ईश्वर दुबे
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एमआईसी सदस्य खोखर ने प्रदर्शनी स्थल की मांग रखी महापौर के समक्ष
दुर्ग। छत्तीसगढ़ कलाकृति जगार मेला का महापौर धीरज बाकलीवाल ने फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर नगर निगम दुर्ग के स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इसके अलावा जागृति महिला समिति की अध्यक्ष रेहाना परवीन एवं मेला के संयोजक सुजाअत अली,
पूर्व पार्षद संजय सिंह, पूर्व सभापति राजकुमार नारायणी एवं युवा भाजपा नेता नितेश साहू, रमेश शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए।
इस अवसर पर महापौर बाकलीवाल ने छत्तीसगढ महतारी की पूर्जा अर्चना करने के साथ ही मेला में लगे सामानों के स्टाल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि शीतला मंदिर प्रांगण में आयोजित इस मेला में देश के अन्य प्रांतों से आये हस्त शिल्प के कलाकारों और कारीगरों को मैं बधाई देता हूं कि उनका व्यापार अच्छे से चले और उन्हें प्रोत्साहन मिले। श्री बाकलीवाल ने आगे कहा कि हस्तकला और हस्त शिल्प का अलग ही महत्व होता है। उन्होंने आचार्य विद्या सागर जी महाराज का उदाहरण देतेहुए कहा कि महाराज अपने प्रवचनों में अक्सर कहा करते थे कि
जो भी वस्तु हाथ से बनाई होती है, वह बहुत ही अच्छी होती है और उससे तन और मन बहुत ही बढिया रहता है। इस दौरान एमआईसी सदस्य हमीद खोखर ने महापौर के सामने यह प्रस्ताव रखा कि दुर्ग क्षेत्र में एक प्रदर्शनी स्थल सिविल लाईन के आस पास बनाया जाये जिससे देश के अन्य प्रांतों से ऐसे प्रदर्शनियों में आने वाले हस्तशिल्प के दुकानदारों और स्थानीय लोगों दोनो को लाभ मिल सके। इसके अलावा ऐसे प्रदर्शनियों के लिए जगह सुरक्षित रखने से निगम को भी राजस्व मिलेगा। इस पर महापौर बाकलीवाल ने इस प्रस्ताव के लिए हमीद खोखर की सराहना करते हुए कहा कि आपका प्रस्ताव बहुत ही बढिया है, इकसो विधायक अरूण वोरा से कहकर और प्रस्ताव बना राज्य सरकार को भेजकर इसपर जल्द काम शुरू करेंगे।
इस दौरान मेला के संयोजक सुजाअत अली ने बताया कि यह मेला पूर्णत: नि:शुल्क है यहां तक की पार्किंग भी नि:शुल्क रखी गई है। उन्होंने आगे बताया कि यह मेला प्रतिदिन रात्रि 10 बजे तक चालू रहता है और यह मेला आगामी 17 फरवरी तक ही रहेगा। लोगों के मनोरंजन के लिए प्रतिदिन शाम को अलग अलग विधाओं को कलाकारों का सांस्कृति कार्यक्रम भी रखा जा रहा है। जो इस मेला में सभी सामान हस्त निर्मित, हस्तशिल्प और हैंडीक्राफ्ट द्वारा तैयार किया गया है। इसमें कोई भी सामान बाजारों से नहीं है।