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इंडोनेशिया / सुनामी से मरने वालों की तादाद 281 हुई, 1000 से ज्यादा घायल Featured

By December 24, 2018 475

 


सुनामी की वजह से तट के आसपास सैकड़ों इमारतें तबाह हो गईं।
सुनामी की वजह से तट के आसपास सैकड़ों इमारतें तबाह हो गईं।
बॉडीबैग में भरे शवों की पहचान करने की कोशिश करते लोग।
बॉडीबैग में भरे शवों की पहचान करने की कोशिश करते लोग।
अनाक क्राकातोआ द्वीप में है क्राकातोआ ज्वालामुखी।
अनाक क्राकातोआ द्वीप में है क्राकातोआ ज्वालामुखी।
मृतकों के शव को बॉडी बैग में भरकर ले जाते बचावकर्मी
मृतकों के शव को बॉडी बैग में भरकर ले जाते बचावकर्मी
बचावकर्मी तट के पास तबाह हुई इमारतों के मलबे में लोगों को ढूंढने की कोशिश में जुटे हैं।
बचावकर्मी तट के पास तबाह हुई इमारतों के मलबे में लोगों को ढूंढने की कोशिश में जुटे हैं।
सुनामी से सुमात्रा और जावा द्वीप के कई शहर प्रभावित हुए।
सुनामी से सुमात्रा और जावा द्वीप के कई शहर प्रभावित हुए।
पत्रकार ओएस्टीन एंडरसन के मुताबिक, जिस वक्त ज्वालामुखी फटा तब वे उसकी फोटो ले रहे थे।
पत्रकार ओएस्टीन एंडरसन के मुताबिक, जिस वक्त ज्वालामुखी फटा तब वे उसकी फोटो ले रहे थे।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, सुनामी से मरने वालों की संख्या अभी बढ़ सकती है।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, सुनामी से मरने वालों की संख्या अभी बढ़ सकती है।
राहत और बचाव कार्यों के लिए पुलिस के साथ सेना की भी मदद ली जा रही है।
राहत और बचाव कार्यों के लिए पुलिस के साथ सेना की भी मदद ली जा रही है।
बंदार लाम्पुंग में इमारतों के तबाह होने के बाद लोगों को सरकारी कैंपों में लाया गया।
बंदार लाम्पुंग में इमारतों के तबाह होने के बाद लोगों को सरकारी कैंपों में लाया गया।
इंडोनेशिया में सुनामी के बाद भी भड़क रहा है क्राकातोआ ज्वालामुखी।
इंडोनेशिया में सुनामी के बाद भी भड़क रहा है क्राकातोआ ज्वालामुखी।
Tsunami in Indonesia many killed and injured news and updates
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इंडोनेशिया में शनिवार शाम क्राकातोआ ज्वालामुखी फटने के बाद समुद्र में भूस्खलन हुआ
भूस्खलन से समुद्र में ऊंची लहरें उठीं, जिससे तट पर मौजूद इमारतें तबाह हो गईं
Dainik Bhaskar
Dec 24, 2018, 11:45 AM IST
जकार्ता. इंडोनेशिया की सुंदा खाड़ी में सुनामी की चपेट में आकर 281 लोगों की मौत हो गई। 1000 से ज्यादा जख्मी हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार देर रात अनाक क्राकातोआ ज्वालामुखी फटने के बाद समुद्र के नीचे भूस्खलन आ गया। इससे उठी ऊंची लहरों ने तटीय इलाकों में तबाही मचा दी। दक्षिणी सुमात्रा के किनारे स्थित कई इमारतें तबाह हो गईं।

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अभी नहीं टला सुनामी का खतरा
सुंदा के तटीय क्षेत्रों में एक और सुनामी आ सकती है। इंग्लैंड की पोर्ट्समाउथ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रिचर्ड टियू के मुताबिक, क्राकातोआ ज्वालामुखी अभी भी भड़क रहा है, इसके चलते फिर से समुद्र तल पर भूस्खलन की स्थिति पैदा हो सकती है। 1883 में क्राकातोआ ज्वालामुखी के फटने के बाद करीब 36 हजार लोगों की जान चली गई थी।

मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है
इंडोनेशिया के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रोहो ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है। इमारतों के मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए पहले ही पुलिस के साथ सैन्यकर्मियों को लगाया गया है। सुंदा खाड़ी इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा द्वीप के बीच है। यह जावा समुद्र को हिंद महासागर से जोड़ती है। सुमात्रा के दक्षिणी लाम्पुंग और जावा के सेरांग और पांदेलांग इलाके में सुनामी का सबसे ज्यादा असर पड़ा।

लोगों को सावधान नहीं कर पाया आपदा प्रबंधन विभाग
एबीसी के रिपोर्टर डेविड लिप्सन के मुताबिक, आपदा विभाग लोगों को सुनामी के बारे में बताने में नाकाम रहा। पहले ऊंची लहरें उठने पर कहा गया था कि पूरे चांद की वजह से ज्वार भाटा आ सकता है। विभाग ने लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील की थी। हालांकि अब एजेंसी ने माफी मांगी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भ्रम की एक वजह यह थी कि सुनामी से पहले भूकंप जैसी कोई गतिविधि नहीं थी।

Indonesia Tsunami
अनक क्राकातोआ एक छोटा ज्वालामुखी द्वीप है। यह 1883 में क्राकातोआ ज्वालामुखी के फटने के बाद अस्तित्व में आया था। नॉर्वे के पत्रकार ओएस्टीन एंडरसन के मुताबिक, ज्वालामुखी फटने के समय वे करीब के ही एक द्वीप से उसकी फोटो ले रहे थे। इसी दौरान एक 50 से 65 फीट ऊंची लहर तट पर आती दिखी। एंडरसन ने बताया कि उन्हें जान बचाकर होटल की तरफ भागना पड़ा। हालांकि, इसके बाद अगली ही लहर होटल तक पहुंच गई। इसकी चपेट में आने से होटल के बाहर खड़ी कारें पलट गईं।

तीन महीने पहले भूकंप और सुनामी से हुई थी 832 लोगों की मौत
इसी साल सितंबर में इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप स्थित पालु और दोंगला शहर में भूकंप के बाद सुनामी आने से 832 लोगों की मौत हो गई थी। हजारों लोग घायल हुए थे। कुल छह लाख की आबादी वाले इन दोनों शहरों में आपदा के बाद बीते तीन महीनों से हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।

14 साल पहले आई सुनामी में गई थी 2 लाख लोगों की जान
2004 में इंडोनेशिया के सुमात्रा में 9.3 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके बाद हिंद महासागर के तटीय इलाकों वाले देश सुनामी की चपेट में आ गए थे। तब भारत समेत 14 देश सुनामी से प्रभावित हुए थे। दुनियाभर में 2.20 लाख लोगों की जान गई। इनमें 1.68 लाख लोग इंडोनेशिया के थे।

सबसे ज्यादा प्राकृतिक आपदाओं वाला देश इंडोनेशिया
इसी साल जुलाई में इंडोनेशिया में एक हफ्ते के अंतराल में भूकंप के दो झटके आए थे। लोम्बोक में 7 और बाली में 6.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था। इनमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी। इंडोनेशिया दुनिया में सबसे ज्यादा प्राकृतिक आपदाओं वाला देश है। यह ‘रिंग ऑफ फायर’ पर मौजूद है। यहां धरती के अंदर मौजूद टेक्टॉनिक प्लेट्स आपस में टकराने से भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की घटनाएं ज्यादा होती हैं।

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