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पुरानों और वेदों में हमारे नींद सोने से सम्बंधित क्या कहा गया है, रिपोर्ट पढ़े Featured

By July 08, 2019 1025

स्पेशल डेस्क News Creation:  यूँ तो नींद हम सभी सोते हैं, लेकिन कभी कभी हमें नींद नहीं आती या सुबह उठ कर भी तरोताज़ा महसूस नहीं करते, आइये हमारे ग्रंथों और पुरानों में नींद के विषय में क्या कहा गया है, कौन से ऐसे नियम है जिसका पालन हमें नींद के लिए करनें चाहिए! आइये देखते हैं.

  • सूने तथा निर्जन घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। देव मन्दिर और श्मशान में भी नहीं सोना चाहिए। (मनुस्मृति)

 

  • किसी सोए हुए मनुष्य को अचानक नहीं जगाना चाहिए। (विष्णुस्मृति)

 

  • विद्यार्थी, नौकर औऱ द्वारपाल, यदि ये अधिक समय से सोए हुए हों, तो इन्हें जगा देना चाहिए। (चाणक्यनीति)

 

  • स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु ब्रह्ममुहुर्त में उठना चाहिए। (देवीभागवत)
  • बिल्कुल अँधेरे कमरे में नहीं सोना चाहिए। (पद्मपुराण)

 

  • भीगे पैर नहीं सोना चाहिए। सूखे पैर सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है। (अत्रिस्मृति)
  • टूटी खाट पर तथा जूठे मुँह सोना वर्जित है। (महाभारत)

 

  • "नग्न होकर/निर्वस्त्र" नहीं सोना चाहिए। (गौतम धर्म सूत्र)

 

  • पूर्व की ओर सिर करके सोने से विद्या, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से प्रबल चिन्ता, उत्तर की ओर सिर करके सोने से हानि व मृत्यु तथा दक्षिण की ओर सिर करके सोने से धन व आयु की प्राप्ति होती है। (आचारमय़ूख)

 

अक्सर हम अपनें घर के बड़े बुजुर्गों के मुह से निचे लिखे वाक्य सुनते होंगे, जो न जाने कितने पीढ़ियों से सुनाया जा रहा है, विज्ञान की दृष्टि से भी ये सब टोटके हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं-

  • दिन में कभी नहीं सोना चाहिए। परन्तु ज्येष्ठ मास में दोपहर के समय 1 मुहूर्त (48 मिनट) के लिए सोया जा सकता है। (दिन में सोने से रोग घेरते हैं तथा आयु का क्षरण होता है)

 

  • दिन में तथा सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सोने वाला रोगी और दरिद्र हो जाता है। (ब्रह्मवैवर्तपुराण)

 

  • अक्सर हम अपनें घर के बड़े बुजुर्गों के मुह से निचे लिखे वाक्य सुनते होंगे, जो न जाने कितने पीढ़ियों से सुनाया जा रहा है-

 

  • सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घण्टे) के बाद ही सोना चाहिए.

 

  • बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये हितकर है.

 

  • दक्षिण दिशा में पाँव करके कभी नहीं सोना चाहिए. यम और दुष्ट देवों का निवास रहता है. कान में हवा भरती है. मस्तिष्क में रक्त का संचार कम को जाता है, स्मृति- भ्रंश, मौत व असंख्य बीमारियाँ होती है.

 

  • हृदय पर हाथ रखकर, छत के पाट या बीम के नीचे और पाँव पर पाँव चढ़ाकर नींद सोना स्वस्थ्य के लिए हानिकारक है.

 

  • शय्या पर बैठकर खाना-पीना अशुभ है.

 

  • सोते सोते पढ़ना नहीं चाहिए. ऐसा करने से नेत्र ज्योति घटती है.

 

  • अगर माथे में पूजा करके तिलक लगा हो तो ऐसे में सोना अशुभ है. इसलिये सोते समय तिलक हटा दें.
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