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मुख्यमंत्री तीन दिवसीय रीयल इस्टेट एक्सपो के समापन अवसर पर हुए शामिल

रायपुर,  जनवरी 2020/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज शाम राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में 24 जनवरी से आयोजित तीन दिवसीय रीयल इस्टेट एक्सपो-2020 के समापन अवसर पर शामिल हुए। एक्सपो का आयोजन समाचार पत्र दैनिक भास्कर द्वारा किया गया। एक्सपो में कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर नगर पालिक निगम के महापौर श्री एजाज ढेबर ने की।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि देशव्यापी मंदी के दौर से छत्तीसगढ़ राज्य अछूता है। यहां रीयल एस्टेट से लेकर जेम-ज्वेलरी तथा ऑटो मोबाइल सेक्टर आदि सभी क्षेत्रों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने जन सरोकार से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधा से संबंधित एक्सपो के आयोजन के लिए दैनिक भास्कर को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने घर का सपना होता है। इनका सपना साकार हो, इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में आवासीय गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसके तहत छोटे भू-खण्डों की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक को हटाया गया है। कलेक्टर गाइड लाइन की दरों में 30 प्रतिशत और पंजीयन शुल्क की राशि में दो प्रतिशत की कमी की गई है। इससे लोगों को काफी राहत मिली है और प्रदेश में रीयल इस्टेट के क्षेत्र में एक वर्ष में डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। प्रदेश में रीयल इस्टेट के क्षेत्र में पिछले वर्ष जहां लगभग 1100 करोड़ रूपए की रजिस्ट्री हुई, वहीं इस वर्ष अभी तक लगभग डेढ़ हजार करोड़ रूपए की रजिस्ट्री हुई है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश में हर वर्ग के लोगों को आगे बढ़ाने का कार्य निरंतर जारी है। इससे उनकी स्थिति दिनों-दिन बेहतर हो रही है। इसके वजह से प्रदेश के बाजारों में भी रौनक बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पांच सालों में देश के सात प्रमुख सेक्टरों में तीन करोड़ 64 लाख लोग बेरोजगार हुए हैं। इनमें रीयल एस्टेट में दो लाख 70 हजार, टेक्सटाइल में तीन करोड़ 50 लाख, ऑटोसेक्टर में दो लाख 30 हजार तथा बैंकिंग क्षेत्र में तीन लाख 15 हजार लोगों की नौकरियां चली गई हैं। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ के रीयल एस्टेट, ऑटो मोबाइल तथा जेम-ज्वेलरी आदि हर क्षेत्र के विकास में निरंतर वृद्धि दर्ज हो रही है। रीयल एस्टेट एक्सपो का आयोजन रायपुर में 24 से 26 जनवरी तक किया गया था। दैनिक भास्कर समाचार पत्र की ओर से इसमें लक्की विजेताओं को उपहार भी वितरित किए गए।

रायपुर। भाजपा की मदद के लिए आरएसएस को आगे आने के लिए कहे जाने पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा,आरएसएस का मुखौटा मात्र है। आरएसएस स्वयं को गैर राजनैतिक संगठन कहता है लेकिन वास्तव में भाजपा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसी संस्थाएं आरएसएस की अनुषांगिक संगठन ही हैं।भाजपा के माध्यम से आरएसएस लगातार राजनीति में सक्रिय रहता है और सांप्रदायिक सदभाव को नुकसान पहुंचाने में लगा रहता है। विपरीत और विस्फोट परिस्थितियों में भी छत्तीसगढ़ हमेशा पूरे देश में सद्भावना का टापू रहा है और आरएसएस की सक्रिय होने से सरकार को और ज्यादा सचेत रहने की आवश्यकता है। त्रिवेदी ने कहा कि आरएसएस हमेशा चुनाव में सक्रिय होता है। भाजपा की मदद करता है। लेकिन अभी तो कोई और चुनाव नहीं है और ऐसे समय में यदि आरएसएस को सक्रिय होने के लिये भाजपा कह रही है तो स्वाभाविक रूप से राज्य के भाजपा नेतृत्व और राज्य के भाजपा नेताओं की विफलता के परिणाम स्वरूप आरएसएस को मैदान में उतारना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम लोग पहले भी भाजपा और आरएसएस से लड़ते रहे हैं। हम इस लड़ाई को जारी रखेंगे और ज्यादा सावधानी से और ज्यादा तत्परता से हम कांग्रेस के लोग, हम छत्तीसगढ़ के लोग सांप्रदायिक ताकतों से लड़ेंगे।

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि केन्द्रीय गृहमंत्री का छत्तीसगढ़ आगमन एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना बन सकती है अगर अमित शाह यहां आकर सीएए और एनआरसी पर पुनर्विचार की घोषणा करें। एक बड़े वर्ग में भाजपा सरकार के नागरिकता कानून को लेकर गुस्सा उबल रहा है। अगर देश में भी सीएए और एनआरसी को लेकर आशंकाएं है तो इन आशंकाओं को दूर किया जाना चाहिये। हठधर्मिता से देश नहीं चलाया जा सकता है। किसी भी लोकतांत्रिक सरकार को देश हित में जनभावना को और सबके हितों को दृष्टिगत रखकर ही काम सकती है। आज समय की आवश्यकता है कि केन्द्र सरकार सीएए और एनआरसी के विरोधियों से बातचीत शुरू करें। नागरिकता कानून को लेकर पूरे देशों में हर वर्ग, हर क्षेत्र, हर प्रांत में सबकी आशंकाओं को दूर किया जाना चाहिये। केन्द्र सरकार को भाजपा के राजनैतिक हितों को साधने के अलावा और कुछ भी नहीं सूझ रहा है, जबकि देश हित को सबसे ऊपर रखा जाना चाहिये। केन्द्र सरकार का नागरिकता कानून संविधान के खिलाफ है। केन्द्र सरकार हठधर्मिता छोड़े नागरिकता कानून को लेकर आंदोलनरत लोगों का दमन बंद करें। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि देश में बेरोजगारी आज चरम पर है। अर्थव्यवस्था मंदी का शिकार है। महंगाई आसमान छू रही है। इन मूल मुद्दों से देश का ध्यान हटाने के लिए मोदी सरकार ने नागरिकता कानून का शिगूफा छोड़कर पूरे देश में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की साजिश रची है। अपना हथकंडा सफल ना होते देख भाजपा अब जनसंपर्क अभियान के नाम पर भाई से भाई को लड़ाने, धर्म से धर्म को लड़ाने का अभियान व्यापक रूप में चला रही है।

रायपुर। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने सीआरपीएफ महानिदेशक एपी माहेश्वरी को पत्र लिखकर सीआरपीएफ 81वीं.वाहिनी की पदस्थापना जशपुर में यथावत रखने के लिए कहा है। पत्र में उल्लेखित है कि जशपुर दूरस्थ स्थित पहाड़ी एवं वनों से घिरा हुआ क्षेत्र है। इसकी सीमा झारखंड व ओडिशा से लगी हुई है। उल्लेखनीय है कि इन दोनों ही राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियां होती रहती है। जशपुर के सीमा में लगे झारखंड में सीआरपीएफ की कंपनी तैनात है, जो कि जशपुर में तैनात सीआरपीएफ के साथ समन्वय बनाकर कार्य करती है। दोनों तरफ तैनात सीआरपीएफ द्वारा ज्वाइंट ऑपरेशन भी किया जाता है। इसके कारण नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि जशपुर में तैनात सीआरपीएफ की तैनाती को हटा दिया जाता है तो सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियां बढ़ जाएगी,जिससे जशपुर की शांति व्यवस्था प्रभावित होगी। 

ख़ाद्य मंत्री ने सीआरपीएफ डीजी को लिखा पत्र, क्या कहा, पढ़े पूरी खबर.....

बोडो समूहों के साथ सोमवार को हुए समझौते की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता शांति, सद्भाव और एकजुटता की नई सुबह लेकर आएगा और जो लोग सशस्त्र संघर्ष समूहों से जुड़े हुए थे वो मुख्यधारा में शामिल होंगे और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देंगे।

नयी दिल्ली। बोडो समूहों के साथ सोमवार को हुए समझौते की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समझौता शांति, सद्भाव और एकजुटता की नई सुबह लेकर आएगा और जो लोग सशस्त्र संघर्ष समूहों से जुड़े हुए थे वो मुख्यधारा में शामिल होंगे और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इस समझौते के बोडो लोगों के लिये परिवर्तनकारी परिणाम होंगे क्योंकि यह प्रमुख पक्षकारों को एक साथ एक प्रारूप में लेकर आएगा और बोडो लोगों की पहुंच विकास केंद्रित पहल तक होगी।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “शांति, सद्भाव और एकजुटता की नई सुबह! आज भारत के लिये एक बेहद खास दिन। बोडो समूहों के साथ आज जिस समझौते पर दस्तखत किये गए उसके बोडो लोगों के लिये परिवर्तनकारी परिणाम होंगे।” उन्होंने कहा कि यह करार कई मायनों में अलग है क्योंकि यह प्रमुख पक्षकारों को एक कार्य ढांचे में साथ लेकर आता है। उन्होंने कहा, “पूर्व में जो लोग सशस्त्र संघर्ष समूहों के साथ जुड़े हुए थे वे अब मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि बोडो समूहों के साथ हुआ समझौता बोडो लोगों की विशिष्ट संस्कृति को और संरक्षित और लोकप्रिय बनाएगा। उन्होंने कहा, “उनकी पहुंच कई विकास परक पहलों तक होगी। बोडो लोग अपनी अकांक्षाओं को पूरा करें, इसमें मदद करने के लिये हम हरसंभव मदद को प्रतिबद्ध हैं।” केंद्र सरकार ने असम के खतरनाक उग्रवादी समूहों में से एक, नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के साथ सोमवार को एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये।

लंबे समय से बोडो राज्य की मांग करते हुए आंदोलन चलाने वाले ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) ने भी इस समझौते पर हस्ताक्षर किये। इस त्रिपक्षीय समझौते पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, एनडीएफबी के चार गुटों के नेतृत्व, एबीएसयू, गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग और असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये।

भाजपा ने गायक अदनान सामी को पद्मश्री से सम्मानित करने के मोदी सरकार के फैसले की आलोचना पर सोमवार को विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए कहा कि क्या वे सिर्फ उन मुसलमानों को पसंद करते हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत और इसकी संस्थाओं के खिलाफ हैं।

नयी दिल्ली। भाजपा ने गायक अदनान सामी को पद्मश्री से सम्मानित करने के मोदी सरकार के फैसले की आलोचना पर सोमवार को विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए कहा कि क्या वे सिर्फ उन मुसलमानों को पसंद करते हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत और इसकी संस्थाओं के खिलाफ हैं। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने सामी को सम्मानित करने पर सरकार की विपक्ष द्वारा की जा रही आलोचना का यहां संवाददाता सम्मेलन में जिक्र करते हुए यह बात कही।

दरअसल, सामी के पिता पाकिस्तानी वायुसेना में सेवारत थे। विपक्ष की आलोचना पर पलटवार करते हुए पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पिता के इतालवी तानाशाह मुसोलिनी और जर्मनी के हिटलर से कथित जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें (सोनिया को) भारतीय नागरिकता क्यों दी गई। भाजपा के इस आरोप पर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पात्रा ने जोर देते हुए कहा कि सामी ‘अत्यधिक हकदार’ हैं और उनकी योग्यता को लेकर पद्म सम्मान दिया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए जम्मू निवासी के रूप में सामी की मां नौरीन खान की पृष्ठभूमि का भी जिक्र किया। पात्रा ने कहा कि क्या यह पार्टी (कांग्रेस) इस क्षेत्र की मुस्लिम महिलाओं का सम्मान नहीं करती है।

सुपरस्टार आमिर खान ने इस साल क्रिसमस पर आने वाली अपनी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ से टकराव टालने के लिए फिल्म ‘बच्चन पांडेय’ की रिलीज की तारीख बढ़ाने पर अभिनेता अक्षय कुमार को शुक्रिया कहा है। आमिर ने ट्वीट कर अक्षय कुमार और साजिद नाडियाडवाला का शुक्रिया किया है।

मुंबई। सुपरस्टार आमिर खान ने इस साल क्रिसमस पर आने वाली अपनी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ से टकराव टालने के लिए फिल्म ‘बच्चन पांडेय’ की रिलीज की तारीख बढ़ाने पर अभिनेता अक्षय कुमार और निर्माता साजिद नाडियाडवाला का शुक्रिया अदा किया है। टॉम हैंक्स की ‘फॉरेस्ट गंप’ की आधिकारिक रीमेक ‘लाल सिंह चड्ढा’ में शीर्ष किरदार अदा कर रहे 54 वर्षीय खान ने सोमवार को ट्विटर पर ‘बच्चन पांडेय’ की टीम के प्रति आभार जताया।

आमिर ने ट्वीट किया, ‘‘कई बार एक बार में ही बात बन जाती है। मेरे अनुरोध पर फिल्म बच्चन पांडेय की रिलीज की तारीख बढ़ाने के लिए मेरे दोस्त अक्षय कुमार और साजिद नाडियाडवाला का शुक्रिया। उनकी फिल्म के लिए बहुत शुभकामनाएं।’’

52 वर्षीय अक्षय ने भी ‘बच्चन पांडेय’ की नयी रिलीज तारीख और पोस्टर ट्विटर पर डालते हुए कहा कि वह फिल्म जगत के अपने दोस्तों के लिए हमेशा मौजूद हैं। उन्होंने लिखा, ‘‘आमिर खान। कभी भी। हम सब दोस्त हैं। नया लुक, नयी रिलीज तारीख साझा कर रहा हूं। अब यह 22 जनवरी, 2021 को आएगी।’’ ‘लाल सिंह चड्ढा’ में आमिर के साथ करीना कपूर खान होंगी, वहीं ‘बच्चन पांडेय’ में अक्षय कुमार के साथ कृति सेनन होंगी।

केरल, पंजाब और राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल ने भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि सीएए जनविरोधी है, इस कानून को फौरन निरस्त किया जाना चाहिए।

कोलकाता। केरल, पंजाब और राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल ने भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि सीएए जनविरोधी है, इस कानून को फौरन निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तुच्छ मतभेदों को दूर रखने और देश को बचाने के लिए एकजुट होने का वक्त आ गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि सीएए पर हो रहा विरोध सिर्फ अल्पसंख्यकों का नहीं है। इस विरोध को आगे बढ़ाने के लिए मैं अपने हिंदू भाईयों को  धन्यवाद कहती हूं।

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में हम सीएए, एनपीआर और एनआरसी की अनुमति नहीं देंगे। हम शांति से लड़ेंगे। पिछले दिनों ममता बनर्जी ने दावा किया था कि मोदी सरकार सीएए कानून को सिर्फ और सिर्फ गैर-भाजपा शासित राज्यों में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

अमित शाह ने केजरीवाल पर दिल्ली की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्लीवासियों, 8 तारीख को ये सरकार बदल दो, मैं आपसे कह कर जाता हूं कि जहां झुग्गी है, वहीं मकान देने का काम मोदी सरकार करने वाली है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में सत्ता की जंग तेज होती जा रही है। बीजेपी की और से चुनाव प्रचार की कमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संभाल ली है तो आम आदमी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मोर्चा संभाले हुए हैं। इसी क्रम में आज दिल्ली के रिठाला विधानसभा सीट पर जनसभा को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। शाह ने कहा कि केजरीवाल जी ने चुनाव से पहले कहा था कि सत्ता में आए तो सरकारी बंगला, सरकारी गाड़ी नहीं लेंगे, लेकिन शपथ लेने के बाद सरकारी गाड़ी, सरकारी बंगला लिया। 2015 में मोदी जी ने एक पत्र लिखा और उसमें कहा कि दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों को आप मुझे दे दो मैं उन्हें अधिकृत बनाऊंगा। इन्होंने कहा कि अभी नक़्शे बन रहे हैं 2 साल लगेंगे, फिर 2017 में मोदी जी ने पत्र लिखा तब भी केजरीवाल सरकार ने कहा कि अभी 2 साल और लगेंगे।

शाह ने केजरीवाल पर दिल्ली की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्लीवासियों, 8 तारीख को ये सरकार बदल दो, मैं आपसे कह कर जाता हूं कि जहां झुग्गी है, वहीं मकान देने का काम मोदी सरकार करने वाली है। मैं केजरीवाल से पूछना चाहता हूं कि दिल्ली के गरीबों का क्या दोष था कि आपने जो 5 लाख रुपये की सहायता मोदी जी उनको देना चाहते थे, उसे उनसे छीन लिया। उनके मन में भय था कि अगर किसी गरीब का फ्री ऑपरेशन हो जायेगा, तो दिल्ली का गरीब नरेन्द्र मोदी जी के साथ जुड़ जायेगा। राजनीति करने वाले तो बहुत देखे हैं, मगर इतनी ओछी और नीची राजनीति करने वाला मुख्यमंत्री मैंने अपने जीवन में नहीं देखा। दिल्ली के करोड़ों गरीबों को 5 लाख की योजना से उन्होंने अलग-थलग कर दिया। देश का एक-एक बच्चा चाहता था कि जहां प्रभु श्रीराम जी का जन्म हुआ था वहीं भव्य मंदिर बने। जब-जब कोर्ट में केस आता था तब-तब राहुल बाबा, केजरीवाल एंड कंपनी इसका विरोध करते थे।

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार की योजना 22 एक्सप्रेसवे और हरित गलियारों में से 3 का निर्माण 3 साल में पूरा करने की है। इसमें प्रमुख दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भी शामिल है। गडकरी ने कहा कि इन 22 परियोजनाओं के तहत 7,500 किलोमीटर के नए एक्सप्रेसवे और गलियारों का निर्माण 2024-25 तक 3.10 लाख करोड़ रुपये में पूरा करने की योजना है। गडकरी ने कहा कि हमारी योजना प्रमुख परियोजना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण तीन साल में पूरा करने की है। इसका काम 51 पैकेज में किया जाएगा। इनमें से 18 पर काम शुरू हो चुका है। यह देश का सबसे लंबा 1,320 किलोमीटर का एक्सप्रेसव होगा। 13 घंटे में दिल्ली से मुंबई जा सकेंगे इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली से मुंबई की यात्रा का समय 24 घंटे से घटकर 13 घंटे रह जाएगा। गडकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं में से छह 2,250 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे हैं जिनके निर्माण पर 1.45 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी। शेष 16 नए गलियारे हैं। इनके तहत 5,250 किलोमीटर की परियोजनाओं का निर्माण 1.65 लाख करोड़ रु की लागत में किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अलावा ट्रांस राजस्थान और ट्रांस हरियाणा की परियोजनाओं को अगले 3 साल में पूरा किया जाएगा।
 

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