ईश्वर दुबे
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झारखंड के चतरा जिले में कुछ अज्ञात लोगों ने एक समाचारपत्र के 32 वर्षीय एक पत्रकार को कथित तौर पर अगवा कर लिया और उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) अखिलेश बी बेरियार के मुताबिक दैनिक समाचारपत्र ‘आज’ के लिए काम करने वाले चंदन तिवारी को आखिरी बार सोमवार रात करीब आठ बजे उनके घर के पास देखा गया था।
पुलिस को सूचना मिली कि कुछ अज्ञात लोगों ने तिवारी का अपहरण कर लिया और उसे रांची से करीब 110 किलोमीटर दूर सिमरिया प्रशासनिक क्षेत्र के तहत आने वाले बलथेरवा गांव के पास एक जंगल में ले गए।
अधिकारी ने बताया कि जिले के दुंबी गांव के निवासी तिवारी का शव मंगलवार सुबह जंगल से मिला। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। तिवारी के परिवार के सदस्यों ने घटना के लिए उग्रवादी संगठन तृतीया प्रस्तुति कमेटी को जिम्मेदार ठहराया है।
हवा की रफ्तार में मामूली सुधार होते ही दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुग्राम को छोड़कर एनसीआर के अन्य शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को खतरनाक स्तर से गिरकर बुधवार को बहुत खराब स्तर पर पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों में दिल्ली का सूचकांक 358 रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि बुधवार सुबह सतह की हवा में थोड़ी तेजी आई। इससे मंगलवार की तुलना में दिल्ली सहित एनसीआर में हवा की गुणवत्ता के स्तर में सुधार दर्ज किया गया। हालांकि गुरुग्राम में कोई गिरावट दर्ज नही देखी गई है। मंगलवार को दिल्ली का सूचकांक 401 पर था, लेकिन बुधवार को इसमें 43 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा व फरीदाबाद का सूचकांक 362, 347, 383 व 388 रहा। जबकि गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक 416 रिकार्ड किया गया। इसमें पीएम 10 व पीएम 2.5 की मात्रा सबसे ज्यादा रही।
सफर की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में औसतन पीएम 10 व पीएम 2.5 की मात्रा 370 व 215 दर्ज की गई। सभी एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर पीएम का स्तर बेहद खराब रिकार्ड किया गया। आने वालों दिनों में भी पीएम की मात्रा पीएम10 व पीएम 2.5 357, 400 और 197 व 242 के बीच रहने की संभावना है।
आज से लागू हो रहा दिल्ली में ग्रैप
दिल्ली में बृहस्पतिवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू हो जाएगा। एक से दस नवंबर के बीच दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों में निर्माण कार्य बंद रहेंगे। स्टोन क्रेसर व हॉट मिक्स प्लॉट भी नहीं चलेंगे। कोयले और बॉयोमॉस से चलने वाली फैक्ट्रियों को चार से दस नवंबर के बीच बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रैफिक जाम से बचाने व प्रदूषण जांच के लिए यातायात पुलिस व परिवहन विभाग की टीमें तैनात रहेंगी। औद्योगिक इलाकों में कचरे को जलाने से रोकने के लिये दिन-रात पेट्रोलिंग होगी।
भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर और चीन के शिंजियांग क्षेत्र के बीच शुरू होने वाली बस सेवा का पाकिस्तान और चीन दोनों के सामने विरोध दर्ज किया है। सोमवार को पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया ने कहा कि एक निजी प्राइवेट कंपनी 3 नवंबर को बस सेवा लांच करने वाली है। यह सेवा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के अंतर्गत शुरू की जाएगी। भारत शुरू से ही सीपीईसी के खिलाफ रहा है।
विरोध की जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने दी। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के 1963 'बाउंड्री अग्रीमेंट' को कभी भी मान्यता नहीं दी है। ऐसे में पीओके में पाकिस्तान द्वारा बस सेवा शुरू करना भारत की संप्रभुता और क्षेत्र का उल्लंघन है।
स्थानीय पाकिस्तानी मीडिया ने बस सेवा पर कहा था कि 30 घंटे की इस बस सेवा का किराया 13 हजार रुपये और वापसी में 23 हजार रुपये होगा। पाकिस्तान की निजी कंपनी का यह भी कहना है कि बस पाकिस्तान स्थित लाहौर से काशगर तक हफ्ते में चार दिन चलेगी। ये भी खबर है कि इसके लिए लोगों ने बुकिंग कराना शुरू कर दिया है।
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए। इसके लिए हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
वहीं, शिवपाल यादव के अलग पार्टी बनाने पर उन्होंने कहा कि इससे 2019 के चुनाव में असर पड़ेगा। सपा को मजबूत करने में शिवपाल ने बड़ी भूमिका निभाई। 2017 के विधान सभा चुनाव में परिवार के झगड़े का असर पड़ा था।
ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के एक पुजारी ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त करने की अनुमति मांगी है।
उन्होंने यह पत्र सुप्रीम कोर्ट द्वारा चार महीने पहले दिए गए उस सुझाव के परिप्रेक्ष्य में लिखा है, जिसमें कोर्ट ने सेवकों के वंशानुगत अधिकारों को खत्म करने का सुझाव दिया था और आदेश दिया था कि किसी भी भक्त को चढ़ावे के लिए पुजारियों द्वारा मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
मंदिर के पुजारी नरसिंह पुजापांडा का कहना है कि उनकी आय का एकमात्र स्रोत भक्तों के उपहार और मंदिर में किया गया दान था। उन्होंने बुधवार को अपनी याचिका में लिखा है, 'हम उनसे (मुख्य न्यायाधीश) विनती करते हैं कि इसे न रोकें, क्योंकि एक हजार साल से अधिक समय से ऐसा ही होता आ रहा है। अदालत और सरकार हमारी आय का एकमात्र स्रोत रोकने की कोशिश कर रही है। हम आय के बिना कैसे जीवित रहेंगे?'
उनका कहना है, 'अब सर्वोच्च न्यायालय ने मंदिर के सेवकों को भक्तों से दान न लेने को कहा है, यह तो जिंदा रहने के लिए लगभग असंभव है। मैंने ओडिशा सरकार से भी इच्छामृत्यु की मांग की थी, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। अब भूख से मौत की प्रतीक्षा करने से बेहतर है कि एक बार में मर जाएं।'
भाजपा के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा संसद के शीतकालीन सत्र में अयोध्या में राममंदिर के निर्माण के लिए प्रस्ताव लाएंगे। खुद राकेश सिन्हा ने इस बात की पुष्टि की है।
भाजपा सांसद की तरफ से राममंदिर निर्माण के लिए बिल का यह प्रस्ताव ऐसे समय में किया गया है जब आरएसएस और विहिप ऐसे बिल की लगातार मांग कर रहे हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कई बार सरकार से मंदिर निर्माण के लिए संसद में बिल लाने की मांग की है। विहिप अभी भी इस मुद्दे पर पूरे देश के हर सांसद से मिलकर मंदिर निर्माण के लिए बिल पर उनसे सहमति मांगने की मुहिम चला रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, लालू, येचुरी और मायावती समेत कई नेताओं को चुनौती देते हुए कहा है कि वह अपना स्टैंड क्लियर करें। इस मुद्दे पर उन्होंने गुरुवार को कई ट्वीट भी किए। 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं और इससे पहले यह मुद्दा संसद के साथ साथ लोगों के लिए भी बहस का हिस्सा बनने जा रहा है। मामले पर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने राम मंदिर पर बयान देते हुए कहा कि राम मंदिर के लिए सिर्फ एक ही उपाय है, अध्यादेश लाएं या फिर जमीन अधिग्रहण करें।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मामले को टालने के बाद से ही आरएसएस, वीएचपी जैसे कई हिंदू संगठन केंद्र की मोदी सरकार पर राम मंदिर पर अध्यादेश लाने का दबाव बना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि राम मंदिर पर अध्यादेश लाना आसान काम नहीं है, इस रास्ते में कई रुकावटें हैं।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'जो लोग (भाजपा और आरएसएस) को उलाहना देते रहते हैं कि राम मंदिर की तारीख बताएं, उनसे सीधा सवाल क्या वे मेरे प्राइवेट मेंबर बिला का समर्थन करेंगे? समय आ गया है दूध का दूध पानी का पानी करने का।' उन्होंने अपने इस ट्वीट में राहुल गांधी, अखिलेश यादन, सीतीरीम येचुरी और लालू प्रसाद यादव को भी टैग किया।
सिन्हा ने आगे कहा कि राम मंदिर मामला हिंदुओं के लिए प्राथमिकत में है। सुप्रीम कोर्ट को धारा 377, जलिकट्टू और सबरीमाला पर फैसला सुनाने में कितने दिन लगे? लेकिन दशकों से ये मुद्दा प्राथमिकता में नहीं है।
31 जनवरी-1 फरवरी को प्रयागराज में हिन्दू सन्तों की धर्मसंसद का आयोजन किया जाना है। इस संसद में भी राममंदिर के लिए बिल लाने पर सरकार पर दबाव पड़ सकता है। इस अर्थ में भाजपा सांसद के इस बिल को विशेष अर्थ में देखा जा सकता है।
कांग्रेस नेता राजीव त्यागी ने राममंदिर पर बिल लाने की चर्चा पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार साल से ज्यादा समय तक जनहित में कोई काम न कर पाने के बाद भाजपा को वोट पाने के लिए अब फिर राम की शरण में जाना पड़ रहा है। लेकिन जनता उनकी इस चाल को समझती है और इस बार भाजपा इसमें कामयाब नहीं होगी। त्यागी के मुताबिक उन्होंने कोर्ट के आदेश से राममंदिर का ताला भी खोला था और संसद में बिल लाकर सोमनाथ मंदिर का निर्माण भी कराया था। भाजपा को भी देश के संविधान का पालन करना चाहिए और कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा करनी चाहिए।
ये है प्राइवेट मेंबर बिल
भारत में कानून बनाने के लिए बिन पेश किए जाते हैं। इसे सरकार के मंत्री या किसी सांसद की ओर से पेश किया जाता है। इसे सरकारी बिल और दूसरी स्थिति में प्राइवेट मेंबर बिल कहा जाता है। संसद में सरकारी विधेयकों के अलावा सदस्यों को व्यक्तिगत विधेयक लाने का भी अधिकार है। लेकिन इन विधेयकों को कानून का रूप देना है या नहीं यह सरकार के रुख से तय होता है। हर शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा में निजी विधेयक (प्राइवेट मेंबर बिल) पेश किए जाते हैं।
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र सरकार को 10 दिनों के अंदर राफेल विमान सौदे का ब्यौरा सौंपने का आदेश दिया है। न्यायालय ने सरकार को बंद लिफाफे में राफेल विमान की कीमत और इस सौदे से संबंधित विस्तृत जानकारी सौंपने के लिए कहा है।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने बुधवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण की ओर से संयुक्त रूप से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि राफेल विमान सौदे में कीमत से जुड़ी विस्तृत जानकारी बंद लिफाफे में जमा कराई जाए। सरकार अगले 10 दिनों के भीतर यह जानकारी मुहैया कराये।
याचिकाकर्ताओं ने भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल विमान सौदे में अनिल अंबानी की अनुभवहीन रिलायंस डिफेंस को राफेल का निर्माण करने वाली कंपनी दसाल्ट के साथ पार्टनर बनाये जाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।
इंदौर। सुप्रीम कोर्ट के सबरीमला मंदिर संबंधी फैसले के मुताबिक केरल के इस देवस्थान में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश दिए जाने के मत का कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राहुल गांधी ने निजी तौर पर मंगलवार को समर्थन किया। इसके साथ ही कहा कि इस बेहद भावनात्मक मामले में उनकी निजी सोच उनकी पार्टी की केरल इकाई से अलग है। उन्होंने यहां चुनिंदा संपादकों और पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में एक सवाल पर कहा कि सबरीमला मामले में मेरा निजी दृष्टिकोण यह है कि महिलाएं और पुरुष बराबर हैं। महिलाओं को सबरीमला मंदिर में जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। हालांकि, केरल में मेरी पार्टी का दृष्टिकोण है कि सबरीमला मंदिर मामला वहां महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिये एक बेहद भावनात्मक मुद्दा है।
जिस दिन राफेल की जांच होगी, नरेन्द्र मोदी जेल जाएंगे
राफेल घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखे हमले जारी रखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी को भ्रष्ट व्यक्ति कहा और दावा किया कि जिस दिन राफेल घोटाले की जांच शुरू होगी, उन्हें जेल जाना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने राफेल डील मामले में उद्योगपति अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिये तय प्रक्रिया का उल्लंघन किया। राहुल ने दावा किया कि जब जांच के दौरान राफेल घोटाले के दस्तावेज सामने आएंगे, तो इनमें बड़े-बड़े अक्षरों में एक तरफ मोदी और दूसरी तरफ अंबानी का नाम लिखा होगा। उन्होंने कहा कि भारत के लिए रुकावटें पैदा करना पाकिस्तान के डीएनए में है, लेकिन भाजपा की कथित तौर पर गलत सियासी नीतियों के कारण पड़ोसी मुल्क को भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का मौका मिल रहा है जिससे सीमाओं की सुरक्षा में तैनात भारतीय जवानों को शहीद होना पड़ रहा है।
इंदिरा गांधी एक अजीम शख्यियत थीं। उनके भीतर गजब की राजनीतिक दूरदर्शिता थी। लालबहादुर शास्त्री के बाद प्रधानमंत्री बनीं इंदिरा को शुरू में 'गूंगी गुड़िया' की उपाधि दी गई थी, लेकिन 1966 से 1977 और 1980 से 1984 के दौरान प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा ने अपने साहसी फैसलों के कारण साबित कर दिया कि वे एक बुलंद शख्यिसत की मालिक हैं।
इंदिरा गांधी ने परिणामों की परवाह किए बिना कई बार ऐसे साहसी फैसले लिए, जिनका पूरे देश को लाभ मिला और उनके कुछ ऐसे भी निर्णय रहे जिनका उन्हें राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ा लेकिन उनके प्रशंसक और विरोधी, सभी यह मानते हैं कि वे कभी फैसले लेने में पीछे नहीं रहती थीं। जनता की नब्ज समझने की उनमें विलक्षण क्षमता थी।
प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की पुत्री इंदिरा का जन्म इलाहाबाद में 19 नवंबर 1917 को हुआ। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी वानर सेना बनाई और सेनानियों के साथ काम किया। जब वे लंदन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ रही थीं तो वहां आजादी समर्थक ‘इंडिया लीग’ की सदस्य बनीं।
भारत लौटने पर उनका विवाह फिरोज गांधी से हुआ। वर्ष 1959 में ही उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। नेहरू के निधन के बाद जब लालबहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बने तो इंदिरा ने उनके अनुरोध पर चुनाव लड़ा और सूचना तथा प्रसारण मंत्री बनीं।
उनके समकालीन नेताओं के अनुसार बैंकों का राष्ट्रीयकरण, पूर्व रजवाड़ों के प्रिवीपर्स समाप्त करना, कांग्रेस सिंडिकेट से विरोध मोल लेना, बांग्लादेश के गठन में मदद देना और अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को राजनयिक दांव-पेंच में मात देने जैसे तमाम कदम इंदिरा गांधी के व्यक्तित्व में मौजूद निडरता के परिचायक थे।
साथ ही आपातकाल की घोषणा, लोकनायक जयप्रकाश नारायण तथा प्रमुख विपक्षी नेताओं को जेल में डालना, ऑपरेशन ब्लू स्टार जैसे कुछ निर्णयों के कारण उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उड़ीसा में एक जनसभा में गांधी पर भीड़ ने पथराव किया। एक पत्थर उनकी नाक पर लगा और खून बहने लगा।
इस घटना के बावजूद इंदिरा गांधी का हौसला कम नहीं हुआ। वे वापस दिल्ली आईं। नाक का उपचार करवाया और तीन चार दिन बाद वे अपनी चोटिल नाक के साथ फिर चुनाव प्रचार के लिए उड़ीसा पहुंच गईं। उनके इस हौसलों के कारण कांग्रेस को उड़ीसा के चुनाव में काफी लाभ मिला।
एक और वाकया 1973 का है। इंदिराजी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में भाग लेने इलाहाबाद आईं थीं। उनकी सभा के दौरान विपक्षी नेताओं ने जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें काले झंडे दिखाए गए। लेकिन उस जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन से इंदिराजी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं आई।
अपने संबोधन में विरोधियों को शांत करते हुए उन्होंने सबसे पहले कहा कि ‘मैं जानती हूं कि आप यहां इसलिए हैं क्योंकि जनता को कुछ तकलीफें हैं, लेकिन हमारी सरकार इस दिशा में काम कर रही है। इंदिराजी खामियाजे की परवाह किए बगैर फैसले करती थीं।
आपातकाल लगाने का काफी विरोध हुआ और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा लेकिन चुनाव में वे फिर चुनकर आईं। ऐसा चमत्कार सिर्फ वे ही कर सकती थीं। इंदिरा की राजनीतिक छवि को आपातकाल की वजह से गहरा धक्का लगा। इसी का नतीजा रहा कि 1977 में देश की जनता ने उन्हें नकार दिया, हालांकि कुछ वर्षों बाद ही फिर से सत्ता में उनकी वापसी हुई।
उनके लिए 1980 का दशक खालिस्तानी आतंकवाद के रूप में बड़ी चुनौती लेकर आया। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद वे सिख अलगाववादियों के निशाने पर थीं। 31 अक्टूबर 1984 को उनके दो सिख अंगरक्षकों ने ही उनकी हत्या कर दी। गरीबी मुक्त भारत इंदिरा का एक सपना था। जो आज भी साकार नहीं हो पाया है।
रायपुर. बच्चों को लेकर स्कूल से लौट रही केंद्रीय विद्यालय की स्कूल बस बुधवार दोपहर सिटी बस से टकरा गई। दुर्घटना में दो छात्राओं और कंडक्टर की मौत हो गई, जबकि सात बच्चे घायल हो गए। सूचना पर पहुंची राखी थाने की टीम ने घायलों को अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे केंद्रीय विद्यालय नंबर 3 की स्कूल बस बच्चों को लेकर लौट रही थी। अटल नगर में सीवीडी चौक के पास सिटी बस से आमने-सामने टकरा गई। टक्कर में दो छात्राओं समेत बस के कंडक्टर की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए हैं।