Google Analytics —— Meta Pixel

गोबर गैस की बिजली से रौशन होंगे सिकोला और पाहंदा Featured

2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन आरंभ होगा प्लांट, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं स्वच्छ भारत मिशन के संचालक रणवीर शर्मा ने किया निरीक्षण
खुड़मुड़ी में कलेक्टर ने किया नरवा स्ट्रक्चर का निरीक्षण, नाले के किनारे पौधरोपण के दिये निर्देश

दुर्ग। गोबर गैस प्लांट से बिजली बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोशनी की पहल जिले में गांधी जयंती के दिन आरंभ होगी। इस दिन पाहंदा और सिकोला के गौठानों में लगे गोबर गैस प्लांट के माध्यम से नजदीकी स्ट्रीट लाइट रौशन किये जाएंगे। दोनों जगहों में 10 घनमीटर का प्लांट लगा है इनकी क्षमता एक किलोवाट बिजली पैदा करने की है। अभी ये प्लांट छोटे हैं। जल्द ही यहां बड़े प्लांट्स स्थापित किये जाएंगे ताकि पूरे गांव के स्ट्रीट लाइट एवं महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल गोबर गैस से बनी बिजली से रौशन हों। आज कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, स्वच्छ भारत मिशन के संचालक रणवीर शर्मा एवं जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक ने इन गांवों का निरीक्षण किया। यहां उपस्थित स्वच्छ भारत एवं क्रेडा के अधिकारियों ने विस्तार से इन प्लांट्स के बारे में जानकारी दी। सिकोला का प्लांट स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से लगा है और पाहंदा का प्लांट क्रेडा ने बनवाया है।
नरवा स्ट्रक्चर भी देखा, किनारे पौधरोपण के दिये निर्देश- कलेक्टर ने नरवा स्ट्रक्चर भी देखा। वे खुड़मुड़ी पहुँचे, यहां लगभग 6 किमी लंबे नाले में ट्रीटमेंट किया गया है। कलेक्टर ने यहां व्यापक पौधरोपण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नालों को भूमिगत जल के रिचार्ज के लिए यदि अधिकतम उपयोगी बनाना है तो इनके किनारों पर व्यापक पौधरोपण करना होगा। पौधरोपण के लिए कुछ खास प्रजातियों के पौधे जरूर लगाएं जिनमें जलसंरक्षण की अद्भुत क्षमता होती है और जिससे वाटर रिचार्ज में काफी मदद मिलती है।
11 नालों के ट्रीटमेंट पर चल रहा काम- नरवा की प्रगति की जानकारी देते हुए जनपद पंचायत सीईओ मनीष साहू ने बताया कि अभी 11 नालों पर ट्रीटमेंट चल रहा है। इनके ट्रीटमेंट से भूमिगत जल के स्तर में अच्छी वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि सितंबर के महीने के पूर्व जब बारिश कम हुई थी तो भी इन नालों के किनारों के बोर में जलस्तर अच्छा था। नरवा के ट्रीटमेंट से यह अच्छा प्रभाव दिखा है। स्ट्रक्चर को मरम्मत किया गया है और यह कार्रवाई लगातार जारी है। अभी इन नालों में पर्याप्त जलभराव है और इससे भूमिगत जल के रिचार्ज होने में भी बड़ी मदद मिल रही है। इसका असर रबी फसल में भी दिखेगा और किसानों के लिए पर्याप्त पानी रबी फसल में उपलब्ध रहेगा।

Rate this item
(0 votes)

Ads

R.O.NO. 13784/149 Advertisement Carousel

MP info RSS Feed

फेसबुक