मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश (4738)

भोपाल। जननायक क्रांतिकारी वीर टंट्या भील के शहीदी दिवस को प्रदेश सरकार गौरव दिवस के रूप में मनाने जा रही है। टंट्या मामा के जन्म और शहीदी स्थल की माटी कलश यात्रा का शनिवार दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुभारंभ करेंगे।
खंडवा के पंधाना के बडौदा अहीर से यात्रा की शुरुआत होगी, यहां स्मारक का रंगरोगन और पहुंच मार्ग के लिए सड़कें सुधार दी गई है। कलश यात्रा निमाड़ भ्रमण कर 4 दिसंबर शहीद दिवस पर पातालपानी पहुंचेगी। पातालपानी रेलवे स्टेशन का नाम टंट्या मामा के नाम से घोषित होगा।
रथ पर आदिवासी नृत्य रहेगा आकर्षण का केंद्र
कलश यात्रा में आदिवासी संस्कृति की झलक भी दिखाई देगी। कलश यात्रा के दौरान एक खुले रथ पर पारंपरिक आदिवासी भेषभूषा में ढोल मांदल की थाप पर आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति देते हुए आदिवासी कलाकारों की टोली शामिल रहेंगी। गौरव दिवस पर जिले से 15 हजार लोग पातालपानी के कार्यक्रम में शामिल होंगे। जिसमें से 10 हजार आदिवासी पंधाना विधानसभा से जाएंगे। कलश यात्रा में 700 से अधिक लोग वाहनों से साथ चलेंगे।
पातालपानी में एक लाख आदिवासी होंगे शामिल
4 दिसंबर को अमर क्रांतिकारी टंट्या भील को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के उद्देश्य से पातालपानी में भव्य कार्यक्रम किया जाएगा। मुख्य आयोजन में प्रदेश के आदिवासी जिलों से करीब एक लाख आदिवासी शामिल होंगे। टंट्या मामा का जन्म खंडवा जिले में पंधाना के पास बड़ोद अहीर गांव में हुआ था। वीर टंट्या भील को जबलपुर जेल में फांसी दी गई थी। उनका अंतिम संस्कार महू के पास पातालपानी में हुआ था।
निमाड़ भ्रमण कर निकलेगी माटी कलश यात्रा
यात्रा पहले दिन बड़ोद अहीर, नेपानगर, सिंगोट में रहेंगी। रात्रि विश्राम सिंगोट में करने के बाद अगले दिन 28 नवंबर को आशापुर, खंडवा छैगांवमाखन होते हुए भीकनगांव पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 29 नवंबर को झिरनिया, चिरिया, मुडिया, बिस्टान तथा खरगोन, 30 नवंबर को सेगांव नागरवाड़ी, सेंधवा तथा निवाली 1 दिसंबर को पलसूद, सिलावद, बड़वानी तथा कुक्षी, 2 दिसंबर को गंधवानी, मनावर तथा धरमपुरी, 3 दिसंबर को नालछा होते हुए धार पहुंचेगी और 4 दिसंबर को पातालपानी आकर मुख्य कार्यक्रम में शामिल होगी।

भोपाल । यूरिया की किल्लत को दूर करने के लिए देश में पहली बार नैनो यूरिया का उत्पादन शुरू किया गया है। उत्तर प्रदेश के बाद इसे मध्यप्रदेश के किसानों को उपलब्ध कराने की कार्रवाई चल रही है। गेहूं व सरसों की खेती के लिए नैनो यूरिया उत्पादन में कितना सहायक होगा इसका खुलासा मार्च में दोनों फसलों की कटाई के बाद सामने आएगा।
नैनो यूरिया तरल एक नया और अनोखा उर्वरक है जिसे दुनिया में पहली बार इफको द्वारा गुजरात के कलोल स्थित नैनो बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर में इफको की पेटेंटेड तकनीक से विकसित किया गया है। इफको ने इस उत्पाद को मई महीने में दुनिया के सामने पेश किया इसकी पहली खेप को गुजरात के कलोल से उत्तर प्रदेश के लिए भेजी गई और अब मध्यप्रदेश के खेतों में भी गेहूं की बोवनी से लेकर टॉप ड्रेसिंगके लिए तरल यूरिया का नवाचार होगा।
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के लिए सुरक्षित नैनो यूरिया
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर के मुताबिक, लीचिंग और गैसीय उत्सर्जन के जरिए खेतों से हो रहे पोषक तत्वों के नुकसान से पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर असर हो रहा है। इसे नैनो यूरिया के प्रयोग से कम किया जा सकता है क्योंकि इसका कोई अवशिष्ट प्रभाव नहीं है। भारत में खपत होने वाले कुल नाइट्रोजन उर्वरकों में से 82 प्रतिशत हिस्सा यूरिया का है और पिछले कुछ वर्षों में इसकी खपत में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2020-21 के दौरान यूरिया की खपत 37 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंचने का अनुमान है। नैनो यूरिया तरल पर्यावरण हितैषी, उच्च पोषक तत्व उपयोग क्षमता वाला एक अनोखा उर्वरक है जो लंबे समय में प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग कम करने की दिशा में एक टिकाऊ समाधान है, क्योंकि यह नाइट्रस ऑक्साइड के उत्सर्जन को कम कर देता है तथा मृदा, वायु एवं जल निकायों को दूषित नहीं करता है।
नैनो यूरिया का आयतन अनुपात 10,000 गुना अधिक
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इफको नैनो यूरिया के एक कण का आकार लगभग 30 नैनोमीटर होता है। सामान्य यूरिया की तुलना में इसका पृष्ठ क्षेत्र और आयतन अनुपात लगभग 10,000 गुना अधिक होता है। इसके अतिरिक्त, अपने अति-सूक्ष्म आकार और सतही विशेषताओं के कारण नैनो यूरिया को पत्तियों पर छिड़के जाने से पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित कर लिया जाता है। पौधों के जिन भागों में नाइट्रोजन की आवश्यकता होती है ये कण वहां पहुंचकर संतुलित मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
बोतल की पैकिंग में मिलेगा नैनो यूरिया
अधिकारियों ने कहा नैनो यूरिया 21वीं सदी का उत्पाद है। आज के समय की जरूरत है कि हम पर्यावरण, मृदा, वायु और जल को स्वच्छ और सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढिय़ों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करें। नैनो यूरिया संयंत्रों में प्रथम चरण में 14 करोड़ व दूसरे चरण में वर्ष 2023 तक अतिरिक्त 18 करोड़ बोतलों का उत्पादन किया जाएगा। इस प्रकार वर्ष 2023 तक ये 32 करोड़ बोतल संभवत: 1.37 करोड़ मीट्रिक टन यूरिया की जगह ले लेंगे।

भोपाल । भाजपा के साथ कांग्रेस भी मिशन 2023 की तैयारी में जुट गई है। इसी सिलसिले में गतदिनों कमलनाथ ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाकात की। सूत्र बताते हैं कि कमलनाथ ने सोनिया गांधी को प्रदेश का फीडबैक दिया। उसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कमलनाथ को प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन करने और संगठन का विस्तार करने के लिए फ्री हैंड कर दिया है। अब संभावना जताई जा रही है कि मप्र कांग्रेस का विस्तार दिसंबर में किया जा सकता है।
गौरतलब है कि उपचुनावों के बाद से ही कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पदाधिकारियों के साथ निरंतर मंथन कर रहे हैं। अब प्रदेश अध्यक्ष की प्राथमिकता संगठन को मजबूत करने की है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि कमलनाथ जल्द ही संगठन विस्तार कर सकते हैं।
कमलनाथ छोड़ सकते हैं नेता प्रतिपक्ष का पद
मप्र कांग्रेस संगठन में विस्तार के कयास लंबे समय से लगाए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान कमलनाथ ने प्रदेश संगठन का खाका भी उनके सामने प्रस्तुत किया। अब यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि कमलनाथ नेता प्रतिपक्ष का पद छोड़ सकते हैं। बता दें कि बीते समय से कांग्रेस के संगठन को लेकर चर्चाएं चल रहीं हैं। वहीं कमलनाथ भी लोकसभा चुनाव के बाद कमलनाथ कह चुके हैं कि वह दोनों में से एक पद छोडऩा चाहते हैं। हालांकि अभी तक इस पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं हुआ है।
युवा और सक्रिय नेताओं को मिलेगी जगह
प्रदेश संगठन में होने जा रही नियुक्तियों में जहां युवा और सक्रिय नेताओं को मुख्य भूमिका में रखा जाएगा, वहीं पार्टी के कई नाराज नेताओं-कार्यकर्ताओं को एडजस्ट किया जाएगा। ब्लॉक से लेकर प्रदेश स्तर तक हजारों कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं को पद और सम्मान दिया जाएगा, ताकि दो साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को सक्रिय किया जा सके। प्रदेश में वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। संगठन में कसावट लाने के लिए सहयोगी संगठनों की समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। 50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रदेश से लेकर ब्लाक स्तर तक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 14 नवंबर को बाल कांग्रेस का गठन भी किया गया है। इसमें 16 से 20 साल के विद्यार्थियों को सदस्य बनाया जाएगा।
आंदोलन का रोड मैप भी तैयार
कांग्रेस आलाकमान ने सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को महंगाई और पेट्रोलियम की बढ़ी कीमतों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ धरने-प्रदर्शन का टास्क दिया है। तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा के बाद कांग्रेस किसान आंदोलन में किसानों की मौत और अब तक हुए नुकसान का मुद्दा भी उठा रही है। इसे केंद्र सरकार की बड़ी विफलता के तौर पर जनता में भुनाने की प्लानिंग है। केंद्र की मोदी सरकार के 7 साल से ज्यादा के कार्यकाल की विफलता जनता के बीच ले जाने की तैयारी कांग्रेस पार्टी की ओर से की जा रही है। प्रदेश में भाजपा की सरकार है, इसलिए राज्य में बड़े लेवल पर आंदोलन और धरने-प्रदर्शन के कार्यक्रमों को रोड मैप भी तैयार किया गया है।
मप्र नहीं छोडूंगा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने एक बार फिर दोहराया है कि वे मप्र नहीं छोड़ेंगे। एक व्यक्ति, एक पद की व्यवस्था के तहत पार्टी अध्यक्ष जो भी फैसला करें, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। कमलनाथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होने के साथ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। वे नेता प्रतिपक्ष पद के लिए किसी अन्य नेता का चयन करने के लिए आपसी सहमति बनाने की बात पहले ही कह चुके हैं।

भोपाल । प्रदेश की नौकरशाही में हमेशा क्षेत्रवाद और भेदभाव देखा जाता है। इस कारण प्रदेश के अफसर प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जाने की कोशिश में लगे रहते हैं। आईएएस अफसरों की लगातार कोशिश रहती है कि वे केंद्र के मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालें। लेकिन अब आईपीएस अधिकारी भी आईएएस की राह पर चल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि अब वरिष्ठ तो ठीक कनिष्ठ अफसर तक केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने को लालायित रहने लगे हैं। सामान्य तौर पर सीनियर अफसर ही प्रतिनियुक्ति पर जाना पसंद करते हैं, इसकी वजह होती है उन्हें राज्य की तुलना में बेहतर ओहदा मिलना। इसके उलट आईपीएस अफसरों की केंद्र में जाने की आंकड़ा सामान्य तौर पर बेहद ही कम रहता है।
दरअसल प्रदेश में एसपी स्तर के अफसरों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसकी वजह से उन्हें बराबर काम करने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से वे केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को आतुर हो जाते हैं। फिलहाल चार आईपीएस अफसर केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी में लगे हुए हैं। इनमें जहां तीन स्पेशल डीजी तो एक एसपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इनमें शामिल डीजी जेल अरविंद कुमार द्वारा प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए आवेदन दिया जा चुका है। माना जा रहा है कि उनके नाम पर जल्द ही केन्द्र सरकार मुहर लगा सकती है। इसी तरह से स्पेशल डीजी राजेंद्र कुमार मिश्रा सेवी चेयरमैन के पद पर काम करने के इच्छुक माने जा रहे हैं, तो स्पेशल डीजी शैलेश सिंह भी प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी में हैं। इनके अलावा एसपी स्तर के अधिकारी पंकज कुमावत ने भी सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए आवेदन दे दिया है। वे वर्तमान में पुलिस अधीक्षक सीधी के पद पर पदस्थ हैं। अगर एसपी स्तर के अफसरों की बात की जाए तो कुमावत के पहले से ही जयदेवन ए, आकाश जिंदल, ए. सियास, रुचिका जैन जिंदल, अजय सिंह और डी. कल्याण चक्रवर्ती और कार्तिकेयन भी अभी प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में पदस्थ हैं। यह बात अलग है कि इनमें से कुछ आईपीएस अफसर अब एसपी की जगह डीआईजी रैंक में आ गए हैं।
एसपी स्तर के अफसरों की संख्या में तेजी से वृद्वि
मप्र में 2008 बैच तक के अफसर डीआईजी बन चुके हैं। इनके बाद के अफसर अभी एसपी रैंक में हैं। इनमें से 2016 बैच तक के आईपीएस अफसर बतौर एसपी के पद पर पदस्थ हैं। इनमें उन आईपीएस अफसरों की संख्या भी बहुत है, जो राज्य पुलिस सेवा के कैडर से आईपीएस बने हैं। हालात यह हैं कि जिलों में एसपी और कमांडेंट के अलावा तकरीबन दो दर्जन एसपी स्तर के अफसर वर्तमान में पुलिस मुख्यालय में बतौर एआईजी के पद पर पदस्थ हैं। इसके अलावा करीब डेढ़ दर्जन आईपीएस ऐसे हैं, जिन्हें अब तक पुलिस कप्तान बनने का मौका नही मिला है। इसके अलावा इस साल जल्द ही राज्य पुलिस सेवा के 11 अफसर नए आईपीएस बनने वाले हैं, जबकि डीआईजी बनने वाले अफसरों की संख्या कम है। इसकी वजह से एसपी स्तर के अफसरों की संख्या में तेजी से वृद्वि हो जाएगी। इसकी वजह से उनकी जिलों में की जाने वाली पदस्थापना में दिक्कत आना तय है। माना जा रहा है कि इसी वजह से मेहनती और बिना जुगाड़ वाले अफसर केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने की राह को चुन रहे हैं।
पदोन्नति के बाद लौटे कई अफसर
मप्र में ऐसे कई आईपीएस अफसर हैं, जो मप्र कैडर में शुुरुआती दिनों में एसपी रेंक मिलने के बाद केन्द्र पर प्रतिनियुक्ति पर चले गए थे। इसके बाद वे मप्र में तब लौटे जब वो उच्च पद पर पदोन्नत हो चुके। दरअसल प्रदेश में उन अफसरों को ही मैदानी स्तर पर अच्छी पदस्थापना मिलती है, जिनका या तो राजैनितक रसूख होता है या फिर प्रशासनिक पकड़। इस मामले में ऐसे भी कई उदाहरण हैं, जो राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस मिलने के बाद भी किसी भी जिले में कप्तान नहीं बनाए गए और वे बगैर कप्तान बने ही सेवानिवृत हो गए हैं।

रायसेन. सांची में वैक्सीनेशन अभियान चलाने के लिए एक दिन पहले ही विभागीय अधिकारियों की एसडीएम ने बैठक ली थी आज वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया इसमें वैक्सीनेशन सेंटरों पर वैक्सीनेशन करवाने वालों की खासी भीड़ देखी गई ।
आज नगर में वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया इसमें नगर के लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया । इसके एक दिन पहले ही वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने एसडीएम ने बैठक ली थी ।
जानकारी के अनुसार आज नगर में वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया । इस अभियान के अंतर्गत वैक्सीनेशन सेंटरों के रूप में शासकीय कन्या हाई स्कूल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीनेशन करवाने वालों की खासी भीड़ दिखाई दी इसमें शाम चार बजे तक स्वास्थ्य केंद्र में 177 तथा स्कूल में 195 लोगों ने वैक्सीनेशन का दूसरा डोज लिया । इसके पूर्व एसडीएम एल के खरे ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली थी तथा शत् प्रतिशत वैक्सीनेशन करवाने के निर्देश दिए गए थे आज दिन भर अधिकारी कर्मचारियों ने वैक्सीनेशन करवाने के लिए लोगों को घर घर जाकर करवाने की अपील की थी आज सेंटरों पर वैक्सीनेशन करवाने लोगों का तांता लगा रहा । बताया जाता है कि लगभग वैक्सीनेशन अंतिम दौर में पहुंच गया है शेष रहे लोगों को भी वैक्सीनेशन करवा कर शत् प्रतिशत वैक्सीनेशन करवा लिया जायेगा ।

भोपाल । सीबीआई की विशेष कोर्ट ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2012 में स्कोरर की मदद से परीक्षा पास करने वाले आरोपी को सात साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 7 हजार रुपए का अर्थदंड की सजा दी है। सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश ऋषिराज सिंह सिसौदिया की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। सीबीआई ने यह मामला सुप्रीम कोर्ट के अनुपालन में 9 जुलाई 2015 को धर्मेन्द्र रावत के खिलाफ दर्ज किया था। मामले में जांच एजेंसी ने धर्मेन्द्र रावत को गिरफ्तार किया था।
अगस्त में दायर किया आरोप पत्र
सीबीआई ने 23 अगस्त 2017 को धर्मेन्द्र के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया था। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि धर्मेन्द्र ने अज्ञात स्कोरर की मदद से उसने परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह पुलिस विभाग में ज्वाइन कर लिया। एजेंसी के तथ्य, सबूतों को कोर्ट ने सही मानते हुए आरोपी को सजा सुनाई। उसे जेल भेज दिया गया।

भोपाल । मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव छह दिसंबर के बाद कभी भी कराए जा सकते हैं। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश लागू होने के बाद मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत सिर्फ उन्हीं पंचायतों की मतदाता सूची नए सिरे से तैयार की जाएगी, जो नया परिसीमन निरस्त करने से प्रभावित हुई हैं। फोटोयुक्त मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन ग्राम पंचायत सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 29 नवंबर को किया जाएगा। दावे- आपत्ति का निराकरण करके छह दिसंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बीएस जामोद ने बताया है कि गुरुवार से मतदाता सूची का काम प्रारंभ हो जाएगा। 26 नवंबर तक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उन मतदाताओं की क्षेत्रवार पहचान कर लेंगे, जिनके नाम दूसरे मतदान केंद्रों की सूची में दर्ज किए जाने हैं।
तीन दिसंबर तक दावे-आपत्ति लिए जाएंगे
29 नवंबर को फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का ग्राम पंचायत स्थानों पर प्रकाशन होगा। तीन दिसंबर तक दावे-आपत्ति लिए जाएंगे और चार दिसंबर को इनका निराकरण किया जाएगा। छह नवंबर को फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। इस बीच पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग आयोग को 2014 की स्थिति में आरक्षण सहित अन्य जानकारियां उपलब्ध कराएगा। इसके आधार पर आयोग निर्वाचन कार्यक्रम तैयार करेगा।

सतना जिले में मैहर के पास जीतनगर में एक भीषण सड़क हादसे में दंपती और उनके बेटा-बेटी की मौत हो गई। दंपती और बेटी की मौत घटनास्थल पर जबकि बेटे की मौत जबलपुर ले जाने के दौरान हुई। मैहर स्थित उपाध्याय मोबाइल के संचालक सत्यम उपाध्याय, पत्नी मेनका, 10 साल की बेटी इशानी और 8 साल के बेटे स्नेह के साथ सतना से वापस मैहर लौट रहे थे, तभी जीतनगर में ट्रक ने उनके कार को टक्कर मार दी और करीब 50 फीट तक घसीटता ले गया। घटना बुधवार रात साढ़े 11 बजे की है। बताया जा रहा है कि टायर फटने के बाद ट्रक रुका।

स्थानीय लोगों ने कार के अंदर फंसे परिवार को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सत्यम, मेनका और ईशानी की मौत हो चुकी थी। SDOP हिमाली सोनी मौके पर पहुंचीं और गंभीर रूप से घायल स्नेह को सतना भेजा। उधर, हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर को थोड़ी देर बाद पुलिस ने पकड़ लिया। वह दुर्घटना स्थल पर ही झाड़ियों के पीछे छिपा बैठा था। बताया जा रहा है कि सत्यम परिवार के साथ सतना में घूमने और शॉपिंग करने आए था।

बिरला अस्पताल ने घायल बच्चे को लौटाया

उधर, स्नेह को सीधे बिरला अस्पताल लाया गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उसे भर्ती नहीं किया। बाद में उसे वापस जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां भी समय से इलाज शुरू नहीं हो पाया। काफी देर तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर ही नहीं आया, जिसके कारण बच्चे को एंबुलेंस में ही रखना पड़ा। खबर मिलने पर SP धर्मवीर सिंह खुद जिला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने स्नेह को जबलपुर के लिए रवाना किया। बताया जा रहा है कि जबलपुर पहुंचने से पहले स्नेह ने रास्ते में दम तोड़ दिया।

परिवार घूमने आया था सतना

बताया जाता है कि बुधवार को मैहर में बाजार बंद रहता है। कटनी रोड पर उपाध्याय मोबाइल के नाम से दुकान चलाने वाले सत्यम बाजार बंद होने के चलते परिवार को घुमाने और शॉपिंग कराने के लिए सतना लेकर आए थे। जीतनगर के पास जहां यह हादसा हुआ है, वहां यू-टर्न है, जिसके कारण आए दिन वहां हादसे होते रहते हैं।

 

- कहा - बच्ची के परिवार को दिलाया जाएगा न्याय

रायसेन. रायसेन जिले के गैरतगंज नगर के वार्ड क्रमांक 5 के रहवासी दंपत्ति नवीन विश्वकर्मा - गायत्री विश्वकर्मा की नवजात बालिका का मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक डा. प्रभुराम चौधरी ने त्वरित जांच के निर्देश हमीदिया अस्पताल प्रबंधन को दिए हैं। मंगलवार को अस्पताल का दौरा कर इस मामले में उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली।
बीती 20 नवंबर को भोपाल के हमीदिया अस्पताल प्रबंधन ने नवीन विश्वकर्मा-गायत्री विश्वकर्मा दंपत्ति की नवजात बालिका का शव सौंपा था। बाद में गैरतगंज में इस मामले में हंगामा होने एवं बालिका के शव पर अन्य नाम का टैग होने से हमीदिया प्रबंधन ने दंपत्ति से शव वापिस लेकर जांच करने का कहा था। स्वास्थ्य मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी ने मामले की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को हमीदिया अस्पताल पहुंचकर विस्तार से मामले की जानकारी ली। उन्होंने भोपाल कमिश्नर गुलशन बामरा, डीआईजी इरशाद बली, गांधी मेडिकल कालेज के डीन अरविंद राय, पीडियाट्रिक्स विभागाध्यक्ष डा. दीपक मरावी एवं ज्योत्सना श्रीवास्तव के साथ हमीदिया में बैठक कर इस मामले में जल्द जांच कर समुचित कार्यवाही के निर्देश दिए। डा. चौधरी ने कहा कि बच्ची के परिजनों को जल्द न्याय मिलना चाहिए इसके लिए अधिकारी त्वरित ढंग से काम करें। उन्होंने डीएनए जांच जल्द कराने को कहा। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वे जल्द ही बच्ची के परिजनों से गैरतगंज में मुलाकात कर रहे हैं तथा परिवार को उचित सहायता भी दी जाएगी।

भोपाल। स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 के लिए भोपाल जिले की 187 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता को लेकर अलग-अलग नवाचार किये जा रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण के तहत देश भर के 698 जिलों के 17 हजार 475 गांव को कवर किया जा रहा है। सर्वेक्षण के लिए इन गांव के सार्वजनिक स्थानों जैसे आंगनबाड़ियों, स्कूलों, स्वास्थ्य केन्द्रों, हाट बाजार, धार्मिक स्थलों का स्वच्छता संबंधी सर्वे किया जाएगा एवं एसबीएम से संबंधित मुद्दों पर ग्रामीण नागरिकों का मत लिया जाएगा। स्वच्छता सर्वेक्षण - 2021 में मेन फोकस ठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रबंधन, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, ओडीएफ स्थिरता बनाये रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया जाएगा।

भोपाल के देहातों में स्वच्छता के नवाचार
भोपाल जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिला पंचायत भोपाल के द्वारा गोबर गेस संयंत्र के साथ-साथ मुगालिया छाप एवं बरखेड़ी अब्दुल्ला में स्थित गौशालाओं के साथ एमओयू करार किया है। जिसके अंतर्गत आस-पास के ग्राम पंचायतों का गोबर एकत्र करके जैविक खाद के लिये दिया जाएगा। एकत्रित गोबर का एक उचित मूल्य भी किसानों को मिलेगा। इसके लिए भोपाल के अलग-अलग गांव में पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं जिसमें पशुपालकों और किसानों के पशुओं का स्वास्य्श परीक्षण किया जा रहा है एवं उन्हें एसएसजी 2021 से भी जोड़ा जा रहा है।
मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जागरूकता अभियान चला रही है। जिसके अंतर्गत सेनेट्री नेपकिन पेड का उपयोग एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को दी जा रही हैं। भोपाल जिले के 20 से अधिक गांव ओडीएफ प्लस हो चुके है। इसकी निरंतरता को बनाये रखने के लिए एवं शौचालय के लिए "मेरा शौचालय मेरी शान" अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही अपशिष्ट कचरा प्रबंधन के लिए अलग-अलग तरीकों से कचरा एकत्रित किया जा रहा है एवं उनका बेहतर तरीके से निपटान भी किया जा रहा है।

Page 1 of 339

फेसबुक