बुलंदशहर के स्याना तहसील के गांव महाव में सोमवार सुबह गोवंश अवशेष मिलने पर पुलिस, हिंदूवादी संगठनों और ग्रामीणों में जमकर टकराव हुआ। गुस्साए ग्रामीणों ने चिंगरावठी चौकी के पास सड़क पर जाम लगा दिया। स्याना थाने के कोतवाल इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। भीड़ ने चौकी के बाहर खड़े पुलिस के दर्जनों वाहनों में आग लगा दी। चौकी में घुसकर तोड़फोड़ की और सामान को आग लगा दी। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने हवाई फायरिंग की। इस पर ग्रामीणों ने सुबोध कुमार पर हमला बोल दिया। घटना में गोली लगने से कोतवाल सुबोध और एक युवक सुमित की मौत हो गई।
न्यायिक हिरासत में आरोपी
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिन्हें जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सीएम योगी ने बुलाई बैठक
बुलंदशहर मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज रात 9 बजे बैठक बुलाई है। खबर है कि इसमें गृह सचिव और एडीजी भी मौजूद रहेंगे। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा नेे कहा है कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और सरकार इस मामले में उचित कदम उठा रही है।
प्रकाश करात बोले पूर्व नियोजित था हादसा
सीपीआई(एम) के प्रमुख प्रकाश करात ने बुलंदशहर हिंसा को पूर्व-नियोजित हादसा बताया है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव नजदीक होता है तो गाय को मुद्दा बनाकर पहले भी सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की जाती रही है। सबको याद है कि कैसे लोकसभा चुनाव से पहले 2013 में मुजफ्फरनगर दंगे हुए थे।
राज्यपाल ने कहा होगी सख्त कार्रवाई
बुलंदशहर मामले में यूपी के राज्यपाल राम नायक ने घटना को निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा, सीएम ने घटना की जांच का आदेश दे दिया है। मुझे उम्मीद है कि जैसा सीएम ने कहा है सच्चाई दो दिनों में सामने आ जाएगी। जिन्होंने ये अपराध किया है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कारण चाहे जो भी रहा हो ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।
चिंगरावठी पहुंचा सुमित का शव, अंतिम संस्कार से परिजनों का इंकार
इंस्पेक्टर सुबोध के अलावा बुलंदशहर हिंसा में मारे गए सुमित का शव गांव चिंगरावठी में पहुंच गया था। सुमित के परिजनों ने लिखित में आश्वाशन मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार की चेतावनी दी है। परिजनों ने 50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी, माता पिता को पेंशन, और मृतक को शहीद का दर्जा देने की मांग की।
इस मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें उन्होंने कई बातों के बारे में खुलासा किया। उन्होंने कहा-
-किसी संगठन का नाम अभी सामने नहीं आया है
-किसी निर्दोष को सजा न हो इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है जिससे निष्पक्ष जांच हो सके
-सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच हो रही है
-इंस्पेक्टर सुबोध को दिया गया शहीद का दर्जा, दी गई राजकीय सलामी
-सुमित प्रदर्शनकारियों में शामिल था, उसके शरीर से मिली है गोली, जिसकी जांच की जा रही है
-वीडियो में गंभीर/मृत इंस्पेक्टर अकेले थे, कहां थी पुलिस इसकी एसआईटी जांच होगी
-देवेंद्र, चमन, आशीष, सतीश गिरफ्तार
-सारी जांच एसआईटी के दायरे में है। जांच के बाद पता चलेगा कि कैसे घटना हुई थी
-एसआईटी की जांच में साबित होगा कि घटना के पीछे कौन है
-मामले पर पूरी जांच की जा रही है, पशु विभाग से सामग्री की भी जांच कराई जाएगी
-सुबोध सिंह को पहले पत्थर लगा बाद में उन्हें गोली मार दी गई।
-कुछ पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया मगर भीड़ ने उन पर भी हमला किया।
-बुलंदशहर में स्थिति सामान्य है। 15 से 20 हज़ार लोग अब भी इज्तेमा स्थल पर हैं। उन्हें वहां से निकाला जा रहा है।
बुलंदशहर में हुई आज फिर अफवाह फैलाने की कोशिश
मंगलवार को बुलंदशहर के गुलावठी में असामाजिक तत्वों द्वारा एक बार फिर गोकशी की अफवाह फैला कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। सूचना पर पुलिस ने तत्परता से मौके पर पहुंच कर अफवाह का खंडन किया। एस ओ ने बताया गोकशी नहीं हुई। पुलिस ने अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। इसके साथ ही आज स्याना कोतवाली का चार्ज सुबोध कुमार के निधन के बाद किरणपाल सिंह ने संभाल लिया है।
पहले ही दर्ज हुई है मामले में दो एफआईआर
इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की गई है। घटना में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली गोकशी की और दूसरी हिंसा की। जिसमें 27 लोगों को नामजद किया गया है और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मेरठ जोन के एडीजी ने बताया कि इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार और 4 को हिरासत में लिया गया है।
गिरफ्तार लोगों में मुख्य अभियुक्त बजंरग दल का जिला संयोजक योगेश राज भी शामिल है। एक एसआईटी का गठन भी किया गया है जो ये जांच करेगी कि हिंसा क्यों हुई और क्यों पुलिसकर्मियों ने मृत इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अकेला छोड़ दिया था। एफआईआर में कई हिंदू संगठन जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के नाम आरोपियों में हैं।
इंस्पेक्टर सुबोध की बहन बोली इकलाख हत्याकांड है भाई की हत्या की वजह
शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की बहन ने इकलाख हत्याकांड को भाई की हत्या की वजह बताया है। उन्होंने कहा मेरा भाई इकलाख केस की जांच कर रहा था और और इसी वजह से उसकी हत्या हुई, यह पुलिस द्वारा रचा गया षड्यंत्र है। उन्हें शहीद का दर्जा देना चाहिए और उनकी याद में एक स्मारक बनना चाहिए। हमें पैसे नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री सिर्फ गाय गाय गाय कहते रहते हैं।
वहीं यूपी सरकार की तरफ से इस बारे में पहली बार बयान आया है। एबीपी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि हिंसा में हिंदू संगठनों का नाम लेना जल्दबाजी होगी।
आजम ने दिया ये बयान
बुलंदशहर हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि अगर ये पशु वध है तब तो पुलिस को ये भी जांच करनी चाहिए वहां पशुओं के अवशेष कौन लेकर आया, क्योंकि जिस इलाके में हिंसा हुई वहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नहीं रहते हैं।
आज सुबह पुलिस लाइन में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को श्रद्धांजलि दी गई। इंस्पेक्टर के बेटे अभिषेक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा नहीं फैलाता। आज मेरे पिता ने हिंदू-मुस्लिम के नाम पर अपनी जान गंवा दी अब कल किसके पिता अपनी जान गंवाएंगे?
इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिन्हें जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सीएम योगी ने बुलाई बैठक
बुलंदशहर मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज रात 9 बजे बैठक बुलाई है। खबर है कि इसमें गृह सचिव और एडीजी भी मौजूद रहेंगे। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा नेे कहा है कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और सरकार इस मामले में उचित कदम उठा रही है।
प्रकाश करात बोले पूर्व नियोजित था हादसा
सीपीआई(एम) के प्रमुख प्रकाश करात ने बुलंदशहर हिंसा को पूर्व-नियोजित हादसा बताया है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव नजदीक होता है तो गाय को मुद्दा बनाकर पहले भी सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की जाती रही है। सबको याद है कि कैसे लोकसभा चुनाव से पहले 2013 में मुजफ्फरनगर दंगे हुए थे।
राज्यपाल ने कहा होगी सख्त कार्रवाई
बुलंदशहर मामले में यूपी के राज्यपाल राम नायक ने घटना को निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा, सीएम ने घटना की जांच का आदेश दे दिया है। मुझे उम्मीद है कि जैसा सीएम ने कहा है सच्चाई दो दिनों में सामने आ जाएगी। जिन्होंने ये अपराध किया है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कारण चाहे जो भी रहा हो ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।
चिंगरावठी पहुंचा सुमित का शव, अंतिम संस्कार से परिजनों का इंकार
इंस्पेक्टर सुबोध के अलावा बुलंदशहर हिंसा में मारे गए सुमित का शव गांव चिंगरावठी में पहुंच गया था। सुमित के परिजनों ने लिखित में आश्वाशन मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार की चेतावनी दी है। परिजनों ने 50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी, माता पिता को पेंशन, और मृतक को शहीद का दर्जा देने की मांग की।
इस मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें उन्होंने कई बातों के बारे में खुलासा किया। उन्होंने कहा-
-किसी संगठन का नाम अभी सामने नहीं आया है
-किसी निर्दोष को सजा न हो इसलिए एसआईटी का गठन किया गया है जिससे निष्पक्ष जांच हो सके
-सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच हो रही है
-इंस्पेक्टर सुबोध को दिया गया शहीद का दर्जा, दी गई राजकीय सलामी
-सुमित प्रदर्शनकारियों में शामिल था, उसके शरीर से मिली है गोली, जिसकी जांच की जा रही है
-वीडियो में गंभीर/मृत इंस्पेक्टर अकेले थे, कहां थी पुलिस इसकी एसआईटी जांच होगी
-देवेंद्र, चमन, आशीष, सतीश गिरफ्तार
-सारी जांच एसआईटी के दायरे में है। जांच के बाद पता चलेगा कि कैसे घटना हुई थी
-एसआईटी की जांच में साबित होगा कि घटना के पीछे कौन है
-मामले पर पूरी जांच की जा रही है, पशु विभाग से सामग्री की भी जांच कराई जाएगी
-सुबोध सिंह को पहले पत्थर लगा बाद में उन्हें गोली मार दी गई।
-कुछ पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया मगर भीड़ ने उन पर भी हमला किया।
-बुलंदशहर में स्थिति सामान्य है। 15 से 20 हज़ार लोग अब भी इज्तेमा स्थल पर हैं। उन्हें वहां से निकाला जा रहा है।
बुलंदशहर में हुई आज फिर अफवाह फैलाने की कोशिश
मंगलवार को बुलंदशहर के गुलावठी में असामाजिक तत्वों द्वारा एक बार फिर गोकशी की अफवाह फैला कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। सूचना पर पुलिस ने तत्परता से मौके पर पहुंच कर अफवाह का खंडन किया। एस ओ ने बताया गोकशी नहीं हुई। पुलिस ने अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है। इसके साथ ही आज स्याना कोतवाली का चार्ज सुबोध कुमार के निधन के बाद किरणपाल सिंह ने संभाल लिया है।
पहले ही दर्ज हुई है मामले में दो एफआईआर
इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की गई है। घटना में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली गोकशी की और दूसरी हिंसा की। जिसमें 27 लोगों को नामजद किया गया है और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मेरठ जोन के एडीजी ने बताया कि इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार और 4 को हिरासत में लिया गया है।
गिरफ्तार लोगों में मुख्य अभियुक्त बजंरग दल का जिला संयोजक योगेश राज भी शामिल है। एक एसआईटी का गठन भी किया गया है जो ये जांच करेगी कि हिंसा क्यों हुई और क्यों पुलिसकर्मियों ने मृत इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अकेला छोड़ दिया था। एफआईआर में कई हिंदू संगठन जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के नाम आरोपियों में हैं।
इंस्पेक्टर सुबोध की बहन बोली इकलाख हत्याकांड है भाई की हत्या की वजह
शहीद इंस्पेक्टर सुबोध की बहन ने इकलाख हत्याकांड को भाई की हत्या की वजह बताया है। उन्होंने कहा मेरा भाई इकलाख केस की जांच कर रहा था और और इसी वजह से उसकी हत्या हुई, यह पुलिस द्वारा रचा गया षड्यंत्र है। उन्हें शहीद का दर्जा देना चाहिए और उनकी याद में एक स्मारक बनना चाहिए। हमें पैसे नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री सिर्फ गाय गाय गाय कहते रहते हैं।
वहीं यूपी सरकार की तरफ से इस बारे में पहली बार बयान आया है। एबीपी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि हिंसा में हिंदू संगठनों का नाम लेना जल्दबाजी होगी।
आजम ने दिया ये बयान
बुलंदशहर हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि अगर ये पशु वध है तब तो पुलिस को ये भी जांच करनी चाहिए वहां पशुओं के अवशेष कौन लेकर आया, क्योंकि जिस इलाके में हिंसा हुई वहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नहीं रहते हैं।
आज सुबह पुलिस लाइन में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को श्रद्धांजलि दी गई। इंस्पेक्टर के बेटे अभिषेक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं जो समाज में धर्म के नाम पर हिंसा नहीं फैलाता। आज मेरे पिता ने हिंदू-मुस्लिम के नाम पर अपनी जान गंवा दी अब कल किसके पिता अपनी जान गंवाएंगे?
क्या हुआ था कल
एडीजी (कानून व्यवस्था) ने यह कहा
एटा के थे कोतवाल
कब-कब क्या हुआ
दंगाइयों ने कोतवाल को घेरा - फोटो : अमर उजाला