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भारत ने अपनी सबसे खतरनाक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन का सफल परीक्षण किया है. इस मिसाइल का परीक्षण 24 नवंबर यानी आज सुबह 10 बजे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक अज्ञात द्वीप से किया गया. मिसाइल से इस द्वीप समूह के एक अन्य वीरान द्वीप पर लगाए गए टारगेट को ध्वस्त किया गया. मिसाइल ने तय समय में अपने टारगेट को नेस्तानाबूत कर दिया. 
सोशल मीडिया पर भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) को बधाइयां मिलने लगी हैं. लोग डीआरडीओ के रक्षा वैज्ञानिकों की इस सफलता की तारीफ कर रहे हैं. चीन से करीब 8-9 महीने से सीमा विवाद और तनातनी के बीच पिछले कुछ दिनों में भारत ने कई मिसाइलों, टॉरपीडो, एंटी-मिसाइल सिस्टम आदि का सफल परीक्षण किया है. आज हुए परीक्षण का मकसद था मिसाइल के रेंज को बढ़ाना. जमीन से जमीन पर मार करने वाली इस मिसाइल की रेंज को बढ़ाकर 400 किलोमीटर किया गया है. 
ब्रह्मोस मिसाइल 28 फीट लंबी है. यह 3000 किलोग्राम वजन की है. इसमें 200 किलोग्राम के पारंपरिक और परमाणु हथियार लगाए जा सकते हैं. यह 300 किलोमीटर से 800 किलोमीटर तक की दूरी पर बैठे दुश्मन पर अचूक निशाना लगाती है. इसकी गति इसे सबसे ज्यादा घातक बनाती है. यह 4300 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हमला करती है. यानी 1.20 किलोमीटर प्रति सेकेंड. इसके छूटने के बाद दुश्मन को बचने का या हमला करने का मौका नहीं मिलता.  
आपको बता दें कि हाल ही में एक खबर आई थी जिसमें कहा गया था कि वियतनाम भारत की सबसे खतरनाक मिसाइल खरीदना चाहता है. इसके लिए अब तक बाधा थी रूस की सहमति, क्योंकि इस मिसाइल को रूस और भारत ने मिलकर बनाया है. लेकिन अब रूस ने इस मिसाइल के निर्यात की अनुमति दे दी है. अब भारत की ये शानदार मिसाइल वियतनाम में तैनात हो सकेगी. इससे दक्षिण चीन सागर में चीन को थो़ड़ा संभलकर रहना होगा.  
ब्रह्मोस के निर्यात की अनुमति ऐसे समय मिली है जब चीन के पड़ोसी देश वियतनाम ने भारत से यह मिसाइल खरीदने की इच्छा जताई है. वियतनाम भारत से ब्रह्मोस और आकाश एयर डिफेंस मिसाइलें लेना चाहता है. अगर डील हुई तो वियतनाम ये दोनों मिसाइलें अपने देश की सुरक्षा के लिए तैनात कर देगा. इससे चीन का खौफ दक्षिण चीन सागर और उसके आसपास के इलाके में कम होगा. साथ ही वियतनाम के साथ भारत का संबंध और मजबूत होगा. अगर यह डील होती है तो भारत को अगले पांच साल में 5 अरब डॉलर का निर्यात करना होगा. ब्रह्मोस के एक अधिकारी ने मॉस्को में बताया था कि अनुमति देने का कदम भारत और रूस के सामरिक रिश्तों और रक्षा सहयोग को नई ऊचाइंयों पर ले जाएगा. साल 2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि दुनिया के कई देश भारतीय मिसाइल खरीदने के इच्छुक हैं. कई देशों ने भारतीय मिसाइलों में अपनी रुचि दिखाई है. इनमें से वियतनाम भारत से ब्रह्माोस मिसाइल खरीदना चाहता है. 
चीन से परेशान तटीय देशों ने करीब एक दशक पहले ही भारत से आग्रह किया था कि वह उन्हें ब्रह्मोस मिसाइल दे. हालांकि चीन ने भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार आदि को कई तरह के संवेदनशील हथियारों का निर्यात कर भारत की सुरक्षा पर आंच डाली है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. 

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की. इस बैठक में कुल आठ राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए, जिसमें दिल्ली, गुजरात, बंगाल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मौजूद रहे. बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से अतिरिक्त बेड्स की मांग की गई, तो वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों से सतर्कता बरतने को कहा. पीएम मोदी इसके अलावा आज ही कोरोना वैक्सीन के वितरण पर भी चर्चा करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर बड़ा बयान दिया. पीएम मोदी ने कहा कि वैक्सीन कब आएगी, इसका वक्त हम तय नहीं कर सकते हैं बल्कि ये वैज्ञानिकों के हाथ में है. पीएम मोदी ने मंगलवार को आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में ये बात कही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ लोग इस मसले पर राजनीति कर रहे हैं, लेकिन किसी को राजनीति करने से नहीं रोका जा सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोरोना संकट पर हुई बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर शामिल नहीं हुए. इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक में बताया कि राज्य में अब सौ फीसदी RT-PCR टेस्ट हो रहे हैं. इसके अलावा अभी नाइट कर्फ्यू, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे मसलों पर भी एक्शन लिया जा रहा है. 
कोरोना संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जीएसटी बकाये का मुद्दा उठाया है. ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि केंद्र सरकार को राज्यों का जीएसटी बकाये का पैसा जारी करना चाहिए.

नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में कोरोना महामारी के फिर से तेजी से पैर पसारने से चिंतित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ आज एक अहम बैठक हो रही है। बैठक में दिल्ली के सीए अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को बताया कि बीते 10 नवंबर को दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर देखी गई है। उन्होंने कई मुद्दों से पीएम मोदी को अवगत भी कराया। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के साथ कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित आठ राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद हैं। यह बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो रही है। बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल समेत कई अन्य राज्यों के सीएम हिस्सा ले रहे हैं।
  बैठक के दौरान सीएम केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में 10 नवंबर को 8600 कोरोना मामलों के साथ तीसरी लहर देखी गई। उन्होंने कहा कि तब से मामले और पॉजिटिव दर लगातार कम हो रही है। तीसरी लहर की उच्च गंभीरता प्रदूषण सहित कई कारकों के कारण है। इन प्रभावित राज्यों में बीते दिनों कोरोना के मामलों में अचानक उछाल देखा गया है। पीएम मोदी आज एक अन्य बैठक भी करेंगे। इसमें कोरोना की वैक्सीन को लेकर चर्चा होगी। मीटिंग में पीएम मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर चर्चा करेंगे। दिल्ली में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। यहां लगातार चौथे दिन सौ से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है। बीते 24 घंटों में यहां 4,454 नए मामले सामने आए और 121 मरीजों की मौत हुई। मौत का आंकड़ा बढ़ने से दिल्ली में कोरोना बेकाबू लग रहा है। इस बीच, देश के कई राज्यों के शहरों में कोरोना के बेकाबू हालात के बीच नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। इन राज्यों में गुजरात और राजस्थान शामिल हैं। अहमदाबाद में नाइट कर्फ्यू 7 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। कर्फ़्यू रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुजरात में शादी और किसी भी धार्मिक प्रसंग को इजाजत नहीं दी जाएगी। गुजरात सरकार ने शादी, रिसेप्शन और अन्य समारोहों में 100 लोगों के शामिल होने की इजाजत दी है, इसके अलावा अंतिम संस्कारों में 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई है।

नई दिल्ली ।राजस्थान के एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया है। मौसम विभाग ने इसकी जानकारी दी। राज्य के बाकी इलाकों में भी अच्छी खासी सर्दी पड़ रही है। वहीं, मौसम विभाग ने अगले दो दिन में राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहने तथा हल्की बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। विभाग के अनुसार, बीती रविवार माउंट आबू में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मैदानी इलाकों में रात का न्यूनतम तापमान चुरू में 5.8 डिग्री, भीलवाड़ा में 7.0 डिग्री, पिलानी में 7.1 डिग्री, सीकर में 7.4 डिग्री, डबोक में 7.3 डिग्री, चित्तौड़गढ़ में 7.6 डिग्री, अजमेर में 9.2 डिग्री, गंगानगर में 9.4 डिग्री व सवाई माधोपुर में 10.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बीच, अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने का अनुमान है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक आरएस शर्मा के अनुसार, वर्तमान परिस्थिति के अनुसार 24-25 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, नागौर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू तथा आसपास के क्षेत्रों में 24 नवंबर को आसमान में बादल छाए रहेंगे तथा 25 नवंबर को इन जिलों में मेघगर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। उनके अनुसार, राज्य के अन्य स्थानों पर हल्के बादल व मौसम मुख्यतः शुष्क रहने तथा न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। कश्मीर के ज्यादातर मैदानी इलाकों में सोमवार को मौसम की पहली बर्फबारी हुई। घाटी के ऊंचाई पर स्थित क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बर्फबारी हुई, जिसके चलते घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाला श्रीनगर-लेह मार्ग बंद हो गया। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और श्रीनगर-लेह मार्ग के सोनमर्ग-जोजिला अक्ष के ऊंचाई पर स्थित इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जिसमें प्रशासन और लोगों से सतर्कता बरतने और तैयार रहने को कहा गया है। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू और सोनमर्ग-द्रास अक्ष पर कुछ स्थानों पर कश्मीर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई तथा कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी हुई। उत्तर कश्मीर के गुलमर्ग में रात के दौरान चार इंच तक बर्फ गिरी, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में दस सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि ऊंचाई पर स्थित इलाकों में बर्फबारी अंतिम रिपोर्ट आने तक हो रही थी। घाटी में कई स्थानों पर बारिश भी हुई। बर्फबारी के कारण श्रीनगर-लेह मार्ग के साथ-साथ घाटी को जम्मू क्षेत्र से जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग मुगल रोड भी बंद हो गया। जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में ताजा हिमपात एवं भूस्खलन के बाद जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए सोमवार को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि राजमार्ग बंद होने से इस पर 300 से अधिक वाहन फंस गए हैं। रामबन जिले में भूस्खलन के बाद यह सड़क अवरुद्ध हो गई। देश के शेष हिस्से से कश्मीर को जोड़ने वाला यह राजमार्ग सभी मौसम के अनुकूल है। उन्होंने बताया कि जवाहर सुरंग के पास हिमपात होने के बाद यातायात बंद कर दिया गया और यातायात के लिये सुचारू बनाने के उद्देश्य से काम जारी है। यातायात पुलिस के परामर्श में कहा गया है कि राजमार्ग की स्थिति के बारे में जानकारी लेने के बाद ही लोग यात्रा शुरू करें।

जम्मू । पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन के बीच जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में तनाव जारी है। इस बीच, नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास एक उड़ने वाली चीज दिखी है। इसे लेकर सुरक्षा बल सतर्क हो गए हैं। हालांकि यह अभी साफ नहीं हो पाया है कि ये उड़ने वाली वस्तु ड्रोन है या कोई और चीज। पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास एक उड़ने वाली वस्तु देखी गई है। माना जा रहा है कि यह ड्रोन हो सकता है। लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि यह ड्रोन है या कोई अन्य उड़ने वाली वस्तु है।
उड़ने वाली चीज ऐसे समय देखी गई है जब एलओसी एरिया में रोजाना गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं। बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ से रोज आतंकी घुसपैठ की कोशिश देखने को मिल रही है, जिसे सुरक्षाबल के जवान नाकाम कर दे रहे हैं। पाकिस्तान ने शनिवार को भी फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था जिसमें सेना का जवान शहीद हो गया था। पाकिस्तान ने राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में शनिवार शाम एक बार फिर नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया, जहां सुबह पाकिस्तान की गोलीबारी में सेना का एक जवान शहीद हो गया था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार शनिवार की शाम छह बजे पाकिस्तान ने फिर से राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास छोटे हथियारों से गोलीबारी की और मोर्टार से गोले दागे। पाटिल संग्राम शिवाजी नाम के एक सेना के हवलदार शनिवार की सुबह इसी क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में शहीद हो गए थे। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से जनवरी 2020 से अब तक 3,200 से अधिक सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में 30 नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि 110 से अधिक घायल हुए हैं।

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के आक्रमण से कोहराम मचा है. रोज करीब सैकड़ों मरीजों की मौत हो रही है. कोरोना को काबू में करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. लेकिन रोज हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं. लॉकडाउन से लॉक हटते ही कोरोना के खत्म होने के गुमान ने दिल्ली को एक बार फिर से गम के दरिया में धकेल दिया है.

यहां रोज करीब 100 मरीजों की होती मौत से दिल्ली सिसक रही है. कोराना का कहर ऐसा है कि अस्पतालों में बेड कम पड़ गए हैं. कहीं मौत से जूझते मरीज को बेड नसीब नहीं हो रहा है कही बिना इलाज के ही दम निकल रहा है. अब तक कोरोना से 8, 391 मरीजों की मौत हो गई है.

पिछले 6 दिन के आंकड़ों पर जरा नजर डालिए तो पता चलेगा कि कोरोना के प्रहार से कराहती दिल्ली का हाल क्या है.

22 नवंबर को 121 मौतें
21 नवंबर को 111 मौतें
20 नवंबर को 118  मौतें
19 नवंबर को 98 मौतें
18 नवंबर को 131 मौतें (एक दिन में होनेवाली मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा)
17 नवंबर को 99 मौतें (6 दिनों में कुल मौतें 678)
सरकार जागी तब तक देर हो चुकी थी. हालात बेकाबू हो चुके थे. अफरा-तफरी के माहौल में दिल्ली सरकार ने केंद्र से मदद मांगी. केंद्र ने 700 आईसीयू बेड देने का वादा किया. दिल्ली सरकार ने ताबड़तोड़ कई फरमान जारी कर दिए. अब निजी अस्पतालों के 80 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित हैं. एमबीबीएस और बीडीएस के सीनियर छात्रों को भी ड्यूटी में लगा दिया गया है.

वहीं, केंद्र सरकार भी डॉक्टर मुहैया कराने की मुहिम में जुटी है. लेकिन सरकार के तमाम जतन के बीच दिल्ली वालों को भी कोरोना से सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है. सरकार ने मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना 2000 कर दिया लेकिन इसकी जरूरत क्यों पड़ी. रोजमर्रा  की भागदौड़ में लोग कोरोना को नजरअंदाज करने की भूल कर रहे हैं जो बहुत महंगी पड़ रही है.

त्योहारों से पहले पीएम मोदी ने बार-बार देश को कोरोना के खतरे से आगाह किया. उन्होंने बार-बार कहा, मास्क और सोशल डिस्टेंसिग का सम्मान करें. दो गज की दूरी है जरूरी. जबतक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं. कोरोना जानलेवा है. इससे बचकर रहें. आप सुरक्षित रहेंगे तो आपका परिवार सुरक्षित रहेगा. समाज सुरक्षित रहेगा. ये हर एक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वो कोरोना से सतर्क और सावधान रहे. नियमों का सख्ती से नहीं बल्कि जिम्मेदारी समझकर पालन करें.

नई दिल्ली, दिल्ली के नंद नगरी इलाके के सुन्दर नगरी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता व आरटीआई कार्यकर्ता जुल्फिकार कुरैशी की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. जुल्फिकार को सुबह नमाज पढ़ने के लिए जा रहे थे. तब बदमाशों ने मस्जिद के बाहर जुल्फिकार को गोली मारी. इसके साथ ही बदमाशों ने जुल्फिकार कुरैशी के बेटे के उपर चाकू से हमला किया.

दिल्ली पुलिस ने बीजेपी नेता जुल्फिकार कुरैशी के बेटे को स्वामी दयानंद अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. इसके साथ ही मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है. लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर परिवार के लोगों से पूछताछ की जा रही है. अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

एक देश ऐसा है, जहां कोरोना वायरस के 60 लाख से ज्यादा केस हैं. कोविड-19 संक्रमण से 1.69 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. 54.30 लाख से ज्यादा लोग रिकवर भी हो चुके हैं लेकिन खतरा तो बना ही हुआ है. इसलिए यह देश दुनिया की पांच बेहतरीन कोरोना वैक्सीन को खरीदने का मन बना चुका है. यहां तक कि इस देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से बात भी कर चुके हैं.
इस देश का नाम है ब्राजील. ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कोरोना वैक्सीन बना रही दुनिया की पांच बड़ी कंपनियों से बात की. वैक्सीन खरीदने की इच्छा वाला पत्र इन कंपनियों को सौंपा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की माने तो स्वास्थ्य मंत्रालय फाइजर (Pfizer), भारत बायोटेक (Bharat Biotech), मॉडर्ना (Moderna), जैनस्सेन (Janssen) और रसियन डाटरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड से वैक्सीन के लिए बात हो चुकी है.
ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन चारों कंपनियों और रूसी अथॉरिटी को अपनी इच्छा जाहिर कर दी है. अभी ब्राजील का लीगल और टेक्निकल विभाग चारों कंपनियां और रूसी अथॉरिटी द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच कर रहा है. इसके बाद वह बताएगा कि इन पांचों से वैक्सीन खरीदने का सबसे बेहतरीन तरीका क्या होगा?
ब्राजील की सरकार पहले ही कोरोना वैक्सीन के 14.29 करोड़ डोज के लिए डील कर चुकी है. इतने डोज से ब्राजील की आबादी का एक तिहाई हिस्से को इम्यूनिटी दी जा सकती है. अभी तक ब्राजील की सरकार का मुख्य फोकस एस्ट्राजेनेका पीएलसी (AstraZeneca PLC) की वैक्सीन पर था क्योंकि ब्राजील की सरकार इस दवा कंपनी की वैक्सीन की सप्लाई करने का कॉन्टैक्ट हासिल कर चुकी है.
ब्राजील के सबसे बड़े राज्य साओ पाउलो के स्थानीय प्रशासन ने चीन के साइनोवैक बायोटेक (Sinovac Biotech) से एक डील की है. जिसके तहत साइनोवैक की कोरोना वैक्सीन का स्थानीय स्तर पर टेस्ट और उत्पादन किया जा सके. ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो जो चीन के आलोचक रहे हैं, वो भी चीन की वैक्सीन पर भरोसा जता चुके हैं. जबकि, इस भरोसे को लेकर उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया.

कोलकाता । पश्चिम बंगाल में भाजपा को ‘राजनीतिक दुश्मन नंबर एक’ करार देकर भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और भगवा दल को एक ही खाने में नहीं रखा जा सकता और वाम व कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में पहले ‘‘सबसे बड़े खतरे’’ का मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि पश्चिम बंगाल में ‘विभाजनकारी ताकतों’ का मुकाबला करने के लिए माकपा में ‘भाजपा विरोधी आक्रमकता की कमी है। भट्टाचार्य ने कहा कि कांग्रेस को इन दोनों पार्टियों के गठबंधन में प्रमुख भूमिका नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे वामदल को बहुत लाभ नहीं होगा।
दीपांकर भट्टाचार्य ने दावा किया कि भगवा दल का सामना करना वर्तमान में देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने सभी लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष ताकतों का आह्वान कर अगले साल अप्रैल-मई महीने में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को ‘प्रधान राजनीतिक दुश्मन के तौर पर लें। उन्होंने कहा, बिहार के विपरीत, जहां केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार थी, पश्चिम बंगाल की स्थिति अलग है जहां तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है। तृणमूल कांग्रेस की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है और हमें उसका भी विरोध करना होगा।’’
भट्टाचार्य ने कहा,लेकिन एक बात साफ कर दूं, कि तृणमूल कांग्रेस और भाजपा को एक ही खाने में नहीं रखा जा सकता। बंगाल में भाजपा को प्रधान राजनीतिक शत्रु के रूप में पहचान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में गैर भाजपा सरकार है, जो कुशासन और भ्रष्टाचार से घिरी हुई है, इसके बावजूद लोगों को भगवा दल का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा,मुख्य ध्यान भाजपा पर होना चाहिए। भगवा पार्टी बड़ा खतरा है। भट्टाचार्य ने रेखांकित किया कि आरजेडी बिहार की सत्ता में थी तब माकपा (माले) लिब्रेशन राजद के साथ-साथ भगवा दल के खिलाफ लड़ी थी। माकपा के कुछ नेताओं द्वारा तृणमूल कांग्रेस को पहले हराने संबंधी बयान पर भट्टाचार्य ने कहा कि यह अव्यावहारिक रुख है।
उन्होंने कहा, अगर आप इस सिद्धांत के साथ जाते हैं, कि भाजपा का मुकाबला करने के लिए पहले तृणमूल कांग्रेस को हराना चाहिए तब,तो इस समय केंद्र सरकार का विरोध करने की जरूरत नहीं है। हमें भाजपा को सभी राज्यों में आने का इंतजार करना चाहिए और इसके बाद विरोध शुरू करना चाहिए। यह अव्यावहारिक रुख है। उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार वाम दलों और पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बड़ा खतरा है। भट्टाचार्य ने कहा कि भारत में कोई पार्टी नहीं है जो भाजपा से अधिक खतरनाक है। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में इससे ज्यादा स्याह दौर नहीं आया।’’
कम्युनिस्ट पार्टी के नेता ने राज्य में भाजपा को कड़ी टक्कर नहीं देने पर वैचारिक कॉमरेड माकपा की निंदा की। उन्होंने कहा, माकपा में भाजपा विरोधी आक्रमकता नहीं दिख रही है। पश्चिम बंगाल में वाम के उदय की जरूरत है और इसके लिए संघर्ष और जन आंदोलन की जरूरत है। माकपा उम्मीदों पर खरा उतरने में असफल हुई है।’’ पश्चिम बंगाल में वाम-कांग्रेस गठबंधन पर भट्टाचार्य ने कहा कि इससे पुरानी पार्टी (कांग्रेस) को अधिक लाभ हुआ।

लखनऊ । भारतीय जनता पार्टी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर निशाना साधाकर कहा कि अब कांग्रेस शांति की ओर लौट रहे जम्मू-कश्मीर को अशांत कर और अलगाववादियों के हौसलों को बढ़ाने के लिए गुपकार समझौते में शामिल हुई है। शनिवार को स्वतंत्र देव पार्टी के राज्य मुख्यालय पर लखनऊ खण्ड शिक्षक स्नातक क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर आयोजित बैठक में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल देश की एकता व अखण्डता और सामाजिक ताने बाने में आग लगाने की साजिश में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम सब ने देखा था कि प्रदेश में उपचुनाव से पहले किस तरह विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश में जातीय हिंसा भड़काने का कुचक्र रचा था, लेकिन योगी सरकार की दक्षता से उनके मंसूबे सफल नहीं हो सके। जनता ने भी उपचुनावों में इन्हें नकार दिया।
इसके बावजूद अब कांग्रेस शांति की ओर लौट रहे जम्मू.कश्मीर को अशांत कर और अलगाववादियों के हौसलों को बढ़ाने के लिए गुपकार समझौते का अंग बनी हुई है। जिस चीन और पाकिस्तान के खिलाफ हमारे जवान लड़ रहे हैं और पूरा देश उन जवानों के पीछे खड़ा है। कांग्रेस सहित दूसरे विपक्षी दल धारा 370 खत्म करने के लिए चीन और पाकिस्तान की मदद लेने की बात कर रहे हैं। वोट हित के लिए देश हित को दांव पर लगाने वाली इन पार्टियों का चेहरा जनता के बीच जाकर बेनकाब करने का काम कार्यकर्ता करें।"

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