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*विशेष लेख*

 

*ढाई साल की उपलब्धियाँ- छत्तीसगढ़ का श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान* 

 

*श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता* 

 

            छगन लाल लोन्हारे 

            संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

 

रायपुर, 7 अगस्त 2026/ पिछले ढाई साल में श्रम विभाग ने गढ़ी सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि की मिसाल। छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अनेक ऐतिहासिक पहल की हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने श्रमिक कल्याण को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे सुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार से जोड़ते हुए श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। वहीं श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में विभाग ने श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ तेज़ी और सरलता से पहुंचाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। 

 

*श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में हो रहा है सुधार* 

 

             मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है, इन योजनाओ के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। राज्य में संगठित, असंगठित और निर्माण श्रमिकों के हितों के संरक्षण के लिए विभिन्न श्रम कल्याण मंडलों के माध्यम से 67 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। श्रमिकों के पंजीयन, सहायता और योजनाओं के लाभ को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए श्रम विभाग ने नई यूजर-फ्रेंडली वेबसाइट shramvjayate.ch.gov.in श्रमेव जयते मोबाइल एप विकसित किया है, जिससे श्रमिक अब ऑनलाइन आवेदन, पंजीयन और अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। 

 

*रोजगार सृजन के साथ श्रमिक अधिकार भी हो रहा है मजबूत*

 

             ढाई वर्षों में श्रम विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत किया है। 5 नए जिलों (मोहला-मानपुर-अंबागढ़,चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, ,सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं सक्ती) में श्रम अधिकारी कार्यालय की स्थापना हेतु 20 पदों का सृजन किया गया है। वर्तमान में 10 जिलों के सहायक श्रमायुक्त कार्यालय तथा 23 जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय संचालित है। इस प्रकार राज्य के सभी 33 जिलों में श्रम कार्यालयों का संचालन सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न पदों पर नियुक्तियां कर विभागीय क्षमता को भी बढ़ाया गया है। उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से श्रम कानूनों में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। दुकानों एवं स्थापना अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट, महिला श्रमिकों के लिए रात्रिकालीन कार्य की सुविधा, फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने जैसे अनेक निर्णयों ने रोजगार सृजन के साथ श्रमिक अधिकारों को भी मजबूत किया है। 

 

*लगभग 17.82 लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित*

 

            श्रम विभाग की उपलब्धियों में सबसे उल्लेखनीय सफलता श्रमिक पंजीयन और हितलाभ वितरण रही है। 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2026 के बीच लगभग 12.65 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन किया गया। लगभग 17.82 लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया गया, जिन पर लगभग 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई। निर्माण श्रमिकों को लगभग 780 करोड़ रुपये तथा असंगठित श्रमिकों को लगभग 187 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। लाभ वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली लागू की गई है। 

 

 *मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 24 घंटे, सात दिन संचालित*   

 

            मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केंद्रों की स्थापना श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है। मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 24 घंटे, सात दिन संचालित किया जा रहा है। संचालित राज्यभर में मोबाइल शिविर आयोजित कर लाखों श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और आवेदन संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के श्रमिकों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ घर के समीप मिल रहा है। राज्य सरकार ने श्रमिक परिवारों के सामाजिक सुरक्षा कवच को भी मजबूत किया है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत आवास सहायता राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की गई है। मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, छात्रवृत्ति, श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिला है। 

 

*1.60 लाख से अधिक महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता* 

 

          महिला श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत निर्माण एवं असंगठित क्षेत्र की 1.60 लाख से अधिक महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता प्रदान की गई। वहीं ’शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना’ के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रमिकों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए मेधावी शिक्षा सहायता, निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग तथा छात्रवृत्ति योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। हजारों विद्यार्थियों को इन योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे श्रमिक परिवारों के सपनों को नई उड़ान मिल रही है। 

 

 *छत्तीसगढ़ का श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान* 

 

        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिक कल्याण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का जो संकल्प लिया गया है, उसे श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में श्रम विभाग प्रभावी रूप से जमीन पर उतार रहा है। पारदर्शी व्यवस्था, तकनीकी नवाचार, त्वरित सेवा, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक सम्मान की भावना ने छत्तीसगढ़ को श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान दी है। ढाई वर्षों की यह यात्रा केवल योजनाओं और आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि लाखों श्रमिक परिवारों के जीवन में आए विश्वास, सुरक्षा और समृद्धि की नई शुरुआत है।

*पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश*

 

*राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों के सम्मान और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को मजबूत बनाने की अपील*

 

*हथकरघा उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग का किया आग्रह, कहा- बुनकरों का सम्मान ही आत्मनिर्भर भारत की सशक्त नींव*

 

रायपुर, 7 अगस्त 2026। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा हथकरघा से निर्मित वस्तुओं के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और लाखों बुनकर परिवारों के सम्मान से जुड़ा जन आंदोलन है।

 

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के कुशल बुनकरों द्वारा निर्मित पारंपरिक गमछा धारण कर प्रदेश की समृद्ध हस्तकरघा परंपरा को सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि यह गमछा केवल एक परिधान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, श्रम, परंपरा और स्थानीय शिल्प कौशल का जीवंत प्रतीक है।

 

श्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक स्वदेशी और हथकरघा उत्पादों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि जब हम स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का उपयोग करते हैं, तब हम न केवल उनकी आजीविका को सशक्त बनाते हैं, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक नागरिक का यह छोटा-सा प्रयास आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में बड़ा योगदान सिद्ध होगा।

 

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बुनकर अपनी पारंपरिक कला, उत्कृष्ट शिल्पकौशल और रचनात्मकता के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहे हैं। ऐसे प्रतिभाशाली शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करना हम सबका सामूहिक दायित्व है।

 

श्री अग्रवाल ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नागरिकों से अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद के साथ वीडियो अथवा चित्र साझा करने और राष्ट्रीय हथकरघा दिवस अभियान से जुड़ने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस जनभागीदारी से देश-दुनिया तक हमारे बुनकरों की अद्भुत कला, उनकी मेहनत और भारतीय हथकरघा की समृद्ध परंपरा को नई पहचान मिलेगी।

 

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी स्वदेशी अपनाने के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए 'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएंगे तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

*समाज की एकजुटता सामाजिक विकास की सबसे बड़ी शक्ति: श्री राजेश अग्रवाल*

 

*रजवार समाज की बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने समाज की एकता, शिक्षा और युवाओं की भागीदारी पर दिया बल*

 

रायपुर 7 अगस्त 2026। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में आयोजित रजवार समाज की महत्वपूर्ण बैठक एवं सम्मान समारोह में शामिल होकर समाज के वरिष्ठजनों, माताओं, बहनों और युवाओं से आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर समाज की ओर से उनका पुष्पमालाओं से स्वागत एवं सम्मान किया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न सामाजिक एवं विकास संबंधी विषयों पर मंत्री को अवगत कराया और समाज के उत्थान के लिए आवश्यक पहल की अपेक्षा व्यक्त की। 

 

बैठक को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता, शिक्षा और आपसी सहयोग में निहित होती है। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए तथा वरिष्ठजनों के अनुभवों का लाभ लेकर नई पीढ़ी को संगठित एवं संस्कारित करना समय की आवश्यकता है।

 

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। समाज से जुड़े जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक पहल की जाएगी। उन्होंने सामाजिक समरसता बनाए रखने, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा शिक्षा के स्तर को लगातार बेहतर बनाने का आह्वान किया। 

 

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा कि रजवार समाज की बैठक में सम्मिलित होकर समाज के सभी वरिष्ठजनों, माताओं, बहनों एवं युवाओं से आत्मीय भेंट का अवसर मिला। इस दौरान आप सभी द्वारा दिए गए स्नेह, सम्मान और आत्मीय आतिथ्य के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। रजवार समाज का छत्तीसगढ़ के सामाजिक विकास, सांस्कृतिक विरासत और जनसेवा में योगदान सदैव प्रेरणादायी एवं अतुलनीय रहा है। रजवार समाज के सभी सम्मानित सदस्यों का हृदय से अभिनंदन एवं शुभकामनाएँ।

 

बैठक में समाज के वक्ताओं ने संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सहयोग, युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। 

 

सम्मेलन में उपस्थित समाजजनों ने मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए समाज के विकास एवं मार्गदर्शन में निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई। इस पर मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शासन और समाज को मिलकर कार्य करना होगा, तभी समावेशी और सतत विकास का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा। 

 

कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, संगठन की मजबूती, सामाजिक सद्भाव और विकास के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने इस आयोजन को सामाजिक जागरूकता, संगठनात्मक सशक्तीकरण और नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया।

पांचों संभागों के 540 खिलाड़ी जिम्नास्टिक, क्रिकेट, ताईक्वांडो और कबड्डी में दिखाएंगे दम

जिला प्रशासन ने शुरू की व्यापक तैयारियां

रायपुर, 7 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खेल संस्कृति को नई गति मिल रही है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला 18 से 21 अगस्त तक आयोजित होने वाली 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। चार दिवसीय इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों से 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 540 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
राज्य सरकार खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवन शैली का सशक्त आधार मानती है। शालेय स्तर पर आयोजित होने वाली ऐसी प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करती हैं।

चार खेलों की स्पर्धाओं से गूंजेगा जीपीएम

प्रतियोगिता के दौरान जिम्नास्टिक (बालक एवं बालिका), क्रिकेट (बालक), ताईक्वांडो (बालक एवं बालिका) तथा कबड्डी (बालिका) की स्पर्धाएं आयोजित होंगी। प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी पांचों संभागों के खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी सहभागिता करेंगे। आयोजन से खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना, टीम भावना और खेल उत्कृष्टता को नई दिशा मिलेगी।

उत्कृष्ट आयोजन के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार

प्रतियोगिता के सफल एवं गरिमामय आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेकर तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राज्यभर से आने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अधिकारियों को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

सुरक्षा से लेकर आवास और चिकित्सा तक हर व्यवस्था पर विशेष ध्यान

बैठक में खेल स्थलों के चयन, खिलाड़ियों के आवास एवं भोजन, परिवहन, स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा उद्घाटन एवं समापन समारोह की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी सहित खेल एवं युवा कल्याण, वन, स्वास्थ्य, आदिवासी विकास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विद्युत, खाद्य, परिवहन तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह प्रतियोगिता न केवल प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी, बल्कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को राज्य के प्रमुख खेल आयोजनों के सफल मेजबान के रूप में नई पहचान भी दिलाएगी।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राशि स्वीकृति का पत्र जारी

रायपुर. 7 अगस्त 2026. राज्य शासन ने बेमेतरा जिले के नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक टू-लेन सड़क के फोरलेन में उन्नयन के लिए 21 करोड़ 81 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 36.40 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है।

कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी। निर्माण कार्य की समयावधि में वृद्धि (Time Extension) नियमानुसार अर्थदंड सहित अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री करेंगे ‘कोशल फेब’ ब्रांड और ‘बिलासा’ लोगो का शुभारंभ

बुनकरों को मिलेगी करोड़ों की सौगात

रायपुर, अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर बुनकर समुदाय को प्रोत्साहित करने, पारंपरिक कला को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों व विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में छात्र प्रोत्साहन पुरस्कार, शिल्पियों का सम्मान और हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनियां मुख्य आकर्षण होंगी।

हाथकरघा उद्योग के संवर्धन, स्वदेशी की भावना को बढ़ावा देने और बुनकरों के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से 7 अगस्त को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्रामोद्योग एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव उपस्थित रहेंगे।

‘कोशल फेब’ ब्रांड और ‘बिलासा’ लोगो का होगा लोकार्पण

समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ की कई नई पहलों की शुरुआत की जाएगी। हाथकरघा संघ के नए प्रीमियम ब्रांड ‘कोशल फेब’ का भव्य शुभारंभ किया जाएगा और ‘बिलासा’ लोगो का अनावरण किया जाएगा। इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का प्रस्तुतीकरण व शुभारंभ के साथ पुरस्कृत बुनकरों की डायरेक्टरी तथा टाई-डाई व बांधनी रंगाई पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया जाएगा।

बुनकरों व मेधावी विद्यार्थियों को करोड़ों रुपये की सहायता और सम्मान राशि

कार्यक्रम में ग्रामोद्योग विभाग के विभिन्न घटकों द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत राशि एवं सामग्री वितरित की जाएगी। कक्षा 10वीं व 12वीं के 935 मेधावी विद्यार्थियों को 81.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा 17 वरिष्ठ बुनकरों को 1.87 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। स्व. बिसाहूदास महंत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार और राजराजेश्वरी करुणा माता बुनकर पुरस्कार के तहत चयनित 8 बुनकरों को 1-1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। 49 बुनकरों को आवास निर्माण के लिए 122.50 लाख रुपये, 5 बुनकर समितियों को भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये और 85 बुनकरों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 14.92 लाख रुपये की स्वीकृति दी जाएगी। रेशम कृषकों को 15 लाख रुपये की किश्त, माटीशिल्पियों को विद्युत चाक, हस्तशिल्पियों को टूल-किट और जशपुर के ग्राम गोरिया में ग्लेजिंग यूनिट हेतु 2.86 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। साथ ही बुनकर नेत्र परीक्षण अभियान के तहत पात्र बुनकरों को चश्मे बांटे जाएंगे।

फैशन शो में रैंप पर दिखेगा बस्तर की प्रतिभाओं और कोसा सिल्क का जलवा

समारोह का मुख्य आकर्षण छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक विरासत को समर्पित एक विशेष फैशन शो होगा। इसमें कोसा सिल्क और हैंडवुवन कॉटन के परिधानों को प्रदर्शित किया जाएगा। इस फैशन शो की खासियत बस्तर की युवा प्रतिभागियों की सहभागिता होगी, जो पेशेवर मॉडलों और मिस इंडिया अर्थ 2026 अनुष्का सोने के साथ रैंप पर अपनी चमक बिखेरेंगी। इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रदेश भर से बुनकर, हस्तशिल्पी, रेशम कृषक, माटीशिल्पी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे।

 

Raipur, August , 2026/Chief Minister Shri Vishnu Deo Sai met Cartoon Watch Editor Shri Triambak Sharma at the Mahanadi Bhawan on August 6. On the occasion, he briefed the Chief Minister about the cartoon exhibition and training workshop organised in Bastar under the 'Muskurata Bastar' campaign and presented him with a souvenir based on the initiative.

Chief Minister Shri Sai appreciated the innovative initiative and said that art is an effective medium for connecting society and shaping the personality of the younger generation. He said cartoons are not merely a source of entertainment but also a powerful form of expressing ideas in a simple, accessible and impactful manner.

He said that providing children with opportunities for creative expression from an early age helps develop self-confidence, sensitivity, logical thinking and a positive outlook. He added that along with education, activities related to art, literature, sports and culture are equally important for the holistic development of children.

Shri Sai expressed hope that similar programmes would continue to be organised in different parts of the state, enabling more students to showcase their talent.

The Public Relations Department and Cartoon Watch jointly organised the 'Muskurata Bastar' campaign. Under the initiative, a special cartoon training workshop was conducted for nearly 100 students from government schools in Jagdalpur and other parts of the Bastar region.

During the workshop, renowned cartoonists from across the country introduced the students to different aspects of cartoon art, including drawing techniques, satire, visual communication, and creative thinking. The children were encouraged to express their imagination through illustrations and develop a positive perspective on social issues.

धमतरी की बेटी ने कौशल विकास के दम पर रची सफलता की नई इबारत, स्वतंत्रता दिवस समारोह में होंगी शामिल

रायपुर,  अगस्त 2026/ धमतरी जिले के ग्राम नवागांव की बेटी रेणुका गोस्वामी को आगामी 15 अगस्त के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आमंत्रण मिलने पर उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल रेणुका गोस्वामी की मेहनत और प्रतिभा का गौरव है, बल्कि छत्तीसगढ़ की बेटियों, ग्रामीण युवाओं और कौशल विकास की सफलता का भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि रेणुका गोस्वामी ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने जीवन को नई दिशा दी और आज वे अपने परिश्रम एवं प्रतिभा के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उनका राष्ट्रपति भवन तक पहुंचना प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है।

सुश्री रेणुका गोस्वामी धमतरी जिले के ग्राम नवागांव की निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया और कॉर्पोरेट क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की। निरंतर मेहनत, कौशल और लगन के बल पर उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य करते हुए अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे रायपुर के एक प्राइवेट फर्म में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं तथा लगभग 40 हजार रुपए प्रतिमाह का वेतन प्राप्त कर रही हैं। उनकी सफलता से परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। रेणुका गोस्वामी जैसी सफल युवतियां इस बात का प्रमाण हैं कि सही मार्गदर्शन, कौशल प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प के बल पर ग्रामीण अंचल के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति भवन में रेणुका गोस्वामी की उपस्थिति प्रदेश की बेटियों और युवाओं का उत्साह बढ़ाएगी तथा अन्य युवाओं को भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।

रायपुर,  अगस्त 2026।विश्व स्तनपान सप्ताह (01–07 अगस्त 2026) के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) तथा राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केन्द्र (SHSRC), छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज रायपुर स्थित नया सभागृह, अटल बिहारी वाजपेयी सभागार, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम काआयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में स्तनपान के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, शिशुओं के समुचित पोषण एवं स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण "माता यशोदा सम्मान" रहा, जिसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित 10 माताओं को सम्मानित किया गया। इन माताओं ने अपने मातृ दुग्ध का दान कर ऐसे नवजात शिशुओं को जीवनदायी सहयोग प्रदान किया, जिन्हें अपनी माताओं का दूध उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। सम्मान समारोह के माध्यम से मातृ दुग्ध दान को एक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देने का संदेश दिया गया तथा मातृत्व, संवेदनशीलता और मानवता की इस अनूठी मिसाल को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया गया।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्री अमित कटारिया, सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, श्री संजीव झा, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं एवं मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा, कुलपति आयुष विश्वविद्यालय, डा. विवेक चौधरी डीन पंडित जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज ने भाग लिए |

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा ह्यूमन मिल्क बैंक स्टॉल के अवलोकन से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों के मंचासीन होने के बाद दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
मुख्य अतिथि माननीय श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण आहार है तथा स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला है। उन्होंने मितानिन कार्यक्रम के 25 वर्षों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि मितानिन बहनों ने दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने में अतुलनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने माता शबरी के सेवा, समर्पण और निस्वार्थ भाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार माता शबरी ने बिना किसी स्वार्थ के दीन दुखियों, जरूरतमंदों व प्रभु श्रीराम की सेवा की, उसी प्रकार प्रदेश की 72 हजार मितानिन बहनें समाज के गरीब, जरूरतमंद, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की निस्वार्थ भाव से सेवा कर रही हैं और वे आज की वास्तविक 'शबरी' हैं। उन्होंने प्रदेश के प्रथम 'मातृ दूध कोष (Human Milk Bank)' की स्थापना को नवजात शिशुओं के लिए एक ऐतिहासिक एवं जीवनदायी पहल बताते हुए कहा कि इससे अनेक शिशुओं को सुरक्षित मातृ दुग्ध उपलब्ध हो सकेगा। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एक प्रभावशाली उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक भी "माँ का दूध" ही माना जाता है और अक्सर चुनौती देते समय लोग कहते हैं, "माँ का दूध पिया है तो आ जा"। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कहावत नहीं, बल्कि माँ के दूध की शक्ति, संस्कार और जीवनदायी महत्व का प्रतीक है। अंत में उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि प्रदेश का कोई भी नवजात माँ के अमूल्य दूध से वंचित न रहे तथा स्तनपान को जन-आंदोलन बनाया जाए।

अपने संबोधन में श्री अमित कटारिया, आईएएस, सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मितानिन कार्यक्रम पिछले25 वर्षों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान, छह माह तक केवल माँ का दूध तथा माताओं को संतुलित पोषण उपलब्ध कराना स्वस्थ एवं कुपोषण-मुक्त समाज की आधारशिला है। उन्होंने स्तनपान संबंधी भ्रांतियों को दूर करने, प्रत्येक माँ को उचित सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने तथा स्तनपान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

सीजी पीएससी द्वारा एस आई भर्ती परीक्षा

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