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नई दिल्ली . दक्षिण अफ्रीका में मिला कोविड-19 को नया वेरिएंट ओमिक्रॉन दुनिया भर के शेयर बाजारों के साथ-साथ अब क्रिप्टो बाजार पर भी हावी हो चुका है। निवेशकों में इसको लेकर डर की भावना का आलम ये है कि दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन का दाम आज 40 हजार के स्तर तक आ गया। सिर्फ बिटक्वाइन ही नहीं बल्कि इथेरियम, पोल्काडॉट और डॉजक्वाइन सेत ज्यादातर डिजिटल मुद्राओं की कीमतों में गिरावट आई है। इसने निवेशकों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। 

बिटक्वाइन की कीमत 40 हजार के स्तर पर
कोरोना वायरस का नया वेरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में मिला, डब्ल्यूएचओ ने इसे पूराने स्वरूप से 30 गुना ज्यादा खतरनाक बताया है। हाल ये है कि इसने अब वो पूरे ग्लोबल मार्केट को अपनी चपेट में ले रहा है। हर बाजार इससे सहमा हुआ है। यहां तक कि क्रिप्टो बाजार भी इससे अछूता नहीं है। आंकड़े को देखें तो दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन की कीमत शनिवार को गिरकर 40,30,391 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गई। शुक्रवार को भी इसमें भारी गिरावट आई थी। 

इथेरियम समेत दुसरी करेंसी का हाल
सिर्फ बिटक्वाइन ही नहीं बल्कि दूसरी सबसे पसंदीदा डिजिटल करेंसी इथेरियम में भी ओमिक्रॉन वेरिएंट का असर दिखाई दे रहा है। इसकी कीमत में पांच फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। फिलहाल, इथेरियम की कीमत 18,998 रुपये कम 3,09,699 रुपये है। गौरतलब है कि इसी महीने इथेरियम अपने ऑल टाइम हाई के स्तर पर पहुंचा था और अब इसमें 20 फीसदी तक की कमी आ चुकी है। दूसरी मुद्राओं की बात करें तो कार्डानो मे तीन फीसदी, रिपल में पांच फीसदी, पोल्काडॉट में 7 फीसदी, डॉजक्वाइन में 3 फीसदी, शीबा इनु में 4 फीसदी, लाइटक्वाइन में 7 फीसदी, अंडर डॉग में 12 फीसदी और किशु इनु में 10 फीसदी तक की कमी आ चुकी है।

दुनिया भर के बाजार हुए धड़ाम
दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के खतरनाक वैरिएंट मिलने के बाद निवेशकों की चिंताएं भी बढ़ीं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि नया ओमिक्रॉन वैरिएंट B.1.1.529 डेल्टा वेरिएंट से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है और दक्षिण अफ्रीका में इसके 30 से अधिक नए मामले मिले हैं। इसके साथ ही इजराइल में भी इसका मामला सामने आया है। इसके बाद तो दुनिया भर के बाजारों में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को बाजारों में इस कदर भगदड़ की स्थिति रही कि यूरोपीय शेयरों में जुलाई के बाद से अब तक की सबसे बड़ी गिरावट आई, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी लाल निशान पर रहे। भारतीय बाजारों की बात करें तो शुक्रवार को यहां सात महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 

नई दिल्ली. कमजोर वैश्विक संकेतों और दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए रूप के बढ़ते प्रकोप का असर शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है। आज शेयर बाजार में एक बार फिर भूचाल आ गया है। बीएसई का 30 शेयरों वाले सेंसेक्स और एनएसई के निफ्टी सूचकांक में जबरदस्त गिरावट आई है। लाल निशान पर कारोबार शुरू करने के कुछ ही देर बाद दोनों सूचकांकों में तेजी से गिरावट आई। सुबह 10.35 मिनट तक सेंसेक्स 1300 से ज्यादा अंक नीचे चला गया, जबकि निफ्टी में 400 अंक की कमी आई। फिलहाल, सेंसेक्स 1317.82 अंक या 2.24 फीसदी की गिरावट के साथ 57,477.27 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 395.05 अंक या 2.27 फीसदी टूटकर 17141.20 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। 

800 अंक टूटकर खुला था बीएसई का सेंसेक्स
सप्ताह के पांचवे कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार की शुरुआत बेहद खराब हुई। बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी दोनों लाल निशान पर खुले। कारोबारी दिन में सेंसेक्स 815.71 अंक या 1.39 फीसदी टूटकर 58 हजार के नीचे खुला। इसने 57979.38 के स्तर पर शुरुआत की। जबकि एनएसई के निफ्टी ने 239.60 अंक या 1.37 फीसदी की कमी के साथ 17296.65 के स्तर पर बंद कारोबार शुरू किया। 

गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुआ था बाजार
गुरुवार को कमजोर शुरुआत के बाद दिन भी कारोबार में उतार चढ़ाव के बाद आखिरकार अंत में बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 454.10 अंक या 0.78 फीसदी बढ़कर 58795.09 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी भी 121.20 अंक या 0.70 फीसदी उछाल के साथ 17536.25 के स्तर पर बंद हुआ था। 

कोरोना ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के खतरनाक वैरिएंट मिलने के बाद निवेशकों की चिंताएं भी बढ़ीं। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी कि नया वैरिएंट B.1.1.529  डेल्टा से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है और दक्षिण अफ्रीका में इसके 30 से अधिक नए मामले मिले हैं। यह वैश्विक सुधार के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। 

विदेशी बाजारों में भी दिखा असर
कोविड-19 के न्यू वेरिएंट के प्रभाव की अगर बात करें तो इसका विदेशी बाजारो में भी असर दिख रहा है। टोक्यो के नेक्केई 225 में तीन फीसदी की गिरावट आई और हांगकांग के हेंगसेंग में 2.1 फीसदी की गिर गया है। भारत सरकार ने भी राज्यों को दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और हांगकांग से आने वाले यात्रियों की सख्ती से जांच करने और परीक्षण करने का निर्देश दिया है। इस वहज से घरेलू बाजार मे भी भूचाल देखने को मिल रहा है। 

 

नई दिल्ली । आदित्य बिड़ला कैपिटल का एकीकृत आधार पर शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 43 प्रतिशत बढ़कर 377 करोड़ रुपए रहा। कंपनी का किसी तिमाही में अबतक का सर्वाधिक लाभ है। इसका कारण कंपनी के व्यापार के सभी खंडों में मजबूत वृद्धि है। कंपनी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि एक साल पहले इसी अवधि में उसने 264 करोड़ रुपए का एकीकृत शुद्ध मुनाफा कमाया था।
आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड (एबीसीएल) ने एक विज्ञप्ति में कहा कि कर के बाद एकीकृत लाभ सालाना आधार पर 43 प्रतिशत बढ़कर 377 करोड़ रुपए हो गया। यह कंपनी द्वारा अब तक सर्वाधिक तिमाही लाभ है। वित्तवर्ष 2021-22 की जुलाई-सितंबर अवधि के दौरान कंपनी की एकीकृत आय 22 प्रतिशत बढ़कर 5,961 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि में 4,885 करोड़ रुपए थी।

GST संग्रह अक्टूबर में बढ़कर 1.30 लाख करोड़ रुपये हो गया। जीएसटी के एक जुलाई 2017 को लागू होने के बाद, यह दूसरा सबसे बड़ा संग्रह है। यह लगातार चौथे महीने एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर है और त्योहारी सत्र की तेजी को दर्शाता है। पिछले महीने जीएसटी संग्रह अक्टूबर 2020 की तुलना में 24 फीसद अधिक था। वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, अक्टूबर 2021 में सकल जीएसटी राजस्व 1,30,127 करोड़ रुपये रहा, जिसमें CGST 23,861 करोड़ रुपये, SGST 30,421 करोड़ रुपये, IGST 67,361 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा 32,998 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 8,484 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्रित 699 करोड़ रुपये सहित) है।
CGST का मतलब केंद्रीय वस्तु और सेवा कर, SGST (राज्य वस्तु और सेवा कर) और IGST (एकीकृत वस्तु और सेवा कर) है। बयान के मुताबिक, जीएसटी संग्रह के आंकड़े आर्थिक सुधार के रुझानों से मेल खाते हैं और यह दूसरी लहर के बाद से हर महीने जनरेट होने वाले ई-वे बिलों के रुझानों से भी स्पष्ट है। मंत्रालय ने कहा कि यदि अर्धचालकों की आपूर्ति में बाधा से ऑटो तथा अन्य उत्पादों की बिक्री प्रभावित नहीं होती, तो राजस्व संग्रह और भी अधिक होता।
नवंबर के पहले पखवाड़े में पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्यूनिकेशंस और पालिसीबाजार की मूल कंपनी पीबी फिनटेक सहित पांच कंपनियों के आइपीओ आ रहे हैं। इन प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आइपीओ) से 27,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटने की उम्मीद है। सबसे बड़ा आइपीओ पेटीएम का होगा। कंपनी की बाजार से 18,800 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इस दौरान जिन तीन अन्य कंपनियों के आइपीओ आने हैं, उसमें केएफसी और पिज्जा हट का परिचालन करने वाली सफायर फूड्स इंडिया, एसजेएस एंटरप्राइज और सिगाची इंडस्ट्रीज शामिल है।
फिलहाल सौंदर्य और वेलनेस प्रोडक्ट को आनलाइन बेचने वाली नायका परिचालन करने वाली एफएसएन ई-कामर्स वेंचर्स लिमिटेड और फिनो पेमेंट्स बैंक के आइपीओ खुले हैं।नायका का आईपीओ एक नवंबर और फिनो पेमेंट्स बैंक का आइपीओ दो नंवबर को बंद होगा। नायका को आइपीओ से 5,352 करोड़ रुपये और फिनो पेमेंट्स बैंक को 1,200 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर इन सातों कंपनियों के आइपीओ से 33,500 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है। इससे पहले 29 सितंबर को आदित्य बिड़ला एएमसी का 2,778 करोड़ रुपये का आइपीओ आया था।

1 नवंबर 2021 से कई बदलाव हो रहे हैं जिसका असर आपकी जेब खर्च पर पड़ सकता है। चाहे आप इस महीने यात्रा करने का फैसला करें, बाजारों में निवेश करें या फिर किचन में कोई पकवान बनाएं ये बदलाव आपको प्रभावित करेंगे। आइए जानते हैं ऐसे कौन से बदलाव हो रहे हैं जिनका असर आपकी जेब पर पड़ सकता है।

LPG की कीमतों में वृद्धि

रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की वृद्धि होने की उम्मीद है। तेल मार्केटिंग कंपनियां कीमतें बढ़ा सकती हैं। हालांकि, किसी भी मूल्य वृद्धि के फैसले को सरकार के जरिये पारित कराना होगा। LPG की कीमतों में पिछली बार 6 अक्टूबर, 2021 को प्रति सिलेंडर 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे दिल्ली और मुंबई में 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत 899.50 रुपये और कोलकाता में 926 रुपये हो गई थी।

बैंकिंग सेवाओं में बदलाव

सोमवार यानी 1 नवंबर से बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों को कुछ सेवाओं का लाभ उठाने के बदले सेवा शुल्क डीएनए होगा। ग्राहकों से पहले तीन जमाओं के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा, इसके बाद किसी भी अधिक जमा के लिए 40 रुपये का एक छोटा शुल्क लिया जाएगा। हालांकि, यह जन धन खाताधारकों के लिए लागू नहीं होगा। साथ ही BoB ग्राहकों को निर्धारित सीमा से अधिक निकासी के लिए 100 रुपये का भुगतान करना होगा। बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी, एक्सिस और सेंट्रल बैंक द्वारा भी इसी तरह के बदलावों की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

रेलवे कुछ ट्रेनों के शेड्यूल में करगा बदलाव

भारतीय रेलवे 1 नवंबर से कई ट्रेनों के समय में बदलाव करेगा। दिवाली, छठ और अन्य त्योहारों से पहले यात्रियों की भीड़ को कम करने के लिए विशेष ट्रेनें भी शुरू की जाएंगी। साथ ही दक्षिण रेलवे ने पहले घोषणा की थी कि वह 1 नवंबर से अपने गैर-मानसून समय सारिणी को लागू करेगा।

कुछ यूजर नहीं उठा पाएंगे WhatsApp का लाभ

फेसबुक के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप कुछ आईफोन और एंड्रॉइड वर्जन पर काम करना बंद कर देगा। WhatsApp सोमवार से शुरू होने वाले Android 4.0.3 Ice Cream Sandwich, iOS 9 और KaiOS 2.5.0 को सपोर्ट नहीं करेगा। अगर आपका फोन इनमें से किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है, तो आप व्हाट्सएप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

नई दिल्ली । जर्मनी की लग्जरी कार कंपनी ऑडी ने कहा ‎कि ऊंचे कराधान की वजह से देश में लग्जरी कार खंड बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और सरकार को क्षेत्र की मदद के लिए शुल्कों में कटौती पर विचार करना चाहिए। देश में कुल यात्री वाहन बिक्री में लग्जरी कारों का हिस्सा दो प्रतिशत से भी कम है। पिछले एक दशक से यह क्षेत्र कमोबेश इसी स्तर पर है। ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लन ने कहा ‎कि हम भारत में अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। यहां यह क्षेत्र आगे नहीं बढ़ रहा है। इन वर्षों में अन्य खंड तेजी से बढ़े हैं लकिन लग्जरी कारों की बिक्री 40,000 इकाई सालाना पर ही टिकी हुई है। इस साल तो यह आंकड़ा और नीचे आ सकता है। उन्होंने कहा कि करों के बोझ से यह क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित है और आगे नहीं बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुल यात्री वाहन खंड में लग्जरी वाहनों का हिस्सा दो प्रतिशत से भी कम है। हमारा सरकार से आग्रह है कि लग्जरी वाहनों पर शुल्क कम ‎किया जाए। 28 प्रतिशत का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) काफी ज्यादा है। इसके ऊपर हमें उपकर भी देना होता है। लग्जरी वाहनों पर अभी 28 प्रतिशत का जीएसटी लगता है। इसके ऊपर सेडान वाहनों पर 22 प्रतिशत तथा एसयूवी पर 22 प्रतिशत का उपकर लगता है। इस तरह लग्जरी वाहनों पर कुल कर 50 प्रतिशत बैठता है।

भारत में बड़े पैमाने पर रसोई एलपीजी गैस सिलेंडर्स का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जाता है। हालांकि बीते कुछ सालों में एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में काफी इजाफा हुआ है। भारत में एक बड़ी आबादी लोअर मिडिल क्लास की है। ऐसे में गैस सिलेंडर के दामों के बढ़ने से मध्यम दर्जे के लोगों पर इसका बुरा असर पड़ा है। इसी समस्या को दूर करने के लिए हो सकता है सरकार जल्द ही एक बड़ा बदलाव लेकर आए। रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार राशन की दुकानों पर छोटे कुकिंग गैस सिलेंडर को बेचने की मंजूरी दे सकती है। सरकार के इस फैसले से भारत के एक बहुत बड़े तबके को सीधा लाभ पहुंचेगा। अब तक इन सिलेंडर्स को तेल विपणन कंपनियों के रिटेल आउटलेट से ही खरीदा जा सकता है। इसी कड़ी में आइए जानते हैं इन बदलावों के बारे में, जिन्हें जल्द ही भारत सरकार द्वारा मंजूरी मिल सकती है।

जानकारी के लिए बता दें कि मौजूदा वक्त में देश के भीतर 5 लाख से भी ज्यादा राशन की दुकानें काम कर रही हैं। खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने बैठक में इस बात का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि राशन की दुकानों पर छोटे एलपीजी गैस सिलेंडर को बेचे जाने से एक बड़ा बदलाव आ सकता है।

बैठक में उनके साथ तेल विपणन कंपनियों के अधिकारी भी मौजूद थे। सुधांशु पांडेय के इस प्रस्ताव का तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों ने भी समर्थन किया। बैठक में इसके अलावा और भी कई जरूरी बातें हुई हैं। इस मीटिंग में मुद्रा लोन को राशन की दुकानों के जरिए आगे तक पहुंचाने के प्रस्ताव पर गहन चर्चा हुई।

इसके अलावा राशन की दुकानों पर वित्तीय सेवाओं को देने पर भी बात की गई। बैठक में पेट्रोलियम मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। मीटिंग में राज्यों को ये सलाह दी गई है कि वो इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे।

इसके अलावा राज्य सरकार से कहा गया है कि वो राशन की दुकानों के मालिकों को इन बदलावों और इनके लाभ से अवगत कराएं। ऐसा करने से प्रस्ताव को जल्द लागू करने में सहायता मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ सरकार दोबारा एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि कर सकती है

 

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को 5 करोड़ रुपये से कम के बैंक एक्सपोजर के लिए चालू खाता(करंट अकाउंट) नियमों में ढील दे दी है। आरबीआई के गाइडलाइंस के अनुसार अब बैंक उन कर्जदारों के लिए चालू खाते खोल सकते हैं, जिन्होंने बैंकिंग प्रणाली से नकद ऋण (सीसी)/ओवरड्राफ्ट (ओडी) के रूप में ऋण सुविधा प्राप्त की है। वहीं उधारकर्ताओं को एक-एक अंडरटेकिंग भी देनी होगी कि जैसे ही यह एक्सपोजर पांच करोड़ रुपए से ज्यादा होगा वो बैंकों को तुरंत सूचित करेंगे। नियामक ने बैंकों से एक महीने के भीतर बदलाव लागू करने को कहा है। 29 अक्टूबर को जारी अपने नए दिशानिर्देशों में, आरबीआई ने कहा कि 5 करोड़ रुपये से कम की बैंकिंग प्रणाली के जोखिम वाले उधारकर्ताओं के लिए चालू खाते खोलने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

RBI ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से मिले सुझावों के बाद नियमों में यह बदलाव किया है। इससे पहले RBI ने लोन से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में कमी लाने के लिए अगस्त 2020 में करंट अकाउंट से जुड़ नियमों को कड़ा कर दिया था। बता दें कि आरबीआई ने बैंकों को उन ग्राहकों का करंट अकाउंट खोलने पर रोक लगा दी थी, जिन्होंने दूसरे बैंकों से कर्ज ले रखा है और वे सभी ट्रांजैक्शन कैश क्रेडिट (CC) या ओवरड्राफ्ट (OD) सुविधा वाले अकाउंट से हुए हैं।

आरबीआई ने अगस्त 2020 में करंट अकाउंट से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया था

बता दें कि ऋण से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए आरबीआई ने यह निर्णय  अगस्त 2020 में करंट अकाउंट से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया था। RBI ने अब उसी नियम में ढील दी है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा गया, 'यह फैसला लिया गया है कि बैंक उन कर्जदारों के करंट अकाउंट खोल सकते हैं, जिन्होंने बैंकिंग सिस्टम से यानी दूसरे बैंकों से कैश क्रेडिट या ओवरड्राफ्ट के रूप में कर्ज लिया है। हालांकि इसके लिए अधिकतम राशि 5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।'

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) का कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ा दिया. अब शक्तिकांत दास अगले 3 साल के लिए आरबीआई के गवर्नर के पद पर बने रहेंगे. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of Cabinet) ने गुरुवार देर रात इस फैसले को मंजूरी दी.

10 दिसंबर को खत्म होने वाला था कार्यकाल

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) का कार्यकाल इस साल 10 दिसंबर को खत्म होने वाला था, लेकिन अब कैबिनेट नियुक्ति समिति ने उनके अगले तीन साल की अवधि के लिए आरबीआई के गवर्नर बने रहने पर मुहर लगा दी है. शक्तिकांत दास 10 दिसंबर को 26वें गवर्नर के रूप में नियुक्त होंगे.

3 साल तक आरबीआई गवर्नर बने रहेंगे शक्तिकांत दास

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, 'कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) की दोबारा नियुक्ति को 10 दिसंबर 2021 से अगले तीन साल की अवधि के लिए या अगले आदेश तक जो भी पहले हो के लिए फिर से मंजूरी दे दी है.'

11 दिसंबर 2018 को हुई थी नियुक्ति

शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) को 11 दिसंबर 2018 को तीन साल की अवधि के लिए भारतीय रिजर्व बैंक का गवर्नर (RBI Governor) नियुक्त किया गया था. इससे पहले वे वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव थे. शक्तिकांत दास को उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद रिजर्व बैंक का नया गवर्नर नियुक्त किया गया था.

ऑनलाइन ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट्स फर्म नायका ने आईपीओ (Nykaa IPO) के तहत 27 अक्‍टूबर 2021 को एंकर इन्वेस्टर्स से 21.3 करोड़ शेयर 1,125 रुपये प्रति शेयर पर अलॉट करके 2396 करोड़ रुपये जुटाए (Fund Raising) थे. आईपीओ 28 अक्‍टूबर को खुलने के पहले ही दिन पूरी तरह से भर (Full Subscribed) गया.

नई दिल्‍ली. ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स के ऑनलाइन ब्रांड नायका की पेरेंट कंपनी एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स लिमिटेड का आईपीओ (Nykaa IPO) 28 अक्‍टूबर 2021 को खुलने के पहले ही दिन पूरी तरह से सब्सक्राइब (Full Subscribed) हो गया. वहीं, आईपीओ का रिटेल पोर्शन (Retail Investors) पहले दिन 351 फीसदी यानी 3.51 गुना सब्‍सक्राइब हुआ. एंकर अलॉटमेंट को छोड़कर आईपीओ के तहत पहले दिन 1.56 गुना शेयरों के लिए बोलियां मिलीं. बता दें कि नायका आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए तीन दिन खुला रहेगा. ये 1 नवंबर 2021 को बंद हो जाएगा.

कितना है आईपीओ का प्राइस बैंड?
नायका आईपीओ के तहत इंस्टीट्यूशनल इंवेस्‍टर्स के लिए 1.42 करोड़ शेयर रखे गए हैं. इनके लिए पहले दिन 1.40 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. वहीं, नॉन इंस्टिट्यूशनल के लिए आरक्षित शेयरों में से 60 फीसदी की ही बुकिंग हुई. रिटेल इन्वेस्टर्स आईपीओ में अधिकतम दो लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं. फर्म ने आईपीओ का प्राइस बैंड 1,085 से 1,125 रुपये प्रति शेयर तय किया है. इस हिसाब से कंपनी का वैल्यूएशन 52,574 करोड़ रुपये होता है.

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