ईश्वर दुबे
संपादक - न्यूज़ क्रिएशन
+91 98278-13148
newscreation2017@gmail.com
Shop No f188 first floor akash ganga press complex
Bhilai
Google Analytics —— Meta Pixel
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में पीडि़त और शोषित महिलाओं को आसरा देने के लिए उजाला होम की स्थापना की गई थी लेकिन यहां के संचालक और कर्मचारियों ने इन शोषित महिलाओं का ही शोषण कर डाला। यहां से बाहर निकली पीडि़त महिलाओं ने यहां तक आरोप लगाया है कि उज्जवला में सेक्स रैकेट चलाया जाता था उनमें संस्था के संचालक सहित कर्मचारी और अन्य सभी लोग शामिल है। अनावश्यक रूप से उन पर दबाव डालकर सेक्स करने के लिए मजबूर किया जाता था। ऐसा नहीं करने पर उनके साथ मारपीट हो जाती थी। गाली गलौज और हिंसक व्यवहार तो आम बात थी। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर शहर में हाईकोर्ट होने की वजह से यहां सभी को न्याय मिलता है और यही छवि बिलासपुर शहर की बताई जाती है। लेकिन इन दिनों छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर की एक और ही छवि बन रही है यहां पीडि़त और शोषित महिलाओं को आसरा देने के लिए उज्जवला होम्स के नाम से एक संस्था चलाई जाती है जहां पहुंचने वाली शोषित महिलाओं का भी शोषण हो जाता है।
यहां से बाहर निकली पीडि़त महिलाओं ने इस बात की लिखित में शिकायत की है। इनका कहना है कि यहां बड़े ऑर्गेनाइज ढंग से सेक्स रैकेट चलाया जाता है। यहां पहुंचने वाली महिलाओं को जबरिया सेक्स रैकेट में शामिल होने के लिए दबाव डाला जाता है। मना करने पर उनके साथ मारपीट गाली-गलौज और हिंसक व्यवहार की जाती है। इस पूरे मामले में जब उन्होंने हिम्मत कर पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने शिकायत लिखने से भी मना कर दिया। आखिरकार जब पूरा मामला मीडिया में आया और पुलिस प्रशासन पर दबाव बना तो इस पर शिकायत दर्ज कर ली गई है। लेकिन जांच की रफ्तार बेहद धीमी है। इन्हीं में से एक शिकायतकर्ता ने बताया कि किस तरह से उसके साथ दैहिक शोषण और अत्याचार होता था और इस मामले पर उसने उज्जवला होम्स के संचालक, कर्मचारी और कई अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां तक कि पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
कथन: पूजा सिंह, बदला हुआ नाम ( शिकायकर्ता)
इसकी शिकायत की तो उन्होंने कहा तुम क्या करोगी मेरे साथ गाली गलौज की गई और जब मैं पहले दिन गई तो मुझे यही बोला गया कि नीचे मस्त आइटम आई है और मुझे चरित्रहीन तक बोल रहे थे मैं 2 महीने से वहां थी और चौथे दिन के बाद से ही उन्होंने मेरे साथ गलत हरकत किया जितेंद्र मौर्य ने ऐसा किया तो मैंने कहा कि आपके खिलाफ आवाज उठाऊंगी जितेंद्र मौर्या वहां के संचालक है तो उन्होंने मुझे धमकी दी और टॉर्चर करने लगा मेरे साथ मारपीट करने लगा इस बीच मेरे साथी के एक हस्बैंड आए और उन्हीं की वजह से हम बाहर निकल पाए जब हम थाना रिपोर्ट लिखाने गए तो वहां भी एक महिला पुलिस वाली ने हमारे बयान बदला दिए उन्होंने कहा ऐसे नहीं इस तरह से बयान लिखो।
उज्जवला होम्स में सेक्स रैकेट की खबर ने अखबारों की सुर्खियां बटोर ली है। जिसकी वज़ह से सतर्क हुआ पुलिस विभाग और इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग ने भी इस पूरे मामले में संज्ञान लिया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला काफी गंभीर है। सरकंडा के राजकिशोर नगर स्थित उज्वला होम्स में कई युवतियां रहती हैं। उन्होंने इस संबंध में कुछ गंभीर शिकायतें थाने में की है। पुलिस इस पूरे मामले में गंभीरता से जांच कर रही है।
उमेश कश्यप, एडिशनल एसपी बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार महिला और बच्चे संबंधी अपराध को गंभीरता से लेने और उसे समय पर निपटारा करने के लिए पुलिस विभाग पर दबाव बनाती है। जिला प्रशासन इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद होने का दावा भी करती है । इन सब के बीच उज्वला होम्स में कथित तौर पर सेक्स रैकेट चलाए जाने की खबर अब पुलिस प्रशासन के प्रयासों पर सवालिया निशान खड़ा कर रही हैं? इस मामले में कितनी सच्चाई है और जांच रिपोर्ट में क्या कुछ निकल कर बाहर आता है यह निकट भविष्य में स्पष्ट हो जाएगा।