राजनीति

राजनीति (2949)

नई दिल्ली। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने लखीमपुर हिंसा में मामले में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त नहीं किए जाने को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। बैठक में कहा गया कि यह घटना भाजपा की हठधर्मिता का स्पष्ट नमूना है। सीडब्ल्यूसी बैठक में गंभीर कृषि संकट और भारत के किसानों पर बर्बर हमला विषय पर प्रस्ताव पारित कर तीनों कृषि कानूनों पर केंद्र की हठधर्मिता पर निशाना साधा गया।
प्रस्ताव में कहा गया कि खेती के तीन ‘काले कानून’ मोदी सरकार द्वारा मुट्ठीभर पूंजीपति मित्रों को मुनाफा कमवाने के लिए भारत के अन्नदाता किसानों का दमन करने की एक कुत्सित साजिश की पराकाष्ठा है। साढ़े दस महीनों से, लाखों किसान दिल्ली की सीमाओं पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अपने हक की इस लड़ाई में लगभग एक हजार किसान अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन मोदी सरकार उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं।
सीडब्ल्यूसी ने कहा लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचलकर मारने की घटना सरकार की हठधर्मिता प्रदर्शित करती है। यह घटना केंद्रीय गृहराज्य मंत्री की ओर से सार्वजनिक रूप से धमकी दिए जाने के बाद घटित हुई। इस धमकी से उनका संदिग्ध अतीत स्पष्ट होता है। प्रस्ताव में कहा गया है जब कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में जनता द्वारा दबाव डाले जाने पर गृह मामलों के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री के बेटे को आरोपी मानकर गिरफ्तार कर लिया गया है, तब भी प्रधानमंत्री जी ने मंत्री को बर्खास्त करने से इंकार कर दिया है।
कांग्रेस कार्यसमिति राहुल गांधी द्वारा साहस व निरंतरता से किसानों के मुद्दों के लिए लड़ने और प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा दृढ़ता से उत्तर प्रदेश में किसानों की हत्या के खिलाफ लड़ाई की सराहना करती है। सीडब्ल्यूसी ने आरोप लगाया लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला मोदी सरकार के कारनामों का एक और दुखद पहलू है। भारत ने लोकतंत्र के रूप अपनी मान्यता खो दी है, इसे अब निर्वाचित अधिनायकवाद के रूप में देखा जाने लगा है। संसद की तिरस्कारपूर्ण अवमानना की गई।

फतेहपुर । हिमाचल प्रदेश के परिवहन एवं उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी फतेहपुर चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। भाजपा फतेहपुर में आक्रामक रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा की जयराम सरकार के विकास के नाम पर जनता के बीच आई है। जहां भी सरकार के प्रतिनिधि न होने की वजह से विकास रुका पड़ा है उसे महज एक साल में गति दी जाएगी। बिक्रम ठाकुर ने फतेहपुर में चुनावी सभा के दौरान पत्रकारों से से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी को कमजोर करने के लिए जो आम लोगों के बीच भ्रांतियां बोई जा रही है कि भाजपा के पदाधिकारियों द्वारा विरोध में कार्य किया जा रहा बिल्कुल गलत है सभी एकजुटता से कार्य कर रहे है। कांग्रेस प्रत्याशी को अपने शीर्ष नेतृत्व पर भी विश्वास नही उन्होंने जो अपना पोस्टर जारी किया है उसमें स्वर्गीय वीरभद्र सिंह एवं स्वर्गीय सुजान सिंह पठनीया को ही ही स्थान दिया उनको केंद्रीय नेतृत्व के साथ साथ प्रदेश नेताओं पर भी कोई विश्वास नहीं है। कांग्रेस प्रत्याशी क्षेत्रवाद पर ही दाव खेल रही क्योंकि वो भी जानते हैं कि राष्ट्रीय औऱ प्रादेशिक नेताओं में इतनी कुव्वत नही की वो उन्हें चुनाव जीता सके ।
कांग्रेस ने कभी भी मुददों पर बात नहीं की है क्षेत्रवाद, परिवारवाद के साथ साथ धड़ों में कार्य करती रही है। प्रदेश में कांग्रेस के दो धड़े कार्य करते रहे हैं एक वीरभद्र कांग्रेस और एक कांग्रेस, वीरभद्र कांग्रेस हमेशा कांग्रेस पर भारी रही है यही वजह है और उनके हस्तक्षेप के बगैर कांग्रेस की जीत लगभग असंभव रही है। इसलिए उनकी मृत्यु के बाद भी श्रद्धांजलि का नाम ले कर वोट मांगे जा रहे। कांग्रेस के पास नेताओं की कमी के साथ ही मुद्दों की भी कमी है और वो जनभावनाओं के साथ खेल कर दोनों स्वर्गीय नेताओं के नाम पर बंदूक तान कर निशाना लगाने का प्रयास कर रहे हैं। फतेहपुर में जो बाहरी और भीतरी का नारा दिया जा रहा है जनता खुद तय करे की जो उनके प्रत्याशी है जो आज तक बाहर रहे अपने पिता द्वारा बनाई सियासी जमीन पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं जबकि भाजपा प्रत्याशी एक साधारण परिवार से संबंध रखते एवं लंबे समय से उसी क्षेत्र में लोगों के बीच कार्य कर रहे हैं।

धर्मशाला । हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर की चुनावी रणनीति से सत्तारूढ़ भाजपा इस कदर परेशान है कि गोदी मीडिया का सहारा लेकर प्रायोजित षड्यंत्रकारी खबरें लगाई जा रही हैं। यह सब भाजपा की हड़बड़ाहट के सिवा कुछ नहीं है। यह बात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता दीपक शर्मा ने आज कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कहां जा रहे हैं। किससे मिल रहे हैं। किन किन वरिष्ठ कार्यकर्ता का मनोबल बढ़ा कर चुनावों के लिए सक्रिय कर रहे हैं। यह सब जानकारी गोदी मीडिया या विपक्ष को देना आवश्यक नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा क्योंकि प्रदेशाध्यक्ष की रणनीति से विपक्ष बैकफुट पर जा रहा है और दिन प्रतिदिन कांग्रेस चारों सीटों पर मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है इसी लिए कांग्रेस को रोकने के लिए अनावश्यक विवाद खड़े करने की कोशिश हो रही है। दीपक शर्मा ने खुलासा किया कि भाजपा के बड़े नेता कुल्लू, मंडी, फतहपुर और कोटखाई में कांग्रेस के सम्पर्क में हैं।
प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर की रणनीति ने भाजपा को परेशान कर रखा है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा चाहती है कि कांग्रेस के हर नेता के दौरे का विस्तृत विवरण और गतिविधियों की जानकारी उन्हें उपलब्ध रहे तो यह सम्भव नहीं है। कांग्रेस पार्टी को किस तरह आगे बढ़ना है इसका फ़ैसला कांग्रेस के विरोधी नहीं करेंगे। दीपक शर्मा ने कहा कि जिस तरह से प्रायोजित षड्यंत्र और खबरें प्लांट करके कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को बदनाम करने का अभियान भाजपा ने शुरू किया है उससे साफ झलकता है कि भाजपा बैकफुट पर है और चारों उपचुनाव हार रही है।
दीपक शर्मा ने कहा कि भाजपा इन उपचुनावों में महंगाई, बेरोजगारी जैसे जनता के ज्वलन्त प्रश्नों का जबाब देने से बच रही है। जनाक्रोश को देखते हुए गैरज़रूरी मुद्दों को हवा देकर चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है। लेकिन भाजपा अपने षड्यंत्रकारी मंसूबों में कामयाब नहीं होगी। जनता भाजपा को ज़मीन सुंघाने का मन बना चुकी है।

 

नई दिल्‍ली । ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर हमला करके हुए कहा कि कांग्रेस-एनसीपी से गठजोड़ कर शिवसेना हिंदुत्व से एक इंच भी दूर नहीं गई। उन्होंने कहा कि हिंदुत्‍व देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है। ओवैसी ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे को संबोधित करते हुए ट्वीट किया। इसमें हिंदुत्‍व को टैग करते हुए उन्‍होंने लिखा, 'हिंदुत्व देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है। हिंदुत्व की परिभाषा ही है- ब्रिटिश स्‍टाइल में फूट डालो और राज करो।' ओवैसी ने सीएम उद्धव ठाकरे पर हमला करते हुए लिखा कि एनसीपी और कांग्रेस ने आपके साथ गठजोड़ करके अपनी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष विचारधारा को खुशी-खुशी कमजोर कर दिया। लेकिन, आप हिंदुत्व से एक इंच भी दूर नहीं गए।
एआईएमआईएम प्रमुख ने राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि समाज को चुनना है कि वह असमानता के लिए आरएसएस के प्यार और स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व व न्याय के लिए अंबेडकर की इच्छा के बीच किसे चाहता है। इसके पहले महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने भाजपा को टारगेट करते हुए कहा कि हिंदुत्व खतरे में है क्योंकि जो सत्ता में हैं, वो अंग्रेजों की शैली में लोगों को विभिन्न लाइनों पर बांटते हैं। हमें सभी समुदायों की खाई को पाटना है। ठाकरे ने स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणी को लेकर उपजे विवाद सहित विभिन्न मुद्दों पर शुक्रवार को अपने पूर्व गठबंधन सहयोगी भाजपा की जमकर आलोचना की।
शनमुखानंद हॉल में शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली में ठाकरे ने कहा कि भाजपा ने वीर सावरकर और महात्मा गांधी दोनों ही को नहीं समझा है। राजनाथ सिंह ने हाल ही में यह दावा करके विवाद पैदा कर दिया था कि अंडमान के सेलुलर जेल में बंद रहने के दौरान महात्मा गांधी ने वीर सावरकर को ब्रिटिश सरकार को दया याचिका भेजने की सलाह दी थी।

सरकाघाट, बिमाचल प्रदेश । हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के बैरा में बीजेपी प्रत्याशी खुशाल ठाकुर के लिए आयोजित जनसभा में कहा कि कांग्रेस ने जो अपमान किया है, उसे मंडी संसदीय क्षेत्र के लोग कभी भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। मंडी की बात जब मैं करता हूं तो उसका मतलब है किन्नौर से लेकर भरमौर तक। जो लोग प्रदेश को कभी टोपी, कभी बोली, कभी क्षेत्र के नाम पर बांटते रहे, वो हमारे ऊपर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। लेकिन जब आंकड़ों के आधार पर उनसे बात की जाए तो वे बगलें झांकते नजर आते हैं।
कांग्रेस को घेरते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, मैं कोई व्यक्तिगत आक्षेप नहीं लगा रहा लेकिन प्रतिभा सिंह यहां से दो बार सांसद रहीं। आज लोग चर्चा कर रहे हैं कि बतौर सांसद वो कितनी बार हमारे बीच में पहुंची। हां, वीरभद्र सिंह जी के साथ जरूर आती रहीं लेकिन बस वोट मांगने के लिए। कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस लड़ाई में देश के 500 से ज्यादा जवानों ने शहादत दी लेकिन कांग्रेस कह रही है ये युद्ध नहीं था। साथ ही साथ कांग्रेस कह रही है कि ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने युद्ध अकेले नहीं लड़ा। वे भूल गए कि टाइगर हिल पर कब्जा करने का जिम्मा उनकी ब्रिगेड के जिम्मे था। जब इस बात पर लोगों ने सवाल उठा दिए तो अब कह रहे हैं कि हमने ऐसा बोला ही नहीं। कांग्रेस की यही हालत पूरे देश में हो गई है।
सीएम ने कहा, कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति को हिमाचल में स्टार प्रचारक बनाकर भेजा जिस व्यक्ति पर भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे नारे लगाने का आरोप लगा। ये वही कन्हैया कुमार हैं जिन्होंने कहा कि सेना के जवान जम्मू-कश्मीर में महिलाओं पर अत्याचार करते हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नवजोत सिंह सिद्धू पर भी चुटकी ली। हिमाचल कांग्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे यहां भी कांग्रेस का ऐसा ही हाल है। वीरभद्र सिंह जी के जाने का दुख हमें भी है, लेकिन उनके निधन के बाद कांग्रेस में सबसे बड़ा नेता बनने की होड़ लगी है। उन्हें जनता की फिक्र नहीं, सिर्फ अपने हितों की चिंता है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकार द्वारा किए गए कार्यों को गिनवाया और कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। जयराम ठाकुर ने कहा, हमने बुजुर्गों की पेंशन की उम्र 80 से 70 साल की। अब 70 साल के ऊपर सभी को हमारी सरकार 1500 रुपये पेंशन दे रही है। पहले ये पेंशन 750 दी जाती थी। माताओं और बहनों के लिए 65 साल से पेंशन का प्रावधान किया। गरीबों के लिए इलाज के लिए सहारा योजना चलाई। लाइलाज बीमारियों से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए सहारा योजना चलाई। कांग्रेस ने इतने सालों में आम और गरीब वर्ग के लिए क्या किया?
सरकाघाट में चुनावी जनसभा के दौरान महंगाई पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, महंगाई है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर काम कर रहे हैं और हम जल्द इस पर भी सफलता हासिल कर लेंगे। हमने हिमाचल में खाद्य तेल पर सब्सिडी बढ़ाकर 30 रुपये की ताकि लोगों पर बोझ ना पड़े।
2019 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र से पिछले चुनावों में हमें 31 हजार की लीड मिली। इसी तरह इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में किसी पार्टी को लीड मिली हो। देश भर में सबसे ज्यादा वोट शेयर हिमाचल में बीजेपी का रहा। मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे पूरा यकीन है कि इस बार भी सरकाघाट की जनता ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर को रिकॉर्ड वोटों से जिताकर दिल्ली भेजेगी।

सोलन, हिमाचल प्रदेश । हिमचल उपचुनाव प्रचार ने अब तेजी पकड़ ली है। भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने भाजपा नेता आशा परिहार से अर्की में उनके निजी निवास पर में मुलाकात की, उन्होंने आशा परिहार से कई मुद्दों पर चर्चा भी की। भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित राजनीत दल है और प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ की हड्डी है। उन्होंने कहा कि आशा परिहार के पिता पूर्व मंत्री स्वर्गीय नागिन चंद्र पाल ने अर्की विधानसभा क्षेत्र के लिए बहुत काम किया है जिसे अर्की की जनता भुला नहीं सकती।
खन्ना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास इन चुनावों में कोई भी मुद्दा नही है इस कारण वह झूठ बोल कर जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास कर रही है। पूरे अर्की क्षेत्र में कार्यकर्ताओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचालन है और कोई भी ऐसा नेता या कार्यकर्ता नहीं है जो कांग्रेस के संपर्क में है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार की बयानबाजी कर रही है। इस बार अर्की में भजापा कई जीय निश्चित है और इसके लिए पार्टी का शीर्ष नेतृव धरातल पर काम कर रहे है। भाजपा विकास और जन सेवा के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है और कांग्रेस मुद्दे के बिना चुनावी रण में है।

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस के दूसरे राज्यों में विस्तार की कोशिशों से कांग्रेस खुश नहीं है। पार्टी का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस की इन कोशिशों से विपक्षी एकता की कोशिशों को झटका लग सकता है। कांग्रेस के कई बड़े नेता पिछले कुछ माह में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पार्टी तृणमूल कांग्रेस के दूसरे राज्यों में विस्तार से ज्यादा नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने से नाराज है। हाल ही में असम की वरिष्ठ नेता सुष्मिता देव और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लिजिन्हो फ्लेरो अपने समर्थकों के साथ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कांग्रेस पार्टी नेता ने कहा कि सुष्मिता देव से ज्यादा कांग्रेस नेतृत्व को लिजिन्हो फ्लेरो को लेकर तृणमूल से नाराजगी है। क्योंकि, फ्लेरो के तृणमूल में जाने से पार्टी का चुनावी गणित बिगड़ गया है। इसके साथ पार्टी को डर है कि तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गठबंधन कर उसकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं। गोवा में पंजाब, यूपी और उत्तराखंड के साथ विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस को चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। वर्ष 2017 की तरह किसी तरह की लापरवाही न हो, इसलिए पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को चुनाव पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया है। पर तृणमूल ने पूरा गणित बिगाड़ दिया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 17 सीट के साथ 30 फीसदी वोट मिला था। पर अपनी पहली कोशिश में ही आम आदमी पार्टी करीब साढ़े छह फीसदी वोट हासिल करने में सफल रही थी। गोवा कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि चुनाव से पहले फ्लेरो के भरोसेमंद कई और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि तृणमूल की नजर मेघालय पर भी है। मेघालय में भी पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा 13 विधायकों के साथ तृणमूल जा सकते थे। इसलिए, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने फौरन संगमा को दिल्ली तलब कर उनकी नाराजगी को दूर किया, ताकि मेघालय में पार्टी को टूट से बचाया जा सके।

नई दिल्ली: कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) से बृहस्पतिवार को मुलाकात के बाद उनकी तस्वीर साझा करके हर नैतिक मूल्य और देश के पूर्व प्रधानमंत्री की निजता का हनन किया है.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, भाजपाइयों के लिए हर चीज़ ‘फोटो ऑप’ है. शर्म आनी चाहिए देश के स्वास्थ्य मंत्री को, जिन्होंने एम्स में भर्ती पिता तुल्य पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाक़ात को पी.आर स्टंट बनाया. यह हर नैतिक मूल्य का उलंघन है, पूर्व प्रधानमंत्री की निजता का हनन है, स्थापित परम्पराओं का अपमान है. माफ़ी मांगें.

उधर, पूर्व प्रधानमंत्री की पुत्री दमन सिंह ने समाचार पोर्टल ‘द प्रिंट’ से बातचीत में आरोप लगाया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ एक फोटोग्राफर के भी उस वार्ड में घुस जाने से परेशान थीं, जिसमें मनमोहन सिंह भर्ती हैं. दमन सिंह ने कहा, मेरी मां बहुत परेशान थीं. मेरे माता-पिता एक मुश्किल हालात से उबरने की कोशिश कर रहे हैं. वे बुजुर्ग हैं. वो कोई चिड़ियाघर में मौजूद जानवर नहीं हैं.’’

मांडविया ने बृहस्पतिवार को सिंह से मुलाकात कर उनकी सेहत का हाल जाना था. उन्होंने ट्वीट कर कहा था, आज पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह जी से एम्स में मुलाक़ात की व उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली. मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.

गत बुधवार को 89 वर्षीय सिंह को एम्स के कार्डियो-न्यूरो केंद्र के निजी वार्ड में भर्ती कराया गया था और वह डॉक्टर नीतीश नाइक के नेतृत्व में ह्रदय रोग विशेषज्ञों की टीम की देख-रेख में हैं. सिंह को सोमवार को बुखार आ गया था और वह उससे उबर भी गए थे लेकिन उन्हें कमजोरी महसूस होने लगी थी और वह केवल तरल चीजों का सेवन कर पा रहे थे.

नई दिल्ली. नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के 18 दिन बाद शुक्रवार को अपना इस्तीफा वापस ले लिया। नाराज चल रहे सिद्धू ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद इस्तीफा वापस लेने की बात कही। पंजाब के प्रभारी हरीश रावत ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। पंजाब कांग्रेस में सिद्धू के अचानक इस्तीफा देने के बाद उनके कांग्रेस छोड़ने के भी कयास लगने लगे थे, लेकिन दशहरा के दिन सिद्धू ने इस्तीफा वापस ले लिया। बृहस्पतिवार को संगठन महासचिव केसी. वेणुगोपाल और हरीश रावत से मुलाकात के बाद अपने कदम पीछे हटाने के संकेत दिए थे। 

दरअसल 28 अक्तूबर को इस्तीफा देने के बाद सिद्धू ने जिस तरह के तेवर अपनाए, उससे केंद्रीय नेतृत्व की फजीहत शुरू हो गई, क्योंकि सिद्धू को अध्यक्ष बनाने का फैसला सीधे नेतृत्व का था। वहीं, जिस दिन कांग्रेस कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी का पार्टी में स्वागत कर रही थी उससे ठीक पहले सिद्धू ने इस्तीफा बम फोड़कर किरकिरी कराई थी। इसी बात से सोनिया गांधी के साथ राहुल और प्रियंका भी बेहद नाराज थे।

सिद्धू ने कहा...
बैठक के बाद सिद्धू ने मीडिया से कहा, मेरी जो चिंताएं थीं, मैंने राहुल जी के साथ साझा कर दी और सबका समाधान निकल गया। 

 

नई दिल्ली . पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शनिवार को शुरू हो चुकी है। इस बैठक में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अशोक गहलोत, आनंद शर्मा  समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। कार्यसमिति की बैठक में नए अध्यक्ष पद के लिए चर्चा होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा र्तमान राजनीतिक स्थिति, आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी चर्चा होगी।

वरिष्ठ नेताओं ने उठाई थी मांग
पिछले दिनों कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाने की मांग की थी। यहां तक कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई जाए और पार्टी के संगठनात्मक चुनाव और आतंरिक मामलों पर चर्चा की जाए। 

पार्टी अध्यक्ष को लेकर उठ रहे थे सवाल 
कांग्रेस में स्थाई पार्टी अध्यक्ष का न होना उसके लिए परेशानी की वजह बन रहा है। पार्टी के अंदर ही इसको लेकर विरोध के शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने तो यहां तक कह दिया था कि पार्टी का कोई अध्यक्ष नहीं हैं। फैसले कौन ले रहा है, मालूम नहीं है। 

सोनिया गांधी हैं अंतरिम अध्यक्ष 
हालफिलहाल सोनिया गांधी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं। राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद उन्होंने अध्यक्ष का पदभार संभाला था, लेकिन स्थाई अध्यक्ष की मांग पार्टी ही नहीं पार्टी के बाहर भी होने लगी है। पिछले दिनों शिवसेना ने भी स्थाई अध्यक्ष को लेकर सवाल खड़े किए थे। 

Page 1 of 211

फेसबुक