रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल हुईं थी रामबाई
अपने विवादित बयान और फिर पति और देवर पर लगे हत्या के आरोपों से सुर्खियों में आईं थीं रामबाई
भोपाल। पति पर लगे हत्या के आरोप के बाद करीब ढाई महीने तक लाइमलाइट से दूर रहीं बसपा विधायक रामबाई रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल हुई। सोमवार को उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस सरकार हमे खुश करने का वादा करने की बात कह रही है। ये तो तब ही हो जाना चाहिए था जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी।
मध्य प्रदेश से पथरिया से विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामबाई ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश में मंत्रीमंडल के विस्तार की बात चल रही है। लेकिन मुख्यमंत्री इसका विस्तार कैसे करेंगे, क्योंकि मंत्रीमंडल में विस्तार की गुंजाइश ही नहीं है। उम्होंने कहा कि वैसे देखा जाए तो मुख्यमंत्री कमलनाथ हैं और वे कुछ तो करेंगे ही।
रामबाई ने कहा कि हमसे खुश करने का वादा किया जा रहा है, लेकिन ये काम तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था। अब वे खुश कैसे करेंगे वे ही जाने। सरकार के समर्थन पर रामबाई ने कहा कि उनका समर्थन कांग्रेस सरकार को जारी रहेगा। इसमें कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की तबीयत ठीक नहीं चल रही है। इसलिए बीते दो महीने से ज्यादा समय से वे दिल्ली उसका इलाज करा रही थीं।
पति सहित परिवार पर हत्या का आरोप
15 मार्च को हटा के कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या कर दी गई थी। हमले में देवेंद्र के बेटा भी घायल हो गया था। मामले में हटा थाना पुलिस ने पथरिया से बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह, देवर कौशलेंद्र सिंह, भतीजा गोलू सिंह, भाई लोकेश सिंह के अलावा भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के बेटे इंद्रपाल पटेल, श्रीराम शर्मा, अमजद खान को मुख्य आरोपित बनाया। हत्याकांड में शामिल आरोपितों की तलाश में पथरिया से बसपा विधायक रामबाई के घर पर दबिश दी थी। जिसके बाद उन्होंने उन्होंने कहा था कि पति और उनके देवर को झूठा फंसाया जा रहा है। इतना ही नहीं बसपा विधायक ने कहा कि अगर पुलिस लिखित में आश्वसान दे तो वो पति और देवर को पेश करा देंगी। हालांकि कुछ दिन बाद देवर ने सरेंडर कर दिया पति अब भी फरार चल रहा हैं।