इस जनजातीय क्षेत्र में सदियों से अनोखी परंपरा का निर्वाहन किया जाता है. इसके तहत बहन दूल्हा बनकर सेहरा बांधती है और अपनी भाभी को ब्याह कर लाती है. जानिए..
अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए मशहरू हिमाचल प्रदेश यहां के अनोखे रिति रिवाज के कारण भी जाना जाता है. आज हम आपको प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र लाहौल स्पीति की एक अनोखी परंपरा के बारे में बताएंगे. इसमें बहन अपने भाई और भाई अपने भाई के लिए बारात लेकर जाते हैं और दुल्हन ब्याह कर लाते हैं.
बेशक यह पढ़कर आप चौंक जाएंगे. मगर यह पूरी तरह से सच है. यहां अपने भाई की शादी के लिए बहन दूल्हा बन बारात लेकर वधु पक्ष के घर जाती है. यहां वह दूल्हे की तरह ही वह सभी रस्में निभाती है जो कि दूल्हे को निभानी चाहिए.
इतना ही नहीं जिन भाईयों की बहन नहीं होती. उन परिवारों में छोटे व बड़े भाई अपने अन्य भाई के लिए दूल्हा बनकर और ब्याह रचाकर दुल्हन लेकर आते हैं. यह परंपरा सदियों पुरानी है और इसे यहां आज भी पूरी शिद्दत से निभाया जाता है.
लाहौल स्पीति की यह परंपरा अपने आप में अनूठी है. इसकी वजह यह है कि जब किसी कारणवश दूल्हा अपनी शादी में शामिल नहीं हो पाता है तो बहन के सिर पर सहरा सजाकर दुल्हन को ले आती है.
सदियों पुरानी यह परंपरा यहां आज भी कायम है. सामान्य विवाह की तरह यहां पर भी बहन सेहरा बांधकर बैंड बाजे के साथ बारात लेकर जाती है और अपनी भाभी को ब्याह कर घर ले आती है.
कई बार तो दूल्हे के छोटे भाई भी अपनी भाती को ब्याहकर घर ले आते हैं. इतिहासकारों की मानें तो यह परंपरा सदियों पुरानी है.