बताया जा रहा है कि इस दौरान दिन और रात के समय में मिसाइल का टेस्ट लॉन्च किया गया, और सभी परीक्षणों में नाग नें सफलता पाई.
India yesterday carried out three successful tests of the indigenous Nag anti-tank guided missiles in Pokharan test firing ranges. The missiles were test-fired during both day and night during the trials. pic.twitter.com/LS62Yvax2z
— ANI (@ANI) July 8, 2019
नाग की खासियतें
स्वदेशी नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल पाकिस्तानी टैंकों को आसानी से अपना टारगेट बनाने में सक्षम है, इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है. यह भारतीय सेना की ताकत को और बढ़ाने में मदद करेगा. आइये इसकी और भी खूबियों से आपको रु-ब-रु करते हैं-
- नाग मिसाइल युद्ध में दुश्मनों के टैंक को चार किलोमीटर दूर से ही ध्वस्त करने की क्षमता रखता है।
- रात के अंधेरे में भी अपने टारगेट को तबाह कर सकती है।
- थर्मल टारगेट सिस्टम (टीटीएस) तकनीक पर काम करती है। इस तकनीक से ऑपरेशनल टैंक की थर्मल इमेज क्रिएट हो जाती है, जिसके बाद टारगेट को लॉक करके मिसाइल दाग दी जाती है।
- मिसाइल लॉन्च होने के बाद इमेजिन इंफ्रारेड रडार से मिसाइल लॉक्ड टारगेट को फॉलो करते हुए हिट करती है। लॉन्चिंग के बाद इसे किसी भी तरह की एक्सटर्नल कमांड की जरूरत नहीं पड़ती।
- मिसाइल का भार 93 पौंड यानी 42 किलो है
- इसकी लंबाई 6 फुट 3 इंच यानी 90 मीटर है
- मिसाइल का व्यास 190 एमएम यानी 5 इंच है
- यह फाइव मिसाइल सिस्टम पर आधारित है
- मिसाइल की स्पीड 230 एम/एस है
- इसका गाइडेंस सिस्टम एक्टिव इमेजिन इंफ्रारेड रडार सीकर पर आधारित है
- इसकी रेंज 500 मीटर से 04 किलोमीटर तक होगी।