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अब रोहिंग्या शरणार्थियों को बाहर करने की तैयारी में केंद्र Featured

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने शुक्रवार को साफ किया कि जिस दिन संसद में CAA कानून पास हुआ था उसी दिन ये कानून जम्मू-कश्मीर में भी लागू हो गया था. उन्होंने कहा कि अब सरकार का अगला कदम रोहिंग्या शरणार्थियों के निर्वासन के संबंध में होगा, ताकि वे नागरिकता कानून के तहत अपने आप को सुरक्षित न कर सकें.

केंद्रीय मंत्री ने इस बात की जांच कराने की मांग की कि कैसे रोहिंग्या शरणार्थी पश्चिम बंगाल के कई इलाकों से होते हुए जम्मू के उत्तरी इलाकों में आकर बस गए. उन्होंने कहा कि जिस दिन संसद में CAA को मंजूरी मिली थी, उसी दिन जम्मू-कश्मीर में भी ये कानून लागू हो गया था. इस कानून को लेकर कोई अगर-मगर जैसी बात नहीं है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का अगला कदम रोहिंग्या शरणार्थियों के निर्वासन को लेकर रहेगा.

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों ने माना कि जम्मू के कई इलाकों में बड़ी संख्या में रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं. रोहिंग्या शरणार्थियों के निर्वासन की योजना पर बात करते हुए जीतेंद्र सिंह ने कहा, 'इस बारे में केंद्र में मामला विचाराधीन है. जम्मू में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों की सूची तैयार की जा रही है. अगर जरूरत हुई तो बॉयोमेट्रिक पहचान पत्र दिए जाएंगे, क्योंकि सीएए रोहिंग्या को किसी भी तरह का कोई भी लाभ प्रदान नहीं करता.'

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