नई दिल्ली. निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले के दोषी विनय शर्मा की दया याचिका पर नया विवाद खड़ा हो गया था. 7 दिसंबर को विनय शर्मा ने अपने वकील के मार्फत राष्ट्रपति के पास एक याचिका भेजकर कहा कि उसने कोई दया याचिका नहीं लगाई है. ऐसे में गृह मंत्रालय की ओर से भेजी गई दया याचिका वापस की जाए.
उधर, जेल प्रशासन का कहना है कि विनय शर्मा की तरफ से भेजी गई दया याचिका को ही उसने राष्ट्रपति के पास भेजा है. विनय के वकील एपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद करीब तीन बजे वह जेल में अपने मुवक्किल से मिलने गए थे. बातचीत में दया याचिका की बात आई तो विनय ने किसी तरह की दया याचिका भेजने से इनकार किया.
यही नहीं, उसने इस बारे में एक पत्र भी लिखा है. सिंह ने कहा कि विनय शर्मा की सहमति से एक याचिका राष्ट्रपति के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय, उपराज्यपाल व दिल्ली सरकार को 7 दिसंबर को भेज दी थी. उधर, जेल के अतिरिक्त महानिरीक्षक राजकुमार ने विनय के वकील के दावे को झूठा करार देते हुए कहा कि चारों दोषियों को दया याचिका भेजे जाने के बारे में नोटिस दिया गया था. इसके जवाब में विनय ने दया याचिका लगाई थी.