मध्य प्रदेश

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भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी की घटना की तत्परतापूर्वक जाँच के लिये एसआईटी गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आरोपियों के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई भी की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर राज्य शासन ने महिला डीएसपी के नेतृत्व में 9 सदस्यीय एसआईटी गठित की है। एसआईटी पूरे मामले की सघन जांच में ठोस साक्ष्य संकलित कर सात दिवस में रिपोर्ट सौंपेंगी। इससे दोषियों को कठोरतम सजा दिलाई जा सकेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घृणित एवं निंदनीय कार्य करने वाले समाज के दुश्मन हैं। इनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उल्लेखनीय है कि विगत दिवस सीधी जिले के मझौली थाना में अनुसूचित जनजाति छात्राओं से स्कॉलरशिप देने का लालच देकर गलत कार्य करने का मामला सामने आया था।

भोपाल : एक मई से 15 जून तक गर्मियों की छुट्टियाँ प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चल रही है। स्कूलों में कक्षा 8वीं तक शैक्षणिक दिवसों में पीएम पोषण योजनांतर्गत विद्यार्थियों को दोपहर का मध्यान्ह भोजन देने का प्रावधान है। पीएम पोषण शक्ति योजना के राज्य समन्वयक श्री मनोज पुष्प ने बताया है कि ग्रीष्मकालीन छुट्टी में शासकीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन का वितरण नहीं किया जा रहा है। भारत सरकार के ऑटोमेटेड मॉनीटरिंग सिस्टम (एएमएस) पर मध्यान्ह भोजन वितरण संबंधी त्रुटिवश रिपोर्टिंग करने वाले प्रभारी शिक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र संबंधित जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा किये गये हैं।

पुष्प ने बताया है कि एक मई 2024 से 15 जून 2024 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश होने से स्कूल बंद हैं। पीएम पोषण योजना से इस अवधि में खाद्यान्न आवंटन एवं वित्तीय राशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार का एएमएस पोर्टल केवल एक मॉनीटरिंग एवं रिपोर्टिंग का माध्यम है। एएमएस पोर्टल की रिपोर्टिंग के आधार पर खाद्यान्न एवं भोजन पकाने की लागत राशि जारी नहीं की जाती है।

 

भोपाल : भोपाल शहर में भीषण गर्मी को देखते हुए आगामी तीन दिनों तक शटडाउन नहीं लिया जाएगा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी शहर वृत्त भोपाल द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि आगामी 28 मई मंगलवार तक शहर वृत्त भोपाल अंतर्गत किसी प्रकार का शटडाउन नहीं लिया जाएगा जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से यह अपील की है कि उपभोक्ता अपने घरों में जरूरत के अनुसार ही बिजली उपकरणों का उपयोग करें। विद्युत उपकरणों को अनावश्यक चालू न रखें। इससे ऊर्जा की बचत हो सकेगी। ऊर्जा की बचत करने से इस भीषण गर्मी में न केवल विद्युत व्यवधानों में कमी आएगी वरन विद्युत देयकों में भी बचत होगी।

 

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग पर रोक का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में जनजागरण के लिए गतिविधियां संचालित की जाएं, रोक पर कोई समझौता नहीं होगा। खुले में मांस की बिक्री पर भी नजर और डी.जे. पर भी नियंत्रण हों। जुआं, सट्टा, प्रोपर्टी संबंधी अपराध, धोखाधड़ी और सायबर क्राइम पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हर स्तर पर सजग और त्वरित कार्रवाई की जाए। महिलाओं के विरूद्ध अपराध करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई हो। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रात्रि में थानों का आकस्मिक निरीक्षण सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, प्रमुख सचिव गृह श्री संजय दुबे, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गाँवों में भी लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अधिक आपराधिक गतिविधियां घटित होती हैं, वहाँ सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की जाए। ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग के सहयोग से सीसीटीवी कैमरे लगाने की दिशा में प्रयास हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि थानों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण से प्रदेश के दो हजार से अधिक गाँव लाभान्वित हुए हैं। इसी आधार पर जिलों की सीमाओं की विसंगतियों को दूरकर थानों की सीमाओं का भी तद्नुसार समायोजन किया जाए। अन्य राज्यों के बड़े शहरों की व्यवस्था का अध्ययन कर प्रदेश के प्रमुख शहरों की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। बैठक में बताया गया कि जनप्रतिनिधियों व अन्य वर्गों के सुझाव प्राप्त करते हुए प्रदेश के 627 थानों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया गया, जिससे 2 हजार 216 गाँवों की थानों से दूरी कम हुई।

भोपाल : पॉक्सो अधिनियम-2012 की धारा-44 के तहत उल्लेखित अधिनियम के कार्यान्वयन की निगरानी और पॉक्सो पीड़ितों की सेवाओं की सुविधा के लिये समर्पित प्रणाली की आवश्यकता को समझते हुए 17 जुलाई, 2022 को पॉक्सो ट्रेकिंग पोर्टल लांच किया गया।

भारत में बच्चों के यौन उत्पीड़न से संबंधित जटिल और संवेदनशील मुद्दों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2012 में पॉक्सो अधिनियम लागू किया गया था। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन प्रताड़ना और अश्लीलता जैसे अपराधों से बचाना है।

ट्रेकिंग पोर्टल की संकल्पना राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के संयुक्त सहयोग से की गई है। यह पोर्टल आयोग की एक ऐसी पहल है, जहाँ पहली बार तकनीक के माध्यम से बाल यौन शोषण से पीड़ित बच्चों के अधिकारों और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं की निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में यह पोर्टल बाल यौन शोषण पीड़ित बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, मुआवजे तथा पुनर्वास आदि सेवाओं की निगरानी के लिये कार्यरत है।

ट्रेकिंग पोर्टल की विशेषताएँ

यह पोर्टल बच्चों से संबंधित सेवाओं के लिये एक डिजिटल और पारदर्शी तंत्र है। यह पुलिस और DCPA को उनके कर्त्तव्यों के प्रभावी निर्वहन के लिये आसान और उपयोगी प्रणाली प्रदान करता है। DCPU, CWC और पुलिस की कार्य-प्रणाली में सुधार करता है। यह बाल मैत्रीपूर्ण प्रक्रियाओं का कार्यान्वयन करता है। पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और कानूनी सेवा प्राधिकरणों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है। बाल यौन शोषण के मामलों में पुनर्वास की प्रक्रिया पर नजर रखना, बाल यौन शोषण के मामलों में कर्त्तव्य धारकों की जवाबदेही तय करना, मामलों की बेहतर निगरानी के लिये SCPCR को सहायता प्रदान करना भी इसका कार्य है। इसके माध्यम से NALSA/SLSA जिला स्तरीय DLSA के विचाराधीन मामलों की स्थिति देख सकेंगे और पीड़ितों से जुड़े सहायक व्यक्तियों, दुभाषियों, अनुवादकों, विशेषज्ञों और परामर्शदाताओं के बारे में जानकारी तक पहुँच सकेंगे।

 

भोपाल : लोकसभा निर्वाचन-2024 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अनुपम राजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विगत 28 मार्च को जारी अधिसूचना के अनुसार आदर्श आचार संहिता के दौरान एक जून 2024 की शाम 6:30 बजे तक निर्वाचन के संबंध में किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल का आयोजन तथा प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इसके परिणाम का प्रकाशन या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से इसका प्रचार-प्रसार करना पूर्णत: प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि आयोग की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार के ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामलों के प्रदर्शन पर भी पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा।

उल्लेखनीय है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126क में यह प्रावधानित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति, कोई निर्गम मत सर्वेक्षण नहीं करेगा और किसी निर्गम मत सर्वेक्षण के परिणाम का ऐसी अवधि के दौरान, जो निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में अधिसूचित की जाए, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन या प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति से प्रसार भी नहीं करेगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रावधान का उल्लंघन करेगा, तो वह ऐसी अवधि के कारावास से, जो दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से, दण्डनीय होगा।

 

भोपाल : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (मध्यप्रदेश) अनुपम राजन ने आज इंदौर के नेहरू स्टेडियम में बनाए गए मतगणना स्थल का निरीक्षण किया। इंदौर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह ने मतगणना के लिए की गई आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

राजन ने प्रत्येक एआरओ से चर्चा कर जानकारी प्राप्त की।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने विधानसभावार बनाए गए मतगणना कक्षों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही डाक मतपत्रों की गणना के लिए की जा रही तैयारियों और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने मतगणना टेबल, मतगणना कार्य में संलग्न अमले की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, डाक मतपत्रों की संख्या आदि के बारे में जानकारी ली। साथ ही मतगणना स्थल परिसर में निर्वाचन अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के लिए स्ट्रॉन्ग रूम का सीसीटीवी लाईव डिस्प्ले तथा कक्ष से ही स्ट्रांग रूम की मॉनीटरिंग संबंधी व्यवस्था को देखा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने पुख्ता और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। उन्होंने मतगणना के दिन विद्युत की सतत् आपूर्ति हो और किसी भी वजह से मतगणना कार्य प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतगणना स्थल पर सभी व्यवस्थाएँ सुचारू तरीके से संचालित रहें।

 

भोपाल : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (मध्य प्रदेश) अनुपम राजन ने आज सीहोर के शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुँचकर लोकसभा निर्वाचन-2024 के अंतर्गत आगामी 4 जून को 3 संसदीय क्षेत्रों के अन्तर्गत आने वाली जिले की 4 विधानसभाओं की मतगणना के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सिंह ने मतगणना के लिए की जा रही व्यवस्थाओं और तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने विधानसभावार बनाए गए मतगणना कक्षों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही डाक मतपत्रों की गणना के लिए की जा रही तैयारियों, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने मतगणना टेबल, मतगणना कार्य में संलग्न अमले की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था, डाक मतपत्रों की संख्या आदि के बारे में जानकारी ली। साथ ही मतगणना स्थल परिसर में निर्वाचन अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के लिए स्ट्रॉंग रूम का सीसीटीवी लाईव डिस्प्ले तथा कक्ष से ही स्ट्रांग रूम की मॉनीटरिंग संबंधी व्यवस्था को देखा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने पुख्ता और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने निर्देश दिए कि लोकसभा चुनाव की मतगणना 4 जून 2024 को सुबह 8 बजे से मतगणना प्रारंभ होगी। उन्होंने मतगणना के दिन विद्युत की सतत् आपूर्ति हो और किसी भी वजह से मतगणना कार्य प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतगणना स्थल पर सभी व्यवस्थाएँ सुचारू तरीके से संचालित रहें।

निरीक्षण के दौरान सीहोर एसपी मयंक अवस्थी, अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह, एएसपी गीतेश गर्ग, संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी आनंद सिंह राजावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

भोपाल : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (मध्य प्रदेश) अनुपम राजन ने 23 मई को देवास में "केन्‍द्रीय विद्यालय बैंक नोट प्रेस" पहुँचकर मतगणना स्थल का निरीक्षण किया। लोकसभा निर्वाचन-2024 अंतर्गत 4 जून को देवास जिले की 5 विधानसभा क्षेत्रों में हुए मतदान की मतगणना होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने विधानसभावार बनाए गए मतगणना कक्षों में जाकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान बताया गया कि देवास व हाटपीपल्या विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना केंद्रीय विद्यालय भू-तल पर स्थित अलग-अलग हॉल में की जाएगी। वहीं सोनकच्छ, खातेगांव व बागली विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना प्रथम तल स्थित कक्षों में की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने मतगणना टेबल, मतगणना कार्य में संलग्न अधिकारी/कर्मचारियों की संख्या, सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने केन्‍द्रीय विद्यालय बैंक नोट प्रेस देवास में बनाये गये कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। साथ ही मतगणना स्थल परिसर में निर्वाचन अभ्यर्थियों के मौजूद प्रतिनिधियों से चर्चा की तथा सीसीटीवी के माध्यम से कक्ष से ही स्ट्रांग रूम की मॉनीटरिंग संबंधी व्यवस्था को देखा। निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन मतगणना व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी देवास ऋषव गुप्‍ता ने मतगणना के लिए की जा रही तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, सीईओ जिला पंचायत हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर प्रवीण फुलपगारे, एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

भोपाल । पूर्व की शिवराज सरकार में कार्यकर्ताओं की नाराजगी से सबक लेते हुए डा. मोहन सरकार लोकसभा चुनाव के बाद उन सभी संस्थाओं में चुनाव कराने की तैयारी कर रही है, जिनमें किसी न किसी रूप में पार्टी कार्यकर्ताओं को सत्ता में भागीदारी दी जा सकती है, इसी के तहत सबसे पहले सहकारी संस्थाओं में चुनाव कराने का फैसला किया गया है। इन संस्थाओं में बीते एक दशक से चुनाव नहीं कराए गए हैं। इसकी वजह से आमजन की जगह अफसरों ने बतौर प्रशासक रहते हुए जमकर मौज काटी है। संगठन भी सहकारी संस्थाओं में चुनाव कराने का पक्षधर है। संगठन के इशारे पर सरकार ने जल्द ही सहकारी साख समितियों के चुनाव कराने की तैयारी शुरु कर दी है। प्रदेश में इस समय करीब साढ़े चार हजार प्राथमिक किसान साख सहकारी समितियां हैं। इनमें 2012- 2013 के बाद से चुनाव नहीं हुए हैं। 2013 के बाद चुनाव 2018 में होने थे पर उसके बाद भी इनमें चुनाव नहीं कराया गया है। इन संस्थाओं को लेकर पूर्व की भाजपा सरकार का रुख इससे ही समझा जा सकता है कि हाईकोर्ट भी बीते साल इन संस्थाओं में चुनाव कराने के निर्देश दे चुका है, लेकिन इसके बाद भी चुनाव नहीं कराए गए। दरअसल, शिव सरकार में अफसरशाही हावी रहने की वजह से सत्ता में कार्यकर्ताओं को भागीदारी देने वाली संस्थाओं में चुनाव कराने से बचती रही है।
इस तरह से होंगे चुनाव: सहकारी क्षेत्र में सबसे प्रमुख कड़ी सरकारी साख समितियां होती हैं। इसकी वजह से इन्ही समितियों के सबसे पहले चुनाव होंगे। इसमें किसान सदस्य होते हैं। समिति के सदस्य एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, एक बैंक प्रतिनिधि समेत 11 से 15 संचालकों को चुनाव करते हैं। जिसमें से एक प्रतिनिधि मार्केटिंग सोसायटी, एक इफ्को के लिए चुना जाएगा। इसके बाद जिला बैंक के लिए निर्वाचित हुए प्रतिनिधियों में से सहकारी बैंक के संचालकों का चुनाव किया जाएगा। इसमें बैंक प्रतिनिधि को वोट डालने के साथ ही चुनाव लडऩे का भी अधिकार होता है। जिला बैंकों में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, एक अपेक्स बैंक प्रतिनिधि समेत कृभको, एपको समेत अन्य सहकारी संस्थाओं के लिए प्रतिनिधि चुने जाते हैं। यही प्रतिनिधि अपेक्स बैंक के अध्यक्ष को चुनते हैं। हर बैंक में सदस्यों की संख्या के मान से 11 से 15 संचालक निर्वाचित होते हैं।

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