टेक्नोलॉजी

टेक्नोलॉजी (49)

जियो ने 4 दिसंबर, बुधवार की रात को अपने नए टैरिफ प्लान लॉन्च कर दिए. इनमें 129 रुपए से लेकर 2199 रुपए तक के प्लान शामिल हैं. कंपनी ने इन्हें ऑल-इन-वन टैरिफ का नाम दिया है. ये प्लान 28 दिन की वैलिडिटी से लेकर सालभर की वैलिडिटी वाले हैं. यानी सिंगल टैरिफ पर बार-बार रिचार्ज कराने का झंझट खत्म हो जाएगा. सालभर की वैलिडिटी वाले प्लान जियो के साथ एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के भी आ रहे हैं. ऐसे में हम यहां सालभर की वैलिडिटी वाले सबसे सस्ते और सबसे महंगे प्लान का कम्पेरिजन कर रहे हैं.

बुधवार रात जियो ने अपने नए टैरिफ प्लान जारी किए. इन्हें 6 दिसंबर से देशभर के जियो यूजर्स के लिए लागू कर दिया जाएगा. वहीं, अन्य टेलीकॉम कंपनियों के प्लान भी अब 40 फीसदी तक महंगे हो गए हैं. ऑपरेटर्स द्वारा प्लान्स में की गई इस बढ़ोतरी के बाद ग्राहक असमंजस की स्थिति में हैं कि कौनसी कंपनी का प्लान ज्यादा बेहतर है. अगर आप 28 दिन वैलिडिटी वाला प्लान लेना चाहते तो टेबल के माध्यम से समझिए, किस कंपनी का प्लान लेना फायदेमंद साबित हो सकता है.

एयरटेल का अनलिमिटेड कॉलिंग और 28 दिन वैधता वाला सबसे सस्ता प्लान 148 रुपए का है जबकि वोडा-आइडिया में यही प्लान 149 रुपए का है. लेकिन जियो का 28 दिन वैलिडिटी वाला सबसे सस्ता प्लान 129 रुपए का है. यानी जियो का यह प्लान दूसरी कंपनियों के मुकाबले 20 रुपए सस्ता है. गौर करने वाली बात यह है कि जहां अन्य कंपनियां 28 दिन वैलिडिटी वाले प्लान में महीने भर के लिए कुल 2 जीबी डेटा और 1000 FUP मिनट दे रही है, वहीं जियो अपना ज्यादा अधिक बेनिफिट्स मुहैया कराने वाला वादा निभाते हुए कुल 2 जीबी डेटा और 1000 FUP मिनट समेत जियो टीवी, जियो सिनेमा,  जियो सावन, जियो न्यूज जैसी सुविधाओं का फ्री सब्सक्रिप्शन दे रही है.

सैमसंग के नए फ्लैगशिप स्मार्टफोन गैलेक्सी एस 11 प्लस की कॉन्सेप्ट इमेज सामने आई है. इन फोटो को ऑनलाइनलीक्स और कैशकरो ने लीक किया है. इमेज के मुताबिक फोन में 5 रियर कैमरा और पंचहोल डिस्प्ले मिल सकता है. इससे पहले ग्रीकबेंच ने इस फोन को कुछ फीचर्स को लीक किया था, जिसमें लेजर ऑटोफोकस सिस्टम के साथ 108 मेगापिक्सल का रियर कैमरा मिलने का दावा किया गया है. फोन 5G नेटवर्क को सपोर्ट करेगा और 120Hz रिफ्रेश रेट का डिस्प्ले होगा.

गीकबेंच के मुताबिक गैलेक्सी एस11+ को 427 और मल्टी कोर टेस्ट में 2326 स्कोर मिला है. फोन में एक्सीनोस 9830 प्रोसेसर मिलेगा, जिसकी स्पीड 1.95GHz होगी. फोन में 12GB रैम के साथ गूगल का लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रायड 10 मिल सकता है.

3 डिस्प्ले साइज में लॉन्च होगा S11

पिछले सप्ताह न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने ट्वीट किया था कि अमेरिकन टेक ब्लॉगर के मुताबिक इस स्मार्टफोन को 3 स्क्रीन साइज में लॉन्च किया जाएगा. इसमें 6.4 या 6.2-इंच, 6.4-इंच और 6.7-इंच साइज शामिल हैं. इससे पहले सैममोबाइल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इस फोन को फरवरी 2020 के तीसरे सप्ताह में लॉन्च किया जाएगा.

पावरफुल कैमरा से लैस होगा S11

बीते दिनों गैलेक्सी S11 स्मार्टफोन को लेकर एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें कहा गया था कि इसमें सबसे पावरफुल कैमरा मिल सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि कंपनी इस फोन के कैमरा में दमदार जूम के साथ हाई रेजोल्यूशन और ज्यादा अपर्चर ऑप्शन पेश कर सकती है. सैमसंग इनसाइडर के मुताबिक इसमें लो लाइट फोटोग्राफी के ट्रेटासेल टेक्नॉलजी के साथ नए सेंसर दिए जा सकते हैं.

यदि आपके पास भी ऐसा कोई लैपटॉप या कंप्यूटर जो विंडोज 7 पर काम कर रहा है तो आपके लिए बुरी खबर है, क्योंकि दुनिया का सबसे लोकप्रिय कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज 7 अब बंद हो रहा है. 14 जनवरी 2020 के बाद माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 7 को किसी प्रकार का कोई अपडेट या सपोर्ट नहीं देगी. बता दें कि विंडोज 7 साल 2009 में लॉन्च हुआ था. विंडोज 7 को बंद करने की जानकारी के साथ ही कंपनी अपने यूजर्स को अपग्रेड करने के लिए नोटिफिकेशन भी दे रही है. तो आइए जानते हैं विंडोज 10 में अपग्रेड करने का तरीका और विंडोज 7 के बंद होने से जुड़े सभी सवालों के जवाब...

अंग्रेजी वेबसाइट द वर्ज ने इसी साल मार्च में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि पूरी दुनिया में इस वक्त विंडोज 10 के साथ 80 करोड़ से कंप्यूटर्स काम कर रहे हैं. ऐसे में इन  सभी लोगों को अपने कंप्यूटर को अपग्रेड करना होगा. ऐसे में यदि आपके सिस्टम में भी विंडोज 7 है तो आपके पास अब अपग्रेड ही विकल्प बचा है तो आइए जानते हैं कि यदि आप विंडोज 7 से विंडोज 10 में जाना चाहते हैं तो आपके कंप्यूटर में कितनी स्टोरेज होनी चाहिए. इसके अलावा विंडोज 10 के अपग्रेड के लिए कौन-से प्रोसेसर की जरूरत होगी.

नहीं, ऐसा बिलकुल भी नहीं है. भले ही कंपनी विंडोज 7 को सपोर्ट देना बंद कर रही है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसके बाद विंडोज 7 वाले कंप्यूटर बेकार हो जाएंगे. विंडोज 7 वाले कंप्यूटर काम करते रहेंगे लेकिन 14 जनवरी 2020 के बाद आपको कंप्यूटर को किसी सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलेगा. ऐसे में आपका कंप्यूटर या लैपटॉप हैकर के निशाने पर रहेगा. आपकी निजी जानकारियों के चोरी या हैक होने का खतरा रहेगा. जनवरी 2020 के बाद माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 7 पर काम करने वाले किसी कंप्यूटर को टेक्निकल सपोर्ट भी नहीं देगी.

विंडोज 10 में अपग्रेड करने के लिए आपके मौजूदा कंप्यूटर या लैपटॉप में मौजूद प्रोसेसर की स्पीड कम-से-कम 1GHz होनी चाहिए. इसके अलावा कम-से-कम 2 जीबी रैम और 32 जीबी हार्ड डिस्क की जरूरत होगी. इसके अलावा आपको इंटरनेट की भी जरूरत पड़ेगी. विंडोज 7 से विंडोज 10 में अपग्रेड करने से पहले आपके लिए सबसे जरूरी काम यह है कि आप अपने कंप्यूटर में मौजूद फाइल का बैकअप ले लें. 

वास्तव में देखा जाए तो विंडोज 10 में जाना ही फायदे का सौदा होगा, हालांकि आप विंडोज 8.1 भी ले सकते हैं लेकिन 10 जनवरी 2023 के बाद माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 8.1 को भी सपोर्ट देना बंद कर देगी. ऐसे में आपको फिर से अपडेट करना होगा. विंडोज 10 के भी कई सारे वर्जन हैं लेकिन यदि आप आम इस्तेमाल के लिए कंप्यूटर या लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं तो आपका काम विंडोज होम से भी चल जाएगा. वहीं आपको ज्यादा जरूरत है तो आप विंडोज 10 प्रो भी ले सकते हैं. इसमें कई सारे फीचर्स मिलेंगे.

शाओमी ने अपने पहले ई-बुक रीडर को चीन में लॉन्च कर दिया है. कंपनी का कहना है कि Xiaomi Mi Reader ढेरों फाइल फॉरमैट्स को सपॉर्ट करता है व ये काफी हद तक Amazon Kindle से मिलता-जुलता है, लेकिन इसकी कीमत को ऐमजॉन Kindle से कम ही रखा गया है. इसकी कीमत CNY 599 (लगभग 6,100 रपए) बताई गई है.

फीचर्स- इस ई-बुक रीडर में 6 इंच की HD डिस्प्ले को शामिल किया गया है जो 1024x768 पिक्सल्स रेजॉलुशन को सपोर्ट करती है.इस डिवाइस में 1.8Ghz क्वॉड कोर Allwinner B300 प्रोसेसर दिया गया है.1 जीबी रैम के साथ इसमें 16 जीबी की इंटर्नल स्टोरेज मिलेगी.एंड्रॉयड ओरियो ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाली इस डिवाइस की बैटरी 1,800mAh की है.

ओप्पो ए5 2020 चार रियर कैमरे वाला स्मार्टफोन है। फोन में 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी शूटर है। इसके अलावा 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड-एंगल कैमरा, 2 मेगापिक्सल मोनोक्रोम शूटर और 2 मेगापिक्सल डेप्थ सेंसर कैमरा सेटअप का हिस्सा हैं।

आजकल के स्मार्टफोन का कैमरा किसी डीएसएलआर कैमरे से कम नहीं है. मोबाइल में अब 2 से लेकर 4 तक रियर कैमरे देखने को मिल रहे हैं। इन सभी सेंसर्स का इस्तेमाल अलग अलग तरह की फोटो खींचने के लिए किया जाता है। अगर आप 4 रियर कैमरे वाले स्मार्टफोन को खरीदने की सोच रहे हैं तो आप 15 हजार रुपये खर्च कर एक अच्छा फोन घर ले जा सकते हैं। आज हम आपके लिए 3 ऐसे फोन लेकर आए हैं जो 15 हजार तक की कीमत में 4 रियर कैमरे के साथ आते हैं। आइये जानते हैं इन स्मार्टफोन के बारे में..

Oppo A5 2020
 
- ओप्पो ए5 2020 चार रियर कैमरे वाला स्मार्टफोन है।
- फोन में 12 मेगापिक्सल का प्राइमरी शूटर है। इसके अलावा 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड-एंगल कैमरा, 2 मेगापिक्सल मोनोक्रोम शूटर और 2 मेगापिक्सल डेप्थ सेंसर कैमरा सेटअप का हिस्सा हैं।
-  Oppo के इस फोन में ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 665 प्रोसेसर इस्तेमाल किया गया है।
- फोन में जान फूंकने के लिए 5,000 एमएएच की बैटरी दी गई है।
 
Redmi Note 8 Pro के स्पेसिफिकेशन
 
- रेडमी नोट 8 प्रो भी एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलेगा।
- फोन में 6.53 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) डिस्प्ले है, जिसका अस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है।
- रेडमी के इस फोन में मीडियाटेक के नए गेमिंग प्रोसेसर हीलियो जी90टी का इस्तेमाल हुआ है।
- फोन में 8 जीबी तक रैम दी गई हैं।
- रेडमी नोट 8 प्रो गेम टर्बो 2.0 मोड जैसे गेमिंग फीचर के साथ आता है।
- फोन की इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी तक है।
- कैमरे की बात करें तो रेडमी नोट 8 प्रो में  4 रियर कैमरे दिए गए हैं। यह कंपनी का पहला 64 मेगापिक्सल कैमरा फोन है। इस सेंसर के साथ कंपनी ने 8 मेगापिक्सल का वाइड-एंगल सेंसर और दो 2 मेगापिक्सल के सेंसर दिए हैं।
- फोन में फ्रंट पैनल पर 20 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है।
- इसमें बैटरी 4,500 एमएएच की है। यह 18 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।
- कनेक्टिविटी फीचर में एनएफसी, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, 3.5 एमएम ऑडियो जैक और आईआर ब्लास्टर इसका हिस्सा हैं।
 
रेडमी नोट 8 प्रो का दाम 14,999 रुपये से शुरू होती है। यह दाम 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है।

- रियलमी 5 प्रो एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित कलर ओएस 6.0 पर चलता है।
- फोन में 6.3 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) डिस्प्ले है, जो कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 3+ की प्रोटेक्शन के साथ आता है।
- रियलमी 5 प्रो में क्वालकॉम के नए स्नैपड्रैगन 712 चिपसेट का इस्तेमाल हुआ है।
- फोन 4 जीबी, 6 जीबी और 8 जीबी रैम के विकल्प के साथ आता है।
- रियलमी 5 प्रो में चार रियर कैमरे हैं। प्राइमरी कैमरा 48 मेगापिक्सल का है। यह फेज़ डिटेक्शन ऑटो फोकस और एफ/ 1.8 अपर्चर के साथ आता है। इसके साथ एफ/ 2.25 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का सेंसर है। इसमें 119 डिग्री वाइड-एंगल लेंस भी है। क्वाड कैमरा सेटअप में 2 मेगापिक्सल का मैक्रो लेंस और 2 मेगापिक्सल का पोर्ट्रेट लेंस भी है।
- सेल्फी के शौकीनों के लिए रियलमी 5 प्रो में 16 मेगापिक्सल का कैमरा है।
- कनेक्टिविटी फीचर में 4जी वीओएलटीई, वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 5.0, जीपीएस/ ए-जीपीएस, 3.5 एमएम हेडफोन जैक और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट शामिल हैं।
 
रियलमी 5 प्रो के 4 जीबी रैम और 64 जीबी इंटरनेल स्टोरेज की कीमत 13,999 रुपये है।

ट्रैवलिंग को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए गूगल मैप ऐप में नया ट्रांसलेशन फीचर जुड़ने जा रहा है। यह फीचर यूजर को न सिर्फ जगह का नाम और पता स्थानीय भाषा में बोलकर बताएगा बल्कि इस फीचर के इस्तेमाल से कर ट्रैवलर अपने मेजबान से बेहतर और प्रभावी ढंग से बात कर सकेंगे। यह फीचर गूगल मैप के नए अपडेट के जरिए यूजर्स को मिलना शुरू हो जाएगा। शुरुआती तौर पर यह 50 भाषाओं में काम करेगा।
खुद पता लगाएगा यूजर के लोकेशन
बुधवार को गूगल ने बताया कि इसे प्लेस नेम और एड्रेस के ठीक बगल में दी गई नई स्पीकर बटन के जरिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह जगह का नाम और पता तेज आवाज में बोलकर बताएगा, ताकि यूजर की ट्रिप में कोई परेशानी न हो। वहीं ज्यादा बात करने पर गूगल मैप इसे सीधे गूगल ट्रांसलेट ऐप से लिंक कर देगा।
कंपनी ने आगे बताया कि इस नए फीचर को इसी महीने लॉन्च किया जाएगा। इसे एंड्रॉयड और आईओएस दोनों डिवाइस में इस्तेमाल किया जा सकेगा। फिलहाल यह सिर्फ 50 भाषाओं को सपोर्ट करेगा लेकिन आगे इसमें अन्य भाषाएं भी जोड़ी जाएंगी।
इसका टेक्स्ट-टू-स्पीच फीचर खुद-ब-खुद पता लगाएगा कि यूजर किस भाषा में ट्रांसलेट करना चाहता है और यूजर किस जगह पर ट्रैवल कर रहा है। दिशा और जगह के नाम के अलावा यदि यूजर कोई अन्य जानकारी या अधिक बात करना चाहता है तो ऐप इसे सीधे गूगल ट्रांसलेट ऐप से कनेक्ट कर देगा।
हाल ही में गूगल ने यूजर की लोकेशन को प्राइवेसी देने के लिए इन्कॉग्निटो मोड फीचर गूगल मैप में जोड़ा है। कंपनी ने इसे एंड्रॉयड डिवाइस यूजर्स के लिए रोल-आउट करना शुरू भी कर दिया है।

देश-दुनिया में लोगों में वीडियो स्ट्रीमिंग का ट्रेंड बढ़ रहा है। ओरिजनल और नए प्रकार का कंटेंट होने के कारण इन्हें काफी पसंद किया जा रहा है। इन प्लेटफॉर्म द्वारा अपना कंटेंट किसी के साथ ना शेयर करने के कारण इनकी डिमांड बनी रहती है। लेकिन एक हालिया स्टडी के मुताबिक लगातार स्ट्रीमिंग सर्विसेस पर वीडियो देखने का शौक आपके आसपास के पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है। विशेषज्ञों ने लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग को जलवायु परिवर्तन के लिए नया खतरा बताया है। एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हम छह किलोमीटर तक कोई वाहन चलाकर जितना कार्बन उत्सर्जन करते हैं, उतना सिर्फ वीडियो स्ट्रीमिंग से आधे घंटे की फिल्म देखने से हो जाता है।
फ्रांस की शोध संस्था शिफ्ट प्रोजेक्ट में बताया गया है कि पिछले साल ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग से उतना कार्बन उत्सर्जित हुआ जितना की सालभर में स्पेन में होता है। इसके अगले छह वर्षों में दोगुना होने की आशंका है। इसमें सबसे अधिक 34 फीसदी लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और हुलु से हो रहे हैं। देखा जाए तो दुनियाभर में नेटफ्लिक्स का लगातार विस्तार हो रहा है। वर्ष 2017 और 2018 के बीच कंपनी के वैश्विक स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन के राजस्व में 53 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
वीडियो स्ट्रीमिंग में 6 गुना ज्यादा वक्त बिता रहे यूजर्स
डेटा सेंटर से होता है कॉर्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन
आईटी सेक्टर की ऊर्जा दोहन पर नजर रखने वाली संस्था ग्रीनपीस के गैरी कुक का कहना है कि डिजिटल वीडियो बहुत बड़े आकार की फाइल में आते हैं। वीडियो की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ इनका आकार भी बड़ा होता जा रहा है। स्ट्रीमिंग सेवाओं के लिए आवश्यक अधिकांश ऊर्जा का उपयोग डेटा सेंटर द्वारा किया जाता है, जो कम्प्यूटर या डिवाइस को डेटा डिलीवर करता है। नेचर पत्रिका में छपे एक लेख के मुताबिक ऐसे डेटा सेंटर दुनियाभर के कार्बनडाइऑक्साइड उत्सर्जन में 0.3% की हिस्सेदारी रखते हैं। जो वक्त से साथ और अधिक बढ़ने की आशंका है। इस बीच, वीडियो देखने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है। कंज्यूमर टेक्नोलॉजी एसोसिएशन के मुताबिक औसत स्क्रीन साइज 1997 में 22 इंच (55 सेंटीमीटर) से बढ़कर 2021 तक 50 इंच हो जाएगा। नेचुरल रिसोर्स डेफेंस काउंसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, 4K रिज़ॉल्यूशन वाली स्क्रीन हाई-डेफिनेशन स्क्रीन की तुलना में लगभग 30% अधिक ऊर्जा का उपयोग करती है।
ऐसे कम कर सकते हैं उत्सर्जन को
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के डेटा सेंटर विशेषज्ञ डेल सर्टर का दावा है कि अगले 10 साल तक ऊर्जा की खपत जस की तस रखने के लिए आईटी और डेटा सेंटर के उपकरण में सुधार करना जरूरी है। विशेषज्ञों ने सुझाव देते हुए कहा कि है दर्शकों को ऑटोप्ले मोड को डिसेबल कर वाईफाई पर लोअर डिफिनेशन में लाइव वीडियो देखनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मोबाइल पर 3जी में लाइव वीडियो देखना सबसे खतरनाक है।
ओटीटी सर्विसेस पर भरोसा
शहरी कस्टमर्स ने डीटीएच या केबल की जगह ओवर-द-टॉप सर्विसेज पर स्विच किया है। एमएक्स प्लेयर, नेटफ्लिक्स, ऐमजॉन प्राइम विडियो और हॉटस्टार जैसे वीडियो स्ट्रीमिंग प्लैटफॉर्म्स अब सब्सक्राइबर्स को पसंद आ रहे हैं। भारत में एमएक्स प्लेयर के पास सबसे ज्यादा 21 प्रतिशत कस्टमर्स हैं, इसके बाद ऐमजॉन के पास 15 प्रतिशत और नेटफ्लिक्स और हॉटस्टार के पास 14-14 प्रतिशत कस्टमर बेस मौजूद है। जी एंटरटेनमेंट के जी5 ऐप, स्टार इंडिया के हॉटस्टार और सोनी के सोनी लिव ओटीटी सर्विसेस का असर भी डीटीएच सब्सक्राइबर बेस पर पड़ रहा है। ट्राई की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि डीटीएच सर्विस का एवरेज ऐक्टिव सब्सक्राइबर बेस इस साल की पहली तिमाही जनवरी-मार्च में लगभग 7.2 करोड़ यूजर्स का था। 30 जून को खत्म तिमाही तक इसमें 25 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और लगभग 5.4 करोड़ ऐक्टिव डीटीएच सब्सक्राइबर्स बचे हैं। डीटीएच से कम होते ग्राहकों की संख्या के पीछे एक कारण ये भी माना जा रहा है कि टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा लागू किया गया ब्रॉडकास्टिंग का नया नियम रास नहीं आ रहा है। पहले माना जा रहा था कि ऐसा होने के बाद सब्सक्राइबर्स को कम पैसे अपने प्लान के लिए चुकाने होंगे लेकिन इसका उल्टा ही हुआ। बेसिक से लेकर प्रीमियम प्लान्स तक महंगे हो गए और चैनल चुनने की जगह चैनल पैक चुनने का विकल्प सब्सक्राइबर्स को मिला, जो उन्हें रास नहीं आया।
6 गुना ज्यादा वक्त बिता रहे
ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म्स के आने के बाद से दुनिया के तमाम देशों में टेलीविजन देखने वालों की संख्या घटी है। भारत में भी डिजिटल कंटेंट की खपत तेजी से बढ़ रही है क्योंकि अब लोगों को मनपसंद शो, सीरियल या मूवीज के लिए ड्राइंग रूम में टीवी के सामने बैठने की जरूरत नहीं है। वे अब ओटीटी प्लेटफॉर्मों की मदद से कहीं भी, कभी भी, कोई भी शो/सीरियल/मूवी/न्यूज देख सकते हैं। इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, दर्शक पांच वर्ष पहले एक हफ्ते में तकरीबन 100 अरब मिनट तक ऑनलाइन कंटेंट देखते थे, जो अब बढ़कर 600 अरब मिनट प्रति सप्ताह हो गया है। यानी अब वे ओटीटी प्लेटफॉर्मों पर छह गुना ज्यादा वक्त बिताने लगे हैं। इस दौरान स्मार्टफोन और डेटा, दोनों ही सस्ते हुए हैं। पहले 40 करोड़ मोबाइल ही ओटीटी को सपोर्ट करते थे। अब यह संख्या 100 करोड़ हो गई है। इसकी बदौलत ओटीटी प्लेटफॉर्मों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। वहीं, ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के आंकड़ों के मुताबिक भारत के सिर्फ 66 पर्सेंट यानी करीब 19.7 करोड़ घरों तक टीवी की पहुंच है। इंडस्ट्री को अगले पांच सालों में इसके बढ़कर 23-25 करोड़ होने का अनुमान है। यहां लोग रोजाना औसतन 3.4 घंटे टीवी के सामने बिताते हैं। इसके अगले पांच सालों में बढ़कर 4 से 4.5 घंटे रोजाना तक पहुंचने की संभावना है।
इस तरह बढ़ रहा वीडियो का मार्केट
87 प्रतिशत लोग बिजनेस वीडियो को मार्केटिंग टूल की तरह इस्तेमाल करते हैं। यह 2017 में 63% था और 2018 में 81 प्रतिशत के करीब था। एक रिपोर्ट के अनुसार 96 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वह किसी प्रोडक्ट की सर्विस और इस्तेमाल को सीखने के लिए ऑनलाइन वीडियो को देखना पसंद करते हैं। टेक्सट और इमेज की तुलना में सोशल मीडिया पर वीडियो को 1200% ज्यादा शेयर किया जाता है। भारत में ओटीटी मार्केट 2023 तक 3.60 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार 2018 तक यह मार्केट 35 हजार करोड़ रुपए का था। इंटरनेट की बढ़ती स्पीड और स्मार्टफोन यूजर बढ़ने की वजह से भारत में ओटीटी मार्केट 15% की तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। 2025 तक इसका वैश्विक मार्केट 17 फीसदी की रफ्तार से बढ़कर 240 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा।
प्रमुख कार्बन उत्सर्जक देश
ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट द्वारा किए गए अध्ययन के मुताबिक दुनिया का सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जन चीन में होता है। दुनिया में होने वाले कुल कार्बन उत्सर्जन में 27 प्रतिशत योगदान चीन का है। इसके बाद अमेरिका (15 प्रतिशत) दूसरे और यूरोपीय यूनियन (10 प्रतिशत) तीसरे स्थान पर है। चौथे नंबर पर भारत (सात प्रतिशत) है। दुनिया के कुल उत्सर्जन में इन चार जगहों की 58 प्रतिशत हिस्सेदारी है। विश्व के बाकी देश समग्र रूप से 42 फीसद उत्सर्जन करते हैं।
कार्बन उत्सर्जन: फैक्ट एंड फिगर
0.2 ग्राम से 7 ग्राम के बीच कार्बन का उत्सर्जन करती है एक गूगल सर्च, 7 ग्राम इतना होता है जिसमें आप एक केतली चाय को उबाल सकते हैं
04 फीसदी उत्सर्जन दुनिया में डिजिटल टेक्नोलॉजी की वजह से हो रहा है, यह दुनिया में यह पूरे नागरिक उड्डयन क्षेत्र के छोड़े गए धुएं से ज्यादा है
08 प्रतिशत तक उत्सर्जन होने की संभावना है डिजिटल टेक्नोलॉजी से 2025 तक
30 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन हुआ 2018 में ऑनलाइन वीडियो से

अगर आप कम बजट में शानदार कैमरे वाला स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं तो आप रियलमी या शाओमी के स्मार्टफोन खरीद सकते हैं। 64 मेगापिक्सल के साथ आने वाले रियलमी और शाओमी के स्मार्टफोन इन दिनों लोगों की पहली पसंद बन गए हैं। हम बात कर रहे हैं Redmi Note 8 Pro और  Realme XT की। ये दोनों ही फोन बेहद शानदार है और इनमें कई अच्छे फीचर्स दिए गए हैं। आइये जानते हैं इन दोनों फोन के स्पेसिफिकेशन के बारे में-

Realme XT के स्पेसिफिकेशन
 
- रियलमी एक्सटी में 6.4 इंच का सुपर एमोलेड स्क्रीन होगा जो कि वाटरड्रॉप नॉच के साथ आएगा।
- फोन में एंड्रॉयड 9 पाई में कलरओएस 6 पर चलेगा।
- फोन ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 712 प्रोसेसर, 8 जीबी तक रैम और 128 जीबी स्टोरेज के साथ आएगा।
- इस फोन के तीन स्टोरेज वेरिएंट होंगे- 4 जीबी + 64 जीबी, 6 जीबी + 64 जीबी और 8 जीबी + 128 जीबी।
- कैमरे की बात करें तो फोन चार रियर कैमरों के साथ आएगा। इसमें 64 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर है, एफ/ 1.8 अपर्चर के साथ। इसके साथ एफ/ 2.25 अपर्चर के साथ 8 मेगापिक्सल का वाइड एंगल कैमरा, 2 मेगापिक्सल मैक्रो कैमरा और 2 मेगापिक्सल का पोर्ट्रेट कैमरा होगा। दोनों ही 2 मेगापिक्सल के कैमरे का अपर्चर एफ/ 2.4 होगा।
- सेल्फी के शौकीनों के लिए फोन में 16 मेगापिक्सल का कैमरा है।
- फोन के अभी सिर्फ पर्ल ब्लू कलर वेरिएंट का खुलासा हुआ है। कंपनी सिल्वर विंग व्हाइट वेरिएंट भी ला सकती है।
- फोन में 4,000 एमएएच की बैटरी होगी जो 20 वॉट की VOOC 3.0 फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी।

Redmi Note 8 Pro के स्पेसिफिकेशन
 - रेडमी नोट 8 प्रो भी एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलेगा।
- फोन में 6.53 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) डिस्प्ले है, जिसका अस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है।
- रेडमी के इस फोन में मीडियाटेक के नए गेमिंग प्रोसेसर हीलियो जी90टी का इस्तेमाल हुआ है।
- फोन में 8 जीबी तक रैम दी गई हैं।
- रेडमी नोट 8 प्रो गेम टर्बो 2.0 मोड जैसे गेमिंग फीचर के साथ आता है।
- फोन की इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी तक है।
- कैमरे की बात करें तो रेडमी नोट 8 प्रो में  4 रियर कैमरे दिए गए हैं। यह कंपनी का पहला 64 मेगापिक्सल कैमरा फोन है। इस सेंसर के साथ कंपनी ने 8 मेगापिक्सल का वाइड-एंगल सेंसर और दो 2 मेगापिक्सल के सेंसर दिए हैं।
-फोन में फ्रंट पैनल पर 20 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है।
- इसमें बैटरी 4,500 एमएएच की है। यह 18 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।
- कनेक्टिविटी फीचर में एनएफसी, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, 3.5 एमएम ऑडियो जैक और आईआर ब्लास्टर इसका हिस्सा हैं।

रेडमी नोट 8 प्रो की कीमत 14,999 रुपये से शुरू होती है। यह दाम 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। फोन के 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 15,999 रुपये में बेचा जाएगा। वहीं, 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का दाम 17,999 रुपये है।

शाओमी का सबसे शानदार स्मार्टफोन Redmi Note 8 Pro अब एक नए अवतार में लॉन्च कर दिया गया है। स्मार्टफोन रेडमी नोट 8 प्रो को डीप सी ब्लू रंग में उतारा गया है। नया कलर वेरिएंट 6 जीबी रैम+ 64 जीबी स्टोरेज मॉडल और 6 जीबी रैम+128 जीबी स्टोरेज मॉडल के साथ आता है। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत है कि ये 64 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरे और मीडियाटेक हीलियो जी90टी प्रोसेसर के साथ आता है। शाओमी के इस फोन में गेम टर्बो 2.0 मोड जैसे गेमिंग फीचर दिया गया है। आइये जानते हैं फोन के सभी स्पेसिफिकेशन और कीमत के बारे में।

Redmi Note 8 Pro के स्पेसिफिकेशन
- रेडमी नोट 8 प्रो भी एंड्रॉयड 9 पाई पर आधारित मीयूआई 10 पर चलेगा।
- फोन में 6.53 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2340 पिक्सल) डिस्प्ले है, जिसका अस्पेक्ट रेशियो 19.5:9 है।
- रेडमी के इस फोन में मीडियाटेक के नए गेमिंग प्रोसेसर हीलियो जी90टी का इस्तेमाल हुआ है।
- फोन में 8 जीबी तक रैम दी गई हैं।
- रेडमी नोट 8 प्रो गेम टर्बो 2.0 मोड जैसे गेमिंग फीचर के साथ आता है।
- फोन की इनबिल्ट स्टोरेज 128 जीबी तक है।
- कैमरे की बात करें तो रेडमी नोट 8 प्रो में  4 रियर कैमरे दिए गए हैं। यह कंपनी का पहला 64 मेगापिक्सल कैमरा फोन है। इस सेंसर के साथ कंपनी ने 8 मेगापिक्सल का वाइड-एंगल सेंसर और दो 2 मेगापिक्सल के सेंसर दिए हैं।
- फोन में फ्रंट पैनल पर 20 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है।
- इसमें बैटरी 4,500 एमएएच की है। यह 18 वॉट की फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।
- कनेक्टिविटी फीचर में एनएफसी, यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, 3.5 एमएम ऑडियो जैक और आईआर ब्लास्टर इसका हिस्सा हैं।

Redmi Note 8 Pro की कीमत
रेडमी नोट 8 प्रो की कीमत 14,999 रुपये से शुरू होती है। यह दाम 6 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का है। फोन के 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट को 15,999 रुपये में बेचा जाएगा। वहीं, 8 जीबी रैम और 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट का दाम 17,999 रुपये है।

मोटो ने अपना एक और स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। मोटो का यह फोन है जी8 प्लस। मोटो के इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसमें दिया गया 48 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है। फोन में वाटर रेपलेंट डिज़ाइन दिया गया है और इसमें फास्ट चार्जिंग के लिए 15 वॉट टर्बोपावर  का सपोर्ट दिया गया है। मोटो जी8 प्लस में सेल्फी के शौकीनों के लिए 25 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। आइये जानते हैं फोन के सभी स्पेसिफिकेशन के बारे में।

- फोन में 6.3 इंच का फुल-एचडी+ (1080x2280 पिक्सल) आईपीएस एलसीडी डिस्प्ले है जिसका आस्पेक्ट रेशियो 19:9 है।
- मोटो जी8 प्लस स्टॉक एंड्रॉयड पाई पर चलता है।
- फोन में ऑक्टा-कोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 655 प्रोसेसर के साथ 4 जीबी रैम दिए गए हैं।
- कैमरी की बात करें तो फोन में ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है। प्राइमरी सेंसर 48 मेगापिक्सल का है। इसका साथ देगा 16 मेगापिक्सल का एक्शन कैमरा। यह एफ/ 2.2 अपर्चर और 117 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू के साथ आता है। फोन में एफ/ 2.2 अपर्चर वाला 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर भी है।
- सेल्फी के शौकीनों के लिए फोन में  एफ/ 2.2 अपर्चर वाला 25 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा दिया गया है।
- मोटो जी8 प्लस की इनबिल्ट स्टोरेज 64 जीबी है और ज़रूरत पड़ने पर 512 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड इस्तेमाल किया जा सकेगा।
- कनेक्टिविटी के लिए मोटोरोला के इस फोन के 4जी एलटीई, ब्लूटूथ 5.0, वाई-फाई 802.11 ए/बी/जी/एन/एसी, जीपीएस, ए-जीपीएस, ग्लोनास, 3.5 एमएम हेडफोन जैक और यूएसबी टाइप-सी पोर्ट दिया गया है।
- फोन की बैटरी 4,000 एमएएच की है और यह 15 वॉट फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

Moto G8 Plus की कीमत
 
मोटो जी8 प्लस की कीमत 13,999 रुपये है। ये कीमत 4 जीबी रैम और 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट की है। फोन कॉस्मिक ब्लू और क्रिस्टल पिंक रंग में मिलता है। मोटो का ये नया फोन अक्टूबर महीने के अंत से ई-कॉमर्स साइट Flipkart पर मिलेगा।

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