ईश्वर दुबे
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बिलासपुर । सिम्स में हुए भर्ती घोटाले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा यह भर्ती कांड बिलासपुर का चर्चित और विवादित मुद्दा रहा है, इन्क्वारी रिपोर्ट को लेकर अफसरों से हर बिंदु पर चर्चा करने के बाद मामले से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
स्थापना के 12 साल बाद सिम्स में भर्ती हुई तो जिम्मेदार अफसरों ने नियम कायदे को ताक पर रख अपने पत्नी, साले, भाई, बहु , भतीजे की नियुक्ति कर दी। भर्ती प्रक्रिया के नियमों की इस कदर धज्जियां उड़ाई गयी कि पढ़े लिखे और वर्षों से नियमितीकरण की आस लगाए बैठे सेवारत कर्मचारी बेरोजगार होकर सड़क पर आ गए।
जब हो हल्ला मचा तो माहौल को शांत करने जांच-जांच का खेल खेला गया औऱ मामला ठंडा हुआ तो फाइल रद्दी की टोकरी में डाल दी गईं । परन्तु लोक आयोग के तत्कालीन डीन विष्णुदत्त द्वारा गठित 3 सदस्यीय कमेटी ने गड़बडिय़ों को परत दर परत उघाड़ साफ टीप दे दी। जांच कमेटी ने बिंदुवार गड़बडिय़ों का जिक्र करते हुए अगस्त 2016 में ही अपनी रिपोर्ट दे दी थी, जिसमें कहा गया है कि पूर्व डीन के द्वारा की गई नियुक्तियां सेवा भर्ती नियम 2011 के विपरीत तथा विरुद्ध है तथा उनमें हर चरण में अनियमितता बरती गई है।
जांच कमेटी ने ये गिनाई गड़बडिय़ां
1.शासन की अनुमति भर्ती नियम के तहत चार सदस्यीय चयन समिति बनाना था, पूर्व डीन ने चयन समिति ही नही बनाई।
2. फार्मासिस्ट वर्ग-2 के लिए वांछित आहर्ता 12 वी जीवविज्ञान था, परन्तु गणित विषय लेकर पास हुए आवेदक को नियुक्ति दे दी गयी। ये 1 सहायक ग्रेड-2 का साला है, इसके अलावा उसकी पत्नी और अन्य रिस्तेदारो को नौकरी दे दी गयी।
3. प्रशासनिक अफसर की पत्नी की डिग्री और अन्य आवश्यक दस्तावेज का पता नही नियुक्ति दे दी गयी।
4. प्रमाण पत्र नहीं था तो उड़ीसा कालाहांडी के एक स्कूल के स्कूल रिलीविंग प्रमाण पत्र महिला को नियुक्ति दे दी गयी। ये सर्टिफिकत उड़ीसा की है जबकि आवेदिका ने अपने आवेदन के बिंदु क्रमांक 10 में कक्षा 5 फरहदा उत्तरप्रदेश से उत्तीर्ण करना बताया है।
लॉफ्टर चैलेंज से कम नहीं पूरी प्रक्रिया
ऐसी कई गड़बडिय़ां है, यकीन मानिए कमेटी की रिपोर्ट और पढ़े लिखे अफसरो की करतूत देख आप हँसी नहीं रोक पाएंगे। सिम्स की भर्ती प्रक्रिया बेहद विवादित मुद्दा रहा है। इन्क्वारी की रिपोर्ट आ गयी है अफसरो के साथ बैठकर हर एक बिंदू पर चर्चा करेंगे कि क्या मापदण्ड तय था। यदि छत्तीसगढ़ के मूलनिवासियो के लिए भर्ती थी तो दीगर प्रांत के लोगो की नियुक्ति कैसे की गई हर पहलू की पड़ताल करा दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी, किसी को भी नही बख्शा जाएगा।
-टीएस सिंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ शासन