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मुम्बई । घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भी गिरावट जारी रही। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार में ये गिरावट अंतराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेतों के साथ ही बिकवाली हावी रहने से आई है। मध्य पूर्व में ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण भी विश्व भर के बाजार गिरे हैं जिससे भारतीय बाजार पर भी दबाव पड़ा है। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंकाओं से भी आईटी शेयरों में भारी बिकवाली रही। इससे बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी भी नीचे आये। वहीं विदेशी कोष की निकासी को देखते हुए भी निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। व्यापक बाजारों की बात करें तो स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ, पर मिडकैप इंडेक्स 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। इससे पहले सोमवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था।
दिन भर के कारोबार के बाद तीस शेयरों वाला बीएसई मानक सूचकांक सेंसेक्स 456.10 अंक करीब 0.62 फीसदी बढ़कर 72,943.68 अंक पर बंद हुआ। वहीं ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 124.60 अंक तकरीबन 0.56 फीसदी नीचे आकर दिन के अंत में 22,147.90 अंक पर बंद हुआ।
आज कारोबार के दौरानर सेंसेक्स के शेयरों में, इंफोसिस, इंडसइंड बैंक, बजाज फिनसर्व, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर नीचे आये जबकि टाइटन, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचडीएफसी बैंक, मारुति, आईटीसी, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर लाभ में रहे।
वहीं दूसरी ओर एशियाई बाजारों में, सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग के अलावा
यूरोपीय बाजार में भी गिरावट रही। अमेरिकी बाजार भी सोमवार को गिरावट पर बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों गत दिवस 3,268 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची थी। इससे पहले गत दिवस भी बाजार गिरावट पर बंद हुआ था।
इससे पहले आज सुबह वै‎श्विक बाजारों से ‎मिले कमजोर रुझानों के बीच ही बाजार में शुरुआती कारोबार में गिरावट जारी रही। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के लगातार बिकवाल रहने और ब्रेंट कच्चे तेल की उच्च कीमतों से भी निवेशकों की भावनाएं प्रभावित हुईं। बीएसई का 30 शेयर वाला सूचकांक सेंसेक्स 585.63 अंक गिरकर 72,814.15 अंक पर रहा। एनएसई निफ्टी 168.65 अंक फिसलकर 22,103.85 अंक पर पहुंच गया। वहीं हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 845.12 अंकों की गिरावट के साथ 73,399 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर निफ्टी 246.91 अंक टूटकर 22,272.50 के स्तर पर बंद हुआ।

 


नई दिल्ली। नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल से जुड़े फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी ने गड़बड़ी के आरोप में दो चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पर पांच और दस साल के प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक एनएफआरए ने 12 अप्रैल के अपने एक आदेश में कहा कि ऑडिट फर्म पाठक, एच.डी. एंड एसोसिएट्स पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही इंगेजमेंट पार्टनर (ईपी) सीए परिमल कुमार झा पर एक करोड़ रुपये और इंगेजमेंट क्वालिटी कंट्रोल रिव्यू पार्टनर सीए (ईक्यूसीआर) विशाल डी शाह पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। ईपी को 10 साल और ईक्यूसीआर को पांच साल के लिए बैन कर दिया गया है। इस दौरान ये किसी कंपनी में ऑडिटर या इंटरनल ऑडिटर का काम नहीं कर सकते हैं। साथ ही किसी कंपनी के फाइनेंशियल एक्टिविटी में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। आदेश में कहा गया है कि रिलायंस कैपिटल पर 2019 में बैंकों का करीब 12,000 करोड़ रुपये का लोन था। साथ ही एक्टरनल डेट के रूप में कंपनी पर 32,000 करोड़ रुपये का बकाया था।
बता दे कि आरबीआई ने 29 नवंबर, 2021 को भुगतान में चूक और गवर्नेंस से जुड़ी गंभीर समस्याओं के कारण अनिल अंबारी की कंपनी रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को भंग कर दिया था और नागेश्वर राव वाई को प्रशासक नियुक्त किया था। रिलायंस कैपिटल में लगभग 20 फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां हैं। सितंबर, 2021 में रिलायंस कैपिटल ने अपने शेयरहोल्डर्स को बताया था कि कंपनी पर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज है।
आरबीआई ने अनिल अंबारी की कंपनी पर आईबीसी के तहत इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग की कार्यवाही शुरू की थी। हिंदूजा ग्रुप ने इसे खरीदने के लिए सबसे बड़ी बोली लगाई है लेकिन कंपनी को फंड जुटाना मुश्किल हो रहा है। हिंदूजा ग्रुप ने रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए 9,650 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था जिसे कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स ने पिछले साल जुलाई में मंजूरी दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स का मुताबिक हिंदूजा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी इंडसइंड इंटरनेशल होल्डिंग्स (आईआईएचएल) इस डील के लिए 8,000 करोड़ रुपये उधार लेने की तैयारी में है।


नई दिल्ली । भारत की अर्थव्यवस्था 2024 में 6.1 प्रतिशत बढ़ेगी, जो 2023 में हुई 7.7 प्रतिशत की वृद्धि से कम है। मूडीज़ एनालिटिक्स ने एपीएसी आउटलुक: लिसनिंग थ्रू द नॉइज़ शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में कहा ‎कि दक्षिण व दक्षिण पूर्व एशिया की अर्थव्यवस्थाओं में इस साल सबसे मजबूत उत्पादन लाभ देखने को मिलेगा, लेकिन वैश्विक महामारी के बाद देरी से वापसी के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ है। हमें उम्मीद है कि भारत की जीडीपी पिछले साल 7.7 प्रतिशत के बाद 2024 में 6.1 प्रतिशत बढ़ेगी। रिपोर्ट में कहा गया कि कुल मिलाकर यह क्षेत्र दुनिया के अन्य हिस्सों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इसमें कहा गया कि एपीएसी (एशिया प्रशांत) अर्थव्यवस्था इस साल 3.8 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। विश्व अर्थव्यवस्था 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। मूडीज एनालिटिक्स ने कहा ‎कि वैश्विक महामारी से पहले के प्रक्षेपवक्र के सापेक्ष जीडीपी को देखने से पता चलता है कि भारत तथा दक्षिण पूर्व एशिया ने दुनिया भर में सबसे बड़े उत्पादन घाटे को देखा है और यह महज ठीक होने की शुरुआत हुई है।

 

 

नई दिल्ली । चीन के बहकावे में आकर भारत से पंगा लेने की वजह से मालदीव में भारतीय टूरिस्टों के न पहुंचने से उसकी अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। इस‎लिए वह पर्यटकों को लुभाने के लिए भारतीय शहरों में रोड शो करने की योजना बना रहा है। दरअसल, दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण राजनयिक संबंधों के बीच मालदीव पहुंचने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में गिरावट जारी है। यही वजह है कि मालदीव में एक प्रमुख पर्यटन निकाय ने घोषणा की है कि वे भारतीय पर्यटकों को वापस लुभाने के लिए भारतीय शहरों में रोड शो आयोजित करेंगे। बता दें कि मालदीव को भारतीय टूरिस्टों की ओर से बहिष्कार अभियान का सामना तब करना पड़ा, जब इसी साल जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र शासित प्रदेश की अपनी यात्रा के दौरान लक्षद्वीप की तुलना मालदीव से की थी, जिसके बाद मालदीव के मंत्रियों सहित कई अधिकारियों ने पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। मालदीव की ओर से विवादित टिप्पणियों के बाद भारतीयों ने मालदीव का बहिष्कार करना शुरू कर दिया था और लक्षद्वीप को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर प्रमोट करने लगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 8 अप्रैल को माले में भारतीय उच्चायुक्त के साथ चर्चा के बाद मालदीव एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एजेंट्स एंड टूर ऑपरेटर्स ने भारतीय शहरों में रोड शो आयोजित करने सहित यात्रा और पर्यटन सहयोग बढ़ाने की योजना की घोषणा की थी। पर्यटन निकाय ने एक बयान में कहा ‎कि भारत के प्रमुख शहरों में एक व्यापक रोड शो शुरू करने और आगामी महीनों में मालदीव में प्रभावशाली लोगों और मीडिया परिचित यात्राओं को सुविधाजनक बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इतना ही नहीं एसोसिएशन ने कहा कि मालदीव के पर्यटन के लिए भारत एक महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है। उसने कहा कि वे मालदीव को एक प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ावा देने के लिए भारत भर के प्रमुख ट्रैवल एसोसिएशन और इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स के साथ साझेदारी करने के लिए तत्पर हैं। दरअसल, मालदीव के पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत संग राजनयिक विवाद के बाद मालदीव में पर्यटन के लिए आने वाले भारतीय यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। 2023 में मालदीव का दौरा करने वाले 17 लाख से अधिक पर्यटकों में से अधिकांश भारतीय (2,09,198) थे, उसके बाद रूसी और चीनी थे। हालांकि, राजनयिक तनाव के बाद के हफ्तों में भारतीयों की संख्या पांचवें स्थान पर खिसक गई है।

 

 

नया कारोबारी साल (FY2024-25) शुरू हो गया है। ऐसे में अब टैक्सपेयर के पास टैक्स से जुड़े कामों को निपटाने का वक्त आ गया है।

करदाता को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना है। उनके पास भले ही आईटीआर फाइल करने के लिए टाइम है पर अगर टैक्स रिजीम की बात करें तो उसे चुनने के लिए काफी कम समय है।

बता दें कि इस वित्त वर्ष से नई टैक्स रिजीम डिफॉल्ट टैक्स रिजीम बन गई है। अगर करदाता कोई टैक्स रिजीम का सिलेक्शन नहीं करता है तो वह ऑटोमैटिक न्यू टैक्स रिजीम के तहत आईटीआर फाइल करेगा।

ऐसे में अभी भी करदाता टैक्स रिजीम को लेकर काफी कंफ्यूज है कि वो कौन-सा टैक्स रिजीम सेलेक्ट करें। कई करदाताओं ने कर व्यवस्था का चयन कर लिया है परंतु वह अब उसे बदलना चाहते हैं। ऐसे में अब सवाल आता है कि क्या टैक्स रिजीम चुनने के लिए अभी भी समय है या नहीं।

 

तीन दिनों से जारी रिकॉर्ड बढ़त के बाद मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में लाल निशान पर बंद हुए। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन सेंसेक्स 58.80 (0.07%) अंक फिसलकर 74,683.70 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 23.55 (0.10%) अंक कमजोर होकर 22,642.75 के लेवल पर बंद हुआ।

 

मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा है ‎कि उसने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के बाद अब पात्र विदेशी निवेशकों को भी सॉवरेन ग्रीन बांड (एसजीआरबी) में निवेश करने की अनुमति प्रदान कर दी है। आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक छात्रावास नीति की घोषणा करते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट में की गई एक घोषणा के आधार पर केंद्र सरकार ने जनवरी 2023 में एसजीआरबी जारी किए। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकारी उधारी कैलेंडर के हिस्से के रूप में एसजीआरबी भी जारी किए गए थे। वर्तमान में सेबी में पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के लिए उपलब्ध अलग-अलग रूट के तहत एसजीआरबी में निवेश करने की अनुमति है। एसजीआरबी में व्यापक प्रवासियों की भागीदारी को सुविधाजनक बनाने की दृष्टि से अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में पात्र विदेशी निवेशकों को भी ऐसे बांड में निवेश करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है। सरकार और आईएफएससी प्राधिकरण के परामर्श से आईएफएससी में पात्र विदेशी निवेशकों द्वारा एसजीआरबी में निवेश और व्यापार के लिए एक योजना अलग से अधिसूचित की जा रही है।

नोएडा । इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी नेक्सजेन एनर्जिया ने 36,990 रुपये की कीमत वाला किफायती दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में लांच ‎किया है। इसकी कीमत 36,990 रुपये से शुरू होती है जो कंपनी का सबसे किफायती मॉडल है। कंपनी ने कहा ‎कि यह मॉडल आने वाली पीढ़ी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नेक्सजेन एनर्जिया के एक व‎रिष्ठ अ‎धिकारी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य इलेक्ट्रिक वाहन को सबके लिए व्यवहार्य बनाना है ताकि भविष्य को हरित बनाया जा सके। कंपनी का उद्देश्य चालू वित्त वर्ष में 500 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री करना, 500 से अधिक वितरक नेटवर्क स्थापित करना और ईवी क्षेत्र में लगभग 50,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करना है। कंपनी अगले वित्त वर्ष में दुनिया का सबसे किफायती चार-पहिया वाहन पेश करने की योजना पर काम कर रही है जिसकी कीमत पांच लाख रुपये से भी कम होगी।

 

ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने कहा कि उसे 184 करोड़ रुपये से अधिक की सेवा कर मांग और जुर्माने का आदेश मिला है और वह इसके खिलाफ उचित प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर करेगा।

देर रात नियामक फाइलिंग में कंपनी ने एक बयान में कहा कि कंपनी की विदेशी सहायक कंपनियों और शाखाओं द्वारा भारत के बाहर स्थित अपने ग्राहकों को की गई कुछ बिक्री के आधार पर निर्धारित अक्टूबर 2014 से जून 2017 की अवधि के लिए सेवा कर का भुगतान न करने के लिए मांग आदेश प्राप्त हुआ है।

कंपनी ने दिया था जवाब

कंपनी ने यह भी बताया कि कारण बताओ नोटिस के जवाब में उसने सहायक दस्तावेजों और न्यायिक उदाहरणों के साथ आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया था। ऐसा प्रतीत होता है कि आदेश पारित करते समय अधिकारियों द्वारा इसकी सराहना नहीं की गई।

इसके बाद, कंपनी ने कहा कि उसे 1 अप्रैल को दिल्ली केंद्रीय कर आयुक्त (न्यायनिर्णयन) द्वारा पारित आदेश प्राप्त हुआ।

जुर्माने की मांग की गई

जोमैटो ने बताया कि कंपनी को अक्टूबर 2014 से जून 2017 की अवधि के लिए आयुक्त, न्यायनिर्णयन, केंद्रीय कर, दिल्ली द्वारा पारित एक आदेश प्राप्त हुआ है, जिसमें लागू ब्याज और जुर्माने के साथ 92,09,90,306 रुपये के सेवा कर और 92,09,90,306 रुपये के जुर्माने की की मांग की गई है।

कंपनी ने कहा कि वह उचित प्राधिकारी के समक्ष आदेश के खिलाफ अपील दायर करेगी क्योंकि उसका मानना है कि उसके पास "गुण-दोष के आधार पर मजबूत मामला है।

 

नई दिल्ली । सरकार ने 7 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की ई-नीलामी की तैयारी शुरू कर दी है। बोली लगाने के लिए निविदा दस्तावेजों की बिक्री की आ‎खिरी तारीख 16 मई और दस्तावेज जमा करने की आ‎खिरी तारीख 21 मई तय की गई है। मंत्रालय ने कहा है कि ये 7 ब्लॉक उन 11 ब्लॉकों का हिस्सा हैं, जिनकी नीलामी पहले रद्द कर दी गई थी। इसके अलावा 18 ब्लॉकों के लिए किस्त 2 के तहत ई-नीलामी प्रक्रिया भी जारी है। निविदा दस्तावेज की बिक्री की आ‎खिरी तारीख 10 मई 2024 है और बोली जमा करने की आ‎खिरी तारीख 15 मई है। मंत्रालय ने कहा कि 6 ब्लॉकों के लिए ई-नीलामी का दूसरा दौर तय कार्यक्रम के अनुसार पूरा हो चुका है। गुजरात के कुंडोल निकेल और क्रोमियम ब्लॉक पर निर्णय नामित अधिकारी द्वारा उचित समय पर लिया जाएगा। लिथियम, क्रोमियम, निकल, ग्रेफाइट, कोबाल्ट, टाइटेनियम और दुर्लभ पृथ्वी तत्व (आरईई) जैसे महत्वपूर्ण खनिज भारत के आ‎र्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। वर्तमान में इन खनिजों के उत्पादन पर चीन जैसे कुछ देशों का प्रभुत्व है।

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