108 वीं स्थापना दिवस पर शासन की सुपोषण योजना में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बनेगी सहभागी Featured

3 जिले के 22 हजार से अधिक शिशुवती माताएं होंगी लाभान्वित
सीएम भूपेश  बघेल 25 को करेंगे मुहिम का श्रीगणेश
दुर्ग। बिन सहकार हीं उद्धार के रास्ते पर अग्रसर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग अपने स्थापना के 108 वें वर्ष पर धनतेरस के दिन
लगातार 11वीं बार अपने सदस्यों को 1 करोड़ 62 लाख 16 हजार रू. का लाभांश बांटेगा, साथ ही बैंक इस दिन शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुपोषण योजना में अपनी सहभागिता देने की मुहिम का श्रीगणेश भी करेगा। इस योजनांतर्गत दुर्ग, बालोद व बेमेतरा जिले के शिशुवती माताओं को बैंक जैविक पोषण आहार उपलब्ध करवाएगा। जिससे तीनों जिले के करीब 22 हजार शिशुवती माताएं लाभांवित होगी। शासन की सुपोषण योजना में सहभागिता निभाने वाली जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग, देश की पहली संस्था है। जैविक पोषण आहार प्रदाय योजना का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 25 अक्टूबर को शुभारंभ करेंगे। जिसे यादगार बनाने स्थानीय मानस भवन दुर्ग में भव्य समारोह का आयोजन किया गया है। यह समारोह प्रात: 10 बजे प्रारंभ होगा। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रभारी मंत्री मोहम्मद अकबर करेंगे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रुप में कृषि मंत्री रविन्द्र चौब, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, सहकारिता मंत्री डॉ.् प्रेमसाय सिंह टेकाम. महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा. ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रुद्रप्रसाद. सांसद विजय बघेल,मोहन मंडावी, विधायक विद्यारतन भसीन, अरुण वोरा, देवेन्द्र यादव, आशीष छाबड़ा, गुरुदयाल सिंह बंजारे, संगीता सिन्हा, कुंवरसिंह निषाद मौजूद रहेंगे। यह बातें जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा में कही। इस दौरान बैंक संचालक मंडल सदस्य शिव चंद्राकर, चंद्रिका देशमुख, शंकर यादव, बैंक सीईओ एसके निवसरकर भी मौजूद थे।
    जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने चर्चा में बताया
कि शिशुवती महिलाओं को पोषण आहार देने जिला सहकारी बैंक तीन जिलों में सहभागिता निभाएगा। तीनों जिले में 22 हजार से ज्यादा शिशुवती महिलाओं को जैविक अनाज दिया जाएगा। इन महिलाओं को हर माह ढाई किलो चावल, ढाई किलो गेहूं और आधा किलो चना पोषण आहार के रूप में दिया जाएगा। तीनों जिले की शिशुवती महिलाओं को पोषण आहार देने के लिए जिला सहकारी बैंक हर साल लगभग 70 लाख से एक करोड़ रुपए खर्च करेगा। बैंक इस योजना का क्रियान्वयन महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से करेगा। इस सुपोषण आहार प्रदाय योजना का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 25 अक्टूबर को तीनों जिलों के एक-एक ब्लाक के लिए जैविक पोषण आहार वितरण कर औपचारिक रुप से शुभारंभ करेंगे। जिसमें पाटन, साजा व डौंडी ब्लाक शामिल है। योजना का मुख्य उद्देश्य शिशुवती माताओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाना है। उन्होने कहा कि राज्य शासन ने महिलाओं और छोटे बच्चों को कुपोषण से बचाने पोषण आहार देने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। सरकार ने इस विशाल योजना में सहभागिता और सहयोग देने की अपील व्यवसायिक, औद्योगिक व अन्य संस्थाओं से की थी। सरकारी योजनाओं के तहत गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को पोषण आहार दिया जाता है। शिशुवती माता को पोषण आहार नहीं मिलता। इसलिए जिला सहकारी बैंक ने शिशुवती महिलाओं को पोषण आहार देने का फैसला किया है। राशि की व्यवस्था बैंक के सीएसआर मद से की जाएगी। बैंक के संचालक मंडल ने योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
    शिशु का जन्म होने के एक साल बाद तक शिशुवती माता को पोषण आहार दिया जाएगा। माताओं को लैब में टेस्टेड अनाज दिया जाएगा। बैंक के संचालक मंडल के साथ तीनों जिले में 182 सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से समय- समय पर हितग्राही महिलाओं से पोषण आहार को लेकर फीडबैक भी लेंगे। लाभांश वितरण का जिक्र करते हुए अध्यक्ष श्री बेलचंदन ने बताया कि तीनों जिले के 182 प्राथमिक सहकारी समिति को लाभांश का 90 प्रतिशत मिलेगा। इसके अलावा अल्पसंख्यक सहकारी समिति, नागरिक सहकारी समिति व छग साख सहकारी समिति को शेष 10 प्रतिशत लाभांश दिया जाएगा।

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