विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज ने पाकिस्तान को एक बार फिर फटकारते हुए कहा कि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं जा सकती है। सुषमा ने कहा कि भारत कई वर्षों से करतारपुर गलियारे के लिए पूछ रहा था, जिस पर पाकिस्तान ने अभी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि द्विपक्षीय वार्ता शुरू हो जाएगी क्योंकि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं जा सकती है।
सुषमा स्वराज ने आगे कहा कि सार्क शिखर सम्मेलन के लिए पाकिस्तान द्वारा PM मोदी को निमंत्रण पर इस वक्त हम कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि जब तक पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियों को नहीं रोकता है, तब तक कोई वार्ता नहीं होगी, इसलिए हम सार्क में भाग नहीं लेंगे।