जंगी बेड़े में अपाचे के शामिल होने से बढ़ी IAF की ताकत, अब संभल के रहेंगे पाक और चीन Featured

हिन्दुस्तान के हौसलो को और भी अधिक ताकतवर और मजबूत बनाने के लिए अमेरिका निर्मित आठ ‘अपाचे एएच-64ई’ लड़ाकू हेलीकॉप्टर आज वायुसेना में शामिल किए गए। अपाचे हेलिकॉप्टर्स को पठानकोट एयरबेस पर तैनात किया गया। इस दौरान एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ भी पठानकोट में मौजूद रहे। ये वही पठानकोट एयरबेस है जहां पर साल 2016 में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने हमला किया था। लेकिन अब भारत की बढी हुई ताकत देखकर पाकिस्तान यह गलती फिर से नहीं दोहराएगा। एयरबेस पर वायुसेना में शामिल होने से पहले अपाचे हेलीकॉप्टर की विधिवत पूजा हुई और पारम्परिक तौर पर इसे जंगी बेड़े में शामिल किया गया। भारतीय वायुसेना को लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे की फ्लीट मिल चुकी है। इसी के साथ भारतीय सीमाएं और भी ज्यादा सुरक्षित हो गई हैं।  इस लड़ाकू हेलीकॉप्टर का निर्माण अमेरिका के एरिजोना में हुआ है। इस तरह के कुल 22 हेलीकॉप्टर अमेरिका भारत को मुहैया कराने वाला है। दुनिया का सबसे आधुनिक माना जाने वाला बोइंग निर्मित AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर को चीन और पाकिस्तान की सीमा में तैनात किया जाएगा। इस हेलीकॉप्टर को अमेरिकी सेना के सबसे एडवांस हेलीकॉप्टर प्रोग्राम के लिए बनाया गया था, जिसकी मदद से अमेरिका ने इराक में खाड़ी के युद्ध के साथ-साथ अफगानिस्तान में आतंकियों के कैंप पर हमला किया था। हालांकि अमेरिका के साथ-साथ अपाचे हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल इजरायल, इजिप्ट और नीदरलैंड की सेनाएं करती हैं।

वायुसेना ने पठानकोट स्थित अपाचे की स्कॉवड्रन को ग्लैडिएटर नाम दिया है। इस स्कॉवड्रन का मोटो है 'बलिदान वीरस्य भूषणम' यानि बलिदान ही वीरों का आभूषण है।

जंगी जहाज अपाटे में क्या है खास

दुनिया का सबसे आधुनिक और खतरनाक माना जाने वाले AH-64E अपाचे हेलीकॉप्टर में सेंसर लगे हैं, जिनकी मदद से अब वायुसेना रात के अंधेरे में भी अपने दुश्मन की तलाश कर उनका खात्मा आसानी से कर सकेगी। इसमें हाईक्वालिटी नाईट विजन सिस्टम है। जिससे दुश्मन को अंधेरे में भी देखा जा सकेगा। यह हेलीकॉप्टर मिसाइल से लैस है जो एक मिनट में 128 लक्ष्यों पर निशाना लगा सकती है। इसमें खास तौर से लगी कैनन-गन से दुश्मनों को खाख किया जा सकता है क्योंकि यह गन एक साथ 1200 राउंड फायर करती है। 

इस हेलीकॉप्टर की मदद से वायुसेना भारी मात्रा में हथियार एक स्थान से दूसरे स्थान में ले जा सकेगी। अपाचे 293 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है तथा एजीएम-114 हेलिफायर मिसाइल से लैस है। इस हेलीकॉप्टर का डिजाइन ऐसा बनाया गया है कि इसे रडार पर पकड़ना मुश्किल होता है। इस हेलीकॉप्टर में लगे थर्मल इमेजिंग सेंसर की मदद से आतंकवादियों का पता आसानी से लगाया जा सकता है और इसीलिए 11 लड़ाकू हेलीकॉप्टर को पाकिस्तान तो 11 को चीन की सीमा पर तैनात किए जाने का बंदोबस्त किया जा रहा है।

अब अपाचे हेलीकॉप्टर की मदद से पाकिस्तान के सबसे करीब स्थित पठानकोट एयरबेस पूरी तरह से सुरक्षित हो जाएगा, जहां पर घुसे आतंकवादियों को ढूंढने में 2 दिन लग गए थे। अब हेलीकॉप्टर आसानी से तस्वीरें ले लेगा और सुरक्षाकर्मियों द्वारा मदद पहुंचाने के उपकरण भी इसमें होंगे।  

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