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आइसीसी टी20 विश्व कप का आगाज राउंड एक के क्वालीफायर मुकाबलों के साथ रविवार 17 अक्टूबर को हुआ। पहले दिन दूसरे मुकाबले में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला आइसीसी टी20 रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज बांग्लादेश की टीम को 14वें नंबर की टीम स्काटलैंड ने मात दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 140 रन का स्कोर खड़ा किया था। जवाब में बांग्लादेश की टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 134 रन ही बना पाई। 6 रन के मैच जीतकर स्काटलैंड ने टूर्नामेंट का बड़ा उलटफेर किया।

बांग्लादेश के कप्तान महमुदुल्लाह ने टास जीतकर इस मैच में पहले फील्डिंग करने का फैसला लिया था। टास गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज जार्ज मंजी के 29 रन के बावजूद स्काटलैंड एक समय छह विकेट पर 53 रन बनाकर संघर्ष कर रहा था, लेकिन ग्रीव्स (45 रन, 28 गेंद, 4 चौके, 2 छक्के) ने मार्क वाट (22) के साथ 51 रन की साझेदारी की। बांग्लादेश के कप्तान अपना दूसरा मैच खेल रहे क्रिस ग्रीव्स की तूफानी पारी से स्काटलैंड ने बीच में आठ रन के अंदर पांच विकेट गंवाने के मुश्किल दौर से उबरकर बांग्लादेश के खिलाफ नौ विकेट पर 140 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।

बांग्लादेश की तरफ से स्पिनर मेहदी हसन ने 19 रन देकर तीन, जबकि शाकिब अल हसन और मुस्तफिजुर रहमान ने दो-दो विकेट लिए।स्काटलैंड का स्कोर पावरप्ले तक एक विकेट पर 39 रन था और वह अच्छी स्थिति में दिख रहा था, लेकिन इसके बाद स्पिनरों ने गेंद संभाली और फिर पूरी कहानी बदल गई।

बड़े टूर्नामेंटों में कई बार बड़ी टीमों के खिलाफ उलटफेर कर चुकी आयरलैंड के सामने टी-20 विश्व कप के शुरुआती चरण में सोमवार को नीदरलैंड्स की चुनौती होगी। ग्रुप-ए का यह मुकाबला काफी अहम होगा क्योंकि दोनों टीमें सुपर-12 चरण में जगह बनाने की दावेदार हैं। खेल के सबसे छोटे अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में हालांकि आंकड़े नीदरलैंड्स के पक्ष में है, जिसने आयरलैंड के खिलाफ 12 टी-20 मैचों में से सात में जीत हासिल की है। नीदरलैंड्स की टीम हालिया वनडे सीरीज में भी आयरलैंड पर भारी पड़ी थी। आयरलैंड ने पाकिस्तान (2007), इंग्लैंड (2011), वेस्टइंडीज (2015) और जिंबाब्वे (2015) और बांग्लादेश (2009 टी-20 विश्व कप) के खिलाफ विश्व कप में जीत दर्ज की है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतर टीम के रूप में स्थापित होने के बाद ये दोनों टीमें टूर्नामेंट के अगले चरण में पहुंचने की दावेदार हैं।

आयरलैंड ने 2009 में टी-20 विश्व कप के दूसरे दौर में पहुंचकर कई लोगों को चौंका दिया था। यह शीर्ष स्तर पर उनका पहला वैश्विक टूर्नामेंट था। इस टीम के पास 2014 में शुरुआती चरण से आगे बढ़ने के बाद मौका था लेकिन उन्हें खराब नेट-रन रेट का खामियाजा भुगतना पड़ा। टीम हालांकि अपने चार टूर्नामेंटों में पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाई। टीम की कोशिश 2014 के बाद से टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज करने की होगी। युवा और अनुभवी खिलाडि़यों के शानदार मिश्रण वाली टीम आयरलैंड ने कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात से मैच गंवाने के बाद भी बेहतर नेट रन रेट पर क्वालीफायर में अपने वर्ग में शीर्ष पर रहते हुए इस साल के टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया।

आयरलैंड ने अपना आखिरी टी-20 अंतरराष्ट्रीय मार्च 2020 में खेला था। तीन मैचों की इस सीरीज में उसे 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। टीम ने हाल में घरेलू सरजमीं पर स्काटलैंड के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में जीत दर्ज की लेकिन पांच देशों की सीरीज के फाइनल में उसे मेजबान ओमान से हार का सामना करना पड़ा। अनुभवी केविन ओब्रायन उनके प्रमुख खिलाड़ी होंगे, जो 2009 में भी टीम में थे। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ अपने भाई नियाल के साथ मैच जिताऊ पारी खेली थी। केविन ने उस मैच में 17 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने 2011 में वनडे विश्व कप में सबसे तेज शतक बनाकर बेंगलुरु में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में ओमान के खिलाफ सिर्फ 62 गेंदों में 124 रन बनाकर सबसे छोटे प्रारूप में आयरलैंड के लिए पहला शतक बनाया। नीदरलैंड्स ने टी-20 विश्व कप क्वालीफायर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचकर इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। उन्होंने इसके बाद क्वालीफायर प्रतियोगिता में भी जीत दर्ज की। नीदरलैंड्स ने भी कुछ मौकों पर बड़ी टीमों के खिलाफ उलटफेर किया है। उसने टी-20 विश्व कप में 2009 में ला‌र्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज की थी। उन्होंने 2014 टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड और फिर आयरलैंड को बुरी तरह से हराया था। टीम ने आयरलैंड के खिलाफ जीत के लिए मिले 190 रन के लक्ष्य को महज 14 ओवर में हासिल कर दूसरे चरण के लिए क्वालीफाई किया था।

T20 World Cup 2021 की तैयारियों के मद्देनजर सुपर 12 के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुकी टीमें आज अपने-अपने वार्मअप मैच में एक-दूसरे से भिड़ेंगी। भारत और पाकिस्तान की टीम को भी अपने-अपने वार्मअप मैच आज खेलने हैं, जहां पाकिस्तान की टीम को मौजूदा चैंपियन वेस्टइंडीज से भिड़ना है, जबकि भारतीय टीम अपने वार्मअप मैच में इंग्लैंड की टीम से भिड़ेगी। आज कुल मिलाकर चार वार्मअप मैच खेले जाएंगे।

सोमवार 18 अक्टूबर को पहला वार्मअप मैच पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच दुबई के आइसीसी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा, जो कि भारतीय समय के अनुसार दोपहर साढ़े 3 बजे से शुरू होगा। दूसरा मैच भी इसी समय अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम नर्सरी 2 ग्राउंड पर अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाएगा। इसी मैदान पर शाम को साढ़े 7 बजे से न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया की टीम अपने-अपने वार्मअप मैच में भिड़ेंगी।

दिन का आखिरी वार्मअप मैच शाम साढ़े 7 बजे से भारत और इंग्लैंड के बीच दुबई के आइसीसी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा। इसी मैदान पर पहले पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच वार्मअप मैच खेला जाएगा। मुख्य स्टेडियमों का इस्तेमाल इसलिए नहीं किया जा रहा है, क्योंकि उन मैदानों पर हाल ही में आइपीएल के मैच खेले गए हैं और उन्हें आइसीसी टी20 विश्व कप 2021 के लिए तैयार किया जा रहा है। ऐसे में मुख्य स्टेडियम मैचों के लिए उपलब्ध होंगे।

सभी टीमों के पास टी20 विश्व कप 2021 से पहले अपनी तैयारियों को दुरुस्त करने का मौका है, क्योंकि लगभग सभी टीमें काफी समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रही हैं। हालांकि, अच्छी बात ये है कि ज्यादातर खिलाड़ी किसी न किसी लीग में या फिर किसी न किसी टूर्नामेंट में व्यस्त रहे हैं। ऐसे में मैच फिटनेस में कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन सभी के पास अपनी खोई लय हासिल करने का मौका होगा।

मुंबई . भारत के पूर्व कप्तान और नेशनल क्रिकेट अकेडमी के डायरेक्टर राहुल द्रविड़ भारत के अगले कोच होंगे। इसकी पुष्टि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी से की है। जानकारी के मुताबिक, द्रविड़ बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से बातचीत के बाद टीम इंडिया के हेड कोच का रोल निभाने को तैयार हो गए हैं। यह बातचीत शुक्रवार रात को आईपीएल फाइनल के दौरान हुई। 

सूत्रों के मुताबिक, द्रविड़ को इस पद के लिए 10 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें बोनस भी मिलेगा। मौजूदा कोच रवि शास्त्री की सैलरी 8.5 करोड़ रुपये है। द्रविड़ 17 अक्तूबर से 14 नवंबर तक होने वाले टी-20 विश्व कप के बाद पद संभाल लेंगे। उनका कार्यकाल दो वर्ष का होगा

टी-20 विश्व कप के ठीक बाद नवंबर में न्यूजीलैंड की टीम भारत दौरे पर आएगी। इस दौरान 17 नवंबर से दोनों टीमों के बीच तीन टी-20 और दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। द्रविड़ इससे पहले इंडिया-ए और अंडर-19 टीम के कोच भी रह चुके हैं।
टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर
सूत्र के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि द्रविड़ हेड कोच बनने के लिए तैयार हैं और टीम इंडिया के लिए इससे अच्छी खबर नहीं हो सकती। अब बाकी के स्थानों के लिए नए कोच ढूंढे जाएंगे। मौजूदा बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ अपने पद पर बने रहेंगे। इसके साथ ही पारस म्हामब्रे गेंदबाजी कोच बनेंगे। वह मौजूदा बॉलिंग कोच भरत अरुण का स्थान लेंगे। फील्डिंग कोच आर. श्रीधर के रिप्लेसमेंट पर कोई फैसला नहीं किया गया है। 

भारतीय टीम फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है और युवा खिलाड़ी टीम में आ रहे हैं। सूत्र ने कहा कि कई युवा खिलाड़ी पहले भी द्रविड़ के साथ काम कर चुके हैं। इससे भारतीय क्रिकेट को भी आसानी होगी और टीम चैंपियन बनने की ओर अग्रसर हो सकेगी। 
द्रविड़ हमेशा से ही पहली पसंद
द्रविड़ हमेशा से ही कोच पद के लिए बीसीसीआई की पहली पसंद रहे हैं। हालांकि, इसके लिए बोर्ड सचिव जय शाह और अध्यक्ष गांगुली को द्रविड़ से आराम से बात करने और उन्हें समझाने की जरूरत थी। हालांकि, अब मामला सुलझ गया है। द्रविड़ इस साल जुलाई में श्रीलंका सीरीज पर भी भारतीय टीम के कोच के तौर पर दौरे पर गए थे। टीम इंडिया ने वनडे सीरीज जीती थी। वहीं, कोरोना से प्रभावित टी-20 सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था।

गांगुली से बातचीत कर तैयार हुए
सूत्र ने कहा कि जय और सौरव से बातचीत के बाद द्रविड़ तैयार हो गए हैं। द्रविड़ हमेशा से भारतीय क्रिकेट को प्राथमिकता देते हैं। इसलिए उन्हें मनाना आसान रहा। उम्मीद है कि उनके आने से भारतीय टीम नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकेगी।
शास्त्री का कार्यकाल समाप्त हो रहा
दरअसल, टी-20 वर्ल्ड कप के बाद मौजूदा कोच रवि शास्त्री और अन्य सपोर्टिंग स्टाफ के कार्यकाल समाप्त हो जाएंगे। वहीं, विराट कोहली भी टी-20 की कप्तानी छोड़ देंगे। ऐसे में विश्व कप के बाद न्यूजीलैंड के साथ होने वाली घरेलू सीरीज में टीम के नेतृत्व को लेकर संकट बढ़ जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय बोर्ड नए विकल्प की तलाश में जुटी है।

शास्त्री 2017 में बने थे मुख्य कोच
शास्त्री 2017 में टीम इंडिया के मुख्य कोच बने थे। उनके कोच रहते टीम इंडिया ने जुलाई 2017 के बाद से 43 टेस्ट, 72 वनडे और 60 टी-20 मैच खेले हैं। 43 में से भारत ने 25 टेस्ट, 72 वनडे में से 51 वनडे और 60 टी-20 में से 40 टी-20 में टीम इंडिया ने जीत हासिल की। इस दौरान टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में दो बार टेस्ट सीरीज भी जीती।

आईपीएल 2021 फाइनल के दो दिन बाद से ही टी-20 वर्ल्ड कप शुरू होने वाला है। इस टूर्नामेंट के लिए सभी टीमों के पास अंतिम स्क्वॉड में बदलाव करने का आज अंतिम मौका है। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को अपना पहला मुकाबला 24 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेलना है। भारतीय टीम अपने मुख्य मुकाबले से पहले दो वॉर्म अप मैच भी खेलेगी। इस बीच, टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से पहले अपनी ग्रेटेस्ट टी-20 वर्ल्ड कप इलेवन का चयन किया है। पूर्व क्रिकेटर ने अपनी इस लिस्ट में भारत के दो कप्तानों को भी शामिल किया है।

आकाश चोपड़ा की ग्रेटेस्ट टी-20 वर्ल्ड कप XI में भारत के दो कप्तान अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। इनमें मौजूद कप्तान विराट कोहली और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी शामिल है। चोपड़ा ने अपनी ग्रेटेस्ट टी-20 वर्ल्ड कप XI में धोनी को टीम का कप्तान नियुक्त किया है और साथ ही उन्हें विकेटकीपर की भी जिम्मेदारी दी है। चोपड़ा की इस लिस्ट में भारत और ऑस्ट्रेलिया ही दो ऐसी टीमें है, जिनके दो खिलाड़ियों को इसमें जगह दी गई है। कोहली और धोनी के अलावा ऑस्ट्रेलिया के माइकल हसी और पूर्व तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन को इसमें शामिल किया गया है।

धोनी अपनी कप्तानी में भारत को 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जितवा चुके हैं। उनके अलावा वेस्टइंडीज के क्रिस गेल को सलामी बल्लेबाज के रूप में टीम में शामिल किया गया है। इंलैंड के केविन पीटरसन को तीसरे नंबर पर रखा गया है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका के एबी डीविलियर्स चौथे नंबर पर हैं। हसी पांचवें और धोनी छठे नंबर पर हैं। पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी इस टीम में जगह बनाने वाले पाकिस्तान के दूसरे खिलाड़ी हैं। उनके अलावा सईद अजमल को भी इसमें रखा गया है। वेस्टइंडीज के ड्वेन ब्रावो और श्रीलंका के दिग्गज लसिथ मलिंगा भी इस लिस्ट में शामिल हैं। मलिंगा आकाश चोपड़ा की ग्रेटेस्ट टी-20 वर्ल्ड कप XI में एकमात्र श्रीलंकाई खिलाड़ी हैं।

 

भारत को करीब एक महीने तक बिना हेड कोच के ही रहना होगा क्योंकि मौजूदा कोच रवि शास्त्री पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि टी-20 वर्ल्ड कप के बाद वह अपना पद छोड़ देंगे। टी-20 विश्व कप फाइनल 14 अक्टूबर को खेला जाना है और इसके ठीक तीन दिन बाद भारत को अपने घर में न्यूजीलैंड के साथ सीरीज खेलनी है। शास्त्री ने अपना कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने से इनकार कर दिया है और ऐसे में बीसीसीआई ने राहुल द्रविड़ से न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए कोच का पदभार संभालने का अनुरोध किया है।

बीसीसीआई के अधिकारी ने इनसाइडस्पोर्ट से कहा, ' हां, राहुल से कम से कम न्यूजीलैंड सीरीज के लिए इस रोल को स्वीकार करने के लिए संपर्क किया गया है। जब तक कि हम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए कोच नियुक्त नहीं कर लेते हैं, तबतक द्रविड़ से टीम का मार्गदर्शन करने की अपील की गई है। राहुल इस सीरीज के लिए कमान संभालेंगे और इस बीच एक सीएसी नए कोच के लिए प्रक्रिया का पालन करेगी। राहुल का फुलटाइम इस रोल को संभालने की उम्मीद कम ही है क्योंक वह अपने परिवार से दूर रहकर काम नहीं कर पाएंगे।'

इंडियन प्रीमियर लीग 2021 का विजेता कौन होगा इसका पता 15 अक्टूबर को सीएसके और केकेआर के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले में चल जाएगा। फाइनल तक दोनों ही टीमें कड़ी मेहनत के बाद पहुंची है और अगर सीएसके जीत जाती है तो वो चौथी बार विजेता बनेगी जबकि केकेआर को जीत मिलती है तो वो तीसरी बार खिताबी जीत हासिल करेगी। चेन्नई सुपर किंग्स अब तक अपने धुरंधर कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की अगुआई में तीन बार आइपीएल चैंपियन बनी है तो वहीं कोलकाता को गौतम गंभीर की कप्तानी में ये सफलता मिली थी।

सीएसके तीन बार तो केकेआर दो बार बन चुकी है चैंपियन

सीएसके और केकेआर के बीच अब तक सिर्फ एक खिताबी जीत का फर्क है। एक तरफ जहां चेन्नई की टीम ने तीन बार ये उपलब्धि हासिल की है तो वहीं दूसरी तरफ कोलकाता के नाम पर ये उपलब्धि दो बार दर्ज है। चेन्नई ने अपने कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की अगुआई में पहली बार 2010 में आइपीएल खिताब जीता था। इस सीजन में सीएसके ने फाइनल में फाइनल में मुंबई इंडियंस को 22 रन से हराया था। इसके ठीक अगले साल यानी साल 2011 में सीएसके एक बार फिर से फाइनल में आरसीबी को 58 रन से हराकर खिताबी जीत हासिल की थी। फिर सीएसके को साल 2018 में तीसरी बार खिताब जीतने का मौका मिला और इस बार धौनी की टीम ने हैदराबाद को फाइनल में 8 विकेट से हराकर ये कमाल किया था।

कोलकाता की बात करें तो इस टीम ने गौतम गंभीर की कप्तानी में पहली बार साल 2012 में ये कमाल किया था और फाइनल मुकाबले में सीएसके को 5 विकेट से हरा दिया था। वहीं 2014 में एक बार फिर से इस टीम ने चैंपियन बनने का गौरव गौतम गंभीर की कप्तानी में हासिल किया। इस साल केकेआर ने फाइनल में पंजाब किंग्स को तीन विकेट से हराकर ट्राफी अपने नाम की थी।

शारजाह । आईपीएल 20 -20 क्रिकेट टूर्नामेंट के दूसरे एलिमिनेटर में कोलकाता नाइट राइडर्स ने दिल्ली कैपिटल्स को 3 विकेट से पराजित करते हुए फाइनल में जगह बनाई, जहां उसका मुकाबला चेन्नई से होगा। 136 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरे कोलकाता की शुरुआत शानदार रही। पहले विकेट के लिए वेंकटेश अय्यर और शुभमन गिल ने 96 रन की साझेदारी करके कोलकाता की जीत का आधार रखा। वेंकटेश अय्यर 41 गेंदों में चार चौके और तीन छक्के की सहायता से 55 रन बनाकर रबाडा की गेंद पर सब्सीट्यूट स्टीव स्मिथ द्वारा कैच कर लिए गये। इसके बाद नीतीश राणा और शुभ्मन गिल ने मिलकर शानदार बल्लेबाजी करते हुए स्कोर 123 रन तक ले गए. नीतीश राणा को एनरिक नोकिया ने शिमरन हेटमायर के हाथों कैच करा दिया। राणा ने 12 गेंदों में एक छक्के की सहायता से 13 रन बनाए। ओपनर के रूप में आए शुभ्मन गिल ने 46 गेंदों में 46 रनों की पारी खेली। उन्होंने एक चौका और एक छक्का लगाया। उन्हें आवेश खान की गेंद पर ऋषभ पंत ने कैच किया। दिनेश कार्तिक, इयोन मॉर्गन, शाकिब उल हसन और सुनील नरेन बिना खाता खोले आउट हो गए। दिल्ली के लिए रबाडा, नोकिया , अश्विन ने 2-2 , खान ने 1 विकेट लिए।
इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली कैपिटल ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 135 रन बनाए।
कोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। दिल्ली के ओपनर पृथ्वी शाॅ और शिखर धवन की शुरूआत धीमी रही। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 27 गेंदों में 32 रन जोड़े। पृथ्वी शाॅ 12 गेंदों में 2 चौके और एक छक्के की सहायता से 18 रन बनाकर वरुण चक्रवर्ती द्वारा एलबीडब्ल्यू किए गए। लेकिन इसके बाद शिखर धवन ने मार्कस स्टोइनिस के साथ मिलकर पारी संभालने की कोशिश की हालांकि गति तेज नहीं हो सकी। 12वें ओवर में मार्कस स्टोइनिस 23 गेंदों में बमुश्किल 18 रन बनाकर शिवम मावी द्वारा बोल्ड कर दिए गए। शिखर धवन ने सर्वाधिक 36 रन का योगदान दिया उन्होंने 39 गेंदों में 1 चौके और दो छक्के की सहायता से यह स्कोर बनाया। शिखर धवन को वरुण चक्रवर्ती की गेंद पर शाकिब अल हसन ने कैच किया। ऋषभ पंत भी आज ज्यादा नहीं चले। छह गेंदों में बमुश्किल 6 रन बनाकर लाॅकी फर्गशन की गेंद पर राहुल त्रिपाठी द्वारा कैच कर लिए गये। 10 गेंदों में 2 छक्के की सहायता से 17 रन बनाकर तेज खेल रहे शिमरन हेटमायर को वेंकटेश अय्यर के थ्रो पर दिनेश कार्तिक ने रन आउट कर दिया। कोलकाता के लिए वरुण चक्रवर्ती ने दो लाॅकी फर्गशन और शिवम मावी ने 1 - 1 विकेट लिए।

कोलकाता नाइट राइडर्स के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ दूसरे क्वॉलीफायर मैच के बाद फटकार झेलनी पड़ी। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के चलते दिनेश कार्तिक को यह फटकार झेलनी पड़ी।

आधिकारिक स्टेटमेंट के मुताबिक, 'कार्तिक ने आईपीएल के लेवल 1 ऑफेंस 2.2 को एडमिट किया। लेवल 1 कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के लिए मैच रेफरी का फैसला आखिरी फैसला होता है।' केकेआर ने दूसरे क्वॉलीफायर मैच में दिल्ली कैपिटल्स को तीन विकेट से हराया। आखिरी ओवर तक खिंचे इस मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार वापसी की थी, लेकिन राहुल त्रिपाठी ने छक्का लगातार केकेआर के लिए फाइनल का टिकट कटा लिया। वेंकटेश अय्यर ने शानदार 55 रनों की पारी खेली और इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।

आईपीएल 2021 का फाइनल मैच 15 अक्टूबर को दुबई इंटरनैशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। पहले क्वॉलीफायर मुकाबले में चेन्नई सुपरकिंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स को हराया था, जबकि एलिमिनेटर मैच में केकेआर ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को मात दी थी। आईपीएल के पहले फेज में महज दो जीत दर्ज करने वाली केकेआर टीम ने दूसरे फेज में 9 जीत दर्ज की हैं।

 

नई दिल्ली | भारत की 15 सदस्यीय टीम फाइनल की गई है, उसमें सिर्फ एक कमी थी कि टीम के पास कोई मैच फिनिशर नहीं था। हालांकि, अब ये दुविधा समाप्त होने जा रही है, क्योंकि आलराउंडर हार्दिक पांड्या को जिस उद्देश्य से टी20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया में जगह मिली थी, उस पर वे खरे नहीं उतर रहे हैं, लेकिन उनको एमएस धौनी वाली भूमिका दी जा रही है कि वे आखिर मैं एक बल्लेबाज के तौर पर मैच फिनिश करें।

भारतीय टीम प्रबंधन द्वारा पिछले कुछ दिनों में हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या की पीठ का आकलन करने के साथ, यह निर्णय लिया गया है कि वह मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात में टी20 विश्व कप में मैच फिनिशर होंगे। एएनआइ से बात करते हुए टीम के सूत्रों ने कहा कि जब गेंदबाजी की बात आती है तो हार्दिक अभी भी 100 प्रतिशत फिट नहीं हैं, लेकिन जब दबाव को अवशोषित करने और बल्ले से खेल खत्म करने की बात आती है तो उनके अनुभव को शोपीस इवेंट में जाने से नहीं रोका जा सकता।

सूत्र ने कहा, "जब गेंदबाजी की बात आती है तो वह 100 प्रतिशत फिट नहीं है, इसलिए इस विश्व कप में हार्दिक के लिए यह एक फिनिशर की भूमिका होगी। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, हम उसका आकलन करते रहेंगे, लेकिन वर्तमान में टीम उसे एक बल्लेबाज के रूप में देखेगी, जो एमएस धोनी की तरह ही आते हैं और फिनिशर की भूमिका निभाते हैं।" उनकी गेंदबाजी को लेकर सूत्र ने बताया, "हार्दिक जैसे व्यक्ति के साथ, आप जानते हैं कि समर्पण और प्रयास का स्तर हमेशा 100 प्रतिशत होता है। इसलिए हम उनकी गेंदबाजी पर काम करते रहेंगे।"

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