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पिछले 3 महीनों में 30 हजार ओपीडी, 200 से अधिक प्रसव

रायपुर के 4 ‘हमर अस्पताल’ में लोगों को मिल रही है कई नई सेवाएं, 42 तरह की जांच की सुविधा, 150 प्रकार की दवाएं निःशुल्क

दंत चिकित्सा, सोनोग्राफी और एक्स-रे की सुविधा भी

रायपुर. 27 नवम्बर 2021

हमर अस्पताल’ ने बदली स्वास्थ्य सेवाओं की सूरत और सीरत

राजधानी रायपुर में संचालित चार ‘हमर अस्पताल’ से शहर में स्वास्थ्य सेवाओं की सूरत और सीरत बदल रही है। कई नई सुविधाओं से लैस इन अस्पतालों में पिछले तीन महीनों अगस्त, सितम्बर एवं अक्टूबर में 30 हजार ओपीडी हुई हैं। इस दौरान यहां 200 से अधिक प्रसव भी कराए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से गुढ़ियारी के शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा राजातालाब, भाठागांव और भनपुरी स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का पिछले वर्ष ‘हमर अस्पताल’ के रूप में उन्नयन किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने मार्च-2020 में गुढ़ियारी में और नवम्बर-2020 में राजातालाब, भाठागांव और भनपुरी में ‘हमर अस्पताल सेवा’ का शुभारंभ किया था।

हमर अस्पताल’ ने बदली स्वास्थ्य सेवाओं की सूरत और सीरत

लोगों को सुबह से लेकर देर शाम तक चिकित्सा सेवा मुहैया कराने के लिए इन अस्पतालों में सवेरे 8 बजे से रात 8 बजे तक ओपीडी संचालित की जा रही है। यहां की आधुनिक लैब में मरीजों को 42 तरह की जांच की सुविधा मिल रही है। इन अस्पतालों में 150 प्रकार की दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध हैं। चारों ‘हमर अस्पताल’ में विगत सात महीनों में कुल 1611 लोगों के आंखों की जांच की गई है। गुढ़ियारी ‘हमर अस्पताल’ में विगत सात महीनों (अप्रैल से अक्टूबर 2021) में 1188 लोगों के दांत के इलाज के साथ ही 320 मरीजों को एक्स-रे सुविधा प्रदान की गई है। राजातालाब और गुढ़ियारी ‘हमर अस्पताल’ में इस साल अगस्त से सोनोग्राफी की सुविधा भी शुरू हो चुकी है। इन दोनों अस्पतालों में अगस्त से अक्टूबर के बीच क्रमशः 151 और 163 मरीजों की सोनोग्राफी की गई है। अन्य ‘हमर अस्पतालों’ में भी दंत चिकित्सा, सोनोग्राफी और एक्स-रे की सुविधा विकसित की जा रही है।

’हमर अस्पताल’ ने बदली स्वास्थ्य सेवाओं की सूरत और सीरत

नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पिछले सात महीनों में चारों ‘हमर अस्पताल’ में कुल 335 बच्चों को हेपेटाइटिस-बी, 282 बच्चों को विटामिन-के की खुराक तथा 405 बच्चों को बीसीजी का टीका एवं ओरल पोलियो वैक्सीन दी गई है। गुढ़ियारी ‘हमर अस्पताल’ की ओपीडी में बीते तीन महीनों में 8709, राजातालाब ‘हमर अस्पताल’ की ओपीडी में 8687, भनपुरी ‘हमर अस्पताल’ की ओपीडी में 7143 और भाठागांव ‘हमर अस्पताल’ की ओपीडी में 5441 लोगों ने अपना इलाज कराया है। इस दौरान गुढ़ियारी ‘हमर अस्पताल’ में 77, राजातालाब ‘हमर अस्पताल’ में 53, भनपुरी ‘हमर अस्पताल’ में 38 और भाठागांव ‘हमर अस्पताल’ में 35 महिलाओं का प्रसव कराया गया है।

रायपुर, 27 नवम्बर 2021

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया शुक्रवार को रायपुर के माना कैम्प में ‘फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन संेटर के बढ़ते कदम‘ कार्यक्रम में शामिल हुंई। कार्यक्रम का आयोजन सरगुजा जिले के दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग प्रदान करने के उपलक्ष्य में किया गया था। श्रीमती भेंड़िया ने सरगुजा जिले से आए 14 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग लगने पर मिठाई खिलाकर बधाई दी और फूल मालाओं से उनका सम्मान किया।  

सरगुजा जिले के दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग प्रदान
श्रीमती भेंड़िया ने सभी दिव्यांगजन से बातचीत कर उनकी परेशानी जानी और भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन संेटर (पीआरआरसी) में दिव्यांगजन के लिए कृत्रिम अंग बनाने, लगाने और प्रशिक्षण कक्ष के साथ स्पीच थेरेपी कक्ष का अवलोकन किया। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के संचालक पी.दयानंद भी उपस्थित थे।

सरगुजा जिले के दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग प्रदान
श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा है कि अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुविधाओं की पहुंच हो। उनके निर्देशों पर चलते हुए पीआआरसी की टीम सरगुजा के गांव-गांव के दिव्यांगजन तक पहुंची। उन्होंने विभागीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि सरगुजा की तरह तरह टीम हर जिले तक पहुंचे। बस्तर के बीहड़ों में जाकर भी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर अच्छा और जिम्मेदारी के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि कृत्रिम अंगों से दिव्यांग लोगों ने आज अपने कदम आगे बढ़ाए हैं,आगे वे जल्दी चलने लगेंगे और अपने परिवारों का सहारा बनेंगे। उन्होंने कहा कि छोटे-बच्चों को फिर से खेलते-दौड़ते देखकर माता-पिता की खुशी को शब्दों में नहीं बताया जा सकता। बड़े हॉस्पिटल में कृत्रिम अंगों के लिए लाखों रूपए खर्च करने पड़तें हैं। समाज कल्याण विभाग की अत्याधुनिक मशीनों से तैयार होकर हितग्राहियों की जरूरत निःशुल्क पूरी हो रही है। इस अवसर पर सरगुजा जिला पंचायत की सभापति सुश्री राधा रवि ने सरगुजा में विशेष शिविर के लिए आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पीआरआरसी सेंटर के विशेषज्ञों द्वारा विगत 24 से 30 अक्टूबर तक सरगुजा जिले के 7 विकासखण्डों में शिविर लगाकर 140 दिव्यांग हितग्राहियों को चिन्हांकित किया है। विभाग द्वारा इन हितग्राहियों को 155 क्रत्रिम उपकरण निःशुल्क प्रदान कर उनकी जीवन में फिर से गति लाने का प्रयास किया जा रहा है। 140 दिव्यांगजन में 65 हितग्राहियों के नकली पैर तैयार करने के लिए रायपुर स्थित पीआरआरसी सेंटर लाना है, अन्य को सरगुजा में ही अंग प्रदान किए जाएंगे। प्रथम बैच में 14 दिव्यांगजन को रायपुर लाकर कृत्रिम अंग लगाए गए हैं। शेष दिव्यांगजन को अलग-अलग बैच में रायपुर लाकर कृत्रिम अंग लगाए जाएंगे। सरगुजा की तरह भविष्य में सभी जिलों में दिव्यांगजन के चिन्हांकन के लिए शिविर लगाकर उन्हें निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान किये जाने की योजना है।

नई दिल्ली. भारत सरकार ने किसानों की एक और अहम मांग मान ली है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ( Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किसान संगठनों ने किसानों द्वारा पराली जलाने (stubble burning) को अपराध से मुक्त करने की मांग की थी. भारत सरकार ने भी इस मांग को स्वीकार कर लिया है. पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने का फैसला केंद्र ने संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से दो दिन पहले किया है.इससे पहले तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने फसल विविधीकरण, शून्य-बजट खेती, और एमएसपी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है. इस कमेटी में किसान संगठनों के प्रतिनिधि होंगे.

उन्होंने कहा कि इस समिति के गठन से एमएसपी पर किसानों की मांग पूरी हुई. केंद्रीय कृषि मंत्री ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के संदर्भ में कहा कि इससे जुड़ा विधेयक शीतकालीन सत्र के पहले दिन (29 नवंबर को) संसद में पेश किया जाएगा.

तोमर ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा के बाद किसानों के आंदोलन को जारी रखने का कोई मतलब नहीं है. मैं किसानों से आंदोलन समाप्त करने और घर जाने का आग्रह करता हूं.
तोमर ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के फैसले के बाद मैं समझता हूं कि अब इसका कोई औचित्य नहीं रह जाता है. मैं किसान संगठनों से आग्रह करता हूं कि वह आंदोलन समाप्त करें. प्रधानमंत्री ने जो घोषणा की है उसका सम्मान करते हुए किसानों को घर लौटना चाहिए. वह बड़े मन का परिचय दें.

14 से 22 दिसंबर को ढाका में होने वाली इस चैंपियनशिप में भारत का पहला मुकाबला 14 दिसंबर को होगा जबकि पाकिस्तान से भिड़ंत 17 दिसंबर को होगी।एशियाई चैंपियंस ट्राफी के लिए हॉकी टीम की कमान मनप्रीत सिंह को सौंपी गई है। हॉकी इंडिया की ओर से चयनित 20 सदस्यीय टीम में टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम के सात सदस्य ही शामिल किए गए हैं। गोलकीपर पीआर श्रीजेश समेत 11 सदस्य शामिल नहीं किए गए हैं।

इनमें रूपिंदर पाल सिंह और बीरेंद्र लाकड़ा संन्यास ले चुके हैं। 14 से 22 दिसंबर को ढाका में होने वाली इस चैंपियनशिप में भारत का पहला मुकाबला 14 दिसंबर को होगा जबकि पाकिस्तान से भिड़ंत 17 दिसंबर को होगी।मस्कट (ओमान) में हुई पिछली एशियाई चैंपियंस ट्राफी में भारत और पाकिस्तान संयुक्त विजेता रहे थे। बरसात के चलते तब फाइनल नहीं हो सका था। इस बार टूर्नामेंट में कोरिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, जापान, मलेशिया टीमें खेल रही हैं।

टोक्यो में कांस्य जीतने वाली टीम के श्रीजेश, सुरेंदर कुमार, अमित रोहिदास, नीलकांत, गुरजंत सिंह, मंदीप सिंह, सिमरनजीत सिंह और विवेक सागर प्रसाद ढाका जाने वाली टीम में शामिल नहीं है। बताया जाता है कि श्रीजेश को आराम दिया गया है, जबकि विवेक जूनियर विश्व कप में भारतीय टीम की कमान संभाल रहे हैं।

भारतीय टीम के चीफ कोच ग्राहम रीड का कहना है कि टीम का चयन भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर किया गया है। टीम युवा और अनुभव का मिश्रण है और उनके पास अपनी प्रतिभा को दिखाने का बड़ा मौका है।

20 सदस्यों में 18 के दल से एकादश का चयन किया जाएगा। यह एक विश्वस्तरीय टूर्नामेंट है। सभी टीमों के पास अगले ओलंपिक के लिए जरूरी कंपटीशन को पाने का बेहतरीन मौका होगा।

नई दिल्ली . दक्षिण अफ्रीका में मिला कोविड-19 को नया वेरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया भर के शेयर बाजारों के साथ-साथ अब क्रिप्टो बाजार पर भी हावी हो चुका है। निवेशकों में इसको लेकर डर की भावना का आलम ये है कि दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन का दाम आज 40 हजार के स्तर तक आ गया। सिर्फ बिटक्वाइन ही नहीं बल्कि इथेरियम, पोल्काडॉट और डॉजक्वाइन सेत ज्यादातर डिजिटल मुद्राओं की कीमतों में गिरावट आई है। इसने निवेशकों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। 

बिटक्वाइन की कीमत 40 हजार के स्तर पर
कोरोना वायरस का नया वेरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में मिला, डब्ल्यूएचओ ने इसे पूराने स्वरूप से 30 गुना ज्यादा खतरनाक बताया है। हाल ये है कि इसने अब वो पूरे ग्लोबल मार्केट को अपनी चपेट में ले रहा है। हर बाजार इससे सहमा हुआ है। यहां तक कि क्रिप्टो बाजार भी इससे अछूता नहीं है। आंकड़े को देखें तो दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन की कीमत शनिवार को गिरकर 40,30,391 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गई। शुक्रवार को भी इसमें भारी गिरावट आई थी। 

इथेरियम समेत दुसरी करेंसी का हाल
सिर्फ बिटक्वाइन ही नहीं बल्कि दूसरी सबसे पसंदीदा डिजिटल करेंसी इथेरियम में भी ओमिक्रॉन वेरिएंट का असर दिखाई दे रहा है। इसकी कीमत में पांच फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। फिलहाल, इथेरियम की कीमत 18,998 रुपये कम 3,09,699 रुपये है। गौरतलब है कि इसी महीने इथेरियम अपने ऑल टाइम हाई के स्तर पर पहुंचा था और अब इसमें 20 फीसदी तक की कमी आ चुकी है। दूसरी मुद्राओं की बात करें तो कार्डानो मे तीन फीसदी, रिपल में पांच फीसदी, पोल्काडॉट में 7 फीसदी, डॉजक्वाइन में 3 फीसदी, शीबा इनु में 4 फीसदी, लाइटक्वाइन में 7 फीसदी, अंडर डॉग में 12 फीसदी और किशु इनु में 10 फीसदी तक की कमी आ चुकी है।

दुनिया भर के बाजार हुए धड़ाम
दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के खतरनाक वैरिएंट मिलने के बाद निवेशकों की चिंताएं भी बढ़ीं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि नया ओमिक्रॉन वैरिएंट B.1.1.529 डेल्टा वेरिएंट से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है और दक्षिण अफ्रीका में इसके 30 से अधिक नए मामले मिले हैं। इसके साथ ही इजराइल में भी इसका मामला सामने आया है। इसके बाद तो दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को बाजारों में इस कदर भगदड़ की स्थिति रही कि यूरोपीय शेयरों में जुलाई के बाद से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट आई, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी लाल निशान पर रहे। भारतीय बाजारों की बात करें तो शुक्रवार को यहां सात महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 

अंतिम के लिए महाराष्ट्र सबसे अच्छा फेयरिंग सर्किट रहा उसके बाद गुजरात बिहार का स्थान है। हालांकि उत्तरी बेल्ट बहुत अच्छा नहीं रहा। सलमान ने एक सिख की भूमिका निभाई है पर फिर भी फिल्म पंजाब में अच्छी कमाई नहीं कर पाई।

सलमान खान और आयुष शर्मा की मोस्ट अवेटेड फिल्म अंतिम शुक्रवार को देश भर में 3,500 स्क्रीनों पर रिलीज हुई। इस फिल्म को जॉन अब्राहम की सत्यमेव जयते 2 के साथ अधिकांश स्क्रीन पर 1:1 के अनुपात में शो साझा करने पड़े हैं। अंतिम की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स देख कर कहा जा सकता है कि फिल्म को धीमी शुरुआत मिली है।

अंतिम की धीमी शुरुआत

अंतिम के लिए महाराष्ट्र सबसे अच्छा फेयरिंग सर्किट रहा, उसके बाद गुजरात और बिहार का स्थान है। हालांकि, उत्तरी बेल्ट बहुत अच्छा नहीं रहा। वैसे ये आश्चर्य की बात की फिल्म में सलमान ने एक सिख की भूमिका निभाई है पर फिर भी फिल्म पंजाब में अच्छी कमाई नहीं कर पाई। हालांकि शाम के शो में भीड़ देखी गई जो कि एक अच्छा संकेत है।

अंतिम ने कमाए इतने करोड़

बॉक्स ऑफिस इंडिया वेबसाइट के मुताबिक, ‘अंतिम’ ने 4.25 से 4.50 करोड़ तक का कलेक्शन किया है। वीकेंड में फिल्म का कलेक्शन बढ़ने की उम्मीद है। वैसे इसे धीमी शुरुआत कहा जा सकता है पर फिल्म में सलमान के अलावा प्रोमो में आयुष पर ज्यादा फोकस रखा गया। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि लोग काफी समय के बाद सलमान खान को बड़े पर्दे पर देखने के लिए कितने एक्साइटेड हैं।

दूसरी फिल्मों पर पड़ी भारी

हालांकि शनिवार और रविवार को अंतिम के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद है कि फिल्म वीकेंड पर और बेहतर प्रदर्शन करेगी। वहीं हंगामा डॉट कॉम का अनुमान है कि सलमान खान की फिल्म की कमाई सोमवार तक 20 से 22 करोड़ के बीच पहुंच जाएगी जिसे काफी अच्छा माना जा सकता है।

सत्यमेव जयते ने की इतनी कमाई

वहीं दूसरी तरफ सत्यमेव जयते 2 ने दूसरे दिन करीब ढाई करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है। इस तरह दो दिन में फिल्म का कलेक्शन 6 करोड़ रहा। बता दें कि 'सत्यमेव जयते' में जॉन के साथ दिव्या खोसला कुमार हैं। फिल्म का निर्देशन मिलाप झावेरी ने किया है।

ग्रेटर नोएडा . ग्रेटर नोएडा के जेवर में बनने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्रफल के लिहाज से विश्व का चौथा और एशिया का दूसरा और देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। एयरपोर्ट के अंतिम चरण के निर्माण के बाद यह रैंकिंग लागू होगी। फिलहाल करीब 13.34 वर्ग किमी क्षेत्र में ही इसका निर्माण हो रहा है। बाद में इसका क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा।
आंकड़ों के मुताबिक सऊदी अरब का किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट विश्व में सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। यह 776 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला है। इसके बाद अमेरिका के दो एयरपोर्ट का नंबर आता है। जिनका क्षेत्रफल 137 और 70 वर्ग किमी है। जबकि चौथे स्थान पर जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। पूरी तरह विकसित होने के बाद इसका क्षेत्रफल 58 वर्ग किमी होगा।
अहम है कि पहले इसका क्षेत्रफल 50 वर्ग किमी था। लेकिन बाद में 800 हेक्टेयर क्षेत्रफल और बढ़ाने की बात कही गई थी। हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि अंतिम तौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का क्षेत्रफल 62 वर्ग किमी का हो सकता है।

एमआरओ सिस्टम से होगा देश को लाभ
जेवर में बनने वाले मेंटेनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग (एमआरओ) सेंटर का लाभ देश को होगा। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल नागपुर में एमआरओ सेंटर है। जो काफी छोटा है। विमान कंपनियां हवाई जहाज के मेटेंनेंस के लिए कोलंबो और सिंगापुर के एमआरओ सेंटर की सेवाएं लेती हैं। अधिकारियों का कहना है कि बोइंग विमानों को सिएटल और एयर बस को पेरिस के एमआरओ सेंटर की सेवा लेनी होती है। जेवर में अत्याधुनिक एमआरओ सेंटर की सुविधा शुरू होने से विमान कंपनियों के साथ ही देश को काफी लाभ होगा। नजदीकी देशों के विमान भी इसका लाभ उठा सकेंगे। 

जानिए दुनिया के अन्य हवाई अड्डों का क्षेत्रफल-
किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट             सऊदी अरब    776 वर्ग किमी
डेनवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट                       यूएसए        137 वर्ग किमी
डलास वर्थ इंटरनेशनल एयरपोर्ट                  यूएसए          70 वर्ग किमी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट                        भारत           58 वर्ग किमी
ओरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट                    यूएसए           54 वर्ग किमी
वाशिंगटन ड्यूल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट         यूएसए           49 वर्ग किमी
बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट             चीन             47 वर्ग किमी
एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए विशेषज्ञ कमेटी ने सर्वे रिपोर्ट को दी सैद्धांतिक मंजूरी
नोएडा एयरपोर्ट के दूसरे चरण (विस्तार) के लिए जमीन अधिग्रहण से पहले जेवर के 6 गांवों के प्रभावित किसान परिवारों के सामाजिक समाघात निर्धारण (एसआईए) पर जन सुनवाई का काम पूरा कर लिया गया है। इसमें जुटी प्रशासन व जीबीयू की टीम ने फाइनल रिपोर्ट तैयार कर 16 नवंबर को प्रशासन को सौंपी थी। इसके सार्वजनिक प्रकाशन के बाद 20 नवंबर को विशेषज्ञ कमेटी ने रिपोर्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। अगले सप्ताह इसे शासन को भेजा जाएगा।

रिपोर्ट के अध्ययन के बाद सरकार अधिग्रहण पर फैसला लेगी।  दूसरे चरण में करौली बांगर, दयानतपुर, कुरैब, रन्हेरा, मुढरह, बीरमपुर गांव की 1185 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। कुल 1365 हेक्टेयर जमीन को अधिसूचित किया गया है। इसमें 124 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। इसे सीधा नागरिक उड्डयन विभाग के नाम करा दिया जाएगा।

57 हेक्टेयर जमीन का यमुना प्राधिकरण पहले से अधिग्रहण कर चुका है। करौली बांगर की 159 हेक्टेयर, दयानतपुर की 145, कुरैब की 326, रन्हेरा की 458, मुंढरह की 46 और बीरमपुर की 49 हेक्टेयर खेती की जमीन सहित कुल 1185 हेक्टेयर का अधिग्रहण किया जाना है।

 

नई दिल्ली. कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, प्रधानमंत्री के मुख्य सलाहकार पीके मिश्रा, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल भी मौजूद हैं। 

कोरोना की स्थिति का लेंगे जायजा 
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में पीएम मोदी देश में कोरोना की स्थिति और टीकाकरण की समीक्षा करेंगे और टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए भी कुछ जरूरी निर्देश दे सकते हैं। 

जारी किया जा चुका है अलर्ट 
दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोरोना के नए वैरिएंट के बीच कई देशों ने अपने-अपने देश की हवाई उड़ानों को फिर से प्रतिबंधित कर दिया है। इस बीच भारत में भी अलर्ट जारी किया गया है और नए वैरिएंट के खतरे से बचने के लिए दक्षिण अफ्रीकी देश से आने वाले यात्रियों का गहन परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा व डेल्टा प्लस से कई गुना ज्यादा संक्रामक है। 

नई दिल्ली । जंबो कार्यसमिति में वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी और सात जिलाध्यक्षों को हटाए जाने का मसला दिल्ली कांग्रेस के गले की फांस बनता नजर आ रहा है। भीतर ही भीतर सुलग रही बगावत की ¨चगारी अब धधकने लगी है। शायद यही वजह है कि गुस्से से भरे अनदेखी के शिकार नेताओं के सब्र का बांध टूटने लगा है। ऐसे ही कुछ नेताओं ने बृहस्पतिवार को पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी को पत्र भेजकर दिल्ली कांग्रेस का हाल बयां कर ही दिया। पत्र की प्रति एआइसीसी की अनुशासन समिति की सदस्य अंबिका सोनी को भी भेजी गई है। शीला दीक्षित सरकार के एक पूर्व मंत्री तो शुक्रवार को सोनिया से मिलकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, इस पत्र में सोनिया गांधी को दिल्ली कांग्रेस की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने की कोशिश की गई है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में हाशिए पर खड़ी कांग्रेस की इस हालत के लिए इन नेताओं ने प्रदेश प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। पत्र लिखने वालों में पूर्व विधायक से लेकर पूर्व निगम पार्षद तक शामिल हैं। इन सभी ने आलाकमान को एमसीडी चुनाव के प्रति आगाह करते हुए यह भी कहा है कि राजनीतिक माफियाओं ने दिल्ली में कांग्रेस का विनाश कर दिया है। अब ये राजनीतिक माफिया कौन है, पत्र में स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन इशारा जरूर किया गया है। इसमें कहा गया है कि कार्यकर्ता काम करने के लिए तैयार है लेकिन पार्टी के भीतर आत्म-सम्मान नहीं मिल रहा है। उनके वजूद को पार्टी नकार रही है। पत्र में शिकायत की गई है कि दिल्ली में कांग्रेस का संगठन बुरी तरह से तहस-नहस हो चुका है। प्रदेश नेतृत्व पार्टी में नए खून को आकर्षित करने और उत्साहित करने में बुरी तरह विफल रहा है। पुराने मेहनती कैडर को या तो बेवजह हटा दिया गया है या पार्टी छोड़ कर जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पत्र में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस पर निरंकुश होने का आरोप भी लगाया गया है। सूत्रों का कहना है कि इस पत्र के अलावा कई नेताओं ने आलाकमान से व्यक्तिगत तौर पर मिलने का समय मांगा है। अब देखना है कि सोनिया गांधी या राहुल गांधी इस मसले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं इस बीच कांग्रेस की एक और मौजूदा पार्षद पूनम बागड़ी व उनके पति अशवनी बागड़ी ने बृहस्पतिवार को सोनिया गांधी के नाम पार्टी के सभी पदों से अपना इस्तीफा भेज दिया है। इस इस्तीफे की वजह बताते हुए उन्होंले लिखा है कि प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी के चलते कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। आपसी गुटबाजी के कारण कांग्रेस का दिल्ली प्रदेश नेतृत्व जमीनी मुद्दों पर संघर्ष नहीं करता। बागड़ी ने प्रदेश नेतृत्व पर सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया है।

नई दिल्ली । संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से कुछ ही दिन पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं में मर्यादित एवं गरिमापूर्ण आचरण करें तथा देश एवं राष्ट्र हित में सामूहिकता के साथ काम करें ताकि आम लोगों के जीवन में सार्थक बदलाव आ सके। नाराज स्पीकर ने कहा कि मैं व्यथित हूं क्योंकि विपक्षी दलों को आकर मुझसे बात करते तो मैं कुछ समाधान निकलता। उन्होंने कहा कि ये पीएम या पार्टी का नहीं, संसद का कार्यक्रम था। ये अच्छी परंपरा नहीं है। मंच पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बैठने की भी व्यवस्था की गई थी। ओम बिरला ने कहा कि मेरी शिकायत ये है कि प्रेस में जाने से पहले मुझे बात करते तो अच्छा रहता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो भी मुद्दा उठाना चाहती है, नियम के तहत उठा सकती है। संविधान दिवस पर संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा संसद में हम देश की 135 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और संसद के अन्दर होने वाली चर्चा से जो अमृत निकलेगा, उससे ही आमजन के जीवन में सार्थक बदलाव संभव है। उन्होंने कहा, जनप्रतिनिधि होने के नाते यह हमारा दायित्व है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में मर्यादित और गरिमापूर्ण आचरण करें। संसद की मर्यादाओं और उच्च गरिमापूर्ण परम्पराओं को कायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।’’ बिरला ने कहा कि हमें अच्छी परम्पराओं और परिपाटियों को और सशक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी का ‘अमृत महोत्सव’ मनाते हुए हम अपने कर्तव्यों और दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लें। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि 72 वर्ष पहले आज के ही दिन हमारे देश का संविधान अंगीकार हुआ था और हमारे देश ने शांति, प्रगति और समानता के संकल्प के साथ विकास यात्रा शुरू की थी। उन्होंने कहा कि संविधान हमारे सांस्कृतिक विकास, हमारी महान सांस्कृतिक विरासत और आदर्शों का पवित्र ग्रंथ है। बिरला ने कहा कि यह हमारे अधिकारों का स्रोत है, जो हमें दायित्वों का भी बोध कराता है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संविधान एक भावना है जो हमें जोड़ने की ताकत देती है तथा जनता की आशाओं, अपेक्षाओं और उम्मीदों को पूर्ण करने का मार्ग दिखाता है।उन्होंने कहा कि यह ग्रंथ सामाजिक आर्थिक परिवर्तन का दस्तावेज है और ऐसे अद्भुत संविधान का निर्माण करने वाले हमारे संविधान मनीषियों को नमन करते हैं। बिरला ने कहा कि हमारा संविधान आधुनिक गीता की तरह है, जो कर्म करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में हम सामूहिकता के साथ ही हम एक भारत,श्रेष्ठ भारत को साकार कर सकते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे प्रगतिशील संविधान को विदेशों में भी सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उन्होंने कहा कि संविधान में नागरिकों के लिए न्याय, स्वतंत्रता और समानता के मौलिक अधिकारों की व्यवस्था है, ऐसे में संविधान दिवस के दिन देश के लिए अपने कर्तव्यों पर विचार मंथन करें। संविधान दिवस पर संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सांसद एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे। संसद में आयोजित कार्यक्रम का कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, सीपीआई, सीपीएम, डीएमके, अकाली, शिवसेना, एनसीपी, टीएमसी, आरजेडी, आरएसपी, केरल एम. आईयूएमएल और एआईएमआईएम है

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