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नई दिल्ली । देश में भारी वाहन बनाने वाली मशहूर कंपनी हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लेलैंड की कुल वाणिज्यिक वाहन बिक्री अक्टूबर में एक प्रतिशत बढ़कर 9,989 इकाई पर पहुंच गई। पिछले साल समान महीने में कंपनी ने 9,862 वाहन बेचे थे। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी अक्टूबर में घरेलू बाजार में उसकी बिक्री दो प्रतिशत घटकर 8,885 इकाई रह गई, जो एक साल पहले 9,079 इकाई रही थी। समीक्षाधीन महीने में कंपनी की भारी और मध्यम वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 11 प्रतिशत घटकर 4,588 इकाई रह गई। अक्टूबर, 2019 में यह आंकड़ा 5,131 इकाई रहा था। हालांकि, इस दौरान कंपनी के हल्के वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 14 प्रतिशत बढ़कर 5,401 इकाई पर पहुंच गई, जो एक साल पहले समान महीने में 4,731 इकाई रही थी।

 

लखनऊ । वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा ग्रहण लगा गया था जिसके फलस्वरूप काफी नुतसान हुआ। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ को भी कोविड 19 ने खूब नुकसान पहुंचाया, लेकिन अब योगी सरकार को अनलॉक के बाद जबरदस्त फायदा हो रहा है। तीज-त्योहारों के सीजन और लोगों की शॉपिंग का सीधा फायदा सरकार की जेब में जा रहा है। बाजार में रफ्तार आने के बाद उत्तर प्रदेश को आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण में गिरावट के साथ ही आर्थिक मोर्चे पर प्रदेश सरकार को फायदा होने लगा है। दशहरा, नवरात्र और दिवाली के लिए जमकर हुई खरीदारी से योगी सरकार की अक्टूबर की कमाई 10 हजार करोड़ पहुंच चुकी है। अनलॉक के बाद बाजार को रफ्तार देने की कोशिश का नतीजा ही है कि अक्टूबर में कमाई 9995.2 करोड़ पहुंच गई है। वेट, स्टांप रजिस्ट्रेशन, वाहन कर, विद्युत कर, समेत कई सेक्टर्स में राजस्व मिलने के बाद सरकार को ये फायदा हुआ है।
उत्तर प्रदेश में राज्य वस्तु और सेवा कर सितंबर 2020 में जहां 1695.82 करोड़ था वहीं अक्टूबर 2020 में बढ़कर 3027.35 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं राज्य उत्पाद शुल्क जो सितंबर 2020 में 2141.27 करोड़ था, वो अक्टूबर 2030 में 2089.34 करोड़ रुपये हो गया। स्टांप एवं पंजीकरण शुल्क 1436.92 करोड़ों रुपए था, वहीं अक्टूबर 2020 में ये 1603.17 करोड़ रुपए हो गया। बिक्री व्यापार सितंबर 2020 में 1706 करोड़ों रुपए था वहीं अक्टूबर में 1784.67 करोड़ों रुपए हो गया। वाहन कर में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। वाहन कर सितंबर 2020 में 439.61 करोड़ों रुपए था वहीं अक्टूबर 2020 में 486.08 करोड रुपए रहा। इसके अलावा भूतत्व और खनिकर्म में भी बढ़ोतरी देखने को मिली जिसमें सितंबर 2020 में 182.88 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था, वहीं अक्टूबर 2020 में 243.36 करोड़ों रुपए कमाई हुई।

नई दिल्ली । वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बेहाल देश में कारोबार को पटरी पर लाने और युवाओं के रोजगार के लिए सरकार एक और राहत पैकेज लाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने इस बारे में जानकारी दी है। वित्त सचिव के मुताबिक, सरकार एक दूसरे स्टिमुलस पैकेज पर काम कर रही है। ये पैकेज कब तक आएगा इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। वित्त सचिव अजय भूषण पांडे ने एक इंटरव्यू में बताया कि सरकार लगातार जमीनी स्तर तक स्थिति की निगरानी कर रही है। इसके साथ ही इकोनॉमी को बूस्ट देने के लिए और सेक्टर के हिसाब से मदद मुहैया कराने का प्लान कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम उद्योग निकायों, व्यापार संघों, विभिन्न मंत्रालयों से सुझाव समय-समय पर लेते रहते हैं। इसके साथ ही पांडेय ने कहा कि वह इस पैकेज के आने का कोई तय टाइमफ्रेम नहीं बता सकते, लेकिन हां सरकार इस पर काम कर रही है और आगे की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श हो रहा है। इकोनॉमी की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था ठीक होने की राह पर है। सरकार की ओर से किए जा रहे लगातार प्रयासों से इकोनॉमी विकास की ओर बढ़ रही है। इसके अलावा अक्टूबर का जीएसटी संग्रह 105,155 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के इसी महीने के लिए सालाना आधार पर 10 फीसदी अधिक है। इसके अलावा, देश ने बिजली की खपत, निर्यात और आयात में वृद्धि देखी है।
इसके अलावा वित्त सचिव ने कहा कि इस बार जीएसटी कलेक्शन बढ़ेगा। इकोनॉमी सुधार के साथ-साथ विकास भी कर रही है। इस साल की अप्रैल-अक्टूबर तिमाही की बात करें तो इस दौरान सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 22 प्रतिशत घटकर 4.95 लाख करोड़ रुपये रहा। उन्होंने कहा कि अगर टैक्स सिस्टम में सुधान नहीं होता तो देश में महामारी का असर और भी ज्यादा होता। पिछले साल हमने फेसलेस मूल्यांकन, फेसलेस अपील, एसएफटी (वित्तीय लेनदेन का बयान), टीडीएस लागू करके नकद निकासी पर रोक जैसे कदम उठाए।

 

इकोनॉमी के मोर्चे पर चिंता की बात, अक्टूबर में बढ़ गई बेरोजगारी

लॉकडाउन में नरमी के बाद आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, इसकी वजह से पिछले कई महीनों में बेरोजगारी में कुछ राहत मिली थी, लेकिन अक्टूबर में यह फिर से बढ़ गई है. इसकी वजह यह हो सकती है कि कृषि क्षेत्र का अस्थायी रोजगार कम हो रहा है.

अक्टूबर में बढ़ गई बेरोजगारी

लॉकडाउन में नरमी के बाद बेरोजगारी में राहत मिली थीअक्टूबर में फिर बेरोजगारी की दर ​बढ़ गई हैCMIE के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र की बेरोजगारी बढ़ी
रोजगार के मोर्चे पर अक्टूबर माह ने फिर चिंता बढ़ाई है. अक्टूबर में देश में बेरोजगारी दर बढ़कर 6.98 फीसदी पहुंच गई है. निजी थिंक टैंक सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़ों से यह बात सामने आई है. सितंबर में बेरोजगारी की दर 6.67 फीसदी थी.

लॉकडाउन में नरमी के बाद आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, इसकी वजह से पिछले कई महीनों में बेरोजगारी में कुछ राहत मिली थी, लेकिन अक्टूबर में यह फिर से बढ़ गई है. इसकी वजह यह हो सकती है कि कृषि क्षेत्र का अस्थायी रोजगार कम हो रहा है.

दरअसल अनुमान लगाया जा रहा था कि जैसे-जैसे अनलॉक की तरफ देश बढ़ेगा, रोजगार की स्थिति और बेहतर होगी. लेकिन अक्टूबर के और इसके पहले अगस्त में आंकड़े बेहतर नहीं आए हैं. इससे पहले कुल बेरोजगारी दर जून में 10.99 फीसदी पर पहुंच गई थी.

शहरी बेरोजगारी में गिरावट

इस दौरान शहरी बेरोजगारी में गिरावट आना राहत की बात है. आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में शहरी बेरोजगारी 7.15 फीसदी थी, जबकि सितंबर में यह 8.45 फीसदी थी.

ग्रामीण बेरोजगारी बढ़ी

हालांकि, इस दौरान ग्रामीण बेरोजगारी में बढ़त हुई है. ग्रामीण बेरोजगार बढ़कर 6.90 फीसदी पहुंच गया, जबकि सितंबर में यह 5.86 फीसदी था.

सबसे ज्यादा बेरोजगारी हरियाणा में

राज्यों की बात करें तो सबसे ज्यादा 27.3 फीसदी की बेरोजगारी दर हरियाणा में देखी गई है, इसके बाद राजस्थान में 24.1 फीसदी और जम्मू-कश्मीर में 16.1 फीसदी की बेरोजगारी दर रही है.


जुलाई में आए थे बेहतर आंकड़े

रोजगार में मोर्चे पर जून के मुकाबले जुलाई में बेहतर आंकड़े सामने आए थे. उम्मीद की जा रही थी कि धीरे-धीरे आंकड़े और बेहतर होंगे. लेकिन आंकड़ों ने एक बार फिर निराश किया है. जुलाई के मुकाबले अगस्त में रोजगार के अवसर घटे और अब अक्टूबर में ​फिर बेरोजगारी बढ़ी है.

 

नई ‎दिल्ली । अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्रों (आरईसी) का कारोबार चार महीने के अंतराल के बाद 25 नवंबर से फिर शुरू होने की उम्मीद है। बिजली अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) ने आरईसी मूल्य के मुद्दे पर सुनवाई पूरी कर ली है और वह इस पर जल्द अंतिम फैसला सुना सकता है। आरईसी या हरित प्रमाणपत्रों की खरीद-फरोख्त इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) तथा पावर एक्सचेंज इंडिया (पीएक्सआईएल) में प्रत्येक माह के आ‎खिरी बुधवार को होती है। केंद्रीय बिजली नियामक आयोग (सीईआरसी) द्वारा आरईसी का न्यूनतम मूल्य तय करने से संबंधित तीन अलग-अलग याचिकाओं की सुनवाई करते हुए एपीटीईएल ने इस साल जुलाई में हरित प्रमाणपत्रों की खरीद-फरोख्त को चार सप्ताह तक स्थगित कर दिया था। पीएक्सआईएल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रभजीत कुमार सरकार ने कहा ‎कि न्यायाधिकरण ने इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली है और अपना फैसला सुरक्षित रखा है। ऐसे में 25 नवंबर से आरईसी का कारोबार फिर शुरू होने की उम्मीद है।

 

नई ‎दिल्ली । ‎‎पिछले सप्ताह सेंसेक्स की 10 प्रमुख कंपनियों में से नौ के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में 1,63,510.28 करोड़ रुपए की गिरावट आई। सबसे अधिक नुकसान में रिलायंस इंडस्ट्रीज रही। समीक्षाधीन सप्ताह में कोटक महिंद्रा बैंक को छोड़कर शीर्ष 10 की सूची की अन्य कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में गिरावट आई। कोटक महिंद्रा बैंक का बाजार पूंजीकरण 32,570.94 करोड़ रुपए बढ़कर 3,06,331.09 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। सप्ताह के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज की बाजार हैसियत सबसे अधिक 39,355.06 करोड़ रुपए घटकर 13,89,159.20 करोड़ रुपए, एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 28,574.61 करोड़ रुपए घटकर 6,51,518.11 करोड़ रुपए, इन्फोसिस का बाजार पूंजीकरण 26,152.79 करोड़ रुपए घटकर 4,51,753.23 करोड़ रुपए, एचडीएफसी का बाजार मूल्यांकन 24,844.93 करोड़ रुपए घटकर 3,45,287.89 करोड़ रुपए, हिंदुस्तान यूनिलीवर का 16,858.07 करोड़ रुपए घटकर 4,86,898.54 करोड़ रुपए, आईसीआईसीआई बैंक के बाजार पूंजीकरण में 16,754.64 करोड़ रुपए की गिरावट के साथ 2,70,736.06 करोड़ रुपए, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की बाजार हैसियत 8,105.15 करोड़ रुपए घटकर 9,99,954.24 करोड़ रुपए, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का बाजार मूल्यांकन 2,455.87 करोड़ रुपए की गिरावट के साथ 2,28,816.24 करोड़ रुपए तथा भारती एयरटेल का मूल्यांकन 409.16 करोड़ रुपए घटकर 2,36,552.97 करोड़ रुपए रह गया। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज शीर्ष पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इन्फोसिस, एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एयरटेल और एचसीएल टेक्नोलॉजीज का स्थान रहा।

 

अहमदाबाद । अहमदाबाद-स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सीप्लेन सेवा को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया के चलते स्पाइसजेट ने कहा कि उसने दक्षिण गुजरात में सूरत को केवडिया से जोड़ने के लिए ऐसी ही सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। केवडिया में सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थित है, जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के नाम से विख्यात है। स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि सीप्लेन सेवा के लिए जो अन्य मार्ग और गंतव्य विचाराधीन हैं, उनमें पोर्ट ब्लेयर से हैवलॉक, दिल्ली से हरिद्वार, दिल्ली से ऋषिकेश और नैनी झील, उदयपुर, डल झील, लेह शामिल हैं। सिंह ने कहा ‎कि हमें इस तरह की सेवा शुरू करने के लिए नदियों और झीलों जैसे जल निकायों की जरूरत है। हम अब सूरत और केवडिया के बीच सीप्लेन सेवा शुरू करने की योजना बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां अहमदाबाद के लिए सीप्लेन सेवा का शुभारंभ किया। सड़क मार्ग से केवडिया से अहमदाबाद पहुंचने में लगभग चार घंटे लगते हैं। यह सेवा स्पाइसजेट की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी स्पाइस शटल ने शुरू की है।

 

मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने जियो पेमेंट्स बैंक पर 1 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर की दोबारा नियुक्ति की जानकारी देरी से देने पर यह जुर्माना लगाया गया है। आरबीआई ने कहा है कि नियमों का पालन नहीं करने पर यह जुर्माना लगाया गया है। पेमेंट्स बैंक ने सेक्शन 47(1) (सी) का उल्लंघन किया है। आरबीआई का कहना है कि जियो पेमेंट्स बैंक ने किसी भी ट्रांजेक्शन को पूरा करने की तय समयसीमा के रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन किया है।

नई दिल्ली । एशिया के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को दूसरी तिमाही में 9500 करोड़ से अधिक का समेकित शुद्ध लाभ हुआ है। हालांकि, यह पिछले वर्ष की तिमाही से 15 फीसदी कम है। आरआईएल ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी की आय भी पिछले वर्ष की तुलना में घटी है। आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी के प्रदर्शन को बेहतर करार दिया है। फिलहाल, आरआईएल का मार्केट कैप 13.52 लाख करोड़ है।
जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में आरआईएल ने 9,567 करोड़ रुपए का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया। पिछले साल की समान अवधि में यह 11,262 करोड़ रुपए था। इसमें 15.02 फीसदी की कमी हुई है। कंपनी की आय भी घट गई है। 2020-21 की दूसरी तिमाही में यह 1.2 लाख करोड़ रुपए रही, जो गत वर्ष इसी तिमाही में 1.56 लाख करोड़ रुपए थी। शेयर बाजार को दी जानकारी के मुताबिक, समीक्षावधि में कंपनी की परिचालन आय 33 फीसदी बढ़कर 17,481 करोड़ रुपए रही। 2019-20 की इसी अवधि में कंपनी की आय 13,130 करोड़ रुपए थी।
वहीं, रिलायंस की सहायक कंपनी रिलायंस जियो ने 2,844 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह आंकड़ा तिमाही-दर-तिमाही के हिसाब से 13 फीसदी अधिक और साल-दर-साल के आधार पर 185 फीसदी ज्यादा है।

 

नई दिल्ली । जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) का कुल एकीकृत घाटा जुलाई-सितंबर तिमाही में और बढ़कर 706.49 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की इसी तिमाही में कंपनी का एकीकृत घाटा 399.31 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसकी कुल एकीकृत आय बढ़कर 9,137.43 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल इस अवधि में यह 7,688.62 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही देश में पूरे इस्पात उद्योग के लिए सही रही है। लॉकडाउन के बाद माहौल का सामान्य होने के साथ ही घरेलू मांग का बढ़ रही है। समीक्षावधि में कंपनी का इस्पात उत्पादन एकल आधार पर 18.4 करोड़ टन और बिक्री 19.3 करोड़ टन रहा। यह कंपनी का सर्वोच्च उत्पादन एवं बिक्री स्तर है। कंपनी का निर्यात इस अवधि में 7.4 लाख टन रहा।

 

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