फ्लोरा ने कंगना की फिल्म का पोस्टर और अपना पोस्टर एक साथ ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा कि ये बॉलीवुड की फेमस मूवी जजमेंटल है क्या का पोस्टर है. क्या आपको इन दोनों में कोई समानता नजर आती है? फ्लोरा आगे लिखती हैं कि मेरा आइडिया कॉपी करने के लिए उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई. उन्होंने आगे लिखा कि ये शर्म की बात है कि बड़ी कंपनियां फ्रीलांस आर्टिस्ट के काम को चुरा रही हैं.
फ्लोरसा ने करीब दो घंटे पहले ये पोस्ट लिखा था जिसे अबतक 489 लोग लाइक कर चुके हैं, 64 लोग शेयर कर चुके हैं और 76 लोग कमेंट कर चुके हैं. फ्लोरा के फेसबुक दोस्त उन्हें फिल्म और प्रोड्यूसर्स पर कार्रवाई करने की सलाह दे रहे हैं. फ्लोरा अपने आर्ट वर्क को चुराने का आरोप लगाते हुए फिल्म और फिल्म निर्माताओं पर कानूनी कार्रवाई करती हैं तो निश्चित तौर पर कंगना रनौत की फिल्म के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है. अगर कोर्ट में ये बात साबित हो जाती है कि जजमेंटल है क्या के पोस्टर में फ्लोरा के आर्ट वर्क को कॉपी किया गया तो हर्जाने के तौर पर फ्लोरा अच्छी खासी रकम फिल्म मेकर्स के मांग सकती हैं.
पिछले दिनों कंगना रनौत जजमेंटल है के प्रमोशन के दौरान मीडिया से भी भिड़ गई थीं. कंगना ने एक पत्रकार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खूब सुनाया था. यही नहीं कंगना ने कहा था कि ‘मीडिया का एक तबका है जो दीमक की तरह हमारे देश में लगा है और धीरे-धीरे देश की गरिमा को, अस्मिता को, एकता को आए दिन अटैक करता रहता है. झूठी अफवाहें फैलाता है. गंदे भद्दे देशद्रोही विचार खुले तौर पर सबके सामने रखते हैं. इनके खिलाफ हमारे संविधान में किसी भी तरह का न तो कोई पेनाल्टी है और न ही कोई सजा है. इस चीज से मुझे बहुत ज्यादा ठेस लगी और मैंने खुद से निर्धारित कर लिया कि ये जो दोगली मीडिया है बिकाऊ मीडिया है जो खुद को लिबरल कहती है सेकुलर कहती है और कुछ भी नहीं है जो दसवीं फेल है. ये लोग सूडो लिबरल हैं और ये लोग बिल्कुल भी सेकुलर नहीं हैं. अगर ये लोग सेकुलर होते तो हमेशा धार्मिक चीजों को लेकर देश की एकता पर प्रहार नहीं करते.’
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