खास बातें
- विक्रम लैंडर के चांद पर उतरे 14 दिन पूरे
- चंद्रयान-2 के लैंडर, ऑर्बिटर के बारे में इसरो प्रमुख ने दी जरूरी जानकारी
- इसरो के अगले बड़े मिशन के बारे में भी बताया
चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर (Chandrayaan-2 Vikram Lander) के चांद पर उतरने के 14 दिन पूरे हो चुके हैं। शनिवार, 21 सितंबर 2019 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO - Indian Space Research Organisation) के प्रमुख के. सिवन (K Sivan) ने मीडिया से इस बारे में बात की।
इसरो प्रमुख के. सिवन ने बताया कि हम विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित करने में सफल नहीं हो पाए। लेकिन चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बिल्कुल सही और अच्छा काम कर रहा है। इस ऑर्बिटर में कुल आठ उपकरण लगे हैं। हर उपकरण का अपना अलग-अलग काम निर्धारित है। ये सभी उस काम को बिल्कुल उसी तरह कर रहे हैं जैसा प्लान किया गया था। इसरो प्रमुख ने बताया कि चंद्रयान-2 मिशन 98 फीसदी सफल रहा है। इसका दो अहम कारण हैं। पहला है विज्ञान और दूसरा है तकनीकि सिद्धि। तकनीकि सिद्धि की बात करें तो हमने लगभग पूरी तरह से सफलता पाई है।
इसके बाद के. सिवन ने जानकारी दी कि अब इसरो का प्राथमिकता आने वाला गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) है।
क्या है गगनयान मिशन?
इसके बाद के. सिवन ने जानकारी दी कि अब इसरो का प्राथमिकता आने वाला गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) है।
क्या है गगनयान मिशन?