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केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के सर्वांगीण विकास के लिए नीतियों और कार्यक्रमों के लागू होने की सूचनाओं के प्रचार एवं प्रसार के उद्देश्य से वृहद् स्तर पर चलाए जा रहे अभियान के चौथे दिन मंगलवार को जम्मू पहुंचे रिजिजू लगभग एक दर्जन केंद्रीय मंत्रियों के दल में शामिल हैं।

जम्मू। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा था। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश का भविष्य उज्जवल है और जम्मू कश्मीर के युवा अब आकाश छूने का सपना देख सकते हैं। केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के सर्वांगीण विकास के लिए नीतियों और कार्यक्रमों के लागू होने की सूचनाओं के प्रचार एवं प्रसार के उद्देश्य से वृहद् स्तर पर चलाए जा रहे अभियान के चौथे दिन मंगलवार को जम्मू पहुंचे रिजिजू लगभग एक दर्जन केंद्रीय मंत्रियों के दल में शामिल हैं। युवा कार्यक्रम और खेल राज्यमंत्री रिजिजू ने कहा, “हम यहां युवाओं के सपनों की उड़ान को पंख प्रदान करने के लिए आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस क्षेत्र को उन्नति और विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।” एक इनडोर स्टेडियम का यहां लोकार्पण करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधान निरस्त किए जाने के बाद विकास कार्यों की गति में तीन से चार गुना तक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर का भविष्य उज्जवल है और युवा पीढ़ी भाग्यशाली है और अब वह आकाश छूने के सपने देख सकती है।”

रिजिजू ने कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर के विकास में सबसे बड़ा रोड़ा था और दीवार की तरह खड़ा था। उन्होंने कहा, “उसके (अनुच्छेद 370 के प्रावधान) निरस्त होने के बाद विकास कार्यों की गति तीन से चार गुना बढ़ गई है। यदि इसी तरह विकास होता रहा तो मुझे विश्वास है कि निकट भविष्य में जम्मू कश्मीर देश का सबसे विकसित क्षेत्र होगा।” रिजिजू ने कहा कि वह केंद्र शासित प्रदेश में दो दिवसीय दौरे पर यह देखने आए हैं कि उनका मंत्रालय विकास कार्यों में क्या योगदान दे सकता है। उन्होंने क्षेत्र में और अधिक इनडोर स्टेडियम के निर्माण का आश्वासन दिया और कहा, “हम स्थानीय खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे और उन्हें चैंपियन बनाने में सहायता करेंगे।”

मुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि यह पूर्वानुमान व्यक्त करना कठिन है कि पाकिस्तान के साथ किसी युद्ध की परिस्थिति उत्पन्न होगी या नहीं लेकिन सेना के सभी अंग किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। रावत ने हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की मौजूदगी को अधिक महत्व नहीं दिया।

तंजावुर। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि यह पूर्वानुमान व्यक्त करना कठिन है कि पाकिस्तान के साथ किसी युद्ध की परिस्थिति उत्पन्न होगी या नहीं लेकिन सेना के सभी अंग किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। रावत ने हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की मौजूदगी को अधिक महत्व नहीं दिया। शीर्ष जनरल यहां सुखोई-30 एमकेआई की पहली स्क्वाड्रन की तैनाती को लेकर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस लड़ाकू विमान को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सेना के तीनों अंगों का काम उभरने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहना होता है। जनरल रावत भारत और पाकिस्तान के बीच किसी युद्ध की आशंका को लेकर पूछे गए एक सवाल का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘किसी परिदृश्य के उत्पन्न होने का पूर्वानुमान व्यक्त करना बहुत मुश्किल है। यद्यपि हम हमें दिये जाने वाले किसी भी कार्य के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी किस तरह से भारत के लिए एक खतरा है, उन्होंने कहा कि प्रत्येक देश अपनी सुरक्षा को रणनीतिक नजरिए से देखता है।

यहां लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन से भारतीय क्षमताओं को बढ़त मिलने की उम्मीद है, खासतौर से हिंद महासागर क्षेत्र में, जहां चीन की मौजूदगी भी बढ़ रही है। चीन का अफ्रीका के ऊपरी हिस्से में जिबूती में एक सैन्य आधार मौजूद है और वह अपनी मौजूदगी बढ़ाने की फिराक में है। उन्होंने कहा, “प्रत्येक राष्ट्र अपनी सुरक्षा को अपने रणनीतिक नजरिए से देखता है।” उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “समुद्र नौवहन की स्वतंत्रता के लिए हैं। इसलिए आप देखेंगे कि यदि किसी देश का किसी खास क्षेत्र में हित है तो वह उस क्षेत्र में आकर क्षेत्र में प्रभुत्व कायम करने की कोशिश करेगा, वह ऐसा नौवहन की आजादी के लिए अधिक करता है।”

किसी देश द्वारा समुद्री व्यापारिक मार्ग के संरक्षण जैसे पहलुओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “इसलिए, मैं नहीं सोचता हूं कि उसे उस नजरिए (चीन से मिलने वाली चुनौती) से देखना चाहिए।” उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नौसेना का परिचालन केवल आवाजाही की आजादी के लिए है। उन्होंने जलदस्यु जैसे पहलुओं का भी उल्लेख किया जो मर्चेंट जहाजों के आवागमन को बाधित कर सकते हैं। इस सवाल पर कि सेना कितनी मजबूत है, रावत ने कहा, ‘‘सशस्त्र बलों में विश्वास रखिये, वे आपको कभी निराश नहीं करेंगे। उन्होंने पूर्व में भी आपको कभी निराश नहीं किया है और भविष्य में भी निराश नहीं करेंगे।’’

सेना में मानवबल की कमी के बारे में पूछे जाने पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने कहा कि प्रर्याप्त संख्या में लोग तीनों सेवाओं में शामिल होते हैं, चयन के कुछ कड़े स्वरूप के चलते कुछ अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पाता। उन्होंने कहा, ‘‘आपको ऐसे लोगों की जरूरत है जो अपने विचारों से देशभक्त हों और जो मुश्किल परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार हों।’’ जनरल रावत ने कहा कि उनकी नयी भूमिका का उद्देश्य रक्षा प्रणालियों और सेना के सभी अंगों (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) में तालमेल बनाना है। उन्होंने कहा कि इसी कारण से सीडीएस पद सृजित किया गया है।

जनरल रावत को गत वर्ष 30 दिसम्बर को देश का पहला प्रमुख रक्षा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘...हम बेहतर तालमेल की ओर बढ़ना जारी रखेंगे।’’ यहां वायुसेना अड्डे को मजबूती प्रदान करने को लेकर वायुसेना प्रमुख आर के एस भदौरिया ने कहा कि यह (स्क्वाड्रन की तैनाती) दक्षिणी प्रायद्वीप की वायु रक्षा की भूमिका निभाएगा। मानव रहित विमानों से उत्पन्न खतरे के बारे में पूछे जाने पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि इससे नयी प्रणाली विकसित करके निपटा जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘...हमें पता है कि भविष्य में मानव रहित प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा और हम हमारे वायुक्षेत्र की अपनी स्वयं की प्रणालियों की प्रौद्योगिकी द्वारा सुरक्षा के साथ रक्षा करने में सक्षम होने चाहिए।’’ भारतीय वायुसेना ने यहां वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-30 एमकेआई के पहले स्क्वाड्रन को सेवा में शामिल किया। यह दक्षिण भारत में इन लड़ाकू विमानों के लिए पहला ऐसा अड्डा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र की रक्षा में सुखोई लड़ाकू विमानों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है। लड़ाकू विमान सुखोई 30 एमकेआई के स्क्वाड्रन ‘टाइगरशार्क्स’ को वायुसेना प्रमुख और शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में सेवा में शामिल किया गया। ये विमान ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों से लैस हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने जोगबनी-विराटनगर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट का उद्घाटन किया। इस चेक पोस्ट की वजह से भारत से नेपाल और नेपाल से भारत आने में लोगों को आसानी होगी। इस चेक पोस्ट की वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार और रोजगार का भी इजाफा होगा।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष के पी शर्मा ओली ने मंगलवार को जोगबनी-विराटनगर में दूसरी एकीकृत निगरानी चौकी का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।भारत नेपाल सीमा पर स्थित इस निगरानी चौकी का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए किया गया।

इसका निर्माण व्यापार और लोगों की आवाजाही की सुगमता के लिये भारत की सहायता से किया गया है। एकीकृत चौकी 260 एकड़ क्षेत्र में फैली है और यहां की क्षमता प्रतिदिन 500 ट्रक है। परियोजना की लागत 140 करोड़ रुपये आई है। इससे व्यापार में सुधार होगा तथा जनता के बीच संपर्क बेहतर होगा।पहली एकीकृत निगरानी चौकी का निर्माण वर्ष 2018 में रक्सौल-वीरगंज में हुआ था।

अमित शाह ने एक तरफ सीएए से जुड़े मिथकों को दूर करते हुए इस कानून के बारिकियों के बारे में जनता को बताया। दूसरी तरफ विपक्ष को भ्रम फैलाने के लिए लताड़ भी लगाया। अमित शाह ने कहा कि सीएए पर विरोधी पार्टियां दुष्प्रचार करके और भ्रम फैला रही हैं।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में घमासान मचा है। केंद्रीय गृहमंत्री व भाजपा के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में लखनऊ के बंगला बाजार स्थित रामकथा पार्क में रैली को संबोधित किया। इस दौरान शाह ने जहां एक तरफ सीएए से जुड़े मिथकों को दूर करते हुए इस कानून के बारिकियों के बारे में जनता को बताया। दूसरी तरफ विपक्ष को भ्रम फैलाने के लिए लताड़ भी लगाया। अमित शाह ने कहा कि सीएए पर विरोधी पार्टियां दुष्प्रचार करके और भ्रम फैला रही हैं, इसीलिए भाजपा जन जागरण अभियान चला रही है, जो देश को तोड़ने वालों के खिलाफ जन जागृति का अभियान है। इस बिल को लोकसभा में मैंने पेश किया है। मैं विपक्षियों से कहना चाहता हूं कि आप इस बिल पर सार्वजनिक रूप से चर्चा कर लो। ये अगर किसी भी व्यक्ति की नागरिकता ले सकता है, तो उसे साबित करके दिखाओ। गृ मंत्री ने कहा कि देश में सीएए के खिलाफ भ्रम फैलाया जा रहा है, दंगे कराए जा रहे हैं। सीएए में कहीं पर भी किसी की नागरिकता लेने का कोई प्रावधान नहीं है, इसमें नागरिकता देने का प्रावधान है, इस बिल में किसी की नागरिकता लेने का प्रावधान नहीं है। शाह ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों पर वहां अत्याचार हुए, वहां उनके धार्मिक स्थल तोड़े जाते हैं। वो लोग वहां से भारत आए हैं।

नई दिल्ली । देश के पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरुद्ध छिड़े संग्राम के बीच रविवार को कहा कि भारत में उदार लोकतंत्र की संस्थाओं को मजबूत करने और उनके द्वारा संविधान की दृढ़तापूर्वक रक्षा किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवा लोगों ने हाल में देश को याद दिलाया कि देश की आजादी प्रबुद्ध नागरिकों के हाथ में सुरक्षित है और वह भी तब जब यह सबके लिए समान रूप से हो। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार की किताब ‘ह्यूमन डिगनिटी- अ परपज इन परपेच्युटी’ के विमोचन कार्यक्रम में सिंह ने कहा कि हमारे उदार एवं उन्मुक्त लोकतंत्र की संस्थाओं की कई मौकों पर परीक्षा ली गई, जब मौलिक स्वतंत्रताएं जोखिम में थी। उन्होंने कहा कि वर्षों तक विकसित इन संस्थानों को मजबूत करने और उन्हें संविधान की रक्षा में लगाए रखने की जरूरत है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वास्तव में आजादी का विचार हमारे लोगों के जीवन में तभी आकार ले सकता है, जब कानून के तहत वे सभी समान नागरिक की तरह जिएं। उनकी यह टिप्पणी संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ तेज होते विरोध और केरल सरकार के सीएए के खिलाफ उच्चतम न्यायालय चले जाने के बीच आई है।

लखनऊ । देशी शराब के मामले में गोरखपुर मंडल जबकि अंग्रेजी के मामले में लखनऊ जोन प्रदेश में सबसे आगे है। इस आबकारी वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले गोरखपुर मंडल में 86.76 लाख बल्क लीटर देसी शराब ज्यादा बिकी। वहीं इसी अवधि में लखनऊ मंडल में अंग्रेजी शराब की 24.98 लाख बोतलें अधिक बिकीं। बीयर के मामले में भी 59.75 लाख कैन की अधिक बिक्री के साथ लखनऊ मंडल आगे रहा। आबकारी विभाग के एक अप्रैल से 30 नवंबर 2019 के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की इसी अविधि के मुकाबले प्रदेश में देशी शराब की बिक्री में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 2018 में इन नौ महीनों में 2,714.99 लाख बल्क जबकि इस साल 3,257.55 लाख बल्क लीटर शराब बिकी। अंग्रेजी शराब पिछले साल की अपेक्षा 15 फीसदी और बीयर करीब 12 फीसदी ज्यादा बिकी। अंग्रेजी शराब पिछले साल 1,373.05 लाख बोतल (750 एमएल) बिकी थी, जबकि इस साल यह बिक्री 1,581.42 लाख बोतल रही। बीयर के पिछले साल 3,160.97 लाख कैन (500 एमएल) बिके थे, जबकि इस साल बीयर के 3,528.54 लाख कैन बिके।
आंकड़ों को जिलावार देखें तो अंग्रेजी शराब की बिक्री में लखनऊ में सबसे ज्यादा हुई। यहां पिछले साल शुरुआती नौ महीनों में अंग्रेजी शराब की 92.69 लाख बोतलें बिकी थीं, जबकि इस साल 104.19 लाख बोतलें बिकीं। पिछले साल की अपेक्षा अंग्रेजी शराब की सबसे कम बिक्री महोबा में हुई। यहां पिछले साल 3.08 लाख बोतलें बिकी थीं, जबकि इस साल 4.06 लाख बोतलें बिकी। देशी शराब की बिक्री में सबसे आगे गोरखपुर मंडल का कुशीनगर जिला रहा। यहां पिछले साल की अपेक्षा 30.18 लाख बल्क लीटर देशी शराब की बिक्री अधिक हुई। दूसरे नंबर पर गोरखपुर जिला रहा, जहां 29.77 लाख बल्क लीटर शराब की खपत अधिक हुई। वहीं सुलतानपुर एकमात्र ऐसा जिला है, जहां पिछले साल की अपेक्षा शराब की बिक्री में कमी आई। पिछले साल यहां 37.11 लाख बल्क लीटर शराब बिकी थी, जबकि इस साल 20.68 लाख बल्क लीटर शराब ही बिकी।

सीएए और एनआरसी के खिलाफ घंटाघर पर तीन दिनों से लगातार प्रदर्शन चल रहा है। ठाकुरगंज पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए शायर मुनव्वर राना की दो बेटियों सहित 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। ठाकुरगंज थाने में तीन अलग-अलग मुकदमों में यह कार्रवाई की गई है। जिसमें रास्ता जामकर प्रदर्शन, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी वायरल करने, धारा 144 का उल्लंघन व बलवा का मुकदमा दर्ज किया गया है।
ठाकुरगंज थाने में सुमैय्या राना, फैजिया राना, रुखसाना, शफी फातिहा समेत 10 अन्य के खिलाफ  मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा महिला आरक्षी ज्योति कुमारी ने दर्ज कराया है। सुमैय्या राना व फैजिया राना मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटियां है।
वहीं सब इंस्पेक्टर सेठ पाल सिंह व सिपाही विक्रांत कुमार की तहरीर पर दो और मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिसमें लईक अमहद, नसरीन जावेद, मोउद्दीन, रसूख अहमद, शवी फामिता, शाफिया हाफिजा, राफिया, नाजनीन, इरफाना, राजिया, रेहाना, नूर बानो, कौशर, फिरदौस, अफरोज, पूजा, फरीन बानो समेत करीब 125 लोगों के खिलाफ  केस दर्ज कराया गया हैं।
एडीसीपी विकास चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक शनिवार रात को डिफेंस एक्सपो, गणतंत्र दिवस व अन्य विशेष समारोहों को देखते हुए राजधानी के कमिश्नरी क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दिया गया है। ऐसे में घंटाघर पर चल रहा प्रदर्शन पूरी तरह से अवैधानिक हो गया है।
पुलिस लोगों को प्रदर्शन खत्म करने की अपील कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी प्रशासन की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि रविवार को ठाकुरगंज में धारा 144 का उल्लंघन करने का मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है।

इलाहाबाद । उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र की 5 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली गई है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय ने उनके खिलाफ चल रहे आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में की है। निदेशालय के लखनऊ जोनल आफिस ने यह जानकारी दी है। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक प्रयागराज के जार्ज टाउन टैगोर टाउन स्थित 250.83 वर्ग मीटर, 899.25 वर्ग मीटर के आवासीय भूखण्ड जब्त किए गए हैं। इसके अलावा आवास संख्या -54/171 को भी जब्त किया गया है। यह सारी संपत्ति मिश्र ने अपने और अपने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से वर्ष 2010 में खरीदी थी। मिश्र तत्कालीन बसपा सरकार में प्राथमकि शिक्षा मंत्री थे। प्रवर्तन निदेशालय ने मिश्र के खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के तहत जांच शुरू की थी। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत मिश्र के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का यह प्रकरण 2007 से 2011 के बीच रही बसपा सरकार के कार्यकाल का है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार मिश्र द्वारा अपने और अपने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से खरीदी गई अन्य सम्पत्तियों और इन नामों से चल रहे ट्रस्ट, समितियों व संस्थानों की भी जांच की जा रही है।

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में फांसी की सजा से बचने के लिए गुनहगार पवन गुप्ता ने नया हथकंडा अपनाते हुए याचिका दायर की है। दरअसल पवन गुप्ता का दावा है कि वारदात के वक्त वह नाबालिग था। सुप्रीम कोर्ट उसके दावे की सच्चाई की जांच करने के लिए उसकी याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा। जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ के समक्ष पवन ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें वारदात के वक्त उसके नाबालिग होने की दलील को खारिज कर दिया गया था। दोषी ने अपनी याचिका में कहा है कि 16 दिसंबर, 2012 को अपराध के वक्त वह नाबालिग था।

उसने हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी, लेकिन उसे राहत नहीं मिली और याचिका खारिज कर दी गई। पवन ने दलील दी है कि उम्र का पता लगाने के लिए अधिकारियों ने उसकी हड्डियों की जांच नहीं की थी। उसने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया है कि उसका मामला किशोर न्यायालय में चलाया जाए।

साथ ही पवन ने याचिका में एक फरवरी के लिए जारी डेथ वारंट पर भी रोक लगाने की मांग की है। मालूम हो कि पवन और अक्षय ने अब तक क्यूरेटिव पिटीशन नहीं दायर की है। जबकि विनय और मुकेश की क्यूरेटिव याचिकाएं खारिज हो चुकी है। मुकेश की तो दया याचिका भी खारिज हो चुकी है।
पवन को नाबालिग साबित करने के चक्कर में फंसे दोषी के वकील एपी सिंह
निर्भया के गुनहगार पवन को नाबालिग साबित करने की हर जुगत लगा रहे वकील एपी सिंह को दिल्ली बार काउंसिल ने नोटिस जारी किया है। पवन की 2012 में वारदात के वक्त नाबालिग होने की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के जज सुरेश कुमार कैत ने खारिज कर दी थी।

उस वक्त कोर्ट ने यह भी ध्यान दिलाया था कि अदालत के बार-बार समन देने के बावजूद एपी सिंह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने दिल्ली बार काउंसिल को एपी सिंह के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए और साथ ही उन पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। बार काउंसिल ने उनसे दो हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।

विशेषज्ञों की राय: पीड़िता के परिवार वालों की माफी देने या न देने के नजरिए की कानूनी अहमियत नहीं
इंदिरा जयसिंह की माफी देने की सलाह पर बहस छिड़ गई है। कानून के जानकारों का कहना है कि पीड़िता के परिवार वालों की माफी देने या न देने के उनके नजरिए की कोई कानूनी अहमियत नहीं है।

वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी और विकास सिंह ने बताया कि आपराधिक मुकदमे हमेशा सरकार के खिलाफ होते हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विकास सिंह के मुताबिक, पीड़िता के परिवारवालों की राय कोई कानूनी अहमियत नहीं रखती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि दोषी दया याचिका में इस तरह की राय रखते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से 'परीक्षा पे चर्चा' करेंगे। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ‘मूल्यवान सुझाव’ साझा करेंगे। इस कार्यक्रम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छात्र तनावमुक्त होकर आगामी बोर्ड एवं प्रवेश परीक्षाएं दें।दिल्ली के तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाले ‘परीक्षा पे चर्चा’ के तीसरे सत्र में मोदी छात्रों और शिक्षकों से परीक्षा के तनाव को दूर करने पर संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में कुल 2,000 छात्र एवं अध्यापक भाग लेंगे, जिनमें से 1,050 छात्रों का चयन निबंध प्रतियोगिता के जरिए किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कई ट्वीट में कहा, ‘एक बार फिर से हम परीक्षाओं से जुड़े विषयों, खातसौर पर परीक्षा के दौरान कैसे हम खुश रहें और तनावमुक्त रहें पर गहन चर्चा और जानकारी से परिपूर्ण बातचीत करेंगे। मैं आप सभी को ‘परीक्षा पे चर्चा 2020’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं।

उन्होंने कहा, परीक्षा पे चर्चा 2020 से पहले लाखों छात्रों, अभिभावकों और बच्चों ने अपने विचार और सलाह दिए हैं जो बहुत ही मूल्यवान हैं और यह परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे जैसे परीक्षा की तैयारी, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद के वक्त के लिए महत्वपूर्ण हैं।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, डिस्कशन ऑन इग्जाम, इग्जामवरियर्स और परीक्षा पे चर्चा उस प्रयास का हिस्सा है जिसमें हम छात्रों को समर्थन देते हैं और उन्हें यह आश्वस्त करते हैं हम सभी उस समय उनके साथ हैं जब वे परीक्षा की तैयारियां कर रहे हैं। आपसे कल परीक्षा पे चर्चा 2020 पर मुलाकात होगी। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम पूर्वाह्न करीब 11 बजे आरंभ होगा और ‘यूट्यूब’ पर भी इसका प्रसारण किया जाएगा।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उन छात्रों का चयन किया है जो पांच विषयों पर उनके द्वारा प्रस्तुत निबंधों के आधार पर प्रधानमंत्री से सवाल पूछेंगे। एचआरडी मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वे इस अनूठे कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री से मूल्यवान सुझाव मिलने को लेकर भी उत्साहित हैं। प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि छात्र तनावमुक्त होकर परीक्षाएं दें ताकि दीर्घकाल में बेहतर परिणाम सुनिश्चित हो सकें।’

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले साल करीब 1.4 लाख छात्रों की प्रविष्टियां देशभर से मिली थीं। इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 2.6 लाख हो गयी है। पीएम मोदी ने 2018 में आयोजित ऐसे सत्र में छात्रों के 10 प्रश्नों के उत्तर दिये थे और पिछले साल 16 सवाल लिये थे। पहले इस साल यह सत्र 16 जनवरी को होना था लेकिन देशभर में विभिन्न त्योहारों की वजह से इसे टाल दिया गया।

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