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नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस के मामले अब 5000 को क्रॉस कर गए हैं। मंगलवार रात 10 बजे तक संक्रमण के 5311 मामले सामने आ चुके थे। जिनमें से 150 लोगों की मृत्यु हो गई है और 433 ठीक हो चुके हैं। इस तरह देश में 4728 लोग इस बीमारी से संक्रमित हैं।
महाराष्ट्र में संक्रमण का आंकड़ा 1000 के पार पहुंच गया है यहां पर मंगलवार को 150 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या 218 हो गई जिसमें से 60 लोगों की मौत हो चुकी है और 70 ठीक हो चुके हैं। इस प्रकार यहां 888 सक्रिय मामले हैं।
तमिलनाडु में आज 69 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या 690 पहुंच गए जिनमें से 7 की मौत हो चुकी है और 19 ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में यहां 664 संक्रमित लोगों का इलाज चल रहा है। दिल्ली में संक्रमण के आज 25 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या 550 हो गई जिसमें से 16 ठीक हो चुके हैं और 7 की मृत्यु हो गई है। इस प्रकार यहां 527 संक्रमित लोगों का इलाज चल रहा है। तेलंगाना में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है यहां मंगलवार को 40 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या 404 हो गई है। जिसमें से 45 ठीक हुए हैं और 11 लोगों की मौत हुई है। वर्तमान में यहां संक्रमण के 348 सक्रिय मामले हैं। केरल में संक्रमण के मामलों में अब गिरावट दर्ज की जा रही है यहां मंगलवार को सिर्फ दो नए शंकर के सामने आए। यहां पर अभी तक केवल 2 लोगों के संक्रमण के कारण मौत हुई जबकि 59 लोग ठीक हो कर घर जा चुके हैं, 275 लोग इलाज करा रहे हैं। राजस्थान में आज संक्रमण के 27 मामले सामने आए और संक्रमित लोगों की संख्या 328 पहुंच गई। इनमें से 2 लोगों की मौत हो गई है जबकि 25 ठीक हो चुके हैं इस तरह यहां पर संक्रमित लोगों की संख्या 301 बची है। उत्तर प्रदेश में संक्रमित लोगों की संख्या 305 हो गई है जिसमें से 21 ठीक हो चुके हैं, जबकि 3 की मृत्यु हो गई है। यहां संक्रमण के 281 सक्रिय मामले हैं। आंध्र प्रदेश में संक्रमित लोगों की संख्या 304 पहुंच गई है यहां पर 5 लोग ठीक भी हो चुके हैं और 3 की मृत्यु हो गई है 296 लोग अभी भी संक्रमित हैं।
मध्यप्रदेश में संक्रमित लोगों की संख्या 290 पहुंच चुकी है जिसमें से 11 लोग ठीक हो गए हैं लेकिन 18 लोगों की मौत हो गई है। यहां पर 261 सक्रिय मामले हैं। गुजरात में 29 नए मामले मिलने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या 175 पहुंच गई जिनमें से 25 लोग ठीक भी हो चुके हैं लेकिन 14 लोगों की मौत हो गई है। इस प्रकार यहां पर 136 सक्रिय मामले हैं। कर्नाटक में आज 12 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या 175 तक पहुंच गई है।
14  प्रदेशों में आज संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया।  
०६\०४\२०२०    

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज के जमातियों ने देश में कोरोना के मामलों को काफी तेजी से बढ़ा दिया। इन जमातियों के संपर्क में भी कई लोग आए, जिसके बाद से विभिन्न राज्यों में पुलिस इनकी तलाश कर रही है। एक नया मामला सामने आया है, जहां कुछ लोग आगरा की मिठाई लेकर दिल्ली तबलीगी जमात के प्रोग्राम में शामिल हुए थे। यूपी के बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर में कुछ मामले सामने आए हैं। वैसे बरेली से तबलीगी जमात के लोग बुलंदशहर, बहराइच और शाहजहांपुर गए थे। सूत्रों के अनुसार दिल्ली में जमात के मजहबी प्रोग्राम में दूसरे राज्यों से लेकर यूपी से काफी लोग गए थे। बस में जमातियों ने यात्रियों को मिठाई भी बांटी थी। दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़ और मेरठ से ये जमाती और जिन लोगों ने बसों में यह मिठाई खाई वो कहां गए इसकी तहकीकात हो रही है। वहां से जब ये लोग बस, ट्रेन या अन्य वाहनों से लौटे तो वापसी में लोगों को मिठाई बांटी थी। दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़ और मेरठ से ये लोग अलग-अलग दिशाओं से अपने घरों को रवाना हुए। बसों में इन्होंने यात्रियों को भी पेठा खिलाया था। बताया जा रहा है कि अब मिठाई खाने और लेने वालों की तलाश की जा रही है। बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर जैसे शहरों से तमाम व्यापारी, कारोबारी दिल्ली के चक्कर लगाते रहते हैं। रोजाना कुछ ट्रेनों के जरिए तो कुछ बस या अपने व्हीकल से दिल्ली जाते हैं। ऐसे लोग किस किस के संपर्क में आए इसकी खोजबीन हो रही है। बहुत से ऐसे परिवार हैं जो बरेली से बदायूं, अलीगढ़, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद आदि शहरों में आते जाते रहे हैं। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद पाया कि मरकज के प्रबंधकों को कई बार इमारत के निर्माण वाली जगह के मालिकाना हक के दस्तावेज देने को कहा गया। लेकिन प्रबंधकों ने कभी भी निगम को मालिकाना हक के दस्तावेज नहीं सौंपे। ऐसे में इस जमीन के मालिकाना हक पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर यह जमीन किसकी है और तबलीगी जमात के लोगों को किसने दी है।

लखनऊ। कोरोना वायरस की महामारी में उत्तर प्रदेश की जनता को सुरक्षित करने के लिए रात-दिन महनत कर रहे पुलिसकर्मियों के लिए अब यूपी सरकार जल्द ही बीमा योजना लाने जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में लगे पुलिस कर्मियों का 50 लाख रु का बीमा कराया जाएगा। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि सीएम योगी ने कहा कि कोरोना नियंत्रण के लिए ड्यूटी कर रहे पुुलिस कर्मियों का 50 लाख रुपये का बीमा किया जाए। इस संबंध में लिखित आदेश भी तुरंंत जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने मीडियाकर्मियों से अपील भी की कि आप लोग हॉस्पिटल में कवरेज के लिए अनप्रोटेक्टेड होकर न जाएं। मास्क का सभी लोग इस्तेमाल करें और अगर कोई भी व्यक्ति मास्क का इस्तेमाल नहीं कर रहा है तो उसे रोकने की जिम्मेदारी आपकी भी है। कोरोना महामारी फैलने पर आजादी के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश पुलिस ने एपेडमिक डिजीज एक्ट का इस्तेमाल किया गया है।
- दर्ज किये गए केस
पहला मुकदमा लखनऊ में सिंगर कनिका कपूर पर दर्ज किए जाने के बाद पूरे यूपी में अब तक हजारों मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। महामारी को काबू करने के लिए 100 साल से ज्यादा पुराना यह कानून आज भी कारगर साबित हो रहा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में लाकडाउन खोलने पर फैसला केंद्र से राय-मशविरा लेने के बाद ही किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के हालात को भी मद्देनज़र रखना बहुत जरूरी है। तबलीगी जमात के लोगों के चलते संक्रमण प्रदेश में ज्यादा फैला है। अन्यथा हम काफी हद तक कोरोना से लड़ने में सफल होने की कोशिश में लगे थे।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से विश्वव्यापी लड़ाई के बीच भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उसने बर्फबारी का फायदा उठाकर अपने आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना के वीर जवानों ने उनके खतरनाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया और उन्हें मार गिराया। <br>
स्पेशल फोर्स और आतंकियों के बीच यह आमने-सामने की लड़ाई भारी बर्फबारी के बीच 10 हजार फीट की ऊंचाई पर कश्मीर के केरन सेक्टर में हुई, जिसमें भारतीय सैनिकों ने पांच आतंकी मार गिराए। इस संघर्ष में हमारे 5 जवान भी शहीद हुए। ये जवान सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल रही 4 पैराशूट रेजिमेंट के थे। 4 पैराशूट रेजिमेंट के पांच जवानों ने अपना बलिदान देकर सशस्त्र घुसपैठियों की साजिश को नाकाम कर दिया। उससे पहले कि वे कोई बड़ा नुकसान करते, शनिवार को एक छोटे से संघर्ष में भारतीय जवानों ने सभी घुसपैठियों को मार गिराया। इस कार्य को अंजाम देने वाले पांचों सैनिक उस स्पेशल फोर्स का हिस्सा थे जिसने सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।
इस ऑपरेशन में एलओसी लांघकर भारत में प्रवेश करने वाले पांचों पाक आतंकी मारे गए, लेकिन इस आपरेशन में भारतीय जवान भी गंभीर रुप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। स्पेशल फोर्स के जवानों को जैसे ही आतंकी घुसपैठ की सूचना मिली, उन्हें एयरलिफ्ट कर आतंकियों के एकदम नजदीक पहुंचाया गया।
यह लड़ाई इतनी नजदीक से हुई है कि एक जवान का शव ठीक उस आतंकी की बगल में मिला जिसे उसने मारा था। घायल जवानों में से दो को हॉस्पिटल पहुंचाया गया था, लेकिन दोनों जवानों ने अस्पताल पहुंचकर दम तोड़ दिया। वहीं तीन भारतीय जवान युद्ध स्थल पर ही शहीद हुए। इस तरह इस आपरेशन में कुल पांच भारतीय जवान शहीद हो गए। केरन सेक्टर में घुसपैठ की तस्वीरें एक मानवरहित एरियल वेहिकल से लेने के बाद ही ऑपेरशन को अंजाम दिया गया था।
इस इलाके में भारी बर्फबारी और खराब मौसम की वजह से रेगुलर आर्मी यूनिट को भेजने में समस्या आ रही थी, इसलिए शनिवार के दिन घुसपैठियों की तलाश के लिए स्पेशल फोर्सेज को भेजा गया था। घुसपैठियों को मार गिराने के लिए स्पेशल यूनिट के दो स्क्वैड तैनात किए गए थे। खराब दृश्यता और बर्फबारी के बीच ऑपेरशन को अंजाम दिया जाना तय हुआ।
सूत्रों के अनुसार सूबेदार संजीव कुमार के नेतृत्व वाले स्क्वॉड ने आतंकियों के पदचिन्हों को पहचानकर उनका पीछा किया था। इसी बीच चलते-चलते स्क्वॉड के तीन जवान बर्फ में धंस गए। इत्तिफाक से आतंकी भी वहीं छिपे हुए थे। चूंकि आतंकियों को सेना के आने की आहट मिल गई थी, इसलिए वे पूरी तरह तैयार थे। उन्होने निकज जाते ही सेना के जवानों पर फायर खोल दिया।
स्क्वॉड के जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाते हुए आतंकियों से लोहा लिया। अपने तीन जवानों को एकदम नजदीक की लड़ाई में फंसा देख कर बाकी दो जवान भी उसी जगह कूद गए। यह बिल्कुल आमने-सामने की लड़ाई थी। संघर्षरत जवानों और आतंकियों के बीच मुश्किल से कुछ फुट की जगह रही होगी। जवानों ने बर्फ में धंसने के बावजूद जमकर लड़ाई लड़ी। सैन्य संघर्ष के इतिहास में इस तरह की हैंड टु हैंड लड़ाइयां बहुत कम होती हैं। ज्यादातर मुठभेड़ एक निश्चित दूरी से ही होती हैं।

नई दिल्ली। देश के विभिन्न हिस्सों में अभी तक तबलीगी जमात के 25,500 से ज्यादा सदस्यों और उनके संपर्क में आए लोगों को एकांतवास में रखा गया है। गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव का कहना है कि हरियाणा के 5 गांवों को सील किया गया है और सदस्यों को पृथक वास में रखा गया है, क्योंकि तबलीगी जमात के सदस्य वहां ठहरे थे। उन्होंने कहा कि तबलीगी जमात के कुल 2,083 विदेशी सदस्यों में से 1,750 सदस्यों को अभी तक कालीसूची में डाला जा चुका है।
संयुक्त सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव का कहना है कि केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर उनसे सभी से कोविड-19 के मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण मेडिकल ऑक्सीजन की अबाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही इस दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने पर भी ध्यान देने को कहा है। उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 27 नए मरीज़ कोरोना से पॉजिटिव पाए हैं। इस तरह अब यूपी में कोरोना पॉजिटिव के 305 केस हो गए हैं। सोमवार को पॉजिटिव पाए गए 27 केसों में से 21 तबलीगी जमात के हैं। प्रदेश में तबलीगी जमात के पॉजिटिव केसों की संख्या 159 हो गई है। यह जानकारी अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 159 जमातियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्हें क्वारंटाइन किया गया है। इसमें आगरा से 29, लखनऊ से 12, मेरठ से 13, गाजियाबाद से 14, सहारनपुर से 13, शामली से 13, सीतापुर से 8, कानपुर से 7, महाराजगंज से 6, गाजीपुर से 5, फिरोजाबाद, हाथरस व वाराणसी से 4-4, हापुड़ से 3, प्रतापगढ़ से तीन, लखीमपुर खीरी से 3, आजमगढ़ से 3, जौनपुर से 2, बागपत से 2, रायबरेली से 3, बांदा से दो, मिर्जापुर से 2, बाराबंकी, हरदोई, शाहजहांपर व प्रयागराज से एक-एक केस शामिल हैं।

मनाली। जम्मू-कश्मीर के केरन सैक्टर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए कुल्लू जिले के गांव पुईद के सैनिक बालकृष्ण का  ब्यास नदी के तट पर भूतनाथ श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
 इससे पहले सोमवार दोपहर को शहीद बालकृष्ण का पार्थिव शरीर हैलीकाप्टर से मनाली के निकट बाहंग स्थित सासे के हैलीपैड पर पहुंचाया गया। इस मौके पर प्रदेश सरकार की ओर से वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर हैलीपैड पर मौजूद रहे तथा सेना के अधिकारियों के साथ शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव पहुंचाया।
बालकृष्ण भारतीय सेना में पैरा ट्रूपर थे। उनका भाई भी सेना में ही सेवारत है। वह अपने पीछे दादा अनूप राम, पिता महेंद्र सिंह, माता इंदिरा देवी और बहन सोनिका को छोड़ गए हैं। वन मंत्री ने इन परिजनों को ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। गोविंद सिंह ने कहा कि बालकृष्ण ने अदम्य साहस और भारतीय सेना की उच्च परंपराओं का निवर्हन करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। इसके लिए प्रत्येक भारतवासी उनका ऋणी रहेगा। सेना की ओर से आर्थिक मदद के अलावा प्रदेश सरकार भी शहीद के परिजनों को 20 लाख रुपये देगी। वन मंत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से शहीद के परिजनों को मौके पर ही पांच लाख रुपये की धनराशि प्रदान की।
इसके बाद भूतनाथ श्मशान घाट पर पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ शहीद बालकृष्ण का अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री के अलावा विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, सेना कैंप पलचान के कर्नल नरेश बरमोला, एसडीएम अनुराग चंद्र शर्मा, एसडीएम मनाली रमन घरसंगी, एएसपी राजकुमार चंदेल और अन्य गणमान्य लोगों ने भी शहीद बालकृष्ण को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए लॉकडाउन के चलते दुनिया भर में भारत के 40,000 नाविक और यात्री फंसे हुए हैं। इनमें मालवाहक और यात्री जहाज के चालक दल के सदस्य और यात्री शामिल हैं। 500 मालवाहक पोत पर 15,000, जबकि विभिन्न यात्री जहाजों पर 25,000 लोग फंसे हैं। समुद्री सेवा से जुड़े संगठनों ने कहा है कि लॉकडाउन हटने के बाद सरकार ने उन्हें हर मुमकिन सहायता देने का भरोसा दिया है। एनयूएसआई सहित कई संगठनों ने जहाजरानी मंत्री मनसुख लाल मंडाविया के साथ बैठक में इस मुद्दे को उठाया। एमएएसएसए के सीईओ कैप्टन शिव हल्बे ने बताया कि करीब 40,000 भारतीय समुद्री नाविक विभिन्न जहाजों पर फंसे हुए हैं। वे घर वापस लौटना चाहते हैं, क्योंकि उनका रोजगार अनुबंध समाप्त हो चुका है।

शिमला। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से निकलकर पूरे देश में जनलेवा बीमारी बांट रहे तब्लीगी जमात के जमातियों के खिलाफ राज्य सरकारें सख्ती दिखाने लगी हैं। पहचान छिपाने और भागकर छिपने वाले तब्लीगी जमातियों को सरकारों ने साफ चेतावनी जारी की है। इस चेताववनी में कहा गया है कि अगर उनकी वहज से फैले संक्रमण के कारण राज्य में किसी की मौत होती है तो उन पर हत्या का मुकदमा चलाया जाएगा। इन जमातियों पर हिमाचल, उत्तराखंड और हरियाणा पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू की है। उत्तराखंड और हिमाचल के डीजीपी ने तो रविवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अब इन लोगों ने कोई तथ्य या सूचना छिपाई तो इन पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज होगा। वहीं, दूसरी तरफ अगर जामातियों से फैले संक्रमण के कारण अगर किसी अन्य की मौत हुई तो जमातियों प हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि छिपे हुए तब्लीगी जमाती खुद सरेंडर कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और कई अन्य नेताओं से कोरोना वायरस महामारी की स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री 8 अप्रैल को विभिन्न राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं से भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत करेंगे।
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सहित कई नेताओं से कोरोना वायरस महामारी की स्थिति पर चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव और अखिलेश, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, द्रमुक के एम. के. स्टालिन और शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल सहित कई नेताओं से बातचीत की।
मोदी ने घातक कोविड-19 से जुड़े मुद्दों पर पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा से भी चर्चा की। प्रधानमंत्री बुधवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं से भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत करेंगे

नई दिल्ली। देश में से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 2,902 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अब भी 2,650 लोग कोविड-19 से पीड़ित हैं जबकि 183 लोग इलाज के बाद ठीक हो गए हैं या उन्हें अस्पताल से घर भेज दिया गया है और एक अन्य व्यक्ति दूसरे देश चला गया है। इस महामारी से अब अब तक 68 लोगों की जान जा चुकी है। मंत्रालय के मुताबिक, तबलीगी जमात से जुड़े कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 1,023 मामले 17 राज्यों में दर्ज किए गए हैं। भारत में अन्य देशों की तुलना में कोविड-19 मामलों की वृद्धि दर कम है। तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के सवाल पर गृह मंत्रालय की तरफ से संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा है कि मैं इतना ऐड करना चाहती हूं कि लगभग 22000 वर्कर्स को इससे जुड़े हैं उनको क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है।  देश में कोरोना वायरस से संक्रमित 58 मरीजों की हालत नाजुक है। ये मरीज केरल, मध्य प्रदेश तथा दिल्ली में हैं।
     केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शनिवार को यह जानकारी दी। अग्रवाल ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 601 नए मामले सामने आए हैं। 12 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक जीरो से 20 साल की उम्र के 9 फीसदी मामले भारत में संक्रमण के सामने आए हैं। इसी तरह से 20 से 40 की उम्र के 42 फीसदी संक्रमण के केस भारत में सामने आ रहे हैं जबकि 40 से 60 साल की उम्र के 33% संक्रमण के मामले भारत में सामने आए हैं और 7 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के मामले से 17 फीसदी हैं। 

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