वरूप, पोतों को निष्‍फल माल भाड़ा (डेड फ्रेट) और अतिरिक्त स्टीमिंग समय लगता है। अंतर्निहित चैनल बाधाओं को दूर करने के लिए, एसएमपी कोलकाता ने सागर, सैंडहेड्स और एक्स प्वाइंट पर स्थित डीप ड्राफ्टेड एंकरेज में केप साइज या बेबी केप पोतों को लाने तथा फ्लोटिंग क्रेन या शिप क्रेन की तैनाती के माध्‍यम से पूरी तरह से लदे ड्राई बल्‍क पोतों के संचालन में सक्षम बनाने के लिए आयातकों के लिए अवसरों को खोलने का प्रयत्‍न किया है। रणनीतिक रूप से लाभप्रद इस स्थान के कारण, एचडीसी ने एलपीजी, आयातित पीओएल उत्पादों और अन्य तरल कार्गो के लिहाज से व्यापार से मांग में वृद्धि का अनुभव किया है।
बीपीसीएल, आईओसीएल, एचपीसीएल जैसी तेल विनिर्माण कंपनियों के वरिष्ठ प्रबंधन तथा एलपीजी और अन्य तरल उत्पादों के अग्रणी निजी आयातकों के साथ कई विचार-विमर्शों ने उन आंतरिक लाभों की ओर इंगित किया, जिनका उपयोग एसएमपी, कोलकाता के डीप ड्राफ्टेड एंकरेज पॉइंट्स पर एलपीजी/तरल कार्गो के जहाज-से-जहाज हस्‍तांतरण (एसटीएस) की सुविधा के विस्तार के माध्यम से किया जा सकता है। एकल बंदरगाह संचालन न केवल हल्दिया में प्रारूप प्रतिबंध से उबरने में सक्षम बनाएगा जिससे विफल माल भाड़ा (डेड फ्रेट) निष्‍प्रभावी होगा, बल्कि अधिक कार्गो की गतिशीलता में भी मदद करेगा, जिससे इकाई लागत कम हो जाएगी।

नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने से पहले जम्मू-कश्मीर को आवंटित होने वाला करीब 80 फीसदी फंड राजनेताओं की जेब में जाता था। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा कि 370 हटने के बाद घाटी को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। भागवत ने कहा, 'अनुच्छेद 370 हटने से पहले कश्मीर घाटी के लिए जो कुछ होता था उसका 80 फीसदी फंड नेताओं की जेब में जाता था न कि लोगों के पास। अब इसके हटने के बाद कश्मीर घाटी के लोगों की विकास और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच है। भागवत ने बताया, 'मैं जम्मू-कश्मीर गया और मौजूदा स्थिति देखी। अनुच्छेद 370 हटने से सबके विकास का रास्ता खुल गया। अनुच्छेद 370 की आड़ में पहले लद्दाख के साथ भेदभाव होता था। यह भेदभाव अब नहीं होता। बता दें कि केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया था। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंक का खूनी खेल चल रहा है. आतंकी सेना की कार्रवाई से इतने बौखला गए हैं कि आम नागरिकों को, गैर कश्मीरियों को और खास तौर पर हिंदुओं को अपना निशाना बना रहे हैं.

आतंक पर प्रहार तो नागरिकों पर वार!
जम्मू कश्मीर में सेना (Indian Army) के ऑपरेशन ऑलआउट (Operation All Out) से बौखलाए आतंकी लगातार आम लोगों को अपनी गोली का निशाना बना रहे हैं. पहले गैर हिंदुओं को अपना निशाना बनाया और फिर गैर कश्मीरियों को. शनिवार को एक बार फिर आतंकियों ने दो अलग-अलग जगहों पर आम लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. आतंक के क्रूर हाथों से मारे गए इन सभी का गुनाह इतना था कि वो पाकिस्तान समर्थक या कहें कि आतकंवाद के समर्थक नहीं थे. अब कश्मीर में आतंकी टारगेट किलिंग पर उतारू हो गए हैं.

कश्मीर में हो रही टारगेट किलिंग
टारगेट किलिंग भी किसकी? गोलगप्पे की रेहड़ी लगाने वाले एक आम दुकानदार की, एक दवा की दुकान चलाने वाले कश्मीरी पंडित की, स्कूल में पढ़ाने वाली टीचर की और लकड़ी का काम करने वाले एक गरीब कारपेंटर की. श्रीनगर के ईदगाह इलाके में आतंकियों ने बिहार के रहने वाले अरविंद कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी. वो गोलगप्पे बेचकर अपने घर का गुजारा चलाता था.अचानक कुछ आतंकी आए और अरविंद के सिर में गोली मारकर फरार हो गए. इलाज के लिए उसे नजदीकी अस्पताल भी ले जाया गया, लेकिन ज्यादा खून बहने की वजह से उसकी मौत हो गई.

बिहार का रहने वाला था अरविंद
अरविंद का परिवार बिहार के बांका में रहता है. अरविंद अपने माता-पिता और 3 भाइयों को छोड़कर अपने भाई के साथ श्रीनगर में काम तलाशने आया था लेकिन आतंकियों ने 22 साल के इस रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार को मार दिया. वजह बस इतनी कि उसने अपने ही देश के एक हिस्से में यानी कश्मीर में जाकर गोलगप्पे बेचने की हिमाकत की. वहीं पुलवामा में भी यूपी के रहने वाले सगीर अहमद की आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी.

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस घटना पर शोक जताया है. उन्होंने कहा कि मैं अरविंद कुमार शाह और सगीर अहमद की निर्मम हत्याओं की कड़ी निंदा करता हूं. जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है. इस दुख की घड़ी में केंद्र शासित प्रदेश शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ा है. इन जघन्य हमलों के अपराधियों को जल्द ही दंडित किया जाएगा. हमने आतंकवादियों को कुचलने की अपनी कोशिशों को तेज कर दिया है. निर्दोष नागरिकों को मारने के लिए उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. मैं लोगों से एक स्वर में बोलने और आतंक के खिलाफ लड़ाई में साथ आने की अपील करता हूं.

इससे पहले श्रीनगर के लालबाग इलाके में गोलगप्पे बेचने वाले वीरेंद्र पासवान की हत्या कर दी गई थी. आतंकियों ने कश्मीर के सबसे मशहूर फार्मासिस्ट माखनलाल बिंदरू की दुकान पर गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसके एक दिन बाद ईदगाह इलाके में ही स्कूल प्रिंसिपल सुपिंदर कौर और टीचर दीपक चंद की हत्या कर दी थी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 में अब तक कुल 30 नागरिकों को आतंकवादियों ने मार दिया है.

 

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