सुप्रीम कोर्ट ने राफेल विमान सौदे की सुनवाई चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में शुरू कर दी है। बता दें कि केंद्र सरकार ने वायु सेना के लिए 36 राफेल लडाकू विमान सौदे की कीमत का ब्योरा सील बंद लिफाफे में उच्चतम न्यायालय को सौंपा है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस के कौल एवं न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ इस मामले में अहम सुनवाई कर रहे हैं।
-प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राफेल की कीमत का खुलासा करते समय सरकार ने संसद में कोई गोपनीयता का मुद्दा नहीं उठाया। यह सिर्फ कहने के लिए एक फर्जी तर्क है कि वे मूल्य निर्धारण का खुलासा नहीं कर सकते। नए सौदे में राफले जेट्स को पहले सौदे की तुलना में 40% अधिक कीमत पर खरीदा गया है।
-पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी की तरफ से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट में दलील रख रहे हैं। अरुण शौरी भी राफले सौदा मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक हैं। प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सौदे में फ्रांस सरकार की तरफ से कोई सॉवरेन गारंटी नहीं दी गई थी।
-आप नेता संजय सिंह के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 36 राफले विमान सौदे का मूल्य दो बार संसद में सामने आया था। इसलिए सरकार का ये कहना कि मूल्यों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता ये स्वीकार करने योग्य नहीं है।
-याचिकाकर्ता के वकील एमएल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, अदालत में सरकार द्वारा दायर की गई रिपोर्ट से पता चलता है कि मई 2015 के बाद निर्णय लेने के दौरान गंभीर धोखाधड़ी की गई है। याचिकाकर्ता के वकील ने सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि इस मामले की सुनवाई पांच न्यायाधीशों की बेंच से कराने की मांग की है।