ता पार्टी की सरकार के दौरान संजय गांधी को एक मामले में कोर्ट ने तिहाड़ जेल भेज दिया था. तब इंदिरा, संजय की सुरक्षा को लेकर चिंतित थीं. कहा जाता है कि तब कमलनाथ जानबूझकर एक जज से लड़ पड़े और जज ने उन्हें सात दिन के लिए तिहाड़ भेज दिया. वहां वो संजय गांधी के साथ ही रहे.
सीएम बनने में क्यों हुई देर
विज्ञापन में आगे ज़िक्र है कि कमलनाथ मध्य प्रदेश में कांग्रेस का एक लोकप्रिय चेहरा हैं. उन्होंने ज्योतिरादित्य और दिग्विजय के साथ मिलकर शिवराज सिंह के लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का सपना तोड़ दिया.1993 में भी कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा थी. बताया जाता है कि तब अर्जुन सिंह ने दिग्विजय सिंह का नाम आगे कर दिया था. इस तरह कमलनाथ उस समय सीएम बनने से चूक गए थे. अब 25 साल बाद दिग्विजय सिंह के समर्थन के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला.
ये विज्ञापन छपते ही कांग्रेस में हड़कंप मच गया है. जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा एजेंसी के ज़रिए ये विज्ञापन छपवाया गया है. लिहाजा इसकी जांच की जाएगी कि किस स्तर पर ये चूक हुई. बीजेपी को बैठे बिठाए एक मुद्दा मिल गया है. पूर्व जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा की मानें तो ये कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाज़ का नतीजा है. अब ये पता करना होगा कि ये विज्ञापन किस कांग्रेस ने छपवाया है. प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पारासर ने कहा है कि विज्ञापन में इंदिरा, संजय गांधी जैसे कांग्रेस नेताओं के नाम भी ऐसी भाषा में लिखे गए हैं मानो कि वो साधारण लोग हों.